August 24, 2016

तेरा आना तेरा जाना-हमारी मंजिल १९४९

मैं वैसे हुस्नलाल भगतराम और उनके बड़े भाई पंडित अमरनाथ की
प्रतिभा और संगीत का बड़ा कायल हूँ मगर हुस्नलाल भगतराम के
संगीत को आज के संदर्भ में समझना हो तो अन्नू मलिक की फिल्म
‘फिर तेरी कहानी याद आई’ के गीतों से समझ लें. उनके बहुत से गीत
एक जैसे सुनाई देते हैं, क्या किया जाए. शायद संगीतकार बंधुओं को
साइकिल चलाना बहुत पसंद था-मैं रिसाइकिल वाली साइकिल की बात
कर रहा हूँ. एक बात मगर यहाँ याद दिलाता चलूँ जिस वॉईस क्लेरिटी
की बात हम नौशाद के संगीत में समझते हैं वही आपको इस जोड़ी
के संगीत में भी मिलेगी. ये संगीतकार जोड़ी गुणी थी और इसके संगीत
की आज भी मिसालें दी जाती है. रिकॉर्डिंग क्वालिटी में ये जोड़ी अपने
समकालीनों से कई कदम आगे थी.

आज आपको सुनवा रहा हूँ अपनी पसंद का एक गीत गीता दत्त का गाया
हुआ. इसके सरल से और प्रवाहि बोल कमर जलालाबादी ने लिखे हैं.
गीता दत्त की वॉइस क्लेरिटी शमशाद बेगम जैसी थी. स्पष्ट उच्चारण
उनका एक बहुत बड़ा गुण था जो उन्हें अपनी समकालीन अन्य बंगाली
और दूसरी भाषा के गायक गायिकाओं से अलग करता है.




गीत के बोल:

तेरे आने पे दिल धके
तेरे जाने से दिल रोये

तेरा आना तेरा जाना
तेरा आना तेरा जाना
ना ये अच्छा ना वो अच्छा
तेरा आना तेरा जाना
तेरा आना तेरा जाना
ना ये अच्छा ना वो अच्छा

किसी दिन तू भी कुछ कह दे
किसी दिन मैं भी कुछ कह दूं
किसी दिन मैं भी कुछ कह दूं
किसी दिन तू भी कुछ कह दे
किसी दिन मैं भी कुछ कह दूं
किसी दिन मैं भी कुछ कह दूं

तेरा डर मेरा शरमाना
तेरा डर मेरा शरमाना
ना ये अच्छा ना वो अच्छा

तेरा आना तेरा जाना
तेरा आना तेरा जाना
ना ये अच्छा ना वो अच्छा

तू चाहे पहले मैं बोलूं
मैं चाहूँ पहले तू बोले
मैं चाहूँ पहले तू बोले
तू चाहे पहले मैं बोलूं
मैं चाहूँ पहले तू बोले
मैं चाहूँ पहले तू बोले
ये है दोनों का अफसाना
ये है दोनों का अफसाना
ना ये अच्छा ना वो अच्छा

तेरा आना तेरा जाना
तेरा आना तेरा जाना
ना ये अच्छा ना वो अच्छा
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Tera aana tera jaana-Hamari Manzil 1949

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