June 24, 2018

एक बात हुई कल रात-प्रेम १९९५

संजय कपूर अनिल कपूर के छोटे भाई हैं. उन्होंने भी अपनी किस्मत
फिल्म उद्योग में आजमाई. आज उनकी पदार्पण फिल्म से ही एक और
गीत सुनते हैं.

इस गीत को नलिन दवे संग अलका याग्निक ने गाया है. गायक नलिन
की भी शायद ये पदार्पण हिंदी फिल्म थी. गीत आनंद बक्षी का है और
संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का. तो इसे सुन कर करते हैं हुई हुई




गीत के बोल:

इक बात हुई कल रात हुई
मेरे साथ हुई तेरे साथ हुई
सावन की पहली बरसात हुई
इक बात हुई कल रात हुई
मेरे साथ हुई तेरे साथ हुई
हो सावन की पहली बरसात हुई
इक बात हुई कल रात हुई
मेरे साथ हुई तेरे साथ हुई

पहले तो कभी नहीं ऐसा लगा
कुछ तेरे मेरे जैसा लगा
पहले तो कभी नहीं ऐसा लगा
कुछ तेरे मेरे जैसा लगा
तू सच कहना तुझे कैसा लगा
ओ मैं सच बोलूं मुझे ऐसा लगा मुझे ऐसा लगा
ओ जैसे किसी की बारात हुई
इक बात हुई कल रात हुई
मेरे साथ हुई तेरे साथ हुई
इक बात हुई कल रात हुई
मेरे साथ हुई तेरे साथ हुई

झुमकों ने कहा ये गजरे से
गजरे ने कहा ये कजरे से
झुमकों ने कहा ये गजरे से
गजरे ने कहा ये कजरे से
कजरे ने कहा ये पायल से
पायल ने कहा इस दुनिया से इस दुनिया से
प्रेम कथा की शुरुआत हुई
इक बात हुई कल रात हुई
मेरे साथ हुई तेरे साथ हुई
ओ सावन की पहली बरसात हुई
इक बात हुई कल रात हुई
मेरे साथ हुई तेरे साथ हुई
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Ek baat hui-Prem 1995

Artists: Sanjay Kapoor, Alka Yagnik

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June 13, 2018

बुम्बरो बुम्बरो-मिशन कश्मीर २०००

मिलेनियम वर्ष में अवतरित फिल्मों में से एक है संजय दत्त,
ऋतिक रोशन और प्रीती जिंटा अभिनीत फिल्म मिशन कश्मीर.
फिल्म के २-३ गीत अपने समय में खूब बजे थे. फिल्म में
शंकर एहसान लॉय की तिकड़ी का संगीत है. इस तिकड़ी में
एक नियमित गायक है शंकर महादेवन.

आज सुनते हैं इस फिल्म से तीन गायकों का गाया लोकप्रिय
गीत जिसमें शंकर महादेवन के संग जो बाकी के तीन ऊंचे
सुर में आवाज़ निकालने में सक्षम दो गायिकाएं भी हैं. ये हैं
जसपिंदर नरूला और सुनिधि चौहान. गीत राहत इन्दौरी का है.




गीत के बोल:

बुम्बरो बुम्बरो श्याम रंग बुम्बरो
बुम्बरो बुम्बरो श्याम रंग बुम्बरो
आये हो किस बगिया से
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ तुम
बुम्बरो बुम्बरो श्याम रंग बुम्बरो
बुम्बरो बुम्बरो श्याम रंग बुम्बरो
आये हो किस बगिया से
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ तुम

भँवरे ओ श्याम भँवरे खुशियों को साथ लाये
मेहँदी की रात में तुम ले के सौगात आये

हो काजल का रंग लाये नज़रें उतारने को
बागों से फूल लाये रस्ते संवारने को
हाँ काजल का रंग लाये नज़रें उतारने को
भागों से फूल लाये रस्ते संवारने को
हाँ मेहँदी की छांव में गीत सुनायें बुम्बरो
झूमे नाचें साज़ गायें जश्न मनाएं बुम्बरो
होए बुम्बरो बुम्बरो श्याम रंग भुस्भरो
बुम्बरो बुम्बरो श्याम रंग बुम्बरो
आये हो किस बगिया से
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ तुम

