November 23, 2016

हमने उनके सामने पहले तो खंज़र-बसंत १९६०

फिल्म बसंत से एक गीत और सुनते हैं जिसे शिवदयाल बातिश,
मोहम्मद रफ़ी और आशा भोंसले ने गाया है. ये गीत भी बाकी
गीतों की तरह कमर जलालाबादी का लिखा हुआ है. ओ पी नैयर
का संगीत है. एस डी बातिश ने इस गीत में जॉनी वॉकर के लिए
आवाज़ दी है. शम्मी रफ़ी की आवाज़ पे होंठ हिला रहे हैं. 

कई फ़िल्मी कलाकार ऐसे हैं जो बचपन से एक दूसरे को जानते
हैं. ऐसा ही कुछ शम्मी कपूर और नूतन के साथ भी था. दोनों
बचपन से एक दूसरे को जानते थे. दोनों की जोड़ी सर्वप्रथम फिल्म
लैला मजनू में दिखलाई दी जो सन १९५३ की फिल्म है. फिल्म
के निर्देशक की एक और ऐतिहासिक फिल्म इस साल आई थी-
अलिफ़ लैला.



गीत के बोल:

अजी उल्फत को खुशियों की कहानी कौन कहता है
हसीनों के सितम को मेहरबानी कौन कहता है
अरे जा जा गज़ब है कहर है तूफ़ान है आफत है
हसीनों की जवानी को जवानी कौन कहता है

अरे हमने उनके सामने पहले तो खंज़र रख दिया
फिर कलेजा रख दिया दिल रख दिया सर रख दिया
हमने उनके सामने पहले तो खंज़र रख दिया
फिर कलेजा रख दिया दिल रख दिया सर रख दिया

मैंने जब पूछा मेरी जान शकल कैसी है मेरी
वल्लाह क्या शकल पाई है
मैंने जब पूछा मेरी जान शकल कैसी है मेरी
अरे बेवफा ने सामने
अरे बेवफा ने सामने ला कर टमाटर रख दिया
बेवफा ने सामने ला कर टमाटर रख दिया
हमने उनके सामने पहले तो खंज़र रख दिया
फिर कलेजा रख दिया दिल रख दिया सर रख दिया

अपने आशिक को मेरी जान तूने पहचाना नहीं
अपने आशिक को मेरी जान तूने पहचाना नहीं
अरे एक दिन में प्यार का हाय
एक दिन में प्यार का नक्शा बदल कर रख दिया
एक दिन में प्यार का नक्शा बदल कर रख दिया
हमने उनके सामने पहले तो खंज़र रख दिया
फिर कलेजा रख दिया दिल रख दिया सर रख दिया

हमसे शिकवा किस लिए दुनिया से शिकवा कीजिये
हमसे शिकवा किस लिए दुनिया से शिकवा कीजिये
अरे जिसने अपने दरमियान हाय
जिसने अपने दरमियान ला कर मुकद्दर रख दिया
जिसने अपने दरमियान ला कर मुकद्दर रख दिया
हमने उनके सामने पहले तो खंज़र रख दिया
फिर कलेजा रख दिया दिल रख दिया सर रख दिया
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Hamne unke saamne pehle to khanjar-Basant 1960

Artists: Johny Walker, Shammi Kapoor, Nutan

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