May 29, 2017

जा जा जा रे तुझे हम-सेहरा १९६३

सन १९६३ की फिल्म सेहरा में एक से बढ़ कर एक लाजवाब
गीत हैं. वी शांताराम की फिल्मों का संगीत भी अनूठापन लिए
होता है उनकी फिल्मों की तरह. जो कुछ दूसरे निर्देशक रिस्क
लेने से बचते थे या हैं वो सब आपको वी शांताराम की फिल्मों
में मिल जायेगा. रिस्क से यहाँ मतलब प्रयोग से है.

फिल्म से एक बड़े साइज़ का गीत सुनते हैं. ये एक युगल गीत
है लता मंगेशकर और रफ़ी का गाया हुआ. हसरत जयपुरी इसके
रचयिता हैं और रामलाल ने इसकी धुन बनाई है.




गीत के बोल:

कली कब तक छुपेगी एक भँवरे की निगाह से
चमक जाती है बिजली खुद ही इन गहरी घटाओं में
बरस पड़ती है शबनम आप ही ठण्डी फ़िज़ाओं से
अरे जा जा

जा जा जा रे तुझे हम जान गये
कितने पानी में हो पहचान गये
तुम कितने पानी में हो पहचान गये
जा जा जा रे तुझे हम जान गये

आ किनारे आ के लहरों का इशारा देखने वाले
तुझे अपनी खबर भी है नज़ारा देखने वाले
तमाशा खुद न बन जाना तमाशा देखने वाले
जा जा
जा जा जा रे तुझे हम जान गये

आ बदल कर भेस परवाने का शमा झिलमिलाती है
नशीली शाम के पर्दे में सुबह मुस्कुराती है
वो शोला हो के चिंगारी मचल कर नाच जाती है
तो धड़कते दिल से मेरे मदभरी आवाज़ आती है
जा जा अरे जा जा
जा जा जा रे तुझे हम जान गये

आ शमा से बच के रहना सारी तन मन को जला देगी
वो शोला हो के चिंगारी लगी में और लगा देगी
सुबह जब मुस्कुरायेगी तो वो तूफ़ान उठा देगी
खुलेगा शाम क पर्दा वो तुझ को भी मिटा देगी
जा जा
जा जा जा रे तुझे हम जान गये

आ ये काली रेशमी ज़ुल्फ़ें शराबी नैन के प्याले
ये दिल का हाल कह देते हैं दोनों ये ही मतवाले
नहीं डरते किसी से जीत कर भी हारने वाले
क़यामत की नज़र रखते हैं लेकिन ताड़ने वाले
जा जा
जा जा जा रे तुझे हम जान गये

आ ये ज़ुल्फ़ें तो नहीं डसने वाले नाग हैं काले
ये दो आँखें नहीं ज़हर से भरपूर हैं प्याले
तू आँखें रख के भी बेहोश है अरे ताड़ने वाले
क़यामत सामने है जान के पड़ जायेंगे लाले
जा जा
जा जा जा रे तुझे हम जान गये
..............................................................................
Ja ja ja re tujhe ham-Sehra 1963

Artists: Sandhya, Mahipal

Read more...

आ जा आई बहार-राजकुमार १९६४

सन १९६४ की फिल्म राजकुमार में शम्मी कपूर नायक
हैं. फिल्म के नाम से ऐसा लगता है मानो इसमें अभिनेता
राजकुमार ने काम किया हो.

फिल्म से एक तेज गति वाला गीत सुनते हैं साधना पर
फिल्माया गया. इसे लता मंगेशकर ने गाया है. बोल हैं
हसरत जयपुरी के और संगीत शंकर जयकिशन का.





