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Jan 28, 2020

हम प्यार करेंगे-धुन १९५३

बनाने के लिए कुछ बनाना है. वो फलों वाला बनाना
नहीं, वो तो बना बनाया आता है. उसका रंग और स्तिथि
बदलती रहती है बस. हम तो बॉलीवुड में बनने वाली
तरह तरह की चीज़ों के बारे में ज्यादा बात करते हैं.

फ़िल्मी गीत अक्सर स्तिथि अनुसार बनते हैं-फिल्म में
कहानी की मांग अनुसार. वैसे कहानी की मांग अगर
स्नानघर में गाने की होगी तो कभी कभी उसे रसोई में
फिल्मा दिया जाता है. गीत में अगर साबुन शैम्पू का जिक्र
हो तो उसे बदल कर मिर्ची धनिया करने में कितनी
देर लगती है? किसी किसी कहानी में गीत की ज़रूरत
नहीं होती तो भी उसमें गीत ठूंसे जाते हैं.

दरअसल हम जनता की आदत हो चुकी है बिना गाने
फ़िल्में नहीं भातीं. इसी वजह से हम डाक्यूमेंट्री जैसी
फ़िल्में नहीं देखते. एक समय जबरन सिनेमा घर वाले
दिखला दिया करते थे फिल्मों के शुरू में और इंटरवल
में वरना पब्लिक तो वो चीज़ देखना ज्यादा पसंद करती
है जिसमें दिमाग कम खपाना पड़े.

एक दूसरे किस्म का वर्ग भी है जो क्या देखना है
क्यों देखना है कब तक देखना है इन बातों पर दिमाग
नहीं खपाते. कृषि दर्शन के ज़माने से हमें ऐसे प्राणी
मिलना शुरू हो गए जो एकटक टेलेविज़न स्क्रीन की
तरफ ऐसे देखते थे मानो उसमें से असली फसल
निकल के आने वाली हो. उडती मक्खी उनकी नाक
में से घुस के मुंह से निकल जाया करती और मजाल
कि थोबडा ज़रा भी हिल जाए.

आज का गीत सुनते हैं जिसमें धुन के पक्के लोग
कुछ कर रहे हैं या करने का उपक्रम तो हो ही रहा है.
भरत व्यास ने फिल्म का शीर्षक गीत में ला दिया है.
ऐसे गीत भरत व्यास की कलम से कम ही निकले होंगे.
इस गीत को हेमंत कुमार और लता मंगेशकर ने गाया
है मदन मोहन की धुन पर.



गीत के बोल:

हम प्यार करेंगे हम प्यार करेंगे
हम लड़ के झगड़ के भी प्यार करेंगे
एक बार करेंगे दो बार करेंगे
सौ बार सौ बार सौ बार करेंगे
हम प्यार करेंगे हम प्यार करेंगे

गर सारे सारे दिन हम आ न सके
गर सारे सारे दिन हम आ न सके
वादा कर के भी अपना निभा न सके
वादा कर के भी अपना निभा न सके
सारी सारी रात तेरा इंतज़ार करेंगे
सारी सारी रात तेरा इंतज़ार करेंगे
एक बार करेंगे दो बार करेंगे
सौ बार सौ बार सौ बार करेंगे

हम प्यार करेंगे हम प्यार करेंगे

हम लाज के मारे मर जायेंगे
हम लाज के मारे मर जायेंगे
पर सामने न तेरे कभी आयेंगे
पर सामने न तेरे कभी आयेंगे
छुप छुप के तेरा दीदार करेंगे
छुप छुप के तेरा दीदार करेंगे
एक बार करेंगे दो बार करेंगे
सौ बार सौ बार सौ बार करेंगे

हम प्यार करेंगे हम प्यार करेंगे

हमें लगे हैं बड़ा इस दुनिया के डर
कहीं प्यार को हमारे लग जाये न नज़र
हमें लगे हैं बड़ा इस दुनिया के डर
कहीं प्यार को हमारे लग जाये न नज़र
हम चोरी-चोरी यूँ ही तक़रार करेंगे
हम चोरी-चोरी यूँ ही तक़रार करेंगे
एक बार करेंगे दो बार करेंगे
सौ बार सौ बार सौ बार करेंगे

हम प्यार करेंगे हम प्यार करेंगे
हम लड़ के झगड़ के भी प्याज करेंगे
एक बार करेंगे दो बार करेंगे
सौ बार सौ बार सौ बार करेंगे
हम प्यार करेंगे हम प्यार करेंगे
……………………………………………………..
Ham pyar karenge-Dhun 1953

Artists:

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Oct 21, 2019

जो खुशी से चोट खाये-दिल-ए-नादान १९५३

शकील बदायूनीं की ही लिखी एक और रचना
सुनते हैं. उम्दा किस्म की कविता और शायरी
सुन लो तो दिल गार्डन गार्डन हो जाता है और
फिर एक सिलसिला सा शुरू हो जाता है बढ़िया
संगीत के टुकड़ों को सुनने और आनंद लेने का.

ये है तलत महमूद की आवाज़ में सन १९५३ की
फिल्म दिल-ए-नादान का गीत जिसे संगीतबद्ध
किया है गुलाम मोहम्मद ने.




गीत के बोल:

तेरी खातिर सितम दिल पे गवारा कर लिया मैंने
कहा किसने मुहब्बत से किनारा कर लिया मैंने

जो खुशी से चोट खाये
वो जिगर कहाँ से लाऊं
वो जिगर कहाँ से लाऊं
किसी और को जो देखे
वो नजर कहाँ से लाऊं
वो नजर कहाँ से लाऊं
जो खुशी से चोट खाये

मुझे तेरी आरज़ू है
मेरे दिल में तू ही तू है
मेरे दिल में तू ही तू है
बसे गैर जिसमें आ कर
मैं वो घर कहाँ से लाऊं
मैं वो घर कहाँ से लाऊं
जो खुशी से चोट खाये

तेरी बेरुखी पे सदके
तेरी हर अदा पे कुर्बां
तेरी हर अदा पे कुर्बां
करे और को जो सजदे
मैं वो सर कहाँ से लाऊं
मैं वो सर कहाँ से लाऊं

जो खुशी से चोट खाये
वो जिगर कहाँ से लाऊं
वो जिगर कहाँ से लाऊं
जो खुशी से चोट खाये
…………………………………………………
Jo khushi se chot kha le-Dil-e-nadaan 1953

Artist: Talat Mehmood

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Aug 1, 2019

नैनों से नैन हुए चार-औरत १९५३

ऑंखें २ से चार क्या हुईं दिल आ गया जो कहीं घूमने गया था
या फिर किसी और ख्याल में खोया था. बन गया आम का अचार
और दिल आ गया. गीत की एक लाइन है-बातें बड़ी है मजेदार,
तो हमारा भी कुछ फ़र्ज़ बनता है मजेदार बातें करने का.

