September 6, 2016

जूबी डूबी जूबी डूबी-३ ईडियट्स २००९

हिंदी फिल्मों के कथानक वास्तविकता के ९५प्रतिशत को भी छू
लें तो बचा ५ प्रतिशत कल्पना और फंतासी के लिए बहुत है. इस
बचे प्रतिशत में असंभव और अजीब सब शामिल है. ३ ईडियट्स
का कथानक अगर पूरा मूल उपन्यास के रूप में सामने रख दिया
जाता बिना गानों के तो शायद मज़ा नहीं आता दर्शक को. हम
कितना कहें कुछ भी मगर हकीकत ये है हमारी ४ पीढ़ियों को
फ़िल्में गानों के साथ देखने की आदत हो चुकी है और बिना गानों
के फिल्म ऐसी लगती है जैसे मरीजों का खाना.

वास्तविक जीवन में किसी खडूस मास्टर की लड़की पटाना कोई
आसान काम नहीं है, वो भी किसी इंजीनियरिंग कॉलेज के मास्टर
की. ऐसा हिंदी फिल्म कथानक में संभव है. कहानी का बैकग्राउंड
किसी आई आई टी का है क्यूंकि मूल उपन्यास के लेखक ने वहीँ
शिक्षा ग्रहण की थी. आई आई टी संस्थान दूसरे इंजीनियरिंग के
संस्थानों से शिक्षण के मामले में काफी आगे हैं. प्रतिभा का स्तर
भी काफी बेहतर होता है वहां.

अभिनय के मामले में फिल्म के सभी कलाकारों ने प्रभावित किया
है. स्वानंद किरकिरे के बोल हैं और शांतनु मोइत्रा का संगीत. पैसा
वसूल गीत है और आपको बांधे रखता है आखिरी फ्रेम तक.




गीत के बोल:


गुनगुनाती है ये हवाएं
गुनगुनाता है गगन
गा रहा है यह सारा आलम
ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन

शाखों पे पत्ते गा रहे हैं
 फूलों पे भंवरे गा रहे
दीवानी किरणे गा रही है
यह पंच्छी गा रहे
ओ ओ ओ
बगिया में दो फूलों की हो रही है गुफ्तगू
जैसा फिल्मों में होता है हो रहा है हूबहू
आई आई आई आई
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन

ऐ रिमझिम रिमझिम रिमझिम सन सन सन सन हवा
टिप टिप टिप टिप बूँदें गुर्राती बिजलियां
भीगी भीगी साड़ी में यूं ठुमके लगाती तू
जैसा फिल्मों में होता है हो रहा है हूबहू
आई आई आई आई

ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन

अम्बर का चाँद जमीं पर इतरा के गा रहा
इक टिम टिम टुटा तारा और इठला के गा रहा
है रातें अकेली तनहा मुझे छू ले आ के तू
जैसा फिल्मों में होता है हो रहा है हूबहू

ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन
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Zoobi doobi-3 Idiots 2009

Artists:Aamir Khan, Kareena Kapoor

1 comments:

चांदनी सूरी,  September 8, 2016 at 5:48 PM  

गीत लंबे समय तक देखने-सुनने लायक है

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