गीत के बोल:

आ जा आई बहार  दिल है बेक़रार
ओ मेरे राजकुमार  तेरे बिन रहा न जाए
आ जा आई बहार  दिल है बेक़रार
ओ मेरे राजकुमार  तेरे बिन रहा न जाए
आ जा

जुल्फ़ों से जब भी  चले पुरवाई
जुल्फ़ों से जब भी  चले पुरवाई
तन मेरा टूटे
तन मेरा टूटे
आई अंगड़ाई
आई अंगड़ाई
देखूँ बार बार  तेरा इन्तज़ार
ओ मेरे राजकुमार  तेरे बिन रहा न जाए
आ जा आई बहार  दिल है बेक़रार
ओ मेरे राजकुमार  तेरे बिन रहा न जाए
आ जा

मन मे सुनू मैं  तेरी मुरलिया
मन मे सुनू मैं  तेरी मुरलिया
नाचूँ मैं छम-छम
नाचूँ मैं छम-छम
बाजे पायलिया
बाजे पायलिया
दिल का तार-तार  तेरी करे पुकार
ओ मेरे राजकुमार  तेरे बिन रहा न जाए
आ जा आई बहार  दिल है बेक़रार
ओ मेरे राजकुमार  तेरे बिन रहा न जाए
आ जा

जल की मछरिया  जल मे है प्यासी
जल की मछरिया  जल मे है प्यासी
खुशियों के दिन हैं
खुशियों के दिन हैं   
फिर भी उदासी
फिर भी उदासी   
ले के मेरा प्यार  आ जा अब के बार
ओ मेरे राजकुमार  तेरे बिन रहा न जाए
आ जा आई बहार  दिल है बेक़रार
ओ मेरे राजकुमार  तेरे बिन रहा न जाए
आ जा
……………………………………………………….
Aa ja aayi bahar-Rajkumar 1964

Artist: Sadhana

Read more...

देखो जी एक बाला जोगी-चाईना टाउन १९६२

हिंदी फिल्म संगीत के खजाने में हजारों गीत हैं. सबको याद रख
पाना संभव नहीं है. किसके मुखड़े में क्या बोल हैं, कौन से शब्द
हैं ये सब एक अच्छी याददाश्त वाला संगीत प्रेमी के लिए भी एक
चैलेंज जैसा है. अमूमन संगीत प्रेमी २०००-३००० तक गीतों के
मुखड़े याद रख पाते हैं और लगभग ५०० गीतों के बोल. इसके
अलावा जो बड़े बड़े दावे करने वाले हैं वो सब बकवास है.

सुनते हैं फिल्म  चाईना टाउन से एक युगल गीत मीनू पुरुषोत्तम
और रफ़ी का गाया हुआ. मजरूह सुल्तानपुरी के बोल हैं और रवि
का संगीत.



गीत के बोल:

देखो जी एक बाला जोगी मतवाला जोगी
द्वार तेरे आयो री
देखो जी एक बाला जोगी

आया हूँ द्वार तेरे मिलने की आस लिए
तेरे दरस की मैं अँखियों में प्यास लिए
नैनों के पट खोल दीवानी
कुछ तो बोल दीवानी
मुखड़ा काहे छुपायो रे
देखो जी एक बाला जोगी

न किसी देस का है न किसी गाँव का है
मिलने का सहारा ले के इकतारा ले के
मन का राग सुनायो री
देखो जी एक बाला जोगी

काहे ये रूप धरा कोई न भेद जाने
तू मेरी मैं तेरा यह दुनिया माने न माने
मैने तो तेरा हो के दीवाना देखा सारा ज़माना
चैन कहीं ना पायो री
देखो जी एक बाला जोगी
...........................................................................
Dekho ji ek bala jogi-China Town 1962

Artists: Shammi Kapoor, Shakila

Read more...

May 28, 2017

आ गए मोरे पिया-नवेली १९५२

हर चीज़ जब नयी नयी आती है तब जनता उसे नयी नवेली
कहती है. नवेली शब्द अक्सर नयी नवेली दुल्हन के साथ ही
प्रयुक्त होता है. अंग्रेजी के शब्द नॉवेल और नवेली के बीच कुछ
कनेक्शन सा है.

गीत सुनते हैं सन १९५२ की फिल्म नवेली से जिसे नजीर जाफरी
ने लिखा और इकबाल कुरैशी ने स्वरबद्ध किया. मुनव्वर सुल्ताना
ने इसे गाया है.

एक डिक्लेरेशन सोंग जैसा कुछ है जिसमें बताया जा रहा है कि
पिया आ गए, मानो ये नहीं बताया जाता तो जनता को पता
चलता ही नहीं.



