October 24, 2016

ए जान-ए-तमन्ना-जी चाहता है १९६४

फिल्म के नाम दिल ने पुकारा हो या जी चाहता हो दोनों में
कल्याणजी आनंदजी का संगीत है इसलिए कंफ्यूज़न होता है
कई बार जैसे शंकर जयकिशन की फिल्मों दिल एक मंदिर
और दिल अपना और प्रीत परायी के गीतों में होता है. एक
गीत दूसरी फिल्म में फिट हो जाता है फिर सूची देख कर
कन्फर्म करना पढता है कि कौन सा गीत किस फिल्म का है.

सुनें रफ़ी और सुमन कल्याणपुर का गाया हुआ युगल गीत
फिल्म के पिछले गीत में एक प्रश्न था-जी चाहता क्या है
उसका जवाब इस गीत में मौजूद है. इसे आप फिल्म का
शीर्षक गीत भी कह सकते हैं.
   


गीत के बोल:

ए जान-ए-तमन्ना ए जान-ए-बहारा ए जान-ए-बहारा
ए जान-ए-तमन्ना ए जान-ए-बहारा ए जान-ए-बहारा
मुझे तुम मिले जिंदगी मिल गई
मुझे तुम मिले जिंदगी मिल गई
ए जाने-ए-गुलिस्तान ए मेरी जाने जाना ए मेरी जाने जाना
तेरे प्यार से रौशनी मिल गई है
तेरे प्यार से रौशनी मिल गई है
ए जान-ए-तमन्ना ए जान-ए-बहारा ए जान-ए-बहारा

मुझी से ये उल्फत बता क्यूँ छुपाई बता क्यूँ छुपाई
सदा से हो तेरी नहीं हूँ परायी नहीं हूँ परायी
तेरी आरजू ने ये हिम्मत बढ़ाई
दबी बात दिल की जुबां पे जो आई
दबी बात दिल की जुबां पे जो आई
ए जान-ए-तमन्ना ए जान-ए-बहारा ए जान-ए-बहारा

मैं हो जाऊं सदके ये जी चाहता है ये जी चाहता है
करूं तुझको सजदे ये जी चाहता है ये जी चाहता है
तुझे दिल मेंन रख दूं ये जी चाहता है
ये हस्ती मिटा दूं ये जी चाहता है
ये हस्ती मिटा दूं ये जी चाहता है
ए जान-ए-तमन्ना ए जान-ए-बहारा ए जान-ए-बहारा
मुझे तुम मिले जिंदगी मिल गई
ए जाने-ए-गुलिस्तान ए मेरी जाने जाना ए मेरी जाने जाना
तेरे प्यार से रौशनी मिल गई
ए जाने-ए-गुलिस्तान ए मेरी जाने जाना ए मेरी जाने जाना
..........................................................................
Ae jaan-e-tamanna- Ji Chahta Hai 1964

Artists: Joy Mukherji, Rajshri

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