September 22, 2017

जीवदानी हो मैया-माता भजन

सपना अवस्थी का गाया एक माता भजन सुनते हैं.इसके बोल
प्रदीप सिन्हा के हैं और संगीत भी उन्हीं का है.



भजन के बोल:

बोल लिखने में मदद अपेक्षित है.

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Jeevdani ho maiya-Mata bhajan

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September 21, 2017

तूने मुझे बुलाया शेरा वालिये-आशा १९८०

नवरात्रि के शुब अवसर पर सुनते हैं फिल्म आशा से देवी भजन.
इसे नरेन्द्र चंचल और रफ़ी ने गाया है.

आनंद बक्षी के बोल हैं और लक्ष्मी प्यारे का संगीत.




गीत के बोल:

साँची जोतों वाली माता
तेरी जयजयकार
तूने मुझे बुलाया शेरा वालिये
मैं आया  मैं आया शेरा वालिये
ओ जोताँ वालिये पहाड़ा वालिये
ओ मेहराँ वालिये
ओ तूने मुझे बुलाया शेरा वालिये
मैं आया  मैं आया शेरा वालिये

सारा जग है एक बंजारा
सारा जग है एक बंजारा
सबकी मंज़िल तेरा द्वारा
ऊँचे पर्वत लम्बा रस्ता
ऊँचे पर्वत लम्बा रस्ता
पर मैं रह न पाया शेरा वालिये
तूने मुझे बुलाया शेरा वालिये
मैं आया  मैं आया शेरा वालिये

सूने मन में जल गई बाती
तेरे पथ में मिल गए साथी
तेरे पथ में मिल गए साथी
मुँह खोलूँ क्या तुझसे माँगूँ
मुँह खोलूँ क्या तुझसे माँगूँ
बिन माँगे सब पाया शेरा वालिये
तूने मुझे बुलाया शेरा वालिये
मैं आया  मैं आया शेरा वालिये

कौन है राजा कौन भिखारी
कौन है राजा कौन भिखारी
एक बराबर तेरे सारे पुजारी
एक बराबर तेरे सारे पुजारी
तूने सबको दर्शन दे के
तूने सबको दर्शन दे के
अपने गले लगाया शेरा वालिये
तूने मुझे बुलाया शेरा वालिये
मैं आया  मैं आया शेरा वालिये

ओ प्रेम से बोलो
जय माता दी
ओ सारे बोलो
जय माता दी
ओ आते बोलो
जय माता दी
ओ जाते बोलो
जय माता दी
ओ कष्ट निवारे
जय माता दी
ओ पार उतारे
जय माता दी
ऐसी माँ भोली
जय माता दी
भर दे झोली
जय माता दी
ओ तेरे दर पर
जय माता दी
माँ देगी दर्शन
जय माता दी
ओ जय माता दी
जय माता दी
पहाड़ाँ वाली की जय
वैष्णो देवी की जय
अम्बे रानी की जय
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Toone mujhe bulaya sherawaliye-Asha 1980

Artists: Jeetendra

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September 20, 2017

चाँद मेरा दिल चाँदनी हो तुम-हम किसी से कम नहीं १९७७

फिल्म हम किसी से कम नहीं में काफ़ी सारे गीत हैं. २-३ गीत मिला
के कुछ बनाया गया था जिसे जनता कोम्पिटीशन या मेडले जैसा कुछ
कहती है. उसी का एक हिस्सा है रफ़ी का ये गीत.

आज सुनते है इसे जिसे मजरूह ने लिखा है और आर डी बर्मन ने
संगीत से संवारा. पाठक सोचते होंगे ये संवारा, सजाया इत्यादि शब्द
बारम्बार क्यूँ आते हैं पोस्ट में. इसका जवाब ये है जब आप रेडियो
पर किसी कार्यक्रम में इन्हें बार बार सुन कर बोर नहीं होते है तो
यहाँ भी नहीं होना चाहिए.



