August 22, 2016

तेरा ख्याल दिल को-नकाब १९५५

तलत महमूद की मखमली आवाज़ और पंडित गोविन्दराम का
रेशमी संगीत. फिल्म नकाब के लिए गीत लिखा है प्रेम धवन
ने.

पंडित गोविन्दराम ४० के दशक और ५० के दशक में सक्रिय रहे.
यूँ कहें सन १९४५ से सन १९५५ के बीच ज्यादा सक्रिय रहे तो
सही होगा.

प्रस्तुत गीत शम्मी कपूर और मधुबाला पर फिल्माया गया है.



गीत के बोल:


तेरा ख्याल दिल को सताए तो क्या करें
तेरा ख्याल दिल को सताए तो क्या करें
दम भर हमें करार न आये तो क्या करें
दम भर हमें करार न आये तो क्या करें
तेरा ख्याल दिल को सताए तो क्या करें

जब चाँद आये तारों की महफ़िल में झूम के
जब चाँद आये तारों की महफ़िल में झूम के
दिल बार बार तुझको बुलाए तो क्या करें
दिल बार बार तुझको बुलाए तो क्या करें
तेरा ख्याल दिल को सताए तो क्या करें

कटती नहीं है रात अब तेरे फिराक में
कटती नहीं है रात अब तेरे फिराक में
हम दिलजलों को नींद ना आये तो क्या करें
हम दिलजलों को नींद ना आये तो क्या करें
तेरा ख्याल दिल को सताए तो क्या करें
……………………………………………………….
Tera khayal dil ko sataye-Naqab 1955

Artists: Shammi Kapoor, Madhubala

2 comments:

गणेश खट्टर,  August 23, 2016 at 2:06 AM  

रेशमी और मखमली तो आपने बता दिए.
प्रेम धवन के बोलों के लिए कुछ कहेंगे ?

Geetsangeet September 7, 2016 at 10:22 PM  

मेरे ख्याल से लिनन महंगा कपडा होता है तो इसे 'लिननी' कह सकते हैं हम :P

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