खिल खिल के लाल हुआ मेहँदी का रंग ऐसे
गोरी हथेलियों पे खिलते हो फूल जैसे
बुम्बरो बुम्बरो बुम्बरो बुम्बरो
ऐ खिल खिल के लाल हुआ मेहँदी का रंग ऐसे
गोरी हथेलियों पे खिलते हो फूल जैसे
ये रंग धुप का ये रंग छांव का है
मेहँदी का रंग नहीं माँ की दुआओं का है
इस मेहँदी का रंग है सच्चा बाकी सारे झूठे
हाथों से अब मेहँदी का ये रंग कभी ना छूटे

ओ बुम्बरो बुम्बरो श्याम रंग बुम्बरो
बुम्बरो बुम्बरो श्याम रंग बुम्बरो
आये हो किस बगिया से
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ तुम

चंदा की पालकी में दिल की मुराद लाई
जन्नत का नूर ले के मेहँदी की रात आई
मेहँदी की रात आई
चंदा की पालकी में दिल की मुराद लाई
जन्नत का नूर ले के मेहँदी की रात आई
रुख पे सहेलियों के ख्वाबों की रौशनी है
सबने दुआएं मांगी रब ने कबूल की है
ये हाथों में मेहँदी है या शाम की डाली बुम्बरो
चाँद सितारे रहकर आये रात की डाली बुम्ब्रो
ओ चंदा की पालकी में दिल की मुराद लाई
जन्नत का नूर ले के मेहँदी की रात आई
रुख पे सहेलियों के ख्वाबों की रौशनी है
सबने दुआएं मांगी रब ने कबूल की है
ये हाथों में मेहँदी है या शाम की लाली बुम्बरो
चाँद सितारे ले कर आई रात की डाली बुम्बरो

हाँ बुम्बरो बुम्बरो श्याम रंग बुम्बरो
बुम्बरो बुम्बरो श्याम रंग बुम्बरो
आये हो किस बगिया से ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ तुम
आये हो किस बगिया से
बुम्बरो बुम्बरो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ तुम
बुम्बरो बुम्बरो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ तुम
आये हो किस बगिया से
बुम्बरो बुम्बरो ओ पी क्यू
बुम्बरो बुम्बरो
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Bumbro bumbro-Mission Kashmir 2000


Artist:Preity Zinta, Hritik Roshan

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June 12, 2018

कर गया रे-बसंत बहार १९५६

जादू वो जो सर चढ के बोले. ये शब्द किसी जगह कभी मुझे
फिट लगते हैं तो कभी अनफिट. समय समय की बात है. खैर
ये सब तो चलता ही रहता है और चलता ही रहेगा.

एक गीत सुनते हैं फिल्म बसंत बहार से लता और आशा का
गाया हुआ. शैलेन्द्र के बोल हैं और शंकर जयकिशन का संगीत.
गीत में दो नायिकाएं हैं-कुमकुम और निम्मी. पिछला गीत जो
आपने सुना था वो लता का गाया और कुमकुम पर फिल्माया
गया था. इस गीत में आशा भोंसले की आवाज़ का प्रयोग किया
गया है कुमकुम के लिए.



गीत के बोल:

कर गया रे
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Kar gaya re-Basant Bahar 1956

Artists: Kumkum, Nimmi, Bharat Bhushan

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June 2, 2018

अलबेला मौसम कहता है-तोहफा १९८४

अभिवादन के शब्द हमेशा सुनने में अच्छे लगते हैं चाहे वो किसी भी
भाषा के हों, बस समझ में आना चाहिए क्या बोला जा रहा है. सुनते
हैं एक स्वागतम गीत फिल्म तोहफा से किशोर और लता का गाया
हुआ. बरसों पहले भी यह मधुर सुनाई देता था और आज भी मधुर
सुनाई देता है. इन्दीवर की रचना को सुरों में ढाला है बप्पी लहरी ने.

गीत जिन कलाकारों पर फिल्माया गया है उन्हें आप पहचान जायेंगे
ऐसी उम्मीद है.गीत में आपको फुग्गे वाली फ़िएट कार भी देखने को
मिलेगी.



