September 10, 2016

आज की रात मेरे-राम और श्याम १९६७

लोकप्रिय गीतों में अगला गीत प्रस्तुत है फिल्म राम और श्याम से.
प्यानो सॉंग कहती है ज्ञानी जनता इसे. गीत में प्यानो का अच्छा
प्रयोग है. थोडा तेज गति वाला गीत है ये. नौशाद के संगीत में
भी समय के साथ गति आती चली. फिल्म सन १९६७ में रिलीज़
हुई थी. फिल्म में दिलीप कुमार डबल रोल में हैं.

इस थीम पर बाद में दूसरी फ़िल्में भी बनीं. सिनेमा इतिहास में
जुड़वाँ भाइयों की कहानी पर बनी फिल्मों में इसका अहम स्थान है.
ये फिल्म सन १९६४ की एक प्रसिद्ध तेलुगु फिल्म रामुडू भीमुडू
जिसमें एन टी रामाराव नायक थे, का रीमेक है. दिलीप कुमार के
संग वहीदा रहमान और मुमताज़ नायिकाएं हैं. फिल्म का निर्देशन
तापी चाणक्य ने किया और इसका निर्माण बी नागी रेड्डी ने.
बी नागी रेड्डी ने हिंदी सिनेमा की कुछ लोकप्रिय फ़िल्में बनायीं
हैं-जूली, स्वयंवर इत्यादि.

गीत सुनते हैं जो शकील का लिखा हुआ है और रफ़ी का गाया हुआ.
संगीत नौशाद का है.



गीत के बोल:

ये रात जैसे दुल्हन बन गई चिरागों से
करुंगा और उजाला मैं दिल के दाग़ों से

आज की रात मेरे दिल की सलामी ले ले
दिल की सलामी ले ले
कल तेरी बज़्म से दीवाना चला जाएगा
शमा रह जायेगी परवाना चला जाएगा
आज की रात मेरे दिल की सलामी ले ले
दिल की सलामी ले ले

तेरी महफ़िल तेरे जलवे हों मुबारक तुझको
तेरी उल्फ़त से नहीं आज भी इंकार मुझे
तेरा मयखाना सलामत रहे ऐ जान-ए-वफ़ा
मुस्कुरा कर तू ज़रा देख ले इक बार मुझे
फिर तेरे प्यार का मस्ताना चला जाएगा
कल तेरी बज़्म से दीवाना चला जाएगा
शमा रह जायेगी परवाना चला जाएगा

आज की रात मेरे दिल की सलामी ले ले
दिल की सलामी ले ले

मैने चाहा कि बता दूँ मैं हक़ीक़त अपनी
तूने लेकिन न मेरा राज़-ए-मुहब्बत समझा
मेरी उलझन मेरे हालात यहाँ तक पहुंचे
तेरी आँखों ने मेरे प्यार को नफ़रत समझा
अब तेरी राह से बेगाना चला जाएगा
कल तेरी बज़्म से दीवाना चला जाएगा
शमा रह जायेगी परवाना चला जाएगा

आज की रात मेरे दिल की सलामी ले ले
दिल की सलामी ले ले

तू मेरा साथ न दे राह-ए-मुहब्बत में सनम
चलते-चलते मैं किसी राह पे मुड़ जाऊंगा
कहकशां चांद सितारे तेरे चूमेंगे क़दम
तेरे रस्ते की मैं एक धूल हूँ उड़ जाऊंगा
साथ मेरे मेरा अफ़साना चला जाएगा
कल तेरी बज़्म से दीवाना चला जाएगा
शमा रह जायेगी परवाना चला जाएगा

आज की रात मेरे दिल की सलामी ले ले
दिल की सलामी ले ले
............................................................................
Aaj ki raat mere dil ki salami-Ram aur Shyam 1967


Artists: Dilip Kumar, Waheeda Rehman

1 comments:

गुग्लिगू,  September 10, 2016 at 1:07 PM  

शुक्रिया शुक्रिया

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