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Aug 22, 2011

छोटी छोटी गैया-कृष्ण भजन

कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर अगला भजन प्रस्तुत है
मृदुल कृष्ण शास्त्री की आवाज़ में। इस भी आपने एक ना एक बार
अवश्य ही सुना होगा। काफी प्रसिद्ध भजन है ये।




भजन के बोल:

छोटी छोटी गैयाँ छोटे छोटे ग्वाल
छोटी छोटी गैयाँ छोटे छोटे ग्वाल
छोटो सो मेरो मदन गोपाल
छोटो सो मेरो मदन गोपाल

छोटी छोटी गैयाँ छोटे छोटे ग्वाल
छोटो सो मेरो मदन गोपाल
अरी छोटो सो मेरो मदन गोपाल

आगे आगे गैयाँ पीछे पीछे ग्वाल
आगे आगे गैयाँ पीछे पीछे ग्वाल
आगे आगे गैयाँ पीछे पीछे ग्वाल
आगे आगे गैयाँ पीछे पीछे ग्वाल
बीच में मेरो मदन गोपाल
बीच में मेरो मदन गोपाल

छोटी छोटी गैयाँ छोटे छोटे ग्वाल
छोटी छोटी गैयाँ छोटे छोटे ग्वाल
छोटो सो,छोटो सो,
छोटो सो मेरो मदन गोपाल
छोटो सो मेरो मदन गोपाल

छोटी छोटी गैयाँ छोटे छोटे ग्वाल
छोटी छोटी गैयाँ छोटे छोटे ग्वाल
छोटो सो मेरो मदन गोपाल
अरी छोटो सो मेरो मदन गोपाल

छोटी छोटी सखियाँ मधुबन बाग़
छोटी छोटी सखियाँ मधुबन बाग़
छोटी छोटी सखियाँ मधुबन बाग़
छोटी छोटी सखियाँ मधुबन बाग़
रास रचावे मेरो मदन गोपाल
रास रचावे मेरो मदन गोपाल
रास रचावे मेरो मदन गोपाल

छोटी छोटी गैयाँ छोटे छोटे ग्वाल
छोटी छोटी गैयाँ छोटे छोटे ग्वाल
छोटो सो,छोटो सो,
छोटो सो मेरो मदन गोपाल
छोटो सो मेरो मदन गोपाल

छोटी छोटी गैयाँ छोटे छोटे ग्वाल
छोटी छोटी गैयाँ छोटे छोटे ग्वाल
छोटो सो मेरो मदन गोपाल
अरी छोटो सो मेरो मदन गोपाल
...................................
Chhoti chhoti gaiya-Krishna bhajan

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अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो -भजन

जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर आइये एक फिल्मों से बाहर
का एक भजन सुनें. इसे गाया है लखबीर सिंह “लक्खा” ने.
लखबीर देवी भजन गा गा कर प्रसिद्द हुए हैं. देवी भजन गाने
के बाद उन्होंने जो भजन गाये उनमें से ये बहुत सुना गया और
आपको कई धार्मिक प्रवृत्ति के लोगों के मोबाईल की रिंग टोन
के रूप में ये बजता मिल जायेगा. भजन में कृष्ण सुदामा मिलन
का उल्लेख है




भजन के बोल:

देखो देखो ये गरीबी ये गरीबी का हाल
कृष्ण के द्वार पे विश्वास ले के आया हूँ
मेरे बचपन का यार है मेरा श्याम
यही सोच कर में आस कर के आया हूँ

अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो
अरे द्वारपालों उस कन्हैया से कह दो
के दर पे सुदामा गरीब आ गया है
के दर पे सुदामा गरीब आ गया है

हाँ, भटकते भटकते ना जाने कहाँ से
भटकते भटकते ना जाने कहाँ से
तुम्हारे महल के करीब आगया है
तुम्हारे महल के करीब आगया है

हे, अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो
के दर पे सुदामा गरीब आ गया है
के दर पे सुदामा गरीब आ गया है

ना सर पे है पगड़ी ना तन पे है जामा
बता दो कन्हैया को नाम है सुदामा,हाँ हाँ हाँ
बता दो कन्हैया को नाम है सुदामा,हाँ हाँ हाँ
बता दो कन्हैया को नाम है सुदामा

ना सर पे है पगड़ी ना तन पे है जामा
बता दो कन्हैया को नाम है सुदामा
हो ओ ओ ओ ओ
ना सर पे है पगड़ी ना तन पे है जामा
बता दो कन्हैया को नाम है सुदामा, हो हो हो
बता दो कन्हैया को नाम है सुदामा

एक बार मोहन से जा कर के कह दो
तुम एक बार मोहन से जा कर के कह दो
के मिलने सखा बदनसीब आ गया है
के मिलने सखा बदनसीब आ गया है

हाँ, अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो
के दर पे सुदामा गरीब आ गया है
के दर पे सुदामा गरीब आ गया है

सुनते ही दौड़े चले आये मोहन
लगाया गले से सुदामा को मोहन
हाँ लगाया गले से सुदामा को मोहन
लगाया गले से सुदामा को मोहन
ओ सुनते ही दौड़े चले आये मोहन
लगाया गले से सुदामा को मोहन

ओ सुनते ही दौड़े चले आये मोहन
लगाया गले से सुदामा को मोहन, हाँ हाँ हाँ
लगाया गले से सुदामा को मोहन

हुआ रुक्मिणी को बहुत ही अचम्भा
हुआ रुक्मिणी को बहुत ही अचम्भा
ये मेहमान कैसा अजीब आ गया है
ये मेहमान कैसा अजीब आ गया है

हाँ, हुआ रुक्मिणी को बहुत ही अचम्भा
ये मेहमान कैसा अजीब आ गया है
ये मेहमान कैसा अजीब आ गया है
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Are dwarpalon Kanhaiya se keh do-Bhajan

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Nov 11, 2010

मोको कहाँ ढूंढें रे बन्दे-भजन

मानव ईश्वर को गली-गली, जंगल-जंगल मंदिर-मंदिर
ढूंढता फिरता है। इस पर संत कबीर ने कुछ कहा है।
आइये सुनें भूपेंद्र की आवाज़ में एक गैर फ़िल्मी भजन।
ये एक समय आकाशवाणी पर भक्ति संगीत और गैर
फ़िल्मी गीतों के कार्यक्रम में खूब बजा करता था।
भूपेंद्र की आवाज़ में जो गंभीर माधुर्य है वो इस भजन
को विशिष्ट बना देती है।





गीत के बोल:

मो को कहाँ ढूंढे रे बन्दे
मैं तो तेरे पास में

मो को कहाँ ढूंढे रे बन्दे
मैं तो तेरे पास में

मोको कहाँ ढूंढे रे बन्दे

ना तीरथ में ना मूरत में
ना एकांत निवास में
ना मंदिर में ना मस्जिद में
ना कशी कैलाश में

मो को कहाँ ढूंढे रे बन्दे

ना मैं जप में ना मैं तप में
ना मैं बरत उपवास में
ना मैं किरया करम में रहता
ना मैं रहता जोग संन्यास में

मो को कहाँ ढूंढे रे बन्दे

खोजी होए तुरत मिल जाऊं
इक पल की तलास में
कहत कबीर सुनो भई साधो
मैं तो हूँ विश्वास में

मो को कहाँ ढूंढे रे बन्दे
मैं तो तेरे पास में

मो को कहाँ ढूंढे रे बन्दे

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