July 27, 2017

राजा को रानी से-अकेले हम अकेले तुम १९९५

राजा रानी की कहानी वाला एक गीत सुनते हैं जिसमें
उन्हें पहली नज़र में ही प्यार हो जाता है.

फिल्म: अकेले हम अकेले तुम
वर्ष: १९९५
गीतकार: मजरूह सुल्तानपुरी
गायक: उदित नारायण, अलका याग्निक
संगीत: अन्नू मलिक



गीत के बोल:

राजा को रानी से प्यार हो गया
पहली नज़र में पहला प्यार हो गया
दिल जिगर दोनों घायल हुए
तीर-ए-नज़र दिल के पार हो गया
राजा को रानी से प्यार हो गया
पहली नज़र में पहला प्यार हो गया
दिल जिगर दोनों घायल हुए
तीर-ए-नज़र दिल के पार हो गया
राजा को रानी से प्यार हो गया

राहों से राहें बाहों से बाहें
मिलके भी मिलती नहीं
होता है अक्सर अरमां की कलियां
खिल के भी खिलती नहीं
फिर भी न जाने क्यूं नहीं माने
दीवाना दिल बेकरार हो गया
राजा को रानी से प्यार हो गया

रानी को देखो नज़रें मिलीं तो
आँखें चुराने लगी
करती भी क्या वो सर को झुका के
कंगना घुमाने लगी
राजा ने ऐसा जादू चलाया
ना करते करते इकरार हो गया
राजा को रानी से प्यार हो गया
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Raja ko rani se pyar-Akele hum akele tum 1995

Artists: Aamir Khan, Manisha Koirala

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July 26, 2017

मैं ख़्याल हूँ किसी और का-मेहँदी हसन ग़ज़ल

मेहँदी हसन की गाई एक ग़ज़ल सुनते हैं. इसे अनेक कलाकार गा
चुके हैं पिछले कई बरसों में. किसी किसी वर्ज़न में इसके सारे शेर
नहीं मिलते हैं. मेहँदी हसन का एक वर्ज़न है १९ मिनट वाला. ये
वीडियो वाला वर्ज़न है ११ मिनट का.

बोल: सलीम कौसर
गायक: मेहँदी हसन
संगीत: मेहँदी हसन



ग़ज़ल के बोल:

मैं ख़्याल हूँ किसी और का  मुझे सोचता कोई और है
सरे-आईना मेरा अक्स है  पस-ए-आईना कोई और है

मैं किसी की दस्ते-तलब में हूँ तो किसी की हरफ़े-दुआ में हूँ
मैं नसीब हूँ किसी और का  मुझे माँगता कोई और है
मैं ख़्याल हूँ किसी और का  मुझे सोचता कोई और है

अजब ऐतबार-ओ-बेएतबारी के दरम्यान है ज़िन्दगी
मैं क़रीब हूँ किसी और के  मुझे जानता कोई और है
मैं ख़्याल हूँ किसी और का  मुझे सोचता कोई और है

तेरी रोशनी मेरे खद्दो-खाल से मुख्तलिफ़ तो नहीं मगर
तू क़रीब आ तुझे देख लूँ  तू वही है या कोई और है
मैं ख़्याल हूँ किसी और का  मुझे सोचता कोई और है

तुझे दुश्मनों की खबर न थी  मुझे दोस्तों का पता नहीं
तेरी दास्तां कोई और थी  मेरा वाक्या कोई और है
मैं ख़्याल हूँ किसी और का  मुझे सोचता कोई और है

वही मुंसिफ़ों की रवायतें  वहीं फैसलों की इबारतें
मेरा जुर्म तो कोई और था  पर मेरी सजा कोई और है
मैं ख़्याल हूँ किसी और का  मुझे सोचता कोई और है

कभी लौट आएँ तो पूछना नहीं  देखना उन्हें गौर से
जिन्हें रास्ते में खबर हुईं  कि ये रास्ता कोई और है
मैं ख़्याल हूँ किसी और का  मुझे सोचता कोई और है

जो मेरी रियाज़त-ए-नीम-शब को सलीम सुबह न मिल सकी
तो फिर इसके मानी तो ये हुए कि यहाँ खुदा कोई और है
मैं ख़्याल हूँ किसी और का  मुझे सोचता कोई और है
……………………………………………………..
Main khayal hoon kisi aur ka-Mehdi Hasan Ghazal

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ये हवा ये हवा ये हवा-गुमराह १९६३

गुमराह फिल्म से एक गीत सुनते हैं. तेज गति वाला और छोटी
पंक्तियों वाला ये गीत आकर्षक धुन में बंधा हुआ है.

साहिर लुधियानवी ने इसे लिखे है और रवि ने धुन बनाई है.
सुनील दत्त, अशोक कुमर और माला सिन्हा अभिनीत इस फिल्म
के २-३ गीत बेहद लोकप्रिय हैं.