गीत के बोल:

हो हो हो हो हो हो हो हो
हो हो हो हो हो हो हो हो
महकी क्यूँ गली गली
खिली क्यूँ कली कली
क्या कहती है हवा
महकी क्यूँ गली गली
खिली क्यूँ कली कली
क्या कहती है हवा
तुझे हर खुशी मिले
लंबी जिंदगी मिले
देती है ये दुआ
अलबेला मौसम कहता है स्वागतम
अलबेला मौसम कहता है स्वागतम


कौन सा है वो फूल जिससे आँगन बनता है गुलशन
जब आँचल में लाल हंसेगा घर बन जायेगा मधुबन
कौन से वो दीप हैं जिनसे डरते हैं अंधियारे
घर में उजाला भर देते हैं सुन्दर नैन तुम्हारे
सुन्दर नैन तुम्हारे

अलबेला मौसम कहता है स्वागतम
अलबेला मौसम कहता है स्वागतम

क्यूँ पूजा के बाद ही बोलो मांग भरा करते हैं
लंबी उम्र सिन्दूर की हो हम ये माँगा करते हैं
ये तो कहो जीवन के सफर की आखरी आरज़ू क्या है
तुझे पहले मैं उठ जाऊं मैंने ये सोचा है
अगले जनम में दोनों मिलेंगे अपना ये वादा है
अपना ये वादा है

अलबेला मौसम कहता है स्वागतम
अलबेला मौसम कहता है स्वागतम

महकी क्यूँ गली गली
खिली क्यूँ कली कली
क्या कहती है हवा
तुझे हर खुशी मिले
लंबी जिंदगी मिले
देती है ये दुआ
अलबेला मौसम कहता है स्वागतम
अलबेला मौसम कहता है स्वागतम
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Albela mausam kehta hai-Tohfa 1984

Artists: Jeetendra, Jaya Prada

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May 30, 2018

जा जा रे जा बालमवा-बसंत बहार १९५६


जीवन में तरह तरह के रस प्राप्त होते हैं उनमें से साहित्यिक रस
जैसे श्रृंगार रस, वीर रस इत्यादि प्राप्त होते हैं तो फलों के रस जैसे
आम का रस, गन्ने का रस भी प्राप्त होता है. रसास्वादन के लिए
सम्बंधित इंद्रिय के तंतु सक्रिय होना आवश्यक है.

सुनते हैं रस से भरपूर फिल्म बसंत बहार का क्लासिक गीत जिसे
लता मंगेशकर ने गाया है. शैलेन्द्र की रचना है और इसका संगीत
शंकर जयकिशन ने तैयार किया है. ऐसे गीतों को सुन कर फिल्म
मेरा नाम जोकर का वो गीत याद आ जाता है-जाने कहाँ गए वो
दिन.




गीत के बोल:

जा जा रे जा बालमवा
जा जा रे जा बालमवा
सौतन के संग रात बिताई
काहे करत अब झूठी बतियाँ
जा जा रे जा बालमवा
जा जा रे जा बालमवा
सौतन के संग रात बिताई
काहे करत अब झूठी बतियाँ
जा जा रे जा जा बालमवा

ग़ैर के घर करी रात जगाई
ग़ैर के घर करी रात जगाई
मोसे कहे तेरे बिना नींद न आई
मोसे कहे तेरे बिना नींद न आई
कैसो हरजाई दैया
जा जा रे जा बालमवा
जा जा रे जा बालमवा
सौतन के संग रात बिताई
काहे करत अब झूठी बतियाँ
जा जा रे जा जा बालमवा

काँधे लगा लाई बिंदिया किसी की
काँधे लगा लाई बिंदिया किसी की
जानूँ मैं चुराई तूने निंदिया किसी की
जानूँ मैं चुराई तूने निंदिया किसी की
लाज न आयी तोहे
जा रे जा जा रे जा
जा रे जा बालमवा
जा जा रे जा बालमवा
सौतन के संग रात बिताई
काहे करत अब झूठी बतियाँ
जा जा रे जा जा बालमवा
जा जा रे जा
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Ja ja re ja balmwa-Basant Bahar 1956

Artist: Kumkum

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