रंगी सारी गुलाबी चुनरिया रे-गुलाब गैंग २०१४
सुनाई देते रहेंगे चाहे फिल्मों में हों या न हों. आजकल एक
ट्रेंड चला हुआ है हर दुसरे लोक गीत में फ्लैंजर डालने का
जिससे सुनने का मजा किरकिरा हो जाता है. ये फ्लैंजर नाम
की बीमारी सन २००० की आसपास सुनाई दी थी पहले. इसका
उपयोग पहले भी होता आया है मगर अधिकतर गिटार के
साथ. गाने वाले की आवाज़ के साथ ये मिलेनियम की ही
देन है. ये अंग्रेजी गीतों से उड़ा, हिंदी गीतों से गुजर कर
लोक गीतों में जा चिपका.
आज सुनते हैं एक फ़िल्मी लोक गीत जो फ्लैंजर मुक्त हैं. शुद्ध
गायकी है, वाद्य यंत्रों की मिलावट भी कम है इसमें. ये गीत है
फिल्म गुलाब गैंग से जिसे तीन गायक कलाकारों ने गाया है-
स्नेहलता दीक्षित, अनुपमा राग और माधुरी दीक्षित ने. संगीत
तैयार किया है सौमिक सेन ने. अब तक सेन संगीतकार जिन्हें
आप सुन चुके हैं ब्लॉग पर, नाम हैं -जमाल सेन, शम्भू सेन,
दिलीप सेन-समीर सेन, पलाश सेन, सोहेल सेन. ये सातवें हैं.
गीत के बोल:
रंगी सारी गुलाबी चुनरिया रे
मोहे मारे नजरिया सांवरिया रे
मोहे मारे नजरिया सांवरिया
रंगी सारी गुलाबी चुनरिया रे
रंगी सारी गुलाबी चुनरिया रे
मोहे मारे नजरिया सांवरिया रे
मोहे मारे नजरिया सांवरिया रे
जाओ जी जाओ, करो ना बतियाँ
जाओ जी जाओ, करो नाही बतियाँ
जाओ जी जाओ, करो ना बतियाँ
ऐ जी बाली
ऐ जी बाली है मोरी उमरिया रे
मोहे मारे नजरिया सांवरिया रे
मोहे मारे नजरिया सांवरिया रे
रंगी सारी गुलाबी पेटीकोटीया रे
रंगी सारी गुलाबी चुनरिया रे
मोहे मारे नजरिया सांवरिया रे
पहनी सारी गुलाबी चुनरिया रे
मोहे मारे नजरिया सांवरिया रे
रंगी सारी
पहनी सारी गुलाबी चुनरिया रे
मोहे मारे नजरिया सांवरिया रे
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Rangi saari gulabi-Gulaab gang 2014
Artists-Madhuri Dixit, Juhi Chawla

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