कहाँ चल दिए इधर तो आओ-झुक गया आसमान १९६८
करती थीं. ८० के दशक में थोड़ी किल्लत हुई फिर वी सी आर,
जिसे कहीं कहीं बी सी आर भी कहा जाता था, के आने के बाद
थोड़ी राहत मिली.
झुक गया आसमान एक लोकप्रिय फिल्म थी मेरी नज़र में, फिल्म
के गीत भी काफी लोकप्रिय थे वो भी मेरी नज़र में. ये इसलिए
कि मैंने गली मोहल्ले के कई टपोरियों, आवारा और उचक्के किस्म
के लोगों को ये गीत गाते सुना. कुछ के गले तो इतने साफ़ थे
कि रुक कर सुनना पढता था. एक दादा टाइप के युवक को ये
गाना बहुत पसंद था. उसकी आवाज़ तो वैसे मुकेश की आवाज़ के
नज़दीक मालूम पढ़ती थी मगर इसे वो बड़े शौक से गाता था.
आवाज़ सधी थी इसलिए गाना सुनने में बढ़िया लगता था.
रेडियो तो मेहरबान था ही उन दिनों, फरमाइशें खूब आती थीं
इस गीत के लिए विशेषकर मनचाहे गीत कार्यक्रम में जिसे
हमने एक औरनाम दे रखा था-मनचले गीत. मनचले उस
कार्यक्रम को सुन कर खूब आनंदित होते. ये दोपहर में आया
करता था.
गीत सुनते हैं जिसे हसरत जयपुरी ने लिखा है और रफ़ी ने गाया
है. शंकर जयकिशन इसके संगीतकार हैं.
गीत के बोल:
कहाँ चल दिए इधर तो आओ
मेरे दिल को ना ठुकराओ
भोले सितमगर मान भी जाओ
मान भी जाओ मान भी जाओ
कहाँ चल दिए इधर तो आओ
मेरे दिल को ना ठुकराओ
भोले सितमगर मान भी जाओ
मान भी जाओ मान भी जाओ
हमारी जान जाती है अदा कहते है तुम इसको
हमारी जान जाती है अदा कहते है तुम इसको
बड़े मासूम कातिल हो सजा देते हो तुम मुझको
बड़े मासूम कातिल हो सजा देते हो तुम मुझको
कहाँ चल दिए इधर तो आओ
मेरे दिल को ना ठुकराओ
भोले सितमगर मान भी जाओ
मान भी जाओ मान भी जाओ
खिलौना जान कर हमदम मेरे दिल को ना तोडो तुम
खिलौना जान कर हमदम मेरे दिल को ना तोडो तुम
मैं राही हूँ मोहब्बत का अकेला अब ना छोडो तुम
मैं राही हूँ मोहब्बत का अकेला अब ना छोडो तुम
कहाँ चल दिए इधर तो आओ
मेरे दिल को ना ठुकराओ
भोले सितमगर मान भी जाओ
मान भी जाओ मान भी जाओ
मेरे दिल में चले आओ के ये घर भी तुम्हारा है
मेरे दिल में चले आओ के ये घर भी तुम्हारा है
तुम्हारा प्यार ही अब मेरे जीने का सहारा है
तुम्हारा प्यार ही अब मेरे जीने का सहारा है
कहाँ चल दिए इधर तो आओ
मेरे दिल को ना ठुकराओ
भोले सितमगर मान भी जाओ
मान भी जाओ मान भी जाओ
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Kahan chal diye-Jhuk gaya aasman 1968
Artists: Rajendra Kumar, Saira Bano
