October 30, 2016

जिस द्वारे पर घर की बहू-जीवन ज्योति १९७६

मुरुगन कुमारन ने फिल्म जैसे को तैसा(१९७३) का निर्देशन किया
था. फिल्म के नायक जीतेंद्र हैं. उसके २ साल पीछे चलें तो फिल्म
मैं सुन्दर हूँ(१९७१) के प्रोड्यूसर मुरुगन हैं. सन १९६८ की प्रसिद्ध
फिल्म दो कलियाँ के भी निर्माता वे रहे हैं.

सन १९७६ की हिंदी फिल्म जीवन ज्योति का निर्देशन उन्होंने किया
फिल्म के प्रमुख कलाकार विजय अरोड़ा, बिंदिया गोस्वामी और ए के
हंगल हैं. पारिवारिक फिल्म है ये और इसमें कुछ मधुर गीत भी हैं.

घर में रंगोली बनाने का क्या महत्त्व है गीत के ज़रिये जानिये. इस
गीत के मुखड़े में बहू शब्द भी आया है जिसे आप सास बहू सीरियल
के शीर्षकों में खूब सुनते ही हैं रोजाना अगर आपको न्यूज़ चैनल
दोपहर में देखने का शौक है .

गीत में तीन अंतरे हैं मगर वीडियो में दूसरा अन्तरा गायब है. गीत
लिखा है आनंद बक्षी ने और लता मंगेशकर ने इसे गाया है. संगीत
दिया है सलिल चौधरी ने.



गीत के बोल:

आ हा हा आ आ आ हा हा हा हा
हा हा आ आ आ हा हा आ आ आ
जिस द्वारे पर घर की बहू रंगोली सजाती है
उस द्वारे से घर के अंदर लक्ष्मी आती है
जिस द्वारे पर घर की बहू रंगोली सजाती है
उस द्वारे से घर के अंदर लक्ष्मी आती है

धन मिले सुख मिले
धन मिले सुख मिले
पिया के प्रेम से गोरी का मन खिले
आ हा हा आ आ आ
आ हा हा आ आ आ 

जिस आँगन में घर की बहू तुलसी लगाती है
उस आँगन की माटी सुन्दर फूल खिलाती है
जिस द्वारे पर घर की बहू रंगोली सजाती है
उस द्वारे से घर के अंदर लक्ष्मी आती है

सुबह शाम घनश्याम
सुबह शाम घनश्याम
मोरी गैया दिलाएं याद तेरो नाम
आ हा हा आ आ आ
आ हा हा आ आ आ 
जिस गैया को घर की बहू यूँ तिलक लगाती है
वो गैया घर की माँ बन कर दूध पिलाती है
जिस द्वारे पर घर की बहू रंगोली सजाती है
उस द्वारे से घर के अंदर लक्ष्मी आती है

दिन रैन वहां चैन दिन रैन वहां चैन
जहाँ तुम पे रहें प्रभु सबके नैन
आ हा हा आ आ आ
आ हा हा आ आ आ 
जिस मंदिर में घर की बहू ये ज्योत जलाती है
उस मंदिर में जीवन ज्योति जगमगाती है

जिस द्वारे पर घर की बहू रंगोली सजाती है
उस द्वारे से घर के अंदर लक्ष्मी आती है
आ हा हा आ आ आ आ आ
हा हा आ आ आ हा हा आ आ आ
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Jis dware par ghar ki-Jeevan jyoti 1976

Artist: Bindiya Goswami

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