माँ, मेरी माँ…मम्मा-दसविदानिया २००८
मुक्त होना चाहते हैं-बंधनों से, समाज से, परम्पराओं से.
जैसे आधुनिक कविता छंद मुक्त हो गयी, फ़िल्मी गीत
विचार मुक्त हो चले हैं. संगीत मधुरता मुक्त, तो गायकी
उन्मुक्त हो चली है. सीधे जुगाली कर उलट देने वाला
ज़माना है. विचार जैसे दिमाग में आये वैसे के वैसे बिना
बद्लाव् किये गीतों में उतार देने का चलन. रैप गीत में
इसकी गुंजायश सबसे ज्यादा होती है. इसमें आप गाय
भैंस पर निबंध भी इतनी चतुराई के साथ बोल सकते
हैं कि सुनने वाला वाह वाह कर उठे और उसे पता भी
न चले कि इतिहास का परचा गाया गया या किसी टेनिस
के मैच का आँखों देखा हाल.
प्रस्तुत गीत माँ को समर्पित एक अलग हट के बनी फिल्म
से जिसे कैलाश खेर ने गाया है. बोल कैलाश खेर के ही हैं
और इस गीत का संगीत ३ लोगों ने तैयार किया है-परेश
नरेश और कैलाश ने.
गीत के बोल:
माँ, मेरी माँ प्यारी माँ, मम्मा
हो माँ, मेरी माँ प्यारी माँ, मम्मा
हाथों की लकीरे बदल जायेंगी
गम की ये जंजीरे पिघल जायेंगी
हो खुदा पे भी असर
तू दुआओं का है घर
माँ, मेरी माँ प्यारी माँ, मम्मा
हो माँ, मेरी माँ प्यारी माँ, मम्मा
बिगड़ी किस्मत भी संवर जायेगी
जिन्दगी तराने खुशी के गायेगी
तेरे होते किसका डर
तू दुआओं का है घर
मेरी माँ, प्यारी माँ, मम्मा
हो माँ, मेरी माँ प्यारी माँ, मम्मा
यूं तो मैं सबसे न्यारा हूँ
पर तेरा माँ मैं दुलारा हूँ
यूं तो मैं सबसे न्यारा हूँ
पर तेरा माँ मैं दुलारा हूँ
दुनियाँ में जीने से ज्यादा
उलझन है माँ
तू है अमर का जहां
तू गुस्सा करती है
बड़ा अच्छा लगता है
तू कान पकड़ती है
बड़ी जोर से लगता है
माँ, मेरी माँ प्यारी माँ, मम्मा
हो माँ, मेरी माँ प्यारी माँ, मम्मा
हाथों की लकीरे बदल जायेंगी
गम की ये जंजीरे पिघल जायेंगी
हो खुदा पे भी असर
तू दुआओं का है घर
माँ, मेरी माँ प्यारी माँ, मम्मा
हो माँ, मेरी माँ प्यारी माँ, मम्मा
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Meri Maa….Mamma - Dasvidaniya 2008

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