October 24, 2016

दो लफ़्ज़ों में लिख दी मैंने-ढाई अक्षर प्रेम के २०००

दो लफ्जों में कहानी उपन्यास बयां करना आसान काम नहीं है.
ज्ञानी कह गए हैं-ढाई अक्षर प्रेम के पढ़े सो पंडित होए. इस नाम
से फिल्म भी बन गयी जिसके दो लफ़्ज़ों को ज्यादा दर्शकों ने
नहीं पढ़ा.

कहानी में रोचकता या भौन्चकता होना ज़रूरी है. या तो दोनों ही
तत्व हों या कम से कम एक तो हो. फिल्म की स्टारकास्ट ठीक
है मगर कहानी कुछ धीमी सुस्त रफ़्तार से चलती है. गीत सुनने
लायक हैं. समीर के गीत हैं और जतिन ललित का संगीत.

प्रस्तुत गीत बाबुल सुप्रियो और अनुराधा पौडवाल ने गाया है.
अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय पर इसे फिल्माया गया है.

   
   
गीत के बोल:

दो लफ़्ज़ों में लिख दी मैंने
अपनी प्रेम कहानी
तू मेरे दिल का राजा बन जा
मैं तेरे दिल की रानी

दो लफ़्ज़ों में लिख दी मैंने
अपनी प्रेम कहानी
तू मेरे दिल का राजा बन जा
मैं तेरे दिल की रानी

जीता था पहले भी मगर यूँ था लगता
जीने में शायद कहीं कुछ कमी है
मिले हम तो जाना दिल ने भी माना
तू ही सनम मेरी आशिकी है

कभी होना ना जुदा कभी होना ना खफा
कभी होना ना जुदा कभी होना ना खफा
भोलाभाला दिल जो मेरा
कर बैठे नादानी
तू मेरे दिल का राजा बन जा
मैं तेरे दिल की रानी

दो लफ़्ज़ों में लिख दी मैंने
अपनी प्रेम कहानी
मैं तेरे दिल का राजा बन गया
तू मेरे दिल की रानी

मुझे अपने रंग में रंग दे दीवाने
जिसने बनाई वो तेरी नज़र है
होने लगी मैं खुद से बेगानी
सनम तेरे प्यार का कैसा असर है

कभी होना ना जुदा कभी होना ना खफा
कभी होना ना जुदा कभी होना ना खफा

दिल दीवाना दीवाने ने
कब किसकी है मानी
मैं तेरे दिल का राजा बन गया
तू मेरे दिल की रानी

दो लफ़्ज़ों में लिख दी मैंने
अपनी प्रेम कहानी
तू मेरे दिल का राजा बन जा
मैं तेरे दिल की रानी

मैं तेरे दिल का राजा बन गया
तू मेरे दिल की रानी
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Do lafzon mein likh di-Dhai akshar prem ke 2000

Artists: Abhishek Bachchan, Aishwarya Rai

1 comments:

चांदनी सूरी,  October 26, 2016 at 5:33 PM  

'प्रेस्टिज प्रेशर कुकर' तीन शब्द हो गए क्या !!!

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