October 27, 2016

दीवाना हूँ प्यार का-क़ैद १९७५

इस गीत का जलवा आप देखते सन १९७५ में. मोहल्ले
के टपोरी और सेमी-टपोरी किस्म के छोरे इसे बड़े चाव
के साथ गुनगुनाते थे.

फिल्म क़ैद एक सस्पेंस फिल्म है इसके निर्माता निर्देशक
आत्माराम हैं. वही आत्माराम जिन्हें शंकर जयकिशन के
संगीत से बड़ा लगाव था. इस फिल्म के लिए उन्होंने
नितिन मंगेश को बतौर संगीतकार लिया और कुछ अच्छी
धुनें तैयार करवा लीं.

विनोद खन्ना और लीना चंदावरकर की जोड़ी के साथ इस
फिल्म में महमूद और जयश्री टी की जोड़ी भी है. कम्प्लीट
मसाला फिल्म क़ैद एक पैसा वसूल फिल्म है.

माया गोविन्द का लिखा गीत किशोर कुमार ने गाया है.
इसमें जोर लगा के दी...वा....ना... आवाज़ किसने निकाली
है इसकी जानकारी मुझे नहीं है.



गीत के बोल:

दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
दीवाना
दीवाना हूँ प्यार का मैं हूँ आशिक दिलदार का
दीवाना हूँ प्यार का मैं हूँ आशिक दिलदार का
एक बार आँखें हों चार तो तू भी यार बोल
क्या
महबूबा महबूबा महबूबा महबूबा
दीवाना

आँख लड़ा के जान लड़ी है
मौत भी सर पे आन खड़ी है
सुन ले सारा जहां इश्क की दास्तां
सुन ले सारा जहां इश्क की दास्तां
सूली पे जा के आंसू बहा के
यूँ आशिक ने जा के कहा
दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
दीवाना हूँ प्यार का मैं हूँ आशिक दिलदार का
दीवाना हूँ प्यार का मैं हूँ आशिक दिलदार का
एक बार आँखें हों चार तो तू भी यार बोल
क्या
महबूबा महबूबा महबूबा महबूबा
दीवाना

एक था मजनू एक थी लैला
दुश्मनों का जाल था फैला
खतरे को झेल के जान पे खेल के
खतरे को झेल के जान पे खेल के
मजनू ने आ के कलेजे लगा के
नैना मिला के कहा
दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
दीवाना हूँ प्यार का मैं हूँ आशिक दिलदार का
दीवाना हूँ प्यार का मैं हूँ आशिक दिलदार का
एक बार आँखें हों चार तो तू भी यार बोल
क्या
महबूबा महबूबा महबूबा महबूबा
दीवाना
.................................................................
Deewana hoon pyar ka-Qaid 1975

Artists: Vinod Khanna, Leena Chandavarkar, Mehmood, Jayshri T

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