September 9, 2016

नफ़रत की दुनिया को छोड़-हाथी मेरे साथी १९७१

हिंदी फिल्म सिनेमा इतिहास में कुछ ऐसी शानदार फ़िल्में भी हैं
जिनमें पशुओं ने बढ़िया अभिनय किया है. चिनप्पा देवर की
जितनी भी फ़िल्में हैं उनमें पशुओं ने नायक नायिका को बराबर
की टक्कर दी है अभिनय में तो कुछ दृश्यों में उनको पीछे भी
छोड़ा है.

सुनते हैं सन १९७१ की फिल्म हाथी मेरे साथी से एक गीत जो
रफ़ी ने गाया है. बेहद लोकप्रिय गीत है ये जिसे परदे पर गा
रहे हैं राजेश खन्ना. फिल्म में राजेश खन्ना के लिए बाकी के
गीत किशोर कुमार ने गाये हैं. गीत आनंद बक्षी ने लिखा है.




गीत के बोल:


नफ़रत की दुनिया को छोड़ के
खुश रहना मेरे यार

नफ़रत की दुनिया को छोड़ के
प्यार की दुनिया में
खुश रहना मेरे यार
नफ़रत की दुनिया को छोड़ के
प्यार की दुनिया में
खुश रहना मेरे यार

इस झूठ की नगरी को छोड़ के
गाता जा प्यारे
अमर रहे तेरा प्यार
खुश रहना मेरे यार

जब जानवर कोई इनसान को मारे
जब जानवर कोई इनसान को मारे
कहते हैं दुनिया में वहशी उसे सारे
एक जानवर की जान आज
इनसानों ने ली है
चुप क्यूं है संसार
खुश रहना मेरे यार

बस आखिरी सुन ले ये मेल है अपना
बस आखिरी सुन ले ये मेल है अपना
बस ख़त्म ऐ साथी ये खेल है अपना
अब याद में तेरी
बीत जाएंगे रो रो के
जीवन के दिन चार

नफ़रत की दुनिया को छोड़ के
प्यार की दुनिया में
खुश रहना मेरे यार
खुश रहना मेरे यार
खुश रहना मेरे यार
खुश रहना मेरे यार
.........................................................................
Nafrat ki duniya ko chhod ke-Hathi mere sathi 1971

Artists: Elephant, Rajesh Khanna, Tanuja

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