November 10, 2016

कोई फ़रियाद तेरे दिल में-तुम बिन २००१

जीवन की साँसें खोया पाया के हिसाब में ही गिन जाती हैं. इसी
बीच में इंसान को कुछ समय मिलता है जिसमें वो बाकी के थोड़े
बहुत काम कर लेता है. दिमाग का यादों के सेक्शन कभी चैन से
बैठने नहीं देता. वो गुज़रे वक्त की हकीकतों के जाल में फँस कर
वर्त्तमान में डिस्को डांस करता है.

फिल्म तुम बिन का ये गीत बोलों और इसके अनूठे संगीत की वजह
से लोकप्रिय है. जगजीत सिंह द्वारा गाये गए गीतों और गज़लों में
शायद ही आपने ऐसा संगीत कभी सुना होगा. एक प्रयोगधर्मी सा
गीत जो आगे आने वाले संगीत के लिए रास्ता खोलने वाला था.
ऐसे गीत हमें आज काफी सुनाई देते हैं जिनमें बोल एक प्रेम कहानी
के और संगीत किसी हॉरर फिल्म का सा महसूस होता है.

गीत लिखा है निदा फाजली ने और इस गीत का संगीत तैयार किया
है निखिल विनय की जोड़ी ने. गीत की खूबसूरती ये कि इसका संगीत
रहस्य रोमांच वाली फिल्म और ऑपेरा थीयेटर में घुस के निकलता हुआ
अपनी लय पर लौट आता है जैसे ही गीत के बोल उभरते हैं.

गीत में फिल्म का नाम आता है और इसे भी आप शीर्षक गीत कह
सकते हैं.



गीत के बोल:

जागते जागते इक उम्र कटी हो जैसे
जागते जागते इक उम्र कटी हो जैसे
जान बाकी है मगर सांस रुकी हो जैसे
कोई फ़रियाद तेरे दिल में दबी हो जैसे
कोई फ़रियाद तेरे दिल में दबी हो जैसे
तूने आँखों से कोई बात कही हो जैसे

हर मुलाक़ात पे महसूस यही होता है
हर मुलाक़ात पे महसूस यही होता है
मुझसे कुछ तेरी नज़र पूछ रही हो जैसे

राह चलते हुए अक्सर रुकना होता है
राह चलते हुए अक्सर ये गुमां होता है
वो नज़र छुप के मुझे देख रही हो जैसे
वो नज़र छुप के मुझे देख रही हो जैसे

एक लम्हे में सिमट आया है सदियों का सफर
एक लम्हे में सिमट आया है सदियों का सफर
जिंदगी तेरी बहुत तेज चली हो जैसे
जिंदगी तेरी बहुत तेज चली हो जैसे

किस तरह पहरूं तुझे सोचता रहता हूं मैं
किस तरह पहरूं तुझे सोचता रहता हूं मैं
मेरी हर सांस तेरे नाम लिखी हो जैसे
मेरी हर सांस तेरे नाम लिखी हो जैसे

कोई फ़रियाद तेरे दिल में दबी हो जैसे
तूने आँखों से कोई बात कही हो जैसे
जागते जागते इक उम्र कटी हो जैसे
जान बाकी है मगर सांस रुकी हो जैसे
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Koi fariyaad-Tum bin 2001

Artists: Priyanshu Chatterji, Sandali Sinha

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