October 18, 2016

खुशियाँ और ग़म सहती है-मन १९९९

मधुर होना और लोकप्रिय होना दो अलग चीज़ें हैं और नहीं भी.
कभी कभार मधुर गीत भी लोकप्रियता से वंचित हो जाता है
और कभी लोकप्रिय गीत मधुरता से. इसमें दूसरा पहलू कम ही
दिखाई देता है.

फिल्म मन से आपको एक लोकप्रिय गीत सुनवाया था अब सुनते
हैं थोडा कम लोकप्रिय मधुर गीत जिसे समीर ने लिखा है और
उदित नारायण संग अनुराधा पौडवाल ने गाया है. संजीव दर्शन
ने इसका संगीत तैयार किया है. इस गीत को फिल्माया गया है
आमिर खान,मनीषा कोइराला और शर्मीला टैगोर पर.




गीत के बोल:


खुशियाँ और ग़म सहती है
फिर भी ये चुप रहती है
अब तक किसी ने न जाना
ज़िंदगी क्या कहती है
खुशियाँ और ग़म सहती है
फिर भी ये चुप रहती है
अब तक किसी ने न जाना
ज़िंदगी क्या कहती है

अपनी कभी तो कभी अजनबी
आँसू कभी तो कभी है हँसी
दरिया कभी तो कभी तिश्नगी
लगती है ये तो
खुशियाँ और ग़म सहती है
फिर भी ये चुप रहती है
अब तक किसी ने न जाना
ज़िंदगी क्या कहती है

खामोशियों की धीमी सदा है
ये ज़िंदगी तो रब की दुआ है
छू के किसी ने इसको देखा कभी न
अहसास की है खुशबू महकी हवा है

खुशियाँ और ग़म सहती है
फिर भी ये चुप रहती है
अब तक किसी ने न जाना
ज़िंदगी क्या कहती है

मन से कहो तुम मन की सुनो तुम
मन मीत कोई मन का चुनो तुम
कुछ भी कहेगी दुनिया
दुनिया को छोड़ो
पलकों में सच के झिलमिल
सपने बुनो तुम

खुशियाँ और ग़म सहती है
फिर भी ये चुप रहती है
अब तक किसी ने न जाना
ज़िंदगी क्या कहती है

अपनी कभी तो कभी अजनबी
आँसू कभी तो कभी है हँसी
दरिया कभी तो कभी तिश्नगी
लगती है ये तो

खुशियाँ और ग़म सहती है
फिर भी ये चुप रहती है
अब तक किसी ने न जाना
ज़िंदगी क्या कहती है
....................................................................................
Khushoyan aur gham seht hai-Mann 1999

Artists: Aamir Khan, Manisha Koirala, Sharmila Tagore

0 comments:

© Geetsangeet 2009-2016. Powered by Blogger

Back to TOP