सुनते हैं सन १९५३ की फिल्म औरत से खुशनुमा गीत जिसे लिखा
है हसरत जयपुरी ने. गायिका लता मंगेशकर हैं और इस गीत को
परदे पर गाने वाली नायिका को आप पहचानिये.




गीत के बोल:

नैनों से नैन हुए चार आज मेरा दिल आ गया
नैनों से नैन हुए चार आज मेरा दिल आ गया
अरमान पे छाई है बहार आज मेरा दिल आ गया

घूंघट से झांके मेरे दिल के इशारे
मेरे दिल के इशारे
धडकन में आन बसे कोई बन के हमारे
कोई बन के हमारे
दुल्हन बनेगा मेरा प्यार आज मेरा दिल आ गया
नैनों से नैन हुए चार आज मेरा दिल आ गया

घर में ही आज मेरे गुलशन खिला है
देखो गुलशन खिला है
कहने की बात नहीं हीरा मिला है
मुझे हीरा मिला है
बातें बड़ी हैं मजेदार आज मेरा दिल आ गया
नैनों से नैन हुए चार आज मेरा दिल आ गया

उल्फत का साज़ छेड़े चाहत का गीत है
ये चाहत का गीत है
नगमें ये बोल उठे ये तेरी ही जीत है
ये तेरी ही जीत है
खुशियाँ मनाएंगे हज़ार आज मेरा दिल आ गया
नैनों से नैन हुए चार आज मेरा दिल आ गया
अरमान पे छाई है बहार आज मेरा दिल आ गया
.......................................................................................
Nainon se nain hue char-Aurat 1953

Artist: Poornima

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Jul 31, 2019

दर्द-ए-जिगर ठहर ज़रा-औरत १९५३

दर्द-ए-दिल और दर्द-ए-जिगर वाले कई गीत बने हैं फिल्मों के लिए.
दर्द-ए-liver के ऊपर थोड़े कम गीत बने हैं. शरीर की लेबोरेट्री के pain
को समर्पित गीतों में प्रस्तुत गीत ऊंचा स्थान रखता है.

फिल्म का नाम है औरत. सन १९५३ की इस फिल्म से आप पूर्व
में कुछ गीत सुन चुके हैं. गीत लिखा है शैलेन्द्र ने और इसे गाया
है लता मंगेशकर ने शंकर जयकिशन की धुन पर.



गीत के बोल:

दर्द-ए-जिगर ठहर ज़रा 
दर्द-ए-जिगर ठहर ज़रा 
दम तो मुझे लेने दे दम तो मुझे लेने दे
जिसने मिटाया है मुझे उसको दुआ देने दे
उसको दुआ देने दे
दर्द-ए-जिगर ठहर ज़रा

दिल की लगी क्या है जान लूं तो बहुत अच्छा हो
मैं जो घुट घुट के जान दूं तो बहुत अच्छा हो
मैं जो घुट घुट के जान दूं तो बहुत अच्छा हो
कल जहाँ बसाया था कल जहाँ बसाया था
आज मिटा लेने दे आज मिटा लेने दे
दर्द-ए-जिगर ठहर ज़रा

मेरी बर्बाद मोहब्बत ना कर किसी से गिला
ना कर किसी से गिला
वफ़ा का इस जहाँ में है तो बस यही है सिला
वफ़ा का इस जहाँ में है तो बस यही है सिला
हो यही है सिला
ए मेरी लगी तू मुझे ए मेरी लगी तू मुझे
अपनी सजा लेने दे अपनी सजा लेने दे
दर्द-ए-जिगर ठहर ज़रा

बुत न जगे मेरी मायूस सदा लौट आई
लिपट के मुझसे रो रही है मेरी तन्हाई
लिपट के मुझसे रो रही है मेरी तन्हाई
कब तलक जले ये शमा कब तलक जले ये शमा
अब तो बुझा लेने दे अब तो बुझा लेने दे
दर्द-ए-जिगर ठहर ज़रा
दर्द-ए-जिगर ठहर ज़रा
………………………………………………………
Dard-e-dil thahar zara-Aurat 1953

Artist:

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Jul 26, 2019

आँखों आँखों में-औरत १९५३

सन १९५३ की फिल्म औरत से एक और नायब गीत सुनते हैं
इसे बीना रॉय और प्रेमनाथ पर फिल्माया गया है. गीत कुछ
खास है इस मायने में कि ये खेमचंद प्रकाश, अनिल बिश्वास और
सी रामचंद्र के संगीत स्कूलों की दीवारों का स्पर्श करता चलता है.
गाने का मीटर, पैरामीटर, किलोमीटर सब कुछ वैसा ही है जैसा
५० के दशक के प्रमुख संगीतकार प्रयोग में लाया करते थे.

है ना दुर्लभ गीत जो तीन संगीतकारों की याद दिलाता है. वैसे इसे
सुन के मुझे तो विंटेज रोशन की याद भी आने लगती है.

हसरत जयपुरी के बोल हैं और शंकर जयकिशन का संगीत. गायिका
की आवाज़ तो आप पहचान ही गए होंगे.



गीत के बोल:


आँखों आँखों में
आँखों आँखों में तुमको छुपा के देख लिया
आँखों आँखों में
दिल की दुनिया में तुमको बुला के देख लिए
आँखों आँखों में

कसम वफ़ा की
कसम वफ़ा की तुम्हें हम भी पा के मानेंगे
कसम वफ़ा की तुम्हें हम भी पा के मानेंगे
हम अपने आप को तुमपे मिटा के मानेंगे
हम अपने आप को तुमपे मिटा के मानेंगे
तेरी उल्फत में
तेरी उल्फत में दिल को जला के देख लिया
आँखों आँखों में

तुम्हारे दर्द को दिल से लगाये बैठे हैं
तुम्हारे दर्द को दिल से लगाये बैठे हैं
नज़र का तीर कलेजे पे खाए बैठे हैं
नज़र का तीर कलेजे पे खाए बैठे हैं
कैसे भूलेंगे
कैसे भूलेंगे तुमको भुला के देख लिया
आँखों आँखों में

तुझे खबर नहीं
तुझे खबर नहीं रोज़े अजर पे शैदा हूँ
तुझे खबर नहीं रोज़े अजर पे शैदा हूँ
मेरा तो प्यार मज़हब निराले दुनिया हूँ
मेरा तो प्यार मज़हब निराले दुनिया हूँ
देखो देखो जी
देखो देखो जी दामन बचा के देख लिया
आँखों आँखों में
आँखों आँखों में तुमको छुपा के देख लिया
आँखों आँखों में
.................................................................
Aankhon aankhon mein-Aurat 1953

Artists: Premnath, Beena Rai

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Jan 17, 2019

मुझे देखो हसरत की तसवीर हूँ मैं-बाज़ १९५३

तलत महमूद के अधिकाँश गीत कलेक्टर्स आइटम होते
हैं. ये बात पुराने संगीत के रसिकों से बेहतर कौन समझ
सकता है.

