September 16, 2016

खुद को क्या समझती है-खिलाडी १९९२

९० के दशक से गीत सुने काफी दिन हो गए. आज आपको सुनवा
रहे हैं १९९२ की सुपरहिट फिल्म खिलाडी से एक गीत. ९० के दशक
ने कई नए सितारे दिए जैसे अक्षय कुमार, अजय देवगन इत्यादि.

इस बहुसितारा फिल्म में अक्षय कुमार, आयशा जुल्का, दीपक तिजोरी,
सबीहा, शक्ति कपूर और जॉनी लीवर जैसे कलाकार हैं. प्रस्तुत गीत
कॉलेज की छेड़ छाड पर आधारित है. इसे लिखा है राज साहब ने,
ये कौन से राज साहब हैं ये अधिकाँश संगीत प्रेमियों के लिए तो राज़
ही है. संगीत जतिन ललित का है और इसे चार गायकों ने गाया है.
ये हैं अभिजीत, उदित नारायण, अलका याग्निक और सपना मुखर्जी.

मनोरंजक गीत है और फिल्म में इस गीत के अलावा कॉलेज लाइफ
के कई मनोरंजक प्रसंग हैं देखने के लिए. फिल्म मूलतः एक सस्पेंस
फिल्म है.





गीत के बोल:

जहाँ वो जायेगी वहीं हम जायेंगे
जहाँ वो जायेगी वहीं हम जायेंगे

खुद को क्या समझती है कितना अकड़ती है
कौलेज में नई नई आयी एक लड़की है
खुद को क्या समझती है कितना अकड़ती है
कौलेज में नई नई आयी एक लड़की है
हो यारों ये हमें लगती है सरफिरी
आओ चखा दें मज़ा
खुद को क्या समझती है कितना अकड़ती है
कौलेज में नई नई आयी एक लड़की है
खुद को क्या समझती है कितना अकड़ती है
कौलेज में नई नई आयी एक लड़की है
हे हे हे हे हे हे

तौबा तौबा ये अदा
दीवानी है क्या पता
हे पूछो ये किस बात पे इतना इतराती है
जाने किसकी भूल है
ये गोभी का फूल है
बिल्ली जैसे लगती है
मेकअप जब करती है
गालों पे जो लाली है
होठों पे गाली है
ये जो नखरे वाली है
लड़की है या है बला

खुद को क्या समझता है इतना अकड़ता है
कौलेज का नया नया मजनू ये लगता है
हमसे हो गया अब इसका सामना
आओ चखा दें मज़ा
खुद को क्या समझता है इतना अकड़ता है
कौलेज का नया नया मजनू ये लगता है
हे हे हे हे हे हे

हमको देता है गुलाब
नीयत इसकी है खराब
हो सावन के अँधे को तो
हरियाली दिखती है
क्या इसको ये होश है
ये धरती पर बोझ है
मर्द है ये बस नाम का
आखिर किस काम का
चेहरा अब क्यों लाल है
बदली क्यों चाल है
अरे इतना क्यों बेहाल है
हम भी तो देखें ज़रा

खुद को क्या समझता है इतना अकड़ता है
कौलेज का नया नया मजनू ये लगता है
हे हे हे हे हे हे

रु रा रु रा रु रा रु रा

हमसे आँखें चार करो
छोड़ो गुस्सा प्यार करो
यारों के हम यार हैं
लड़ना बेकार है
उलझन में ये पड़ गये
शायद हम से डर गये
देंगे भर के प्यार के
देखो ये हार के
प्यार की ये रीत है
हार भी जीत है
सबसे बढ़ के प्रीत है
लग जा गले दिलरुबा
……………………………………………………….
Khud ko kya samajhti-Khiladi

Artists:Ayesha Julka, Akshay Kumar, Deepak Tijorii, Sabeeha

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