August 30, 2016

दीवाने का नाम तो पूछो-एन इवनिंग इन पेरिस १९६७

सन १९६७ में सभी फ़िल्में रंगीन बनी हों ऐसा नहीं है. कुछ
फ़िल्में श्वेत श्याम भी बनी थीं. जैसे जैसे टेक्नोलोजी बदलती
गयी रंगीन फ़िल्में आने लगीं. इससे निर्माण लागत भी बढ़ी
और सितारों पर किया जाने वाला मेक अप का खर्चा भी.

काली पीली फिल्मों में मालूम नहीं पड़ पाता था चेहरे पर क्या
मला हुआ है सरसों का तेल या कोई क्रीम.

आइये सुनें एन इवनिंग इन पेरिस से एक गीत शम्मी कपूर
और शर्मिला टेगोर पर फिल्माया गया. इसे रफ़ी ने गाया है.
शैलेन्द्र ने गीत लिखा है और धुन है शंकर जयकिशन की.

गीत के बोल:



गीत के बोल:

दीवाने का नाम तो पूछो
प्यार से देखो काम तो पूछो
चाहे फिर न मिलना
अरे चाहे फिर न मिलना
दीवाने का नाम तो पूछो
प्यार से देखो काम तो पूछो
चाहे फिर न मिलना
अरे चाहे फिर न मिलना


गुस्सा छोड़ो बात तो मानो
इस बन्दे को अपना जानो
दूर से धोखा हो सकता था
दूर से धोखा हो सकता था
पास हूँ मैं अब तो पहचानो

दीवाने का नाम तो पूछो
प्यार से देखो काम तो पूछो
चाहे फिर न मिलना
अरे चाहे फिर न मिलना

हट गया आखिर भरम का साया
अब समझा मैं अब याद आया
ख़्वाब में तुमको अक़्सर देखा
ख़्वाब में तुमको अक़्सर देखा
आज मुजस्सिम सामने आया

दीवाने का नाम तो पूछो
प्यार से देखो काम तो पूछो
चाहे फिर न मिलना
अजी चाहे फिर न मिलना

ये पैरिस की शाम सुहानी
प्यार की नगरी रूप की रानी
बन के रहेगा कोई अफ़साना हा
बन के रहेगा कोई अफ़साना
छिड़ के रहेगी कोई कहानी

दीवाने का नाम तो पूछो
प्यार से देखो काम तो पूछो
चाहे फिर न मिलना
अजी चाहे फिर न मिलना
दीवाने का नाम तो पूछो
प्यार से देखो काम तो पूछो
चाहे फिर न मिलना
अरे चाहे फिर न मिलना
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Deewane ka naam to poochho-An evening in Paris 1967

Artists: Shammi Kapoor, Sharmila Tagore

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