नैयर के संगीत में तलत महमूद के गाये गीत रेयर की
श्रेणी में आते हैं. इसके अलावा सोने की चिड़िया में
तलत के गाये गाने हैं. कुल जमा तीन फ़िल्मी गाने याद
आते हैं.

ये उम्दा गीत मजरूह सुल्तानपुरी की कलम से निकला है.
वीडियो गाने में एक अंतरा कम है नंबर दो वाला.





गीत के बोल:

मुझे देखो हसरत की तसवीर हूँ मैं
मुझे देखो हसरत की तसवीर हूँ मैं
जो बन बन के बिगड़ी वो तक़दीर हूँ मैं
मुझे देखो हसरत की तसवीर हूँ मैं

गिरा जो ज़मीं पर मैं हूँ इक वो आँसू
मैं हूँ इक वो आँसू
गिरा जो ज़मीं पर मैं हूँ इक वो आँसू
मैं हूँ इक वो आँसू
मिली ख़ाक़ में ऐसी तदबीर हूँ मैं
जो बन बन के बिगड़ी वो तक़दीर हूँ मैं

मुझे देखो हसरत की तसवीर हूँ मैं

नहाया हुआ हूँ खुद अपने लहू में
खुद अपने लहू में
नहाया हुआ हूँ खुद अपने लहू में
खुद अपने लहू में
मगर फिर भी बेरंग तसवीर हूँ मैं
जो बन बन के बिगड़ी वो तक़दीर हूँ मैं

मुझे देखो हसरत की तसवीर हूँ मैं

चला मैं तो अहले वतन खुश रहो तुम
रहो खुश रहो तुम
चला मैं तो अहल-ए-वतन खुश रहो तुम
रहो खुश रहो तुम
न बैठा निशाने पे वो तीर हूँ मैं
जो बन बन के बिगड़ी वो तक़दीर हूँ मैं

मुझे देखो हसरत की तसवीर हूँ मैं
………………………………………………….
Mujhe dekho hasrat ki tasveer-Baaz 1953

Artist: Guru Dutt

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Jan 12, 2019

ए दिल ए दीवाने-बाज़ १९५३

सन १९५३ की फिल्म बाज़ से एक गीत सुनते हैं. फिल्म का
नाम बाज़ की जगह चील होता तब भी क्या ये चलती. नाम
में क्या है, कहानी में दम होना चाहिए. असल बात तो ये हैं
फिल्म बनाने वालों में से अधिकाँश को मालूम नहीं होता कौन
सी फिल्म हिट होगी और क्यूँ. वैसे इस फिल्म का नाम १९५३
की सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्मों में नहीं है.

फिल्म का नाम अलग हो तो पहले ये देखना होता है कि
फिल्म किसने बनाई कहीं वो किसी ज़माने में मिटटी का तेल
तो नहीं बेचता था, पैसे इकट्ठे हो गए तो फिल्म बना डाली.
फिल्म लाइन में पैसा लगाने वाले फाइनेंसर की भी बहुत
चलती है और कभी कभी उसके आगे निर्माता और निर्देशक
दोनों सायलेंसर हो जाते हैं.

फिल्म बाज़ एच जी फिल्म्स द्वारा निर्मित फिल्म है जिसका
निर्देशन गुरु दत्त ने किया है. उन्होंने खुद एक्टिंग भी की है.

महा-फिल्म शोले को शुरू में जनता ने खारिज कर दिया था.
क्या हुआ उसके बाद, शादी के रिसेप्शन में गाने की जगह
डायलॉग बजते मिलते थे-कितने आदमी थे, सूरमा भोपाली के
डायलॉग या ‘सुअर के बच्चों’. गब्बर का ये हाथ मुझे दे दे
ठाकुर. यह पहली ऐसी हिंदी फिल्म बनी जिसके संवादों का
बाकायदा एल पी रिकॉर्ड रिलीज़ हुआ. बॉलीवुड के इतिहास में
कहा जाने लगा-शोले के पहले और शोले के बाद. वैसे एक
बार और सिप्पी टीम को धन्यवाद देना चाहूँगा इस फिल्म
के लिए. फिल्म के टाइटल म्यूज़िक के लिए आर डी बर्मन
को भी.

फिल्म के नाम का क्या है. कुत्ते को प्यास क्यूँ लगी रख लो.
पैसे आने चाहिए बस. दर्शन, आकर्षण, प्रदर्शन गया भाड़ में.
सालों से जनता बेवकूफ बनती आ रही है इन फ़िल्मी सितारों
के चक्कर में. दरअसल हम इन्हें अपना आइडल मान लेते हैं.
इस देश में भगवान की पूजा के बाद शायद इन्हीं की पूजा
सबसे ज्यादा होती है.

सुनते हैं गीत जिसे लिखा है मजरूह सुल्तानपुरी ने और जिसकी
धुन तैयार की है ओ पी नैयर ने. इसे गीता दत्त ने गाया है.





