July 8, 2019

श्याम तेरी बंसी पुकारे-गीत गाता चल १९७५

श्याम की बंसी कितनी मोहक और मधुर रही होगी वो तो द्वापर
युग के भाग्यशाली लोग ही सुन पाए. उसका जो विवरण मिलता
है उससे यही मालूम होता है कि उनसे बड़ा बांसुरी बजाने वाला
सृष्टि ने न देखा और न ही आगे देखने को मिलेगा.

सुनते हैं श्याम की बंसी के विवरण वाला एक गीत सन १९७५ की
फिल्म गीत गाता चल से. इसे जसपाल सिंह और आरती मुखर्जी
ने गाया है. गीत के बोल और संगीत रवींद्र जैन के हैं. फ़िल्मी भजन
यूँ तो लोकप्रिय हो ही जाते हैं मगर इसकी बात कुछ खास है. इसके
बोल और धुन दोनों मोहक हैं.



गीत के बोल:

श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम
श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम
लोग करें मीरा को यूँ ही बदनाम
श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम
श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम
लोग करें मीरा को यूँ ही बदनाम
लोग करें मीरा को यूँ ही बदनाम

सांवरे की बंसी को बजने से काम
सांवरे की बंसी को बजने से काम
राधा का भी श्याम वो तो मीरा का भी श्याम
राधा का भी श्याम वो तो मीरा का भी श्याम

हो जमुना की लहरें बंसीबट की छैयां
किसका नहीं है कहो कृष्ण कन्हैया
जमुना की लहरें बंसीबट की छैयां
किसका नहीं है कहो कृष्ण कन्हैया
श्याम का दीवाना तो सारा बृजधाम
श्याम का दीवाना तो सारा बृजधाम
लोग करें मीरा को यूँ ही बदनाम

सांवरे की बंसी को बजने से काम
सांवरे की बंसी को बजने से काम
राधा का भी श्याम वो तो मीरा का भी श्याम
राधा का भी श्याम वो तो मीरा का भी श्याम

ओ कौन जाने बांसुरिया किसको बुलाए
जिसके मन भाये वो इसी के गुण गाये
कौन जाने बांसुरिया किसको बुलाए
जिसके मन भाये वो इसी के गुण गाये
कौन नहीं
कौन नहीं बसी की धुन का गुलाम
राधा का भी श्याम वो तो मीरा का भी श्याम

श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम
श्याम तेरी बंसी कन्हैया तेरी बंसी पुकारे राधा नाम
लोग करें मीरा को यूँ ही बदनाम
………………………………………………………
Shyam teri bansi pukare-Geet gaata chal 1975

Artists: Sachin, Sarika

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June 16, 2019

कितने अटल थे तेरे इरादे १-एक बार मुस्कुरा दो १९७२

गानों में शब्दों के भाव और धुन के बीच सामंजस्य हमेशा हो ये
ज़रूरी नहीं है. हम अक्सर ऐसे गाने गुनगुनाते हैं जिनका अर्थ
अगर हम ध्यान से समझें तो शायद उन्हें गुनगुनाने में झिझक
सी महसूस हो. हिंदी सिनेमा के गीतों में फ्यूज़न और कंफ्यूज़न
के बीच सैंकडों प्रयोग हो चुके हैं और तकरीबन अधिकांश को
जनता स्वीकार कर चुकी है. संगीतमय आम के अचार बनाने की
विधि हो तो जनता उसे भी स्वीकार कर लेगी.

संगीतकार ओ पी नैयर ने अपने कैरियर में सबसे ज्यादा सेवाएं लीं
इन गीतकारों से – एस एच बिहारी और कमर जलालाबादी.. इनके
अलावा कभी कभार ही दूसरे गीतकारों का नाम नैयर के साथ जुड़ा.
शुरूआती दौर में साहिर और मजरूह ने भी उनके साथ काफी काम
किया.

एक गाना सुनवाते हैं आपको जो शत प्रतिशत फिल्म की सिचुएशन
के हिसाब से ही बनाया गया था मगर इसकी धुन आकर्षक है
इसलिए ये अपने ज़माने में खूब सुना गया और गुनगुनाया गया. आज
भी इसे हम कभी कभार सुन पाते हैं रेडियो पर.

कुक्कू, हेलन की परंपरा में आगे की पीढ़ी में एक नाम है फरयाल.
इस गीत में आप फरयाल को नाचते हुए देख सकते हैं अभिनेता
देव मुखर्जी के साथ. गीत में एक बात बड़ी अच्छी है-साधन यानि
कि फर्नीचर, सामान इत्यादि से सुख नहीं मिलता ये तो मन का एक
ऐसा पड़ाव है जिस पर पहुँच पाना और टिक पाना हर एक के लिए
संभव नहीं. पालतू कुत्ता साधनों में नहीं आता. वो एक जीव है और
मनुष्य से ज्यादा प्रिडिक्टेबल जीव. जब दो टांग वाला कुत्ता चार टांग
वाले को सहलाता है तो उसे शांति और सुख अवश्य ही प्राप्त होता है.



गीत के बोल:

कितने अटल थे तेरे इरादे याद तो कर तू वफ़ा के वादे
तूने कहा था खा कर कसमें सदा निभाएंगे प्यार की रस्में
तू औरों की क्यूँ हो गई तू हमारी थी जान से प्यारी थी
तेरे लिए मैंने दुनिया संवारी थी
तू औरों की क्यूँ हो गई

क्या ये तेरे सुख के साधन मेरी याद को भुला सकेंगे
मेरी याद जब नींद उड़ा देगी क्या ये तुझको सुला सकेंगे
हो क्या ये तुझको सुला सकेंगे
साधन में सुख होता नहीं है सुख जीवन की एक कला है
मुझसे ही छल किया ना तूने अपने को तूने आप छला है
तू औरों की क्यूँ हो गई तू हमारी थी जान से प्यारी थी
तेरे लिए मैंने दुनिया संवारी थी
तू औरों की क्यूँ हो गई

तेरे लिए मैं लाया बहारें तेरे लिए मैं जान पे खेला
तो दिल तूने राह न देखी छोड़ के चल दी मुझे अकेला
हो छोड़ के चल दी मुझे अकेला
तेरी जुदाई मेरी चिता है गम की चिता में मैं जल रहा हूँ
मन मेरा दहके मरघट जैसा अंगारों पे मैं चल रहा हूँ
तू औरों की क्यूँ हो गई
.................................................................................
Kitne atal the tere iraade-Ek baar muskura do 1972

Artists: Dev Mukherji, Faryal, Tanuja

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May 23, 2019

ये कली जब तलक-आये दिन बहार के १९६६

कैची सॉंग्स क्या होते हैं- ये वो गाने होते हैं जिनकी धुन दिमाग
में बस जाती है और आप जिन्हें अनायास गुनगुना उठते हैं.

कभी कभी कोई गाना दिमाग में स्वतः बजने लगता है आपने ऐसा
कई बार महसूस किया होगा. इसके अलावा इन्हें एक बार सुन लो तो
थोड़ी देर आपका मन इन्हें गुनगुनाने को करेगा.

आह सुनते हैं फिल्म आप आये बहार आई से एक ऐसा ही गाना जिसे
लता मंगेशकर और महेंद्र कपूर ने गाया है.




गीत के बोल:

ये कली जब तलक फूल बन के खिले
इंतज़ार इंतज़ार इंतज़ार करो इंतज़ार करो
ये कली जब तलक फूल बन के खिले
इंतज़ार इंतज़ार इंतज़ार करो इंतज़ार करो
इंतज़ार वो भला क्या करे तुम जिसे
बेक़रार बेक़रार बेक़रार करो इंतज़ार करो 
     
प्यार में प्यार की भी इजाज़त नहीं
प्यार में प्यार की भी इजाज़त नहीं
बेरुखी है अजी ये मोहब्बत नहीं
आ रहा है मजा तुम शिकायत यही
बार बार बार बार बार बार करो इंतज़ार करो
इंतज़ार वो भला क्या करे तुम जिसे
बेक़रार बेक़रार बेक़रार करो बेक़रार करो
     
हुस्न पे तो असर होने वाला नहीं
हुस्न पे तो असर होने वाला नहीं
इश्क तुको ना कर दे दीवाना कहीं
है ये दीवानगी भी कबूल तुम अगर
हमसे प्यार हमसे प्यार हमसे प्यार करो इंतज़ार करो
ये कली जब तलक फूल बन के खिले
इंतज़ार इंतज़ार इंतज़ार करो इंतज़ार करो
   
रोज हमने बयां ये फ़साना किया
रोज हमने बयां ये फ़साना किया
रोज तुमने नया एक बहाना किया
ये बहाना मगर आखिरी है सनम
ऐतबार ऐतबार ऐतबार करो इंतज़ार करो
इंतज़ार वो भला क्या करे तुम जिसे
बेक़रार बेक़रार बेक़रार करो बेक़रार करो
इंतज़ार इंतज़ार इंतज़ार करो इंतज़ार करो
हमें प्यार हमसे प्यार हमसे प्याज करो इंतज़ार करो.
.............................................................................
Ye kali jab talak phool-Aap aaye bahar aayi 1966

Artists: Dhharmendra, Asha Parekh

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May 10, 2019

चमन के फूल भी तुझको-शिकारी १९६३

हीरो खाता पीता लागे से तो हीरोईण क्यूँ भूखी मरे ताऊ. हीरोईण
भी खाते पीते घर की होणी चाहिए से. आइये सुनें फिल्म शिकारी
का एक मधुर गीत जिसमें नायक नायिका दोनों सेहतमंद हैं.

एक ज़माना था जब हीरो मोटा हो पतला हो, हीरोईन दुबली ही दिखाई
देती मानो उसे खाना कम मिल रहा हो. फ़िल्मी हीरो की तोंद भले ही
बाहर निकल रही हो हीरोईन अकालग्रस्त इलाके में पैदा होने वाली जनता
से थोड़ी ही बेहतर नज़र आती. इस मामले में उत्तर भारतीय सिनेमा से
दक्षिण भारत का सिनेमा काफी उदार रहा.

रफ़ी और लता का गाया ये युगल गीत काफी लोकप्रिय गीत है और
इसे लिखा है फारूख कैसर ने जिसकी धुन तैयार की है जी एस कोहली
ने.




गीत के बोल:

चमन के फूल भी तुझको गुलाब कहते हैं
हमीं नहीं हैं
हमीं नहीं हैं सभी लाजवाब कहते हैं
नज़र मिला के मेरे दिल की बात पहचानो
सुना है चेहरे को
सुना है चेहरे को दिल की किताब कहते हैं
चमन के फूल भी तुझको

साज़-ए-दिल छेड़ दिया है तो ये नगमा सुन लो
बिखरी बिखरी हुई ये प्यार की किरणें चुन लो
इसी किरण को सनम आफ़ताब कहते हैं
हमीं नहीं हमीं नहीं
हमीं नहीं हैं सभी लाजवाब कहते हैं
चमन के फूल भी तुझको

आज तक देखी नहीं ऐसी दहकती आँखें
डाल दो आ के इन आँखों में छलकती आँखें
संभल के पीना इसे सब शराब कहते हैं
हमीं नहीं हमीं नहीं
हमीं नहीं हैं सभी लाजवाब कहते हैं

चमन के फूल भी तुझको गुलाब कहते हैं
हमीं नहीं हैं सभी लाजवाब कहते हैं
नज़र मिला के मेरे दिल की बात पहचानो
सुना है चेहरे को दिल की किताब कहते हैं
चमन के फूल भी तुझको
……………………………………………………………….
Chaman ke phool bhi tujhko-Shikari 1963

Artists: Ajit, Ragini

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January 18, 2019

तेरे चेहरे पे मुझे प्यार नज़र आता है-बाज़ीगर १९९३

जब प्याज महंगा हुआ तो प्याज खाने वालों को प्याज के सपने
आना शुरू हो गए. ऐसा सुना जाता था ९० के दशक के उत्तरार्ध में
कि प्याज ने तीन प्रदेशों की सरकारें गिरवा दीं. प्याज से आंसू तो
आपने निकलते देखे होंगे मगर प्याज के भावों ने भी किसी समय
आँखों से आंसू निकलवा दिए थे.

एक श्रीमान को तो जागते सोते प्याज ही दिखाई देने लगे और वे
कुछ अजीब सा कुछ कुछ करने लगे. आज जो हम गीत आपको
सुनवा रहे हैं उसमें वो प्याज शब्द फिट कर के गाया करते थे.

कुमार सानू और सोनाली वाजपेयी का गाया हुआ फिल्म बाजीगर
का गीत सुनते हैं, देव कोहली का लिखा हुआ और अन्नू मलिक द्वारा
संगीतबद्ध.




गीत के बोल:

तेरे चेहरे पे मुझे प्यार नज़र आता है
तेरे होंठों पे भी इज़हार नज़र आता है
प्यार छुपता नहीं जितना भी छुपा ले चाहे
तेरी आँखों में भी इकरार नज़र आता है
तेरी आँखों में भी इकरार नज़र आता है

तेरे चेहरे पे मुझे प्यार नज़र आता है
तेरी बातों में भी इकरार नज़र आता है
मैंने ख्वाबून में जिसकी तमन्ना की थी
तेरी सूरत में वो दिलदार नज़र आता है
तेरी सूरत में वो दिलदार नज़र आता है

तूने इस दिल में मचाई है ये कैसी हलचल
मैं तेरे प्यार में कुछ ऐसा हुआ हूँ पागल
तूने इस दिल में मचाई है ये कैसी हलचल
मैं तेरे प्यार में कुछ ऐसी हुई हूँ पागल
मैं तेरे प्यार में कुछ ऐसी हुई हूँ पागल
मुझे खुद में तेरा दीदार नज़र आता है
मुझे खुद में तेरा दीदार नज़र आता है

तेरे चेहरे पे मुझे प्यार नज़र आता है
तेरे होंठों पे भी इज़हार नज़र आता है

मेरी आँखों से यूँ नींदों को उड़ाने वाले
मेरी धडकन में यूँ चुपचाप समाने वाले
मेरी आँखों से यूँ नींदों को उड़ाने वाले
मेरी धडकन में यूँ चुपचाप समाने वाले
मेरी धडकन में यूँ चुपचाप समाने वाले
मेरी चाहत का तू हकदार नज़र आता है
मेरी चाहत का तू हकदार नज़र आता है

तेरे चेहरे पे मुझे प्यार नज़र आता है
तेरे चेहरे पे मुझे प्यार नज़र आता है
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Teri soorat mein mujhe pyaar-Baazigar 1993

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