गीत के बोल:

हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो
हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो

ये हवा ये हवा ये हवा
ये फिजा ये फिज़ा ये फिज़ा
है उदास जैसे मेरा दिल मेरा दिल
आ भी जा आ भी जा आ भी जा
आ भी जा आ भी जा आ भी जा


आ के अब तो चांदनी भी ज़र्द हो चली
हो चली हो चली
धड़कनों की नरम आंच सर्द हो चली
हो चली हो चली
ढल चुकी है रात आ के मिल
आ के मिल आ के मिल
आ भी जा आ भी जा आ भी जा
आ भी जा आ भी जा आ भी जा

राह में बिछी हुई है मेरी हर नज़र
हर नज़र हर नज़र
मैं तड़प रहा हूँ और तू है बेकरार
बेकरार बेकरार
रुक रही है सांस आ के मिल
आ के मिल आ के मिल
आ भी जा आ भी जा आ भी जा
आ भी जा आ भी जा आ भी जा

हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो
हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो हो
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Ye hawa ye hawa ye hawa-Gumrah 1963

Artists: Sunil Dutt, Mala Sinha

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July 25, 2017

इश्क़ चाँदी है इश्क़ सोना है-बीवी नंबर १

इश्क चांदी है सोना है. कुल मिला कर सोना चांदी च्यवनप्राश
है. इस गीत को बजा बजा कर ना जाने कितने फिटनेस और
हेल्थ क्लब में जनता ने सेहत बनाई है.

बीवी नंबर १ का गीत सुनते हैं आज जिसे शंकर महादेवन संग
हेमा सरदेसाई ने गाया है. सलमान खान और सुष्मिता सेन पर
इसे फिल्माया गया है. फिल्म के गीत अपने समय में काफी
बजे थे. समीर के लिखे गीत की तर्ज़ बनाई है अन्नू मलिक ने.



गीत के बोल:

इश्क़ चाँदी है इश्क़ सोना है
सोना सोना बाबा सोना सोना बाबा
सोना सोना सोना
है जवानी तो इश्क़ होना है
है जवानी तो इश्क़ होना है

इस उमर में तो ऐसा होता है
नींद उड़ती है चैन खोता है
याद आती है जान जाती है
प्रेमी जगते हैं जग सोता है
कभी हँसना है कभी रोना है
सोना सोना बाबा सोना सोना बाबा
सोना सोना सोना
है जवानी तो इश्क़ होना है
है जवानी तो इश्क़ होना है

हम दीवानों से लोग जलते हैं
ऐसा करते हैं भाग चलते हैं
दिल जो कहता है हम वो करते हैं
इस ज़माने से हम क्या डरते हैं
इश्क़ जादू है इश्क़ टोना है
सोना सोना बाबा सोना सोना बाबा
सोना सोना सोना
है जवानी तो इश्क़ होना है
है जवानी तो इश्क़ होना है
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Ishq chandi hai-Biwi No. 1

Artists: Salman Khan, Sushmita Sen

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मनमानी से हरगिज़ ना डरो-मनपसंद १९८०

फिल्म मनपसंद के बहाने एक गंभीर कलाकार से हिंदी सिनेमा
के दर्शकों का परिचय हुआ-गिरीश कर्नाड. फिल्म में देव आनंद
और टीना मुनीम मुख्य कलाकार हैं और गिरीश कर्नाड ने इस
फिल्म में नायक के मित्र की भूमिका निभाई है.

फिल्म से एक गीत सुनते हैं किशोर का गाया हुआ जिसे लिखा
है अमित खन्ना ने और इसकी धुन तैयार की राजेश रोशन ने.
गीत में शादी ना करने के कई बढ़िया कारण बतलाये जा रहे हैं.



गीत के बोल:

मनमानी से हरगिज़ ना डरो
कभी शादी ना करो
मन मानी से हरगिज़ ना डरो
कभी शादी ना करो

अरे मरज़ी है आज कहीं बाहर खाना खायें
वो कहेगी नहीं साहब ठीक आठ बजे
घर वापस आ जायें

किताब लिये हाथ में आप चैन से बैठे हैं
मेमसाब पूछेंगी क्यों जी हमसे रूठे हैं

कभी किसी भी नारी से कर लो दो बातें
वो कहेंगी क्या इन्हीं से होती हैं छुप के मुलाक़ातें

अरे तौबा बेवक़ूफ़ी की है शादी इन्तहा
अरे औरत अपना सोचे औरों की नहीं परवाह
क्यों ठीक नहीं कहा मैने
जो जी मैं आये वो करो कभी शादी ना करो

मनमानी से हरगिज़ ना डरो
कभी शादी हां कभी शादी

ज़रा सोचिये
आराम से आप ये जीवन जी रहे हैं
पसंद का खा रहे पसंद का पी रहे हैं
अच्छा भला घर है आप का
लेकिन क्या करें
आप से जुदा हैं शौक वो गम साहब का
आते ही कहें सुनिए जी हर चीज़ को बदलो
पहले परदे फिर सोफा फिर अपना हुलिया बदलो
अजी माना तन्हाई से कभी दिल घबराएगा
जीवनसाथी की ज़रूरत महसूस कराएगा
लेकिन इस घबराहट में जो शादी कर बैठे
वो उम्र भर पछतायेगा
जीते जी अरे भाई ना मरो
कभी शादी ना करो
मनमानी से हरगिज़ ना डरो
कभी शादी ओ कभी शादी हां कभी शादी
ना बाबा ना
……………………………………………………
Manmani se hargiz na daro-Manpasand 1980

Artists: Dev Anand, Girish Karnad

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लग जा गले दिलरुबा-दस लाख १९६६

प्रेम धवन ने ऐसे बहुत से गीत लिखे जो हिट हुए. एक तेज
गति का रोमांटिक गीत सुनते हैं फिल्म दस लाख से जिसे
रफ़ी ने गाया है. इसके संगीतकार हैं रवि.

