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Mar 3, 2020

गीत तेरे साज़ का-इंतक़ाम १९६९

इंतक़ाम नायिका प्रधान फिल्म है जिसे ख़ास तौर
पर साधना के लिए बनाया गया था. ये फिल्म का
सबसे खूबसूरत गीत है कई मायनों में.

इसके बोल, दृश्यावली, फिल्मांकन और संगीत सभी
मनमोहक हैं. ऐसी लार्जर देन लाइफ वाली तस्वीरों
को बड़े परदे पर देखने में ही आनंद आता है. छोटे
टिकट साइज़ के स्क्रीन पर भैंस भी छोटी दिखती
है और ध्यान से ना देखो तो बकरी नज़र आती है.

सुनते हैं मधुर गीत लता मंगेशकर की आवाज़ में
जिसकी रचना की है राजेंद्र कृष्ण ने.



गीत के बोल:

गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज़ हूँ
गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज़ हूँ
तू भी मेरा साथी बन जा मैं तेरी हमराज़ हूँ
गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज़ हूँ
तू भी मेरा साथी बन जा मैं तेरी हमराज़ हूँ
गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज़ हूँ

आ जा मिल के बाँट लें हो ओ ओ
क्या खुशियां क्या ग़म
हो ओ ओ आ जा मिल के बाँट लें हो ओ ओ
क्या खुशियां क्या ग़म
तन्हा तन्हा तन्हाई का ज़हर पियें क्यूँ हम
तू मेरे जीवन का पंछी मैं तेरी परवाज़ हूँ

गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज़ हूँ
तू भी मेरा साथी बन जा मैं तेरी हमराज़ हूँ
गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज़ हूँ

दो दिन का साथ नहीं हो ओ ओ
सारी उम्र का है साथ हो ओ ओ
दो दिन का साथ नहीं हो ओ ओ
सारी उम्र का हैं साथ
जीते जी न होंगे जुदा ये आज मिले जो हाथ
तू मेरे साँसों का मालिक मैं तेरी दम साज़ हूँ

गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज़ हूँ
तू भी मेरा साथी बन जा मैं तेरी हमराज़ हूँ
गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज़ हूँ
गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज़ हूँ
……………………………………….
Geet tere saaz ka-Inteqam 1969

Artists: Sadhana, Sanjay Khan

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Jan 29, 2020

कोई नहीं है-पत्थर के सनम १९६७

फिल्म उद्योग में हर प्रमुख संगीतकार, सिवाए नैयर के,
ने लता मंगेशकर के लिए स्पेशल गाने बनाये. इनमें
सी रामचंद्र और अनिल बिश्वास ऐसे हैं जिन्होंने कम
शोर वाले या यूँ कहें कम वाद्य यंत्रों वाली मधुर रचनाएँ
बनाईं. उसके बाद आता है नौशाद, एस डी बर्मन और
मदन मोहन का नाम जिन्होंने कम और ज्यादा संगीत
दोनों तरह की धुनें बनाई लता के गाये गानों के लिए.

शंकर जयकिशन के गीतों में ओर्केस्ट्रा लबालब होता था.
अधिकाँश गीतों के शुरू में भारी संगीत होता और बाद में
गीत सिंपल सा सुनाई देता. उनके गीतों में से संगीत
के टुकड़ों का अलग समझ पाना संभव नहीं होता. हम
कई जगह पर सुन चुके हैं और पढ़ चुके हैं कि ६० के
दशक में पदार्पण करने वाली लक्ष्मी प्यारे की जोड़ी भी
शंकर जयकिशन की बड़ी फैन रही है. उन्होंने भी उसी
लबालब संगीत वाली परिपाटी को आगे बढ़ाते हुए जो
गाने बनाये उसमें पूरे गानों में संगीत लबालब नज़र
आने लगा.

सुनते हैं मजरूह सुल्तानपुरी का लिखा और लक्ष्मी प्यारे
द्वारा संगीतबद्ध गीत लाता मंगेशकर की आवाज़ में.



