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Apr 11, 2018

एक नहीं दो नहीं तीन नहीं-चार चाँद १९५३

एक नहीं दो नहीं शब्दों से शुरू होने वाला एक गीत आपने
सुना ८० के दशक की फिल्म से. अब सुनते हैं एक गीत जो
५० के दशक की फिल्म से है.

गीत गाया है जावर हुसैन और शमशाद बेगम ने. ए. करीम
ने गीत के बोल लिखे हैं और इस गीत का संगीत तैयार किया
है नाशाद ने. गीत फिल्म का शीर्षक गीत भी है.





गीत के बोल:

एक नहीं दो नहीं तीन नहीं चार चाँद
जीवन में तुमने लगा दिये चार चाँद
चार चाँद चार चाँद
एक नहीं दो नहीं तीन नहीं चार चाँद
जीवन में तुमने लगा दिये चार चाँद
चार चाँद चार चाँद

सब कुछ मैं भूल गयी जब तुमको पा लिया
हो ओ ओ जब तुमको पा लिया
सब कुछ मैं भूल गयी जब तुमको पा लिया
दुनिया के झगडों से खुद को छुडा लिया
हो खुद को छुडा लिया
नैना मिला के जो तुम आज मुस्कुरा दिये
जीवन में तुमने लगा दिये चार चाँद
चार चाँद

एक नहीं दो नहीं तीन नहीं चार चाँद
जीवन में तुमने लगा दिये चार चाँद
चार चाँद चार चाँद

बिछड़े दिलों को मिलाने तुम आये हो
खुशियों की दुनिया को संग संग लायी हो
संग संग लायी हो
सूने महल के मेरे भाग जगमगा दिये चार चाँद
जीवन में तुमने लगा दिये चार चाँद
चार चाँद

एक नहीं दो नहीं तीन नहीं चार चाँद
जीवन में तुमने लगा दिये चार चाँद
चार चाँद चार चाँद

चन्दा सा मुखडा है बातों में प्यार है
चढती जवानी है सोलह सिंगार है
हो सोलह सिंगार है
दीपक उम्मीदों के तुमने जला दिये चार चाँद
जीवन में तुमने लगा दिये चार चाँद
चार चाँद

एक नहीं दो नहीं तीन नहीं चार चाँद
जीवन में तुमने लगा दिये चार चाँद
चार चाँद चार चाँद चार चाँद चार चाँद
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Ek nahin do nahin teen nahin-Char chand 1953

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