Showing posts with label Miss Kamal. Show all posts
Showing posts with label Miss Kamal. Show all posts

Aug 19, 2018

इस दुनिया की पगडण्डी पर-आम्रपाली १९४५

सन १९४५ की फिल्म आम्रपाली से एक गीत सुनते हैं
जो अमीरबाई कर्नाटकी का गाया हुआ है. इसे लिखा
है कवि प्रदीप ने और क्रेडिट्स में मिस कमल का
नाम है. देशभक्ति वाले गीत अंग्रेजों को पसंद नहीं
आते थे अतः प्रदीप को ये काम करना पड़ा. ऐसा
मैंने कहीं पढ़ा है.



गीत के बोल:

इस दुनिया की पगडण्डी पर
तुम्हीं हो मेरे साथी
इक तुम्हीं हो मेरे साथी
मेरे धुंधले जीवन-पथ पर
तुम ओजा की बाती
इक तुम्हीं हो मेरे साथी

तुम हो मेरे दिन के सूरज
मेरी रात के चन्दा
तुम ने मुझको बाँध लिया है
डाल प्रेम का फ़न्दा
मेरे राजकुमार हँसो
मैं तुम पे बालि बालि जाती
इक तुम्हीं हो मेरे साथी

इस विशाल संसार में मैं इक अकेली
काँप रही थी मेरी जीवनवेली
लेकिन जिस दिन तुमको पाया
मैंने मन को धीर बँधाया
अपने घर को स्वर्ग समझ
मैं फूले नहीं समाती
इक तुम्हीं हो मेरे साथी
…………………………………..
Is duniya ki pagdandi par-Amrapali 1945

Artist:

Read more...

Jun 19, 2016

ओ प्रेम दीवानी-कादंबरी १९४४

उस समय शायद पंकज मालिक की आवाज़ की दीवानगी काफी
थी. इस गीत को सुन कर अंदाजा लग जायेगा आपको. ये है
सन १९४४ की फिल्म कादंबरी का गीत जिसे मन्ना डे गा रहे
हैं. हरि प्रसन्न दास इसके संगीतकार हैं और कोई मिस कमल
ने इसके गीत लिखे हैं. 

फिल्म में पहाड़ी सान्याल, शांता आप्टे, जीवन और जगदीश सेठी
प्रमुख कलाकार हैं. श्वेत श्याम युग के कई संगीतकार और गीतकार
ऐसे हैं जिनपर चर्चा अभी हमने शुरू भी नहीं की. बिना पुराने
ज़माने के गीतों के शौकीनों के बिना चर्चा में आनंद नहीं आता.
फिर भी हम आपको बीच बीच में ऐसे गीत सुनवा दिया करते हैं




गीत के बोल:

ओ प्रेम दीवानी
प्रेम दीवानी संभल के चलना
ओ प्रेम दीवानी
प्रेम दीवानी संभल के चलना
बहुत दिनों के बाद
बहुत दिनों के बाद
आज तुमको पिया से मिलना
तुमको पिया से मिलना
प्रेम दीवानी
प्रेम दीवानी संभल के चलना
ओ प्रेम दीवानी

कदम कदम को देख सलोनी
रतियाँ बोले हैं तू देख सलोनी
कदम कदम को देख सलोनी
रतियाँ बोले हैं तू देख सलोनी
आज सदा के लिए सुहागन
जीवन तुम्हें बदलना
जीवन तुम्हें बदलना
प्रेम दीवानी
प्रेम दीवानी संभल के चलना
ओ प्रेम दीवानी

फूले हुए हैं चाँद सितारे
बोले हैं ये सजन तुम्हारे
फूले हुए हैं चाँद सितारे
बोले हैं ये सजन तुम्हारे
कर सोलह सिंगार आज तुम
कर सोलह सिंगार आज तुम
चलो तुम चलो तुम चलो बलमा
प्रेम दीवानी
प्रेम दीवानी संभल के चलना
ओ प्रेम दीवानी
प्रेम दीवानी संभल के चलना
ओ प्रेम दीवानी
.......................................................................
O prem deewani-Kadambari 1944

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP