August 31, 2016

लाल लाल गाल-मिस्टर एक्स १९५७

आज एक बिना विवरण का गीत सुनते हैं. पूर्व में भी बिना विवरण
और बिना चटनी संभार के आपको कई गीत सुनवाए हैं .हमारे ब्लॉग
के पाठक केवल गीत सुनने और देखने आते हैं तो उनके पूरे पैसे
वसूल होना चाहिए ना.

अगर पोस्ट नहीं होगी गीत के साथ तो क्या आप गीत नहीं सुनेंगे
और देखेंगे ? गीत तो गीत है उसके साथ कुछ ना भी हो तो क्या
फर्क पढता है? पोस्ट तो लिखी गयी हैं और लिखी जाती रहेंगी.
इतिहास एक बार बन चुका तो उसका विवरण रोज रोज बदलने
वाला नहीं है. हाँ व्याख्या के तरीके अलग हो जाते हैं.



गीत के बोल:

लाल लाल गाल जान पे हैं लागू
ओ देख देख देख दिल पे रहे काबु
चोर चोर चोर भाग परदेसी बाबू
लाल लाल गाल जान पे हैं लागू
ओ देख देख देख दिल पे रहे काबु
चोर चोर चोर भाग परदेसी बाबू

चोर चोर चोर ये नहीं हैं माल उधर के
के मोड़ मोड़ मोड़ ये तो हैं दिल-ओ-जिगर के
पीले पीले पीले इनके बाल हैं निराले
नीले नीले नीले इनकी अखियों के प्याले
चोर चोर चोर ये नहीं हैं माल उधर के
के मोड़ मोड़ मोड़ ये तो हैं दिल-ओ-जिगर के
पीले पीले पीले इनके बाल हैं निराले
नीले नीले नीले इनकी अखियों के प्याले

अजनबी पे बेधड़क खुली सड़क
चलाते हैं चलाते हैं ये जादू

लाल लाल गाल जान पे हैं लागू
ओ देख देख देख दिल पे रहे काबु
चोर चोर चोर भाग परदेसी बाबू

हाय हाय हाय ये निगाहों का निशाना
वाय वाय वाय कोई तीर खा न जाना
मान मान मान मेरी जान मेरा कहना
इनकी चाल-ढाल के खयाल में न रहना
हाय हाय हाय ये निगाहों का निशाना
वाय वाय वाय कोई तीर खा न जाना
मान मान मान मेरी जान मेरा कहना
इनकी चाल-ढाल के खयाल में न रहना

अजनबी पे बेधड़क खुली सड़क
चलाते हैं चलाते हैं ये जादू

लाल लाल गाल जान पे हैं लागू
ओ देख देख देख दिल पे रहे काबु
चोर चोर चोर भाग परदेसी बाबू
..................................................................
Laal laal gaal-Mr.X 1957

1 comments:

Slow Phuljhadi,  September 7, 2016 at 8:19 PM  

Thanks

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