October 31, 2016

चलते चलते यूँ ही रुक जाता-मोहब्बतें २०००

जैसे जैसे सिनेमा श्वेत श्याम से रंगीन की ओर बढ़ा वैसे वैसे
तकनीकी का भी विकास होता चला. पहले फिल्मों में मोहब्बत
होती थी फिर बहुवचन में होना शुरू हो गई-मोहब्बतें. कहानी
का इशारा इसमें एक साथ चल रही काफी सारे प्रेम प्रसंगों की
ओर है.

अब तक हम सीख चुके हैं गीतों के माध्यम से कि गिरना-पढ़ना,
उछलना-कूदना, बल खाना शीर्षासन करना इत्यादि सब प्रेम प्यार
मोहब्बत के करिश्मे हैं. इस कड़ी में एक और जुड जाती है अगर
इस गीत को शामिल कर लें. चलते चलते रुक जाना भी प्यार की
निशानी है.

आनंद बक्षी के लिखे अपने समय के हिट गीत को गाया है ढेर सारे
गायकों ने-श्वेता पंडित, मनोहर शेट्टी, उद्भव, ईशान, सोनाली भाटवडेकर
और पृथा मजूमदार ने. इनमें से मैंने ढंग से केवल श्वेता पंडित का
नाम सुना है.

वैसे आनंद बक्षी इसी प्रश्न को फिल्म रोंकी के गीत क्या यही प्यार है
में पूछ चुके हैं. उसमें कन्वेंशनल तरीके थे प्यार करने के, समय के
हिसाब से रेलेवेंट.१९८१ से २००० के बीच १९ साल का फासला है, एक
नयी पीढ़ी आ जाती है इतने सालों में.

गीत की शुरुआत होती है मेनेजमेंट कोटे के हीरो के नाम से नई पीढ़ी
के कुटिल और ज्ञानी दर्शकों में लोकप्रिय नायक उदय चोपड़ा और
शमिटा शेट्टी के ऊपर फिल्माए जाने से. गीत में चार जोड़े हैं, दूसरी
जोड़ी है जुगल हंसराज और किम शर्मा की, बाकी के आप पहचान लें,
फ्री में इतनी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा सकती.



गीत के बोल:

चलते चलते यूँ ही रुक जाता हूँ मैं
बैठे बैठे कहीं खो जाता हूँ मैं
कहते कहते ही चुप हो जाता हूँ मैं
क्या यही प्यार है क्या यही प्यार है
हाँ यही प्यार है हाँ यही प्यार है
चलते चलते यूँ ही रुक जाता हूँ मैं
बैठे बैठे कहीं खो जाता हूँ मैं
कहते कहते ही चुप हो जाता हूँ मैं
क्या यही प्यार है क्या यही प्यार है
हाँ यही प्यार है हाँ यही प्यार है


तुम पे मरते हैं क्यों हम नहीं जानते
ऐसा करते हैं क्यों हम नहीं जानते
बन्द गलियों से छुप छुप के हम गुज़रने लगे
सारी दुनियाँ से रह रह के हम तो डरने लगे
हाय ये क्या करने लगे

क्या यही प्यार है क्या यही प्यार है ...
हाँ यही प्यार है हाँ यही प्यार है
चलते चलते यूँ ही रुक जाता हूँ मैं
बैठे बैठे कहीं खो जाता हूँ मैं
कहते कहते ही चुप हो जाता हूँ मैं
क्या यही प्यार है क्या यही प्यार है
हाँ यही प्यार है हाँ यही प्यार है

तेरे बातों में ये इक शरारत सी है
तेरे बातों में ये इक शरारत सी है
मेरे होंठों पे ये इक शिक़ायत सी है
तेरी आँखों को आँखों से चूमने हम लगे
तुझको बाहों में ले लेकर झूमने हम लगे
हाय ये क्या करने लगे
क्या यही प्यार है क्या यही प्यार है
हाँ यही प्यार है हाँ यही प्यार है
चलते चलते यूँ ही रुक जाता हूँ मैं
बैठे बैठे कहीं खो जाता हूँ मैं
कहते कहते ही चुप हो जाता हूँ मैं
क्या यही प्यार है क्या यही प्यार है
हाँ यही प्यार है हाँ यही प्यार है

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Chalte chalet yun hi ruk jaata-Mohabbaten 2000

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