मैं तुझे छोड़ के-त्रिनेत्र १९९१
आसपास एक गीत काफी सुनाई देता था. आज सुनते
हैं धर्मेन्द्र और दीपा साही पर फिल्माया गया ये गीत.
कुमार सानू ने इसे गाया है. समीर गीतकार हैं इसके
और आनंद मिलिंद संगीतकार. आनंद मिलिंद के कई
गीतों में क़यामत से क़यामत के गीतों की छाया मिलती
है.
फिल्म के संवाद राही मासूम रज़ा ने लिखे हैं. इसका
निर्देशन हैरी बवेजा ने किया है.
गीत के बोल:
बाय बाय बाय बाय बाय बाय
बाय बाय बाय बाय बाय बाय
मैं तुझे छोड़ के कहाँ जाऊँगा
मैं तुझे छोड़ के कहाँ जाऊँगा
मेरे भोले सनम तेरे सर की क़सम
जा के जल्दी ही मैं लौट आऊँगा
मैं तुझे छोड़ के कहाँ जाऊँगा
मैं तुझे छोड़ के कहाँ जाऊँगा
जब तक सजेगी साँसों की सरगम
तेरे ही नगमे गाता रहूँगा
मैं जिस्म हूँ तू जां होंगे कभी न जुदा
ऐसे न आँसू बहा हँस के मुझे कर विदा
मेरे भोले सनम तेरे सर की क़सम
जा के जल्दी ही मैं लौट आऊँगा
मैं तुझे छोड़ के कहाँ जाऊँगा
मैं तुझे छोड़ के कहाँ जाऊँगा
बाय बाय बाय बाय बाय बाय
बाय बाय बाय बाय बाय बाय
कैसे सहूँगा दर्द-ए-जुदाई
तेरे बिना मैं कैसे रहूँगा
जाऊँगा ले के मैं साथ तुझको
फिर न तुझे मैं बाय बाय कहूँगा
मैने जो वादे किए उनको निभाऊँगा मैं
तेरा यह चेहरा हसीं कैसे भुलाऊँगा मैं
मेरे भोले सनम तेरे सर की क़सम
जा के जल्दी ही मैं लौट आऊँगा
मैं तुझे छोड़ के कहाँ जाऊँगा
मैं तुझे छोड़ के कहाँ जाऊँगा
…………………………………………….
Main tujhe chhod ke..bye bye-Trinetra 1991
Artists: Dharmendra, Deepa Sahi
