September 23, 2016

जाओ रे जोगी तुम जाओ रे-आम्रपाली १९६६

पंचम द्वारा लता के लिए बनायीं हुई विशिष्ट रचना आपने एक
सुन ली अब सुनते हैं शंकर जयकिशन रचित एक सुन्दर गीत
फिल्म आम्रपाली से.

आम्रपाली में शीर्षक भूमिका निभाई है वैजयंतीमाला ने. उन्हें
अपनी अभिनय प्रतिभा, नृत्य कौशल, सौंदर्य सभी के प्रदर्शन
का भरपूर मौका मिला इस फिल्म में. फिल्म के कैमरामेन ने
भी कोई कसार नहीं छोड़ी दृश्यावली को सुन्दर दिखलाने में.
फिल्म का फिल्मांकन किया है मशहूर कैमरामेन द्वारका दिवेचा
ने. फिल्म के निर्देशक हैं लेख टंडन.

फिल्म अगर तुम ना होते का निर्देशन भी लेख टंडन ने किया
है जिसका गीत आपको सुनवाया था आज ही. लेख टंडन का
सार्थक फ़िल्में बनाने में काफी योगदान है. उन्होंने लगभग
सभी प्रकार के विषयों पर फ़िल्में बनाई हैं.

प्रस्तुत गीत शैलेन्द्र का लिखा हुआ है और राग कामोद पर
आधारित बंदिश तीन ताल में निबद्ध है.





गीत के बोल:

जाओ रे  जोगी तुम जाओ रे
ये है प्रेमियों की नगरी
यहाँ प्रेम ही है पूजा
जाओ रे  जोगी तुम जाओ रे
ये है प्रेमियों की नगरी
यहाँ प्रेम ही है पूजा
जाओ रे  जोगी तुम जाओ रे

प्रेम की पीड़ा सच्चा सुख है
प्रेम बिना ये जीवन दुख है
प्रेम की पीड़ा सच्चा सुख है
प्रेम बिना ये जीवन दुख है

जाओ रे  जोगी तुम जाओ रे
ये है प्रेमियों की नगरी
यहाँ प्रेम ही है पूजा
जाओ रे  जोगी तुम जाओ रे

जीवन से कैसा छुटकारा
है नदिया के साथ किनारा
जीवन से कैसा छुटकारा
है नदिया के साथ किनारा

जाओ रे  जोगी तुम जाओ रे
ये है प्रेमियों की नगरी
यहाँ प्रेम ही है पूजा
जाओ रे  जोगी तुम जाओ रे

ज्ञान की तो है सीमा ज्ञानी
गागर में सागर का पानी
ज्ञान की तो है सीमा ज्ञानी
गागर में सागर का पानी


जाओ रे  जोगी तुम जाओ रे
ये है प्रेमियों की नगरी
यहाँ प्रेम ही है पूजा
जाओ रे  जोगी तुम जाओ रे
..........................................................
Jao re jogi tum jao re-Amrapali 1966

Artist: Vaijayantimala

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