October 7, 2016

जय अम्बे जगदम्बे माता-ज्वाला डाकू १९८१

आज शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि है और आज के दिन माता के
स्वरुप कात्यायनी की पूजा और आराधना होती है. चारभुजा धारी
माता कात्यायनी सिंह पर सवार हैं और उनके एक हाथ में तलवार
दूसरे में कमल पुष्प है. दो हाथ वर मुद्रा और अभय मुद्रा में हैं.

इनकी आराधना विशेषकर शिक्षा क्षेत्र में सफलता के अभिलाषी और
विवाह में विलम्ब वाले भी किया करते हैं. इसके अलावा इनकी भक्ति
भक्त के लिए सभी प्रकार के सुख प्राप्ति में सहायक होती है.

आज इस अवसर पर सुनते हैं सन १९८१ की फिल्म ज्वाला डाकू से
एक लोकप्रिय माता भजन. इसे कुलवंत जानी ने लिखा है और इस
भजन की धुन बनाई है सोनिक ओमी ने. इसे गाया हैं आशा भोंसले,
दिलराज कौर और ओमी ने.





भजन के बोल:

जग की रचना रचने वाली तेरे हाथ हज़ार
इस भाव सागर में हैं तेरे नाम से बेडा पार
मन में पाप कपट को लेकर बंद शीश झुकाए
फिर भी तेरे द्वार से माता खाली कोई ना जाए
खाली कोई ना जाए
खाली कोई ना जाए

जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे माँ
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे
पौना वालिए जोता वालिए
नी मैं आई तेरे द्वारे
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे माँ
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे
पौना वालिए लाटा वालिए
नी मैं आई तेरे द्वारे
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे

तेरी मर्ज़ी से चलता है जग संसार ये सारा
पाप का भागी बनता है फिर क्यूँ इंसान बिचारा
मेरी माँ
मूरख ग्यानी और लुटेरे
सब हैं खेल खिलौने तेरे
किसको छोड़े किसको घेरे
तेरे रंग नियारे माँ
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे माँ
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे

भक्त जनों की भीड़ भी है और फिरते हैं दरबान
आगे बढ़ कर कैसे ले लूं माता का वरदान
मेरी माँ
सबकी विपदा हरने वाली
सब पर किरपा करने वाली
सबकी झोली भरने वाली
मुझको भी रास्ता दिखा रे माँ
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे माँ
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे
पौना वालिए जोता वालिए
नी मैं आई तेरे द्वारे
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे
जय अम्बे जगदम्बे माता जय अम्बे

चन्दन का तुम तिलक लगाओ
माँ की पूजा का फल तुम पाओ
कैसे पाऊँ पूजा का फल
रोक रहा है माता का बल
हम माता के भक्त हैं बच्चा
खाली जाए हो नहीं सकता
कैसे पहुंचूं माँ चरणों तक
तुम ही दिखाओ कोई रास्ता
आगे बढ़ कर काम करो तुम
माता को परणाम करो तुम
ना मुझसे ये काम ना होगा
माता को परणाम न होगा
पिंजरे में एक बुलबुल प्यारी
देख रही है राह तुम्हारी
पूजा के ये फूल उगा लो
उस पंछी की जान बचा लो
.................................................................
Jai Ambe Jagdambe Mata-Jwala Daku 1981

1 comments:

जुगनी,  October 8, 2016 at 10:47 AM  

जय माता दी

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