November 6, 2016

वंदे मातरम-कभी खुशी कभी गम २००१

फ़िल्में ऐसी हों जो हर प्रकार का इमोशनल अटैक करें आपके
दिमाग पर. फिल्म कभी खुशी कभी गम में सारे फ़िल्मी मसाले
मौजूद हैं. दर्शक को चारों ओर से घेर लो ताकि वो किसी न किसी
बात पर वाह वाह ज़रूर करे. इस लिहाज़ से देखा जाए तो फिल्म
बेहद सफल है. अमिताभ बच्चन, जया भादुड़ी और काजोल का
अभिनय फिल्म के कुछ मजबूत पक्षों में से एक है.

एक बात अच्छी है २००० के आसपास और उसके बाद बनने वाली
फिल्मों में-इन्हें बनाने के वक्त अप्रवासी भारतीयों का ज्यादा ध्यान
रखा जाने लगा है. ओवरसीज़ मार्केट एक बड़ा मार्केट हो चुका है
आज बॉलीवुड के लिए और निर्माता निर्देशक इस बात को अच्छी
तरह से भुना लेना चाहते हैं. भव्य कैनवास और बड़ी स्टारकास्ट
होने के बावजूद फिल्म ऐसा लगता है बेहतर बनाई जा सकती थी.

इस फिल्म से एक गीत सुनते हैं जो बंकिम चंद्र रचित वंदे मातरम
और इकबाल रचित सारे जहाँ से अच्छा का मिश्रण है. इसे गाया है
कविता कृष्णमूर्ति और उषा उथुप ने. सन्देश शांडिल्य ने इस गीत
का संगीत तैयार किया हैं. फिल्म का एक मजबूत पक्ष ये गीत भी
है. गीत में फिल्म के सभी प्रमुख कलाकार मौजूद हैं और मुरलीवाले
की मूर्ति के दर्शन भी हो जाते हैं.




गीत के बोल:

वंदे मातरम वंदे मातरम वंदे मातरम
वंदे मातरम वंदे मातरम वंदे मातरम

वंदे मातरम वंदे मातरम वंदे मातरम
वंदे मातरम वंदे मातरम वंदे मातरम
सुजलाम सुफलाम मातरम

मलयज शीतलाम मातरम
सुजलाम सुफलाम मातरम
मलयज शीतलाम मातरम
शस्य शामला मातरम
वंदे मातरम वंदे मातरम वंदे मातरम वंदे मातरम
वंदे मातरम वंदे मातरम मातर
हम बुलबुले हैं इसकी ये गुलसितां हमारा हमारा
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा
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Vande Matram-Kabhi Khushi Kabhi Gham 2001

Artist: Hrithik Roshan

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