गीत के बोल:

ए दिल ए दीवाने
ए दिल ए दीवाने
ए दिल ए दीवाने
आग लगा ली क्यूँ दामन में
ओ ज़ालिम चाहत के बहाने
ए दिल ए दीवाने

जुर्म नहीं था दिल का लगाना
समझा कब नादान ज़माना
जुर्म नहीं था दिल का लगाना
समझा कब नादान ज़माना
एक नज़र और कितनी बातें
एक नज़र और कितनी बातें
एक खामोशी लाख फ़साने

ए दिल ए दीवाने
आग लगा ली क्यूँ दामन में
ओ ज़ालिम चाहत के बहाने
ए दिल ए दीवाने

ये तो नहीं है तेरी मंज़िल
दूर बहुत है अपना साहिल
ये तो नहीं है तेरी मंज़िल
दूर बहुत है अपना साहिल
अरमानों की नाज़ुक कश्ती
अरमानों की नाज़ुक कश्ती
लगी है तूफ़ां से टकराने

ए दिल ए दीवाने
आग लगा ली क्यूँ दामन में
ओ ज़ालिम चाहत के बहाने
ए दिल ए दीवाने
…………………………………………………
Ae dil ae dil deewane-Baaz 1953

Artist: Geeta Bali

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Jul 11, 2018

बड़ी मुश्किल से दिल की बेकरारी को-नगमा १९५३

सन १९५३ की फिल्म नगमा से एक और अविस्मरणीय
गीत सुनते हैं शमशाद बेगम की आवाज़ में. ये गाना
पिछले की तुलना में थोडा ज्यादा बजा हुआ है.

बेकरारी शब्द काफी बेकरार करता है जनता को प्यार,
बुखार और आम के अचार की तरह.

गाने सुनना है तो नामचीनों के चक्कर में मत पडो.
जो कान को अच्छा लगे उसे सुन लो.

इस गाने के गीतकार नक्शब है और संगीतकार नाशाद.



गीत के बोल:

बड़ी मुश्किल से दिल की बेकरारी को करार आया
बड़ी मुश्किल से
बड़ी मुश्किल से दिल की बेकरारी को करार आया
के जिस जालिम ने तड़पाया उसी पर मुझको प्यार आया
बड़ी मुश्किल से
बड़ी मुश्किल से दिल की बेकरारी को करार आया
बड़ी मुश्किल से

इरादे छूटने वाले ना अरमान टूटने वाले
इरादे छूटने वाले ना अरमान टूटने वाले
मुझे तुझपे यकीन है मेरा दिल लूटने वाले
मुझे तुझपे यकीन है मेरा दिल लूटने वाले
तुझे मेरी मोहब्बत
तुझे मेरी मोहब्बत का न अब तक ऐतबार आया

बड़ी मुश्किल से
बड़ी मुश्किल से दिल की बेकरारी को करार आया
बड़ी मुश्किल से

मोहब्बत राज़ है ये राज़ ना बातों में खुल जाये
मोहब्बत राज़ है ये राज़ ना बातों में खुल जाये
बहुत रोका बहुत चाहा ना लब पर दिल की बात आये
बहुत रोका बहुत चाहा ना लब पर दिल की बात आये
मगर फिर भी तुम्हारा
मगर फिर भी तुम्हारा नाम लब पर बार बार आया

बड़ी मुश्किल से
बड़ी मुश्किल से दिल की बेकरारी को करार आया
के जिस जालिम ने तड़पाया उसी पर मुझको प्यार आया
बड़ी मुश्किल से
बड़ी मुश्किल से दिल की बेकरारी को करार आया
बड़ी मुश्किल से

इसी सूरत से बाकी जिंदगी के दिन भी कट जायें
इसी सूरत से बाकी जिंदगी के दिन भी कट जायें
घडी भर के लिए ऐ काश वो घड़ियाँ पलट आयें
घडी भर के लिए ऐ काश वो घड़ियाँ पलट आयें
वो घडियां जो मेरा दिल
वो घडियां जो मेरा दिल तेरी महफ़िल में गुज़ार आया

बड़ी मुश्किल से
बड़ी मुश्किल से दिल की बेकरारी को करार आया
के जिस जालिम ने तड़पाया उसी पर मुझको प्यार आया
बड़ी मुश्किल से
………………………………………………
Badi mushkil se dil ki bekarari ko-Naghma 1953

Artists:

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Apr 11, 2018

एक नहीं दो नहीं तीन नहीं-चार चाँद १९५३

एक नहीं दो नहीं शब्दों से शुरू होने वाला एक गीत आपने
सुना ८० के दशक की फिल्म से. अब सुनते हैं एक गीत जो
५० के दशक की फिल्म से है.

गीत गाया है जावर हुसैन और शमशाद बेगम ने. ए. करीम
ने गीत के बोल लिखे हैं और इस गीत का संगीत तैयार किया
है नाशाद ने. गीत फिल्म का शीर्षक गीत भी है.





गीत के बोल:

एक नहीं दो नहीं तीन नहीं चार चाँद
जीवन में तुमने लगा दिये चार चाँद
चार चाँद चार चाँद
एक नहीं दो नहीं तीन नहीं चार चाँद
जीवन में तुमने लगा दिये चार चाँद
चार चाँद चार चाँद

सब कुछ मैं भूल गयी जब तुमको पा लिया
हो ओ ओ जब तुमको पा लिया
सब कुछ मैं भूल गयी जब तुमको पा लिया
दुनिया के झगडों से खुद को छुडा लिया
हो खुद को छुडा लिया
नैना मिला के जो तुम आज मुस्कुरा दिये
जीवन में तुमने लगा दिये चार चाँद
चार चाँद

एक नहीं दो नहीं तीन नहीं चार चाँद
जीवन में तुमने लगा दिये चार चाँद
चार चाँद चार चाँद

बिछड़े दिलों को मिलाने तुम आये हो
खुशियों की दुनिया को संग संग लायी हो
संग संग लायी हो
सूने महल के मेरे भाग जगमगा दिये चार चाँद
जीवन में तुमने लगा दिये चार चाँद
चार चाँद

एक नहीं दो नहीं तीन नहीं चार चाँद
जीवन में तुमने लगा दिये चार चाँद
चार चाँद चार चाँद

चन्दा सा मुखडा है बातों में प्यार है
चढती जवानी है सोलह सिंगार है
हो सोलह सिंगार है
दीपक उम्मीदों के तुमने जला दिये चार चाँद
जीवन में तुमने लगा दिये चार चाँद
चार चाँद

एक नहीं दो नहीं तीन नहीं चार चाँद
जीवन में तुमने लगा दिये चार चाँद
चार चाँद चार चाँद चार चाँद चार चाँद
.....................................................
Ek nahin do nahin teen nahin-Char chand 1953

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Apr 8, 2018

काहे जादू किया मुझको इतना बता-नगमा १९५३

एक संगीतकार थे-शौकत देहलवी नाशाद जिन्होंने श्वेत श्याम
युग की कुछ फिल्मों में संगीत दिया. नाशाद का संगीत काफी
मधुर है. आपको फिल्म बारादरी के गीत तो याद होंगे ही.

आपको आज एक मधुर युगल गीत सुनवाते हैं फिल्म नगमा
से शमशाद बेगम और अमीरबाई कर्नाटकी का गाया हुआ. इस
गीतों को लिखा है नक्शब ने.



गीत के बोल:

काहे जादू किया मुझको इतना बता जादूगर बालमा
जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा
मुझको अपनी ख़बर है ना दिल का पता जादूगर बालमा
जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा
काहे जादू किया मुझको इतना बता जादूगर बालमा
जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा

ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
क्यों नज़र से न अब तक नज़र मिल सकी
ओ ओ ओ ना नज़र मिल सकी
दिल के परदे ही परदे में बिजली गिरी
आ के बिजली गिरी
होश उड़ने लगे तूर जलने लगा
जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा
काहे जादू किया मुझको इतना बता जादूगर बालमा
जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा

ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
फिर वही धुन सुना फिर वही गीत गा
हो ऑ ऑ फिर वही गीत गा
ऐसा नग़मा था सीने से दिल खिंच गया
हाय दिल खिंच गया
मुझको तड़पाने वाले हो तेरा भला
जादूगर बालमा जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा
हो जादूगर बालमा
…………………………………………………………………
Kaahe jadoo kiya mujhko itna bata-Naghma 1953

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Mar 24, 2018

आ सपने तुझे बुलाएँ-हमदर्द १९५३

किसी गाने की कभी कभी यूँ तारीफ करने का मन करता है-
वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह
वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह
वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह
वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह
वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह
वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह
वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह

एक कवि समेलन में मंच पर बैठे कवि ने किसी दूसरे कवि की
रचना की तारीफ में ९६ बार वाह वाह की लगातार जैसे सुई अटक
गयी हो. हमने सोचा जब कोई अति गदगद हो जाता है तब ऐसे
ही वाह वाह कर उठता है. हमने दो बार ज्यादा कर दी इधर.

सुनते हैं गीता दत्त का गाया फिल्म हमदर्द का गीत जिसे लिखा है
प्रेम धवन ने और जिसकी धुन तैयार की है अनिल बिश्वास ने.
गीत में संगीत ज्यादा है और बोल कम.




गीत के बोल:

आ सपने तुझे बुलाएँ आ जा आ आ जा
आ सपने तुझे बुलाएँ आ जा आ आ जा

गोरी गोरी गरम गरम बाहों में
काली काली जुल्फों की घटाओं में
मुस्कुराती गुनगुनाती प्यार की फिजाओं में

आ सपने तुझे बुलाएँ आ जा आ आ जा
आ

हुस्न की जहाँ हैं मेहरबानियाँ
इश्क कहता है जहाँ कहानियां
खेलती जवानियों से है जहाँ जवानियाँ

आ सपने तुझे बुलाएँ आ जा आ आ जा
आ

गैर की निगाहों से बचा लूंगी आ
………………………………………………………………..
Aa sapne tujhe bulayen-Hamdard 1953

Artist: Smriti Biswas

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Mar 15, 2018

ला दे मोहे बालमा आसमानी चूडियाँ-रेल का डिब्बा १९५३

फिल्म का नाम ऐसा है जो आपको भारतीय रेल की याद ताज़ा
करवाएगा. कई पैसे वाले दावा करते हैं कि वे रेल से सफर नहीं
किया करते. उन्हें शायद रेलगाड़ी की शक्ल देखे ही अरसा बीत
चुका है. इसलिए याद ताजा करवाने की बात की गयी ऊपर.

ऐसा कुछ इसलिए भी है क्यूंकि रईसी आजकल सड़कों पर और
वायुयान में उछल उछल कर, कूद कूद कर चल रही है. कई तो
ऐसे हैं जो दावा करते हैं कि उन्होंने गांव कि यात्राएं भी ऐसी-
वेसी कार से या हेलिकॉप्टर से की है, चाहे उधर जाने को सड़क
हो या ना हो. कुछ तो ऐसे अपग्रेड हुए हैं कि साइकिल भी नहीं
देखी और सीधे बैठ गए २० लाख की एस यू वी में. क्या इसे
डिजिटल क्रान्ति का असर माना जाए?

गीत सुनते हैं जिसे शमशाद बेगम और रफ़ी ने गाया है. इस गीत
में चूडियों का जिक्र है अतः इसे आप ‘चूडियाँ हिट्स’ की श्रेणी में
भी रख सकते हैं. शकील बदायूनीं का लिखा गीत है जिसकी तर्ज़
बनाई है गुलाम मोहम्मद ने.

   


   
गीत के बोल:

ला दे मोहे बालमा आसमानी चूड़ियाँ
जी आसमानी चूड़ियाँ  ओ ओ ओ ओ ओ
दिल को मेरे भायें ना ये पुरानी चूड़ियाँ
जी ये पुरानी चूड़ियाँ
ला दे मोहे बालमा आसमानी चूड़ियाँ
ओ ओ ओ ओ ओ
दिल को मेरे भायें ना ये पुरानी चूड़ियाँ
जी ये पुरानी चूड़ियाँ

अजी भर के नज़र देख लो इधर चूड़ियों की तुम करो न फ़िकर
भूल न जाना दिल को लेकर घायल मन है ज़ख़्मी जिगर
जब से लड़ी तुम से नज़र हम हैं उधर तुम हो जिधर
आओ जी कर ले मिल के गुज़र दुनिया को हो न मगर
तेरे मेरे दिल की ख़बर
तेरे लिये लाऊँगा मन लुभानी चूड़ियाँ
जी मन लुभानी चूड़ियाँ

ला दे मोहे बालमा आसमानी चूड़ियाँ
ओ ओ ओ ओ ओ
दिल को मेरे भायें ना ये पुरानी चूड़ियाँ
जी ये पुरानी चूड़ियाँ

भोले पिया मेरा जिया तुम ने लिया है
भोले पिया मेरा जिया तुम ने लिया है
अजी तुमने हमें हमने तुम्हें प्यार किया है
अजी तुमने हमें हमने तुम्हें प्यार किया है

तुम्हें छोड़ के बलम जायेंगे न हम खाये हुए हैं प्यार की क़सम
रोएगा न दिल खाएँगे न ग़म कोई न होगा दिल पे सितम
तुम ही पिया तुम ही सनम रखना मेरी लाज शरम
तेरे ही दम से है मेरा दम लागी हो देखो न कम
साथ मिल के छम छमा छम
दे दे मुझे प्यार की तू निशानी चूड़ियाँ
जी तू निशानी चूड़ियाँ

ला दे मोहे बालमा आसमानी चूड़ियाँ
जी आसमानी चूड़ियाँ  ओ ओ ओ ओ ओ
दिल को मेरे भायें ना ये पुरानी चूड़ियाँ
जी ये पुरानी चूड़ियाँ

आ हा तेरे लिये लाऊँगा मन लुभानी चूड़ियाँ
जी मन लुभानी चूड़ियाँ
…………………………………………………………………..
Laa de mohe baalma-Rail ka dibba 1953

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Feb 25, 2018

मासूम दिल की हाँ पे-माशूका १९५३

रोशन के संगीत की फुल वैराइटी मालूम करना हो तो आपको
उनकी पुरानी फिल्मों के गीत भी अवश्य सुनना चाहिए. पिछले
पोस्ट में जगजीत सिंह के गीत के साथ ही ये गीत भी याद
आ गया मुकेश का जो फिल्म माशूका के लिए उन्होंने गाया
था. फिल्म माशूका के साउंड-ट्रेक में विभिन्न प्रकार के गीत
मौजूद हैं. 
   
शैलेन्द्र की रचना है अर्थात इस गीत को शैलेन्द्र ने लिखा है.
मुखड़े के पहले दो पंक्तियाँ हैं जो शायद उस समय का ट्रेंड था.
आपको उस समय के बहुतेरे गीतों में ऐसा मिलेगा.





गीत के बोल:

ज़मीं भी चुप है आसमाँ भी चुप है
किसी की दुनिया उजड़ रही है
बता ऐ मालिक ये कैसी क़िस्मत
जो बनते बनते बिगड़ रही है

मासूम दिल की हाँ पे ना कह दिया किसी ने
और बस इसी बहाने ग़म दे दिया किसी ने

बाद-ए-सबा जो आई और फूल मुस्कुराये
फूल मुस्कुराये
बाद-ए-सबा जो आई और फूल मुस्कुराये
फूल मुस्कुराये
सहला के ज़ख़्म मेरे बहला दिया किसी ने
और बस इसी बहाने ग़म दे दिया किसी ने

मालूम क्या था हमको है रंज-ओ-ग़म की दुनिया
रंज-ओ-ग़म की दुनिया
मालूम क्या था हमको है रंज-ओ-ग़म की दुनिया
रंज-ओ-ग़म की दुनिया
सौ सौ सितम उठाये दो दिन की ज़िन्दगी में
और बस इसी बहाने ग़म दे दिया किसी ने

मासूम दिल की हाँ पे ना कह दिया किसी ने
…………………………………………………
Masoom dil ki haan pe-Mashooqa 1953

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Feb 14, 2018

याद तेरी जिंदगी का-लैला मजनू १९५३

सन १९५३ की फिल्म लैला मजनू से एक गीत सुनते हैं. एक पोस्ट
पहले आपको सन १९७६ की लैला मजनू फिल्म से एक गाना सुनवाया
था.

आशा भोंसले ने इसे गाया है. शकील बदायूनीं के बोल हैं और गीत की
धुन है गुलाम मोहम्मद की. परदे पर इसे नूतन गा रही हैं. आशा के
कई पुराने और कुछ नए गीतों के बोल समझ पाना टेढ़ी खीर होता है.



गीत के बोल:

मैं तेरी शमा हूँ ऐ कैस तू परवाना है
तुझको दीवाना जो कहता है वो दीवाना है

याद तेरी जिंदगी का
याद तेरी जिंदगी का साज़ बन कर रह गई
साज़ बन कर रह गई
याद तेरी जिंदगी का
दिल की हर धडकन तेरी
दिल की हर धडकन तेरी आवाज़ बन कर रह गई
साज़ बन कर रह गई
याद तेरी जिंदगी का

तू उधर नाशाद है और मैं तडपती हूँ इधर
तू उधर नाशाद है और मैं तडपती हूँ इधर
हो सकी अब तक ना दुनिया को हकीकत की खबर
नाम पा कर भी मोहब्बत राज़ बन कर रह गई
साज़ बन कर रह गई
याद तेरी जिंदगी का

क्यूँ भला धडके मेरा दिल इश्क के अंजाम से
क्यूँ भला धडके मेरा दिल इश्क के अंजाम से
याद करता है ज़माना मुझको तेरे नाम से
हर अदा मेरी तेरा अंदाज़ भन कर रह गई
साज़ बन कर रह गई
याद तेरी जिंदगी का साज़ बन कर रह गई
साज़ बन कर रह गई
याद तेरी जिंदगी का
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Yaa teri zindagi ka-Laila Majnu 1953

Artist: Nutan

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Jan 27, 2018

आ जा सनम देर न लगा-माशूका १९५३

आ जा-इन शब्दों से शुरू होने वाला एक और गीत सुनते हैं. ये है
फिल्म माशूका से. सुरैया की आवाज़ और रोशन का संगीत. है ना
अनूठा कोम्बिनेशन. कमर जलालाबादी के बोल हैं और ये भी एक
रेयर सा फेनोमेना है. कमर जलालाबादी ने रोशन के लिए कम ही
गीत लिखे हैं.

आ जा सनम शब्दों से फिल्म चोरी चोरी का एक लोकप्रिय गीत भी
है मगर वो एक युगल गीत है. आ जा सनम नाम से एक फिल्म भी
बनी है जिसमें फिरोज खान हीरो हैं.



गीत के बोल:

आ जा सनम आ जा सनम देर ना लगा
सपनों की पालकी में धीरे धीरे आ
आ आ आ आ धीरे
आ जा सनम आ जा सनम देर ना लगा
सपनों की पालकी में धीरे धीरे आ

दुनिया बुलाये तुझे कभी नहीं जाना जी
कभी नहीं जाना जी
मैं जो बुलाऊँ तुझे हँसते हुये आना जी
हँसते हुये आना जी
हो न जाना
हो न जाना हो न जाना कभी बेवफ़ा

सपनों की पालकी में धीरे-धीरे आ
आ आ आ आ धीरे
आ जा सनम आ जा सनम देर ना लगा
सपनों की पालकी में धीरे धीरे आ

नैनों के द्वार खोले खड़ी है जवानी रे
प्रीत है कुँवारी मेरी रतियाँ सुहाही रे
रतियाँ सुहानी रे
आने वाले आना हो तो चाँद बन के आ
सपनों की पालकी में धीरे धीरे आ
आ आ आ आ धीरे

