October 30, 2016

जगमगाती दीवाली की रात आ गई-स्टेज १९५१

दीपावली के शुभ अवसर पर दृश्य अदृश्य सभी पाठकों को
ढेर सारी शुभकामनाएं. तो सभी को हैप्पी हप्पी, हैं जी?
हंजी.

इस सु-अवसर पर सुनते हैं स्टेज फिल्म से एक गीत जिसे
सरशर सैलानी ने लिखा है, आशा भोंसले और कोरस ने
गाया है और जिसकी धुन बनाई है हुस्नलाल-भगतराम ने.






गीत के बोल:

जगमगाती
ओ जगमगाती दीवाली की रात आ गयी
जगमगाती
ओ जगमगाती दीवाली की रात आ गयी
जैसे तारों की
जैसे तारों की घर में बारात आ गयी
जगमगाती
ओ जगमगाती दीवाली की रात आ गयी

जैसे फूलों के
जैसे फूलों के चेहरे पे रंग आ गया
हां हां हां रंग आ गया
रंग आ गया
हो हो हो
रंग आ गया
जैसे कलियों को
जैसे कलियों को हँसने का ढंग आ गया
हाँ हाँ हाँ ढंग आ गया
हाँ हाँ हाँ ढंग आ गया
हो हो हो ढंग आ गया
जैसे दुल्हन नसीहत से
जैसे दुल्हन नसीहत से शरमा गयी
ओ जगमगाती दीवाली की रात आ गयी
जगमगाती
ओ जगमगाती दीवाली की रात आ गयी
जैसे तारों की
जैसे तारों की घर में बारात आ गयी
जगमगाती
ओ जगमगाती दीवाली की रात आ गयी

दीपों माला की धरती पे सुन के खबर
हां हां सुन के खबर
हो हो सुन के खबर
दीपों माला की धरती पे सुन के खबर
चाँद निकला नहीं आज आकाश पर
दीपों माला की धरती पे सुन के खबर
चाँद निकला नहीं आज आकाश पर
आज धरती भी आकाश पर छा गयी
छा गयी छा गयी छा गयी छा गयी
आज धरती भी आकाश पर छा गयी

जगमगाती
ओ जगमगाती दीवाली की रात आ गयी
जगमगाती
ओ जगमगाती दीवाली की रात आ गयी
जैसे तारों की
ओ जैसे तारों की घर में बारात आ गयी
जगमगाती
ओ जगमगाती दीवाली की रात आ गयी
रात आ गयी रात आ गयी रात आ गयी
हां हां रात आ गयी हो हो रात आ गयी
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Jagmagati diwali ki raat-Stage 1951

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