August 22, 2016

गरीबों पर दया कर के-रोटी १९४२

रेवोल्युशनरी गीत हर युग में बने हैं और बनते रहेंगे. कुछ कम
ज्यादा हो सकते हैं मगर बनते हैं. फिल्म रोटी का संगीत कुछ
अलग है और अनिल बिश्वास के टोटल आउटपुट को खंगालें तो
उत्तम कोटि के अलबमों में से एक हाइ.

सफ़दर आह सीतापुरी ने एक सटीक तीर छोड़ा है इस गीत में
अमीरों पर.  चद्रमोहन, शेख मुख़्तार, सितारा, अख्तरी बाई,
अशरफ खान जैसे कलाकारों से सुसज्जित फिल्म का निर्देशन
महबूब ने किया था.  नेशनल स्टूडियोज बॉम्बे ने इसका निर्माण
किया था.




गीत के बोल:

गरीबों पर दया कर के बड़ा एहसान करते हो
गरीबों पर दया कर के बड़ा एहसान करते हो
इन्हें बुजदिल बना देने का तुम सामान करते हो
इन्हें बुजदिल बना देने का तुम सामान करते हो
गरीबों पर दया कर के बड़ा एहसान करते हो

इन्हीं को लूटते हो और इन्हें खैरात देते हो
इन्हीं को लूटते हो और इन्हें खैरात देते हो
बड़े तुम धर्म वाले हो ये अच्छा काम करते हो
बड़े तुम धर्म वाले हो ये अच्छा काम करते हो 
गरीबों पर दया कर के बड़ा एहसान करते हो

डरो उस वक्त से जब रंग बदलेगा ज़माने का
डरो उस वक्त से जब रंग बदलेगा ज़माने का

ये तुमसे लेंगे बदला इनका अब अपमान करते हो
ये तुमसे लेंगे बदला इनका अब अपमान करते हो
गरीबों पर दया कर के बड़ा एहसान करते हो
इन्हें बुजदिल बना देने का तुम सामान करते हो
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Gareebon par daya kar ke-Roti 1942

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