गीत के बोल:

आ गये मोरे पिया
नाच रहा है मोरा जिया
प्यार ने दिल ले लिया
जीने न दिया
हाय लूट लिया
आ गये मोरे पिया
नाच रहा है मोरा जिया
प्यार ने दिल ले लिया
जीने न दिया
हाय लूट लिया

आ गये मोरे पिया

आ गई हैं काली रातें काली रातें
झूम रही हैं बरसातें बरसातें
आ गई हैं काली रातें काली रातें
झूम रही हैं बरसातें बरसातें
भोलेपन की बातें याद आयें पिया
हाय लूट लिया
भोलेपन की बातें याद आयें पिया
हाय लूट लिया

जान लगी घबराने
प्यार लगा पछताने
कौन हमारा ग़म जाने
याद ना तूने किया
हाय लूट लिया

आ गये मोरे पिया
……………………………………………..
Aa gaye more piya-Naveli 1952

Read more...

May 27, 2017

मैंने इक गीत लिखा है-ये नजदीकियां १९८२

एक समय था जब हमें कोई फिल्म समझ नहीं आती
तो हम उसे ऑफ-बीट कह लेते. इसमें कुछ अंग्रेजी की
फ़िल्में भी शामिल होतीं जो सर के ऊपर से जातीं.

समय के साथ साथ हमारे ज्ञान चक्षु खुलते चले और
हम आर्ट फिल्म और ऑफ-बीट इत्यादि फिल्मों में
अंतर कर सकने में सक्षम हो गए.

आज आपको सुनवाते हैं सन १९८२ की चर्चित फिल्म
ये नजदीकियां से एक गीत जो शबाना आज़मी पर
फिल्माया गया है. जे पी दीक्षित नाम के गीतकार ने
इसे लिखा है और रघुनाथ सेठ ने इसे संगीतबद्ध किया
है. गायक स्वर अनुराधा पौडवाल का है.



गीत के बोल:

इक गीत लिखा है  जो तुमको सुनना है
मैंने इक गीत लिखा है  जो तुमको सुनाती हूँ
सोये हुए रंगीन ख़्वाबों को  साँसों से सजाती हूँ
मैंने इक गीत लिखा है  जो तुमको सुनाती हूँ
सोये हुए रंगीन ख़्वाबों को  साँसों से सजाती हूँ

हँसते हुए फूलों पे  ठहरी हुई शबनम है
ये कौन सा नग़मा है  ये कौन सी सरगम है
हँसते हुए फूलों पे  ठहरी हुई शबनम है
ये कौन सा नग़मा है  ये कौन सी सरगम है
इक साज़ जो गुमसुम है  मैं उसको जगाती हूँ

मैंने इक गीत लिखा है  जो तुमको सुनाती हूँ
सोये हुए रंगीन ख़्वाबों को  साँसों से सजाती हूँ
मैंने इक गीत लिखा है

ये धूप खटकती सी  सोये हुए साये हैं
ये धूप खटकती सी  सोये हुए साये हैं
किस देश से चल कर ये  इस देश में आये हैं
मैं इनकी सदा बनकर उस पार से आती हूँ
साँसों में समाती हूँ

मैंने इक गीत लिखा है  जो तुमको सुनाती हूँ
सोये हुए रंगीन ख़्वाबों को  साँसों से सजाती हूँ
मैंने इक गीत लिखा है

इक प्यार की सिहरन है  मदमस्त फुहारों में
इक शोख शरारत है  रंगीन नज़ारों में
इक प्यार की सिहरन है  मदमस्त फुहारों में
इक शोख शरारत है  रंगीन नज़ारों में
इस प्यार के साग़र में  मौजों को उठाती हूँ

मैंने इक गीत लिखा है  जो तुमको सुनाती हूँ
सोये हुए रंगीन ख़्वाबों को  साँसों से सजाती हूँ
मैंने इक गीत लिखा है
.................................................................
Maine ek geet likha hai-Ye nazdeekiyan 1982

Artists: Shabana Azmi, Pomerian Dog, Unknown Face

Read more...
© Geetsangeet 2009-2016. Powered by Blogger

Back to TOP