October 17, 2016

उर्वशी उर्वशी-हमसे है मुकाबला १९९५

प्रभुदेवा काफी चपल किस्म के डांसर हैं और उन्हें जनता प्यार से
देसी माइकल जैक्सन के रूप में पहचानती है. उनकी एक फिल्म
बेहद लोकप्रिय हुई थी हमसे है मुकाबला. इतनी लोकप्रिय हुई कि
उस फिल्म की एक धुन की परछाइयाँ २-३ हिंदी फिल्मों में बाद
में भी सुनाई दीं.

इस फिल्म से एक लोकप्रिय गीत सुनते हैं. उसके पहले आपको एक
बात बता दें एक ज़माना था जब पूपसी नाम की एक बच्चों को
दूध पिलाने की बोतल आया करती थी. ये वो ज़माना था जब एक
और बात प्रसिद्ध हुआ करती थी-एल आई सी की पॉलिसी. अब तो
ढेर सारी इंश्योरेंस कम्पनियाँ आ गयी हैं बीमा के क्षेत्र में.

अब सुनते हैं ये गीत जिसे पी के मिश्र ने लिखा, नोएल जेम्स संग
ऐ आर रहमान और शंकर महादेवन ने गाया है. धुन भी रहमान ने
ही तैयार की है. गीत में प्रमुख कलाकार हैं प्रभुदेवा और नगमा.



गीत के बोल:


मरहबा
मरहबा मरहबा
मरहबा मरहबा
उर्वशी उर्वशी टेक इट ईज़ी उर्वशी
उँगली जैसी दुबली को नहीं चाहिये फार्मेसी
उर्वशी उर्वशी टेक इट ईज़ी उर्वशी
उँगली जैसी दुबली को नहीं चाहिये फार्मेसी
जीत का मन्त्र है टेक इट ईज़ी पॉलिसी
चार दिन की चाँदनी ये जवानी फैंटेसी
उर्वशी उर्वशी टेक इट ईज़ी उर्वशी

जानती हो हिन्दी में प्यार के कितने अक्षर
बोल दो मेरी खातिर प्यार के दो ही अक्षर

जीत का मन्त्र है टेक इट ईज़ी पॉलिसी
चार दिन की चाँदनी ये जवानी फैंटेसी

चित्रहार में बिजली उड़ गई
टेक इट ईज़ी पॉलिसी
पढ़ने पर भी फ़ेल हो गये
टेक इट ईज़ी पॉलिसी
बाप ने बोला अम्मा का दुश्मन
टेक इट ईज़ी पॉलिसी
पाप करे और गंगा नहाए
टेक इट ईज़ी पॉलिसी

उर्वशी उर्वशी टेक इट ईज़ी उर्वशी

जानती हो इतना तो बदन में लाखों नाड़ी
बता दो मुझको इतना कहाँ मैं प्यार की नाड़ी

जीत का मन्त्र है टेक इट ईज़ी पॉलिसी
चार दिन की चाँदनी ये जवानी फैंटेसी

हे हे हे हे हे हे हे हे हे हे हे हे हे हे

नज़र के मिल जाने से ही शील तो भंग  नहीं होता
बिल्लियाँ ना शाकाहारी हर कोई राम नहीं होता
भलाई कभी औरतों की क्रांति के बिना नहीं होगी
ज़माना बदल गया प्यारे पुरानी बात नहीं होगी

फ़िलम देखने वो नहीं आई
टेक इट ईज़ी पॉलिसी
बगल सीट पर बुढ्ढी हो तो
टेक इट ईज़ी पॉलिसी
संडे को भी छुट्टी न हो
टेक इट ईज़ी पॉलिसी
प्यार करे और नोट भी माँगे
टेक इट ईज़ी पॉलिसी

उर्वशी उर्वशी टेक इट ईज़ी उर्वशी
उँगली जैसी दुबली को नहीं चाहिये फ़ार्मसी
जीत का मन्त्र है टेक इट ईज़ी पॉलिसी
चार दिन की चाँदनी यह जवानी फैंटेसी

अगर लड़की को अंधेरे में आँख मारी तो होगा क्या
अगर आज़ादी न हो तो स्वर्ग मिलने से होगा क्या
क्लास में फ़िगर नहीं हो तो वहाँ पढ़ने से होगा क्या
बीस की उम्र का जो है खेल साठ में खेल के होगा क्या
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Take it easy Urvashi-Hamse hai muqabla 1995

Artists: Prabhudeva, Nagma

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