November 8, 2016

करोगे याद तो हर बात-बाज़ार १९८२

कुछ क्लासिक गीत ऐसे हैं फिल्म संगीत के खजाने में जो दर्द और
विषाद की लकीर समेटे होने के बावजूद सुनने में आनंद देते हैं. इन्हें
सुनने के बाद मन थोडा भारी ज़रूर हो जाता है मगर हम फिर भी
सुना करते हैं.

बाज़ार एक लीक से हट कर बनी हुई फिल्म है और कथानक के ही
अनुसार इसके गीत भी हैं. बशर नवाज़ का गीत है और खय्याम का
संगीत. भूपेंद्र गायक हैं जिन्होंने इसी तरह के कुछ ना भुलाये जा
सकने वाले गीत खय्याम के संगीत निर्देशन में गाये हैं.



गीत के बोल:

करोगे याद तो हर बात याद आयेगी
करोगे याद तो हर बात याद आयेगी
गुज़रते वक़्त की हर मौज ठहर जायेगी
गुज़रते वक़्त की हर मौज ठहर जायेगी
करोगे याद तो

ये चाँद बीते ज़मानों का आईना होगा
ये चाँद बीते ज़मानों का आईना होगा
भटकते अब्र में चेहरा कोई बना होगा
उदास राह कोई दास्तां सुनाएगी
उदास राह कोई दास्तां सुनाएगी
करोगे याद तो

बरसता भीगता मौसम धुआँ-धुआँ होगा
बरसता भीगता मौसम धुआँ-धुआँ होगा
पिघलती शमों पे दिल का मेरे ग़ुमां होगा
हथेलियों की हिना याद कुछ दिलायेगी
हथेलियों की हिना याद कुछ दिलायेगी
करोगे याद तो

गली के मोड़ पे सूना सा कोई दरवाज़ा
गली के मोड़ पे सूना सा कोई दरवाज़ा
तरसती आँखों से रस्ता किसी का देखेगा
निगाह दूर तलक जा के लौट आएगी
निगाह दूर तलक जा के लौट आएगी

करोगे याद तो हर बात याद आयेगी
गुज़रते वक़्त की हर मौज ठहर जायेगी
करोगे याद तो
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Karoge yaad to har baat yaad-Bazaar 1982

Artists: Smita Patil, Naseeruddin Shah

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