गीत के बोल:

कोई नहीं है फिर भी है मुझको
कोई नहीं है फिर भी है मुझको
क्या जाने किसका इंतज़ार
हो ओ ओ कोई नहीं हैं फिर भी हैं मुझको
क्या जाने किस का इंतज़ार
हो ओ ओ ये भी ना जानूं लहरा के आँचल
किसको बुलाये बार बार

सोचूँ ये हैं उंगलियाँ किसके प्यार की
गालों को छुए जो डाली बहार की
छुये जो डाली बहार की
सोचूँ ये हैं उंगलिया किसके प्यार की
गालों को छुए जो डाली बहार की
कौन है ए हवा ए बहार

कोई नहीं है फिर भी है मुझको
क्या जाने किसका इंतज़ार
क्या जाने किसका इंतज़ार

पानी में छबि मैं देखूं खड़ी खड़ी
बालों में सजा के कलियाँ बड़ी बड़ी
सजा के कलियाँ बड़ी बड़ी हो ओ ओ ओ ओ
पानी में छबि मैं देखूं खड़ी खड़ी
फिर बनूँ आप ही बेकरार

कोई नहीं है फिर भी है मुझको
क्या जाने किसका इंतज़ार
क्या जाने किसका इंतज़ार

वादी में निशान मेरे ही पांव के
फूलों पे हैं रंग मेरी ही छांव के
हैं रंग मेरी ही छांव के हो ओ ओ ओ ओ
वादी में निशान मेरे ही पांव के
फिर भी क्यूँ आये ना ऐतबार

कोई नहीं है फिर भी है मुझको
क्या जाने किसका इंतज़ार
हो ओ ओ ओ ओ ये भी ना जानूं लहरा के आँचल
किसको बुलाये बार बार
क्या जाने किसका इंतज़ार
क्या जाने किसका इंतज़ार
……………………………………………
Koi nahin hai-Patthar ke sanam 1967

Artist: Waheeda Rehman

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Dec 28, 2019

मैने देखा तूने देखा-दुश्मन १९७१

समय किसको दोस्त और किसको दुश्मन का तमगा
पहना दे इंसान इस बात से अनजान रहता है. फिल्म
का कथानक ऐसा है जिसमें नायक को परिस्थितियां
दुश्मन की उपाधि दे देती हैं.

फिल्म के सभी गाने अपने समय के बड़े हिट रहे हैं.
फिल्म से सुनते हैं अगला गीत जो युगल गीत है
लता मंगेशकर और किशोर कुमार का गाया हुआ. इसे
आनंद बक्षी ने लिखा है और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने
इसका संगीत तैयार किया है.

राजेश खन्ना और मुमताज़ इसे परदे पर गा रहे हैं.





गीत के बोल:

मैने देखा तूने देखा
मैने देखा तूने देखा
इसने देखा उसने देखा
सबने देखा
मैने देखा तूने देखा
मैने देखा तूने देखा
इसने देखा उसने देखा
सबने देखा

क्या देखा क्या देखा
इक दुश्मन जो दोस्तों से प्यारा है
इक दुश्मन जो दोस्तों से प्यारा है

मैने देखा तूने देखा
मैने देखा तूने देखा
इसने देखा उसने देखा
सबने देखा
क्या देखा क्या देखा
एक गाँव जो शहरों से भी न्यारा है
एक गाँव जो शहरों से भी न्यारा है

दुश्मन दुश्मन जो दोस्तों से प्यारा है

आज सज़ा देंगे तुझको हम
तेरी सब भूलों की
आज सज़ा देंगे तुझको हम
तेरी सब भूलों की
तेरे गलें में हम डालेंगे
ये माला फूलों की
इस गाँव की रीत यही है
जीवन संगीत यही है
आज के दिन का गीत यही है
यही है

मैने देखा तूने देखा
मैने देखा तूने देखा
इसने देखा उसने देखा
सबने देखा
क्या देखा क्या देखा
इक चाँद जो सबकी आँख का तारा है
इक चाँद जो सबकी आँख का तारा है

दुश्मन दुश्मन जो दोस्तों से प्यारा है

जंजीरों से भी पक्के हैं
प्रेम के कच्चे धागे
जंजीरों से भी पक्के हैं
प्रेम के कच्चे धागे
इन कच्चे धागों को तोड़ के
कैदी कैसे तोड़ के भागे
आया ले के हरियाली से
इन बागों का माली तू
इन खेतों का हाली तू
हाली तू

मैने देखा तूने देखा
मैने देखा तूने देखा
इसने