November 13, 2016

आज हमें मालूम हुआ-आ गले लग जा १९९४

सबको मालूम होता है एक ना एक दिन आखिर को प्यार मोहब्बत
क्या चीज़ है. ये उन्हीं को ज्यादा मालूम पढता है जो इस झमेले
में पड़ते हैं. गीतकारों ने अपने अपने अंदाज़ में कहा है इस फेनोमीने
को. दीवानों से पूछो मोहब्बत है क्या?, मोहब्बत है क्या चीज़ हमको
बताओ, क्या प्यार इसी को कहते हैं, ये इश्क है क्या एक रोग बुरा,
प्यार क्या होता है. कम से कम १०० से ज्यादा अलग अलग अंदाज़
हैं पूछने के. फेनोमीना, फेनोटीना, फेनोरीना और ना जाने क्या क्या.

प्यार मोहब्बत में करेला गुलाब जामुन लग सकता है और वैनीला
आइसक्रीम बटर स्कोच लग सकती है. एक फिल्म में बताया गया है
कि नायिका का दही बड़ा खाने का मन नहीं किया तो उसकी सहेली
कहती है प्यार हो गया है इस वजह से दही बड़ा खाने का मन नहीं
करता है.

सुनते हैं आ गले लग जा फिल्म से एक गीत. ये जुगल हंसराज और
उर्मिला मातोंडकर अभिनीत फिल्म है. अनवर सागर के लिखे गीत की
तर्ज़ बनाई है अन्नू मलिक ने जिसे कुमार सानू और कविता कृष्णमूर्ति
गा रहे हैं.





गीत के बोल:

आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है
आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है
एक रोज अगर तुम ना मिलो
एक रोज अगर तुम ना मिलो दीवानों सी हालत होती है
आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है
एक रोज अगर तुम ना मिलो
एक रोज अगर तुम ना मिलो दीवानों सी हालत होती है
आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है

हल्का हल्का दर्द-ऐ-जिगर है
तुझको पता है मुझको खबर है
देख के सूरत प्यारी प्यारी भूल गए हम दुनिया सारी
जब दिल ये किसी पे आता है
जब दिल ये किसी पे आता है मिट जाने की हसरत होती है
आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है
आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है

तेरे लबों का रंग चुरा के महका दूंगा तेरी साँसें
छोडो छोडो मेरा आँचल शर्म के मारे झुक गयी आँखें
दिल मेरा रुक रुक जाता है
दिल मेरा रुक रुक जाता है जब नज़रे-इनायत होती है
आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है
आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है

तेरे बिना मैं जी ना सकूंगा तेरे लिए मैं हर गम सहूंगा
मेरी भी हालत कुछ ऐसी है चैन गया और नींद उडी है
धडकन ये दिल की बढती है
धडकन ये दिल की बढती है जब पहली शरारत होती है

आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है
एक रोज अगर तुम ना मिलो
एक रोज अगर तुम ना मिलो दीवानों सी हालत होती है
आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है
आज हमें मालूम हुआ क्या चीज़ मोहब्बत होती है
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Aaj hamen maloom hua-Aa gale lag ja 1994

Artists: Jugal Hansraj Urmila Matondkar

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