September 27, 2016

सुनियो अरज हमारी प्रभुजी-भजन

सुनते हैं एक भजन रफ़ी की आवाज़ में जिसे मधुकर राजस्थानी
ने लिखा है और जिसकी तर्ज़ बनाई है खैयाम ने. रफ़ी के गाये
भजन काफी लोकप्रिय हैं.

खैयाम ने रफ़ी से कई गैर फ़िल्मी गीत गवाए हैं. खैयाम ने संगीत
की लगभग सभी विधाओं पर दक्षता से काम किया और अनमोल
गीत श्रोताओं और संगीत रसिकों को दिए हैं जो बरसों तक उनको
आनंदित करते रहेंगे.



गीत के बोल:

सुनियो अरज हमारी प्रभुजी
सुनियो अरज हमारी
दुनिया की इस भरी सभा में
दुनिया की इस भरी सभा में
रखियो लाज मुरारी
सुनियो अरज हमारी

तोड़ दिया अंधे हाथों ने
राम नाम का प्याला
जल के राख हुई रे कान्हा
भक्तों की मधुशाला
सुनियो अरज हमारी प्रभुजी
सुनियो अरज हमारी

पाप के मन्दिर निस दिन बनते
झूठ की गंगा बहती
धर्म की आँखें अंधी हो गईं
पूजा हो गयी सस्ती
सुनियो अरज हमारी प्रभुजी
सुनियो अरज हमारी

हर मन में तुम बसे हुए हो
जाने ये संसारी
आस मिलन की जनम जनम तक
फिर भी रहे कुँवारी
सुनियो अरज हमारी प्रभुजी
सुनियो अरज हमारी
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Suniyo araj hamari-Bhajan Non fim song

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