Oct 31, 2020

जाने वाले ओ जाने वाले-हिना १९९२

जाने वाले चले जाते हैं. आखिर को किसी के रोके से कौन रुका है.
अकेले ही आना है और अकेले ही जाना है. चाहे जीवन के किसी
हिस्से में आगे ना मिलने के लिए बिछडना हो या संसार से
विदा लेना हो, विदा करने वाले अपनी भावनाएं क्विंटलों में 
उडेलते हैं.

वो समय था जब चीज़ें धीरे धीरे अपना आकार लेती थीं. आज की
तरह नहीं-हटा सावन की घटा स्टाईल-एक क्षण फुर्र दूसरे क्षण 
छू. करेले के हलवे और लहसुन की चाय वाले इस युग में 
मुझे मुकेश का एक पुराना गीत याद आता है-सुर की गति मैं
क्या जानूं. इसे यूँ समझें-फिल्मों की गति मैं क्या जानूं. 

तकनीकि का विकास हुआ मगर क्या घोड़े ने चारा खा के अगले
ही क्षण लीद निकालना शुरू कर दिया ? इंसानों की क्रिएटिविटी
इतनी रफ़्तार वाली हो गई कि एक हफ्ते में मास्टरपीस फ़िल्में 
बनने लग गयीं ?

सुनते हैं फिल्म हिना से एक कर्णप्रिय गीत जिसे ऋषि कपूर
और ज़ेबा बख्तियार पर फिल्माया गया है.
 

गीत के बोल:

गीत का आनंद लें, बोलों की
आवश्यकता हो तो कमेन्ट करें
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Jaane waale o jaane waale-Henna 1991

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Oct 17, 2020

छलके तेरी आँखों से-आरज़ू १९६५

नया ब्लोगर इंटरफेस समझ के बाहर है. कोई भी नयी चीज़ हो करेंट
सा झटका मारती है मगर शनै: शनै: वो समझ आने लगती है. अक्टूबर
की ये पोस्ट लिखते समय ही मूड खराब हो गया. ये अपडेट करो, वो 
अपडेट करो. इससे अच्छा मुझे लगा एकांत में रह कर मन की 
शांति को अपडेट कर लो. कोरोना काल भी है, मौका भी है और
दस्तूर भी.

मोबाईल फोन को भी लगता है कोरोना हो चला है. इस काल में 
शुभचिंतकों की घंटियाँ भी कम सुनाई नहीं दीं, मानो कोरोना फोन 
से घुस कर उन्हें संक्रमित कर देगा.

छलके तेरे फोन से व्हाट्स एप और ज्यादा....................
 
 
 


गाने  के बोल:

इसके बोल मुझे यकीन है आपको याद हो गए होंगे, फिर भी 
आवश्यकता हो तो कमेन्ट बोक्स में कुछ शब्द छोड़ दें
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Chhalke teri ankhon se-Arzoo 1965

Artists: Rajendra Kumar, Sadhana

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Sep 2, 2020

याद सताए तेरी नींद चुराए-राजा बाबू १९९४

हिंदी फिल्मों में रुमाल फाड के धोती हो सकती है और
viceversa तो सिंपल है, हो ही सकता है. ग्लैमर का ट्यूमर
जब चाहे जहां चाहे उभर आता है और फिर साइकिल के
ट्यूब की तरह पंक्चर भी हो जाता है. पैसे वसूलो और खेल
खत्म.

एक समय था जब सिनेमा हॉल में फिल्म लगा करती थी
और समय गुजरने के साथ पैसे की कमाई धीरे धीरे बढ़ा
करती थी. अब वो समय नहीं रहा. अब तो नफ़े नुक्सान
का हिसाब रिलीज़ के कुछ दिन में ही हो जाता है.

बेतुकी कल्पना जब हिट हो जाए तो उसे बेतुका कहने वाले
चुप होने पर मजबूर हो जाते हैं.

सुनते हैं फिल्म राजा बाबू से एक अपने समय का हिट
गाना जिसे गोविंदा, करिश्मा और ढेर सारे सहायक कलाकारों
पर फिल्माया गया है. कविता कृष्णमूर्ति और उदित नारायण
की आवाजों वाले इस गाने को लिखा है समीर ने और इसकी
धुन तैयार की है आनंद मिलिंद ने.



गीत के बोल:

आ जा आ जा आ जा
याद सताए तेरी नींद चुराये अब दिल न लगे दिलवर
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Yaad sataye teri neend curaye-Raja Babu 1994

Artists: Govinda, Karishma Kapoor

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