आ जा सनम आ जा सनम देर ना लगा
सपनों की पालकी में धीरे धीरे आ

ठण्दी ठण्दी चाँदनी में तुझको रुलाऊँगी
तुझको सुलाऊँगी
गोरी गोरी बाँहों का झूला झुलाऊँगी
झूला झुलाऊँगी
दामन से
दामन से अपने चलाऊँगी हवा
सपनों की पालकी में धीरे धीरे आ
आ आ आ आ धीरे

आ जा सनम आ जा सनम देर ना लगा
सपनों की पालकी में धीरे धीरे आ
……………………………………………..
Aa ja sanam der na laga-Mashooka 1953

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Jan 26, 2018

ऐ वतन के नौजवान–बाज़ १९५३

सन १९५३ की फिल्म बाज़ से एक संदेशात्मक गीत सुनते हैं.
ये देश के नौजवानों से कुछ कह रहा है. गीत ६५ साल पहले
का है मगर इसके बोल आज भी प्रासंगिक हैं.

आज का नौजवान सोशल मीडिया के भंवरजाल और इलेक्ट्रोनिक
मीडिया के फीलगुड मायाजाल में उलझता जा रहा है और समाज
और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी भूलता जा रहा है उसे इस गीत
को सुन कर मनन अवश्य करना चाहिए.

बोल मजरूह सुल्तानपुरी के हैं और संगीत ओ पी नैयर का. इसे
गीता दत्त ने गाया है.



गीत के बोल:

ओ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ
हर ज़बां रुकी रुकी हर नज़र झुकी झुकी
क्या यही है ज़िंदगी क्या यही है ज़िंदगी

ऐ वतन के नौजवान जाग और जगा के चल
ऐ वतन के नौजवान जाग और जगा के चल
जाग और जगा के चल
ज़ुल्म जिस कदर बढ़े और सर उठा के चल
और सर उठा के चल
आ आ आ आ आ

कांपे है तेरी नज़र उनके दिल में चोर है
उन में बल है तेरे भी बाज़ुओं ज़ोर है
कांपे है तेरी नज़र उनके दिल में चोर है
उन में बल है तेरे भी बाज़ुओं ज़ोर है
ज़ालिमों का हर गुरूर ख़ाक में मिला के चल

ऐ वतन के नौजवान जाग और जगा के चल
जाग और जगा के चल
ज़ुल्म जिस कदर बढ़े और सर उठा के चल
और सर उठा के चल
आ आ आ आ आ

क्या समंदरों का शोर और भँवर की चाल क्या
तेरे आगे सर उठाए मौज की मजाल क्या
क्या समंदरों का शोर और भँवर की चाल क्या
तेरे आगे सर उठाए मौज की मजाल क्या
खोल ज़िंदगी की नाव बादबां उड़ा के चल

ऐ वतन के नौजवान जाग और जगा के चल
जाग और जगा के चल
ज़ुल्म जिस कदर बढ़े और सर उठा के चल
और सर उठा के चल
आ आ आ आ आ

कारवां वतन का आज डाकुओं में घिर गया
ज़ुल्म के अंधेरे में आ रही है इक सदा
कारवां वतन का आज डाकुओं में घिर गया
ज़ुल्म के अंधेरे में आ रही है इक सदा
इंतक़ाम की मशाल हाथ में जला के चल
इंतक़ाम आ आ आ आ आ आ
इंतक़ाम आ आ आ आ आ आ
इंतक़ाम आ आ आ आ आ आ
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Ae watan ke naujawanon-Baaz 1953

Artist: Geeta Bali

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Jan 1, 2018

लगा कर दिल परेशान हैं-नया घर १९५३

आपको ऐसी कुछ फिल्मों से गीत सुनवाए हैं जिनके नामों
में नया शब्द आता है. आज सुनते हैं एक और ऐसी ही
फिल्म से गीत जिसके नाम में नया शब्द आता है. ये है
सन १९५३ की फिल्म नया घर. नया साल आया है और
इस फिल्म के नाम में भी नया शब्द है. इसे सुन लेते हैं.

इसके मुखड़े में परेशान शब्द भी आता है अतः इसे परेशान
हिट्स की श्रेणी में रखा जा सकता है. शंकर जयकिशन का
संगीत है और लता का गाया गीत इसलिए इसमें कुछ कुछ
स्पेशल तो होगा ही.



गीत के बोल:

लगा कर दिल परेशान हैं मुहब्बत देख ली हमने
उम्मीदें बन गईं आँसू ये चाहत देख ली हमने
लगा कर दिल

लगी हैं ठोकरें ऐसी के अब जीना भी मुश्किल है
जीना भी मुश्किल है
किसी से क्या करें शिकवा ये क़िस्मत देख ली हमने
लगा कर दिल परेशान हैं मुहब्बत देख ली हमने
लगा कर दिल

कभी भूले से दिलवालों किसी से प्यार न करना
हाय प्यार न करना
यहाँ अपने पराये हैं हक़ीक़त देख ली हमने
लगा कर दिल

सता ले आसमाँ तू भी सता ले ग़म के मारों को
ग़म के मारों को
मुसीबत और क्या होगी मुसीबत देख ली हमने
लगा कर दिल परेशान हैं मुहब्बत देख ली हमने
लगा कर दिल्ली
.........................................................................................
Laga kar dil pareshan hain-Naya ghar 1953

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Oct 22, 2017

तोरे नैना रसीले-हमदर्द १९५३

गायकी का आनंद लेना हो तो मन्ना डे के गाने सुनो. सरल
प्रवाह से बहते मन्ना डे के गीत कोमलता से आपके मन को
गुदगुदाते हैं.

सुनते हैं अनिल बिश्वास की अद्भुत रचना फिल्म हमदर्द से जो
सन १९५३ में रिलीज़ हुई थी. गीत प्रेम धवन का लिखा हुआ
है. प्रेम धवन अपने समकालीनों की तरह गीत की हर विधा में
दक्ष थे. फिल्म इतिहास के कुछ सबसे बड़े गीत उनके नाम
भी दर्ज हैं.

प्रस्तुत क्लिप जिन महानुभाव ने अपलोड की है उसमें दो गीत
हैं. पहला वही है जो हम आपको आज सुनवा रहे हैं. परदे पर
गीत गा रहे हैं शेखर नाम के अभिनेता और नायिका को आप
पहचान ही गए होंगे-निम्मी.