गीत के बोल:

चाँद मेरा दिल  चाँदनी हो तुम
चाँद से है दूर  चाँदनी कहाँ
लौट के आना  है यहीं तुमको
जा रहे हो तुम  जाओ मेरी जां

वैसे तो हर क़दम  मिलेंगे लोग सनम
मिलेगा सच्चा प्यार मुश्किल से
दिल की दोस्ती  खेल नहीं कोई
दिल से दिल है मिलता यार मुश्किल से
यही तो है सनम  प्यार का ठिकाना
मैं हूँ  मैं हूँ  मैं हूँ
चाँद मेरा दिल  चाँदनी हो तुम
चाँद से है दूर  चाँदनी कहाँ
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Chand mera dil-Hum kisi se kam nahin 1977

Artist: Tariq

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September 19, 2017

अरे दीवानों मुझे पहचानो-डॉन १९७८

सन १९७८ की महानायक अभिनीत चर्चित फिल्म से एक गीत
सुनते हैं. ये फिल्म का शीर्षक गीत भी है. अनजान का लिखा
गीत है जिसे किशोर कुमार ने गाया है कल्याणजी आनंदजी की
धुन पर.

७० के दशक का उत्तरार्ध अमिताभ के नाम कहा जा सकता है.
इस दौर में उनकी कई बड़ी हिट फ़िल्में आयीं और इन फिल्मों
के कई हिट गीत भी जनता ने सुने. इनमें से अधिकांश गाने
किशोर की आवाज़ में ही हैं. ये बात तकरीबन उन सभी फिल्मों
पर लागू होती है जिनमें कल्याणजी आनंदजी या आर डी बर्मन
का संगीत है.




गीत के बोल:

अरे दीवानों मुझे पहचानों कहाँ से आया मैं हूँ कौन
अरे दीवानों मुझे पहचानों कहाँ से आया मैं हूँ कौन
मैं हूँ कौन मैं हूँ कौन
मैं हूँ मैं हूँ मैं हूँ मैं हूँ कौन
डॉन डॉन डॉन डॉन डॉन
मैं हूँ मैं हूँ मैं हूँ मैं हूँ डॉन

अरे तुमने जो देखा है सोचा है समझा है जाना है
वो मैं नहीं वो मैं नहीं
लोगों की नज़रों ने मुझको यहाँ जो भी माना है
वो मैं नहीं वो मैं नहीं
आवारा बादल को सौदाई पागाल को दुनिया में समझा है कौन
अरे दीवानों मुझे पहचानों कहाँ से आया मैं हूँ कौन

अरे यारों का वो यार हूँ यारी में जाँ लुटा दे जो
मैं हूँ वही मैं हूँ वही
दुश्मन का दुश्मन हूँ वो दुश्मन के छक्के छुड़ा दे जो
मैं हूँ वही मैं हूँ वही
तुम जानो ना जानो मैने तो जाना है महफ़िल में कैसा है कौन
अरे दीवानों मुझे पहचानों कहाँ से आया मैं हूँ कौन

अरे मैने क्या सोचा है क्या ख़्वाब है मेरी आँखों में
तुम जानो ना तुम जानो ना
मैने भी बदला है क्या रंग बातों ही बातों में
तुम जानो ना तुम जानो ना
चेहरे पे चेहरा है परदे पे परदा है दुनिया में समझा है कौन
अरे दीवानों मुझे पहचानों कहाँ से आया मैं हूँ कौन
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Are deewano mujhe pehchano-Don 1978

Artists: Amitabh Bachchan

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September 18, 2017

आ आ जा दिखाऊँ तुझे-लाल पत्थर १९७१

फिल्म रेड स्टोन से एक गीत सुनते हैं आशा भोंसले की आवाज़
में. फिल्म से दो गीत आप पहले सुन चुके हैं इधर. ये फिल्म से
तीसरा गीत हम आपको सुनवा रहे हैं.

गीत एक मुजरानुमा गीत है जिसे आशा भोंसले ने गाया है. इसे
हसरत जयपुरी ने लिखा है और संगीत शंकर जयकिशन का है.
   