रोचकता और भौंचकता से भरपूर गीत चार मिनट की भिन्न
प्रकार की और भिन्न जंतुओं द्वारा की गयी कसरत के बाद
जो निवेदन गीत में किया जा रहा है उसके परिणाम पर खत्म
होता है-अर्थात ये है सुखान्त गीत. संगीतकार रवि ने बहुत
ज्यादा तेज गति वाले गीत नहीं बनाये हैं. ये एक अच्छे टेम्पो
वाला गीत है.

संजय खान परदे पर इस गीत को गा रहे हैं नायिका बबीता
के लिए. गाने का फिल्मांकन कमज़ोर है मगर गायन अच्छा
होने की वजह से सब ढँक जाता है.



गीत के बोल:

आ लग जा गले दिलरुबा
कहाँ रूठ के चली
ओ गुलाब की कली
तेरे कदमों में दिल है मेरा
लग जा गले दिलरुबा

ओ शोला बदन ओ ज़ोहरा जबीं
तुम गुस्से में लगती हो और हसीं
बैठा हूँ जिगर को थामे हुए
मुझ पे न गिरे ये बिजली कहीं
इतना न सितम करना
कुछ नज़र-ए-क़रम करना
देखिये दिल है नाज़ुक मेरा

लग जा गले दिलरुबा
आ लग जा गले दिलरुबा
कहाँ रूठ के चली
ओ गुलाब की कली
तेरे कदमों में दिल है मेरा
लग जा गले दिलरुबा

लग जा गले दिलरुबा   ...

इतरा के न चल बलखा के न चल
आँचल को हवा में उड़ा के न चल
बन जायेगा कोई अफ़साना
दिल को मेरे तड़पा के न चल
क्या कहने नज़ाकत के
सामान है क़यामत के
मैं तो पहली नज़र में लुटा

लग जा गले दिलरुबा
आ लग जा गले दिलरुबा
कहाँ रूठ के चली
ओ गुलाब की कली
तेरे कदमों में दिल है मेरा
लग जा गले दिलरुबा

ना इश्क हमें है दुनिया से
ना प्यार हमें है दौलत से
हमको तो मोहब्बत है ज़ालिम
तेरी भोली भाली सूरत से
पलकों पे बिठा लूँगा
सीने में छुपा लूँगा
मैं हूँ कब से दीवाना तेरा

लग जा गले दिलरुबा
आ लग जा गले दिलरुबा
कहाँ रूठ के चली
ओ गुलाब की कली
तेरे कदमों में दिल है मेरा
लग जा गले दिलरुबा
.............................................................................
Aa lag ja gale dilruba-Dus Lakh 1966

Artists: Sanjay Khan, Babeeta

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क़रीब आओ न तड़पाओ-लव मैरिज १९५९

५० के दशक के उत्तरार्ध से एक गीत सुनते हैं गीता दत्त का
गाया हुआ.

फिल्म: लव मैरिज
वर्ष: १९५९
गीतकार:शैलेन्द्र
गायिका: गीता दत्त
संगीत: शंकर जयकिशन



गीत के बोल:

क़रीब आओ न तड़पाओ
हमें कहना है कुछ तुमसे
तुम्हारे कानों में
क़रीब आओ न तड़पाओ
हमें कहना है कुछ तुमसे
तुम्हारे कानों में
क़रीब आओ

ग़म-ए-फ़ुरकत से हमें फ़ुरसत है
मेरी क़िस्मत है के आये तुम
कुछ भी न लाए तो भी क्या ग़म है
यही क्या कम है के आये तुम
यही क्या कम है के आये तुम
क़रीब आओ न तड़पाओ
हमें कहना है कुछ तुमसे
तुम्हारे कानों में
क़रीब आओ

झूमेगा ज़माना मेरी छम छम पे
आज मौसम पे जवानी है
तेरी चाहत में हाय तू न जाने
मैंने मिट जाने की ठानी है
मैंने मिट जाने की ठानी है
क़रीब आओ न तड़पाओ
हमें कहना है कुछ तुमसे
तुम्हारे कानों में
क़रीब आओ

मेरी आँखों से दिल झाँकता है
और पूछता है इशारों से
बड़े बेरहम हो ज़रा मुस्कुराओ
ज़मीं पे तो आओ सितारों से
ज़मीं पे तो आओ सितारों से
क़रीब आओ न तड़पाओ
हमें कहना है कुछ तुमसे
तुम्हारे कानों में
क़रीब आओ
…………………………………………………………….
Kareeb aao-Love marriage 1959

Artists: Dev Anand, Neeta

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