गीत के बोल:

हो ओ ओ घायल करते हैं खुद ही
बदल गया रंग महफ़िल का
जब तुम महफ़िल में आये
बदल गया रंग महफ़िल का
जब तुम महफ़िल में आये
रंग उड़ा है फूलों का
दिल शमा का बैठा जाए
रंग उड़ा है फूलों का

इन नज़रों के आगे कोई
इन नज़रों के आगे कोई
इन नज़रों के आगे कोई
कैसे नज़र उठाये
हाँ कैसे नज़र उठाये
हाय राम कैसे नज़र उठाये
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
तोरे नैना रसीले कंटीले हाय राम
तोरे नैना रसीले कंटीले हाय राम
तोरे नैना

झूम रही है नागन जुल्फें मुख पर हलके हलके
झूम रही है नागन जुल्फें मुख पर हलके हलके
सर पे आँचल ढलका जाये
सर पे आँचल ढलका जाये
बैठो ज़रा संभल के
सर पे आँचल ढलका जाये
ना जाने क्या कर बैठे दिल
ना जाने क्या कर बैठे दिल
ना जाने क्या कर बैठे दिल मेरा आज मचल के
दिल मेरा आज मचल के
हाय दिल मेरा आज मचल के
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
तोरे नैना रसीले कंटीले हाय राम
तोरे नैना रसीले कंटीले हाय राम
तोरे नैना

यूँ मुंह फेर के तन जाना भी है एक अदा निराली
यूँ मुंह फेर के तन जाना भी है एक अदा निराली
और भी रंग ले आई मुख पे ये गुस्से की लाली
और भी रंग ले आई
इस लाली पे मैंने तो
इस लाली पे मैंने तो
इस लाली पे मैंने तो
दुनिया कुर्बान कर डाली
दुनिया कुर्बान कर डाली
हाय दुनिया कुर्बान कर डाली
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
तोरे नैना रसीले कंटीले हाय राम
तोरे नैना
………………………………………………………….
Tore naina raseele-Hamdard 1953

Artists: Shekhar, Nimmi

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Sep 7, 2017

आ भी जा मेरी दुनिया में-दायरा १९५३

एक कम सुना हुआ मधुर गीत सुनते हैं फिल्म दायरा से. इसे
संगीत से संवारा है जमाल सेन ने.

मजरूह की रचना है और तलत महमूद की आवाज़. इसे फिल्माया
गया है नासिर खान पर.




गीत के बोल:

आ भी जा मेरी दुनिया में कोई नहीं
बिन तेरे कब तलक यूँ ही घबराये दिल
बिन तेरे कब तलक यूँ ही घबराये दिल

आ मिले तेरी नज़रों से ऐसे नज़र
कुछ न अपनी ख़बर हो न तेरी ख़बर
लाख ढूँढूं मगर फिर न पाऊँ कहीं
यूँ मुहब्बत के तूफ़ान में बह जाये दिल

तेरी साँसों की खुशबू में खो जाऊँ मैं
छाँव में तेरी पलकों की सो जाऊँ मैं
तू ही तो मेरे ख़्वाबों की है नाज़नीन
क्यूँ न तेरे लिये झूम कर गाये दिल

आ भी जा मेरी दुनिया में कोई नहीं
बिन तेरे कब तलक यूँ ही घबराये दिल

चाँदनी की तरह मेरी महफ़िल में आ
कोई आहट न हो इस तरह दिल में आ
आस्मान है जो दुश्मन तो ज़ालिम ज़मीन
हो न ऐसा के कहना पड़े हाय दिल

आ भी जा मेरी दुनिया में कोई नहीं
बिन तेरे कब तलक यूँ ही घबराये दिल
बिन तेरे कब तलक यूँ ही घबराये दिल
……………………………………………………….
Aa bhi ja meri duniya mein-Daera 1953

Artist: Nasir Khan

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Aug 24, 2017

ये हवा ये समा-शगूफा १९५३

फिर से एक बार आपके लिए पेश है लता मंगेशकर का
गाया गीत सी रामचंद्र के संगीत निर्देशन में. सी रामचंद्र
के संगीत वाले लता के गीतों में कुछ ऐसा खास है जो
बाकी संगीतकारों के आउटपुट में कम मिलता है. ये है
सरलता.

सरल धुनें और संगीतकारों ने भी बनाई हैं मगर अधिकता
वाद्य यंत्रों की भीड़ वाली धुनों की ज्यादा है.



गीत के बोल:

ये हवा ये समा चाँदनी है जवाँ
तुम्हें लाई मेरी फ़रियाद यहाँ
तुम्हें लाई मेरी फ़रियाद यहाँ

मेरे दर्द-ए-जिगर है ये तेरा असर
बाद मुद्दत के उनसे मिली है नज़र
मेरे दर्द-ए-जिगर है ये तेरा असर
बाद मुद्दत के उनसे मिली है नज़र
मेरे दिल से उठा आहों का धुँआ
मेरे दिल से उठा आहों का धुँआ
तुम्हें लाई मेरी फ़रियाद यहाँ
तुम्हें लाई मेरी फ़रियाद यहाँ

ये हवा ये समा चाँदनी है जवाँ
तुम्हें लाई मेरी फ़रियाद यहाँ
तुम्हें लाई मेरी फ़रियाद यहाँ

तेरे आने से दिल की कली खिल गयी
आ आ आ आ आ आ आ आ
तेरे आने से दिल की कली खिल गई
ज़िंदगी की क़सम ज़िंदगी मिल गई
ज़िंदगी की क़सम ज़िंदगी मिल गई
है नई ये ज़मीं है नया आस्माँ
है नई ये ज़मीं है नया आस्माँ
तुम्हें लाई मेरी फ़रियाद यहाँ

ये हवा ये समा चाँदनी है जवाँ
तुम्हें लाई मेरी फ़रियाद यहाँ
तुम्हें लाई मेरी फ़रियाद यहाँ

तुम न आते अगर मेरे अच्छे सनम
रूठ जाते ज़माने की महफ़िल से हम
तुम न आते अगर मेरे अच्छे सनम
रूठ जाते ज़माने की महफ़िल से हम
ढूँढते तुम अगर मिलता ना निशाँ
ढूँढते तुम अगर मिलता ना निशाँ
तुम्हें लाई मेरी फ़रियाद यहाँ

ये हवा ये समा चाँदनी है जवाँ
तुम्हें लाई मेरी फ़रियाद यहाँ
तुम्हें लाई मेरी फ़रियाद यहाँ
………………………………………………………………
Ye hawa ye sama-Shagoofa 1953

Artist: Beena Rai

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