गीत के बोल:

आ आ जा आ आ जा
आ आ जा दिखाऊँ तुझे जन्नत की शाम
आ आ जा दिखाऊँ तुझे जन्नत की शाम
ज़ुल्फ़ों की छैंया में कर ले आराम
ज़ुल्फ़ों की छैंया में कर ले आराम
आ आ जा आ आ जा
आ आ जा दिखाऊँ तुझे जन्नत की शाम
आ आ जा दिखाऊँ तुझे जन्नत की शाम

जो रंग मेरे बदन में है वो गुलों में कहाँ
महक उठी है ये महफ़िल अजब गुलाब हूँ मैं
मेरी अदा मेरी पायल ये गीत मस्ताने
मेरा जवाब नहीं हाय लाजवाब हूँ मैं
आँखें मिला के पी ले आँखों के जाम
आँखें मिला के पी ले आँखों के जाम

आ आ जा आ आ जा
आ आ जा दिखाऊँ तुझे जन्नत की शाम
आ आ जा दिखाऊँ तुझे जन्नत की शाम

जहाँ में आये हो कुछ रोज़ ऐश कर जाओ
न जाने कल ये ज़माना रहे रहे न रहे
ये ज़िंदगी है बड़ी बेवफ़ा तुम्हारी क़सम
न जाने कल ये तराना रहे रहे न रहे
देखा जायेगा जो होगा अंजाम
देखा जायेगा जो होगा अंजाम

आ आ जा आ आ जा
आ आ जा दिखाऊँ तुझे जन्नत की शाम
आ आ जा दिखाऊँ तुझे जन्नत की शाम
ज़ुल्फ़ों की छैंया में कर ले आराम
ज़ुल्फ़ों की छैंया में कर ले आराम
आ आ जा आ आ जा
आ आ जा दिखाऊँ तुझे जन्नत की शाम
आ आ जा दिखाऊँ तुझे जन्नत की शाम
………………………………………………………..
Aa aa ja dikhaoon tujhe-Lal Patthar 1971

Artists: Raj Kumar, Padma Khanna

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आ मेरी जान मैं खड़ी हूँ यहाँ-गूँज १९७४

सन ७४ की फिल्म गूँज से एक गीत सुनते हैं. हिंदी फिल्मों
में भूतिया गीतों में गूँज होना ज़रूरी है. इस गीत को सुन कर
किसी जानकार संगीत प्रेमी को अनुमान हो जायेगा कि यह
फिल्म में किस परिस्थिति में फिल्माया गया होगा.

गीत फिल्माया गया है रीना रॉय पर. गीत में आपको फिल्म
के एक नायक राकेश रोशन भी दिखलाई देंगे. गीत के दूसरे
अंतरे के बाद आपको फिल्म के दूसरे नायक महेंद्र संधू के
भी दर्शन हो जायेंगे.

मजरूह का गीत है और आर डी बर्मन का संगीत. आनंद उठायें
इस मधुर गीत का.





गीत के बोल:

आ मेरी जाँ
आ मेरी जाँ मैं खड़ी हूँ यहाँ
हाय तेरी नज़र भटकती है कहाँ
आ मेरी जाँ मैं खड़ी हूँ यहाँ
हाय तेरी नज़र भटकती है कहाँ
आ मेरी जाँ

रुत जुदाई की आँखों में छाई है
मिलन का मौसम हो ओ ओ कहाँ खो गया
अभी तो जी भर के हो ओ ओ  दिल भी नहीं धड़के
और बिछड़ गये हम हो ओ ओ ये क्या हो गया
रह गई प्यार की अधूरी दास्ताँ

आ मेरी जाँ मैं खड़ी हूँ यहाँ
हाय तेरी नज़र भटकती है कहाँ
आ मेरी जाँ

कभी बहकती हूँ कभी सँभलती हूँ
माथे से बिंदिया भी हो ओ ओ गिरी टूट के
टूट गया सपना हो ओ ओ कोई नहीं अपना
चल दिया साथी हो ओ ओ मुझे लूट के
गई बहार रह गया सुलगता आशियाँ

