October 25, 2016

जाने मेरा दिल किसे ढूंढ रहा है-लाट साब १९६७

लॉजिक कोई लौकी से तैयार यौगिक नहीं है. ये तो अनुभवों
से डेवलप होता है. कुछ जंतुओं में पैदाइशी पाया जाता है. ये
रेयर ब्रीड वाले जंतु होते हैं जिनका कॉमन सेन्स बेहतर होता
है दूसरों से.

हिंदी फिल्मों में सिचुएशनल गीत बहुत होते हैं. सीन के अनुसार
बोल लिखे जाते हैं अक्सर. इस गीत में हरी भरी वादियों का
जिक्र है. अगर कोई कल्पनाशीलता से महरूम निर्देशक इसे
फिल्माए तो इस गीत को मोटर गाडी या किसी रेतीले मैदान
में फिल्म देता मॉडर्न आर्ट की तरह.

प्रस्तुत गीत में वादियों को ज्यादा हरा भरा बतलाने के लिए
नायक अपने घोड़े के साथ एक पार्क में से भी होकर गुज़र रहा
है. केले बेचने वाले अपने ठेले के ऊपर लाल पन्नी लपेट लिया
करते हैं जिससे हरे केले लाल या पीले नज़र आने लगते हैं और
ग्राहक खुशी खुशी खरीद लेता है.

क्रिएटिविटी इस गीत में अपने चरम पर है और घोडा भी उतना
ही खुश है जितना नायक. ऐसे खुशनुमा घोड़ों से गीत कितने
सुहाने बन पढते हैं ! घोड़े की टाप वाला संगीत काफी पॉपुलर
रहा है और नैयर इसके प्रयोग के लिए ज्यादा जाने जाते रहे.
शंकर जयकिशन के गीतों में भी घोड़े की टाप वाले कुछ गीत
आपको मिल जायेंगे. गीत में घोडा अच्छी क्वालिटी वाला है
ये आपको गीत के अंतराल ३.१८ से ३.२० के बीच पता चलेगा
जब घोडा एक्सप्रेस ट्रेन जैसा दौड रहा है.

गीत में जलपरियों का जिक्र हैं. वे फिल्म निर्माता, निर्देशकों के
अलावा आम आदमी को भी ललचाती आई हैं सदियों से और
आगे भी ललचाती रहेंगी. इस गीत को कम्पेयर करें फिल्म
पराया धन के गीत से जिसमें नायक पहली मुलाक़ात करने
जा रहा है नायिका से. 

ये गीत एक समय दूरदर्शन के चित्रहार कार्यक्रम में खूब दिखाया
जाता था. कई लोगों को तो इस गीत का एक एक फ्रेम याद
हो गया है. आज उनसे परीक्षा ले लो १०० में से १०० नंबर लायेंगे
वे सब.

हसरत जयपुरी का लिखा ये खूबसूरत आशावादी गीत रफ़ी ने गाया
है. फिल्म का नाम है लाट साहब और नायक हैं शम्मी कपूर.




गीत के बोल:

जाने मेरा दिल किसे ढूंढ रहा है
इन हरी भरी वादियों में
जाने मेरा दिल किसे ढूंढ रहा है
इन हरी भरी वादियों में
कभी ना कभी तो टकराएगा दिल
दिल से इन्हीं आबादियों में
जाने मेरा दिल किसे ढूंढ रहा है
इन हरी भरी वादियों में

ये किसकी लगन मंजिल मंजिल
हर रोज मुझे ले जाती है
ये किसकी तमन्ना सीने में
जो आस के दीप जलाती है
जो आस के दीप जलाती है
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ

ओ जाने मेरा दिल किसे ढूंढ रहा है
इन हरी भरी वादियों में
कभी ना कभी तो टकराएगा दिल
दिल से इन्हीं आबादियों में
जाने मेरा दिल किसे ढूंढ रहा है
इन हरी भरी वादियों में

झरनों में नहाती जलपरियाँ
क्यूँ जाने मुझे ललचाती हैं
जंगल की कंवारी कलियाँ भी
हंस हंस के क़यामत ढाती हैं
हंस हंस के क़यामत ढाती हैं
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ

ओ जाने मेरा दिल किसे ढूंढ रहा है
इन हरी भरी वादियों में
कभी ना कभी तो टकराएगा दिल
दिल से इन्हीं आबादियों में
जाने मेरा दिल किसे ढूंढ रहा है
इन हरी भरी वादियों में

जब देखे बिना मदहोश हूँ मैं
देखूँगा उसे तो क्या होगा
क्या नूर भरी सूरत होगी
क्या प्यार भरा जलवा होगा
क्या प्यार भरा जलवा होगा
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ

ओ जाने मेरा दिल किसे ढूंढ रहा है
इन हरी भरी वादियों में
कभी ना कभी तो टकराएगा दिल
दिल से इन्हीं आबादियों में
जाने मेरा दिल किसे ढूंढ रहा है
इन हरी भरी वादियों में
……………………………………………………………….
Jaane mera dil kisi dhoondh raha-Laat Saab 1967

Artist: Shammi Kapoor

1 comments:

चांदनी सूरी,  October 26, 2016 at 5:34 PM  

हा हा, खूब कही

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