आ मेरी जाँ मैं खड़ी हूँ यहाँ हो ओ ओ
हाय तेरी नज़र भटकती है कहाँ
आ मेरी जाँ

मुझे लगे ऐसे कोई नयन जैसे
छुप के अँधेरे में हो ओ ओ निहारे मुझे
जैसे कोई दुश्मन हो ओ ओ जैसे कोई क़ातिल
बाँहों के घेरे में हो ओ ओ पुकारे मुझे
रात है मैं हूँ और ये सूनी वादियाँ

आ मेरी जाँ मैं खड़ी हूँ यहाँ हो ओ ओ
हाय तेरी नज़र भटकती है कहाँ
आ मेरी जाँ
आ मेरी जाँ
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Aa meri jaan main khadi hoon-Goonj 1974

Artists: Reena Roy, Rakesh Roshan

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भोर भये पनघट पे-सत्यम शिवम सुंदरम १९७८

सत्यम शिवम सुन्दरम से एक गीत सुनते हैं लता मंगेशकर की
आवाज़ में. आनंद बक्षी की रचना है और लक्ष्मी प्यारे का संगीत.
गौरतलब है लता मंगेशकर ने सबसे ज्यादा गीत जिस गीतकार
के गाये हैं वो हैं आनंद बक्षी. इनमें से चार सौ से ऊपर गीत तो
ऐसे हैं जो लक्ष्मी प्यारे के संगीत निर्देशन में हैं.

इस फिल्म के अधिकांश गीत पॉपुलर और हिट हैं. सबसे ज्यादा
तो फिल्म का शीर्षक गीत ही बजा है.

राज कपूर की फिल्मों में आपको पानी से भीगी हीरोईन ज़रूर
दिखाई देगी. इस गीत में भी ऐसा कुछ है. नायक नायिका की
आवाज़ सुन कर सुन्दरम की तलाश में निकल पड़ता है. आगे
का हाल खुद गीत में मालूम करें.



गीत के बोल:

खिले हैं आशा के फूल मन में
ये राज़ उनसे छुपाया हमने
कदम मुबारक हमारे दर पे
नसीब अपना जगाया हमने

भोर भये पनघट पे मोहे नटखट श्याम सताये
भोर भये पनघट पे मोहे नटखट श्याम सताये
मोरी चुनरिया लिपटी जाये
मैं का करूँ हाय राम हाय हाय
भोर भये पनघट पे मोहे नटखट श्याम सताये
मोरी चुनरिया लिपटी जाये
मैं का करूँ हाय राम हाय हाय
भोर भये पनघट पे

कोई सखी सहेली नाहीं संग मैं अकेली
कोई देखे तो ये जाने
पनिया भरने के बहाने
गगरी उठाये राधा श्याम से
हाय हाय श्याम से मिलने जाये हाय
भोर भये पनघट पे मोहे नटखट श्याम सताये
भोर भये पनघट पे

आये पवन झकोरा टूटे अंग अंग मोरा
चोरी चोरी चुपके चुपके
बैठा कहीं पे वो छुप के
देखे मुस्काये निरलज को
निरलज को लाज न आये हाय
भोर भये पनघट पे मोहे नटखट श्याम सताये
भोर भये पनघट पे

मैं न मिलूँ डगर में तो वोह चला आये घर में
मैं दूँ गाली मैं दूँ झिड़की
मैं ना खोलूँ बंद खिड़की
निंदिया जो आये तो वो कंकर
हाय हाय कंकर मार जगाये हाय

भोर भये पनघट पे मोहे नटखट श्याम सताये
मोरी चुनरिया लिपटी जाये
मैं का करूँ हाय राम हाय हाय
भोर भये पनघट पे
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Bhor bhaye panghat pe-Satyam Shivam Sundaram 1978

Artist: Zeenat Aman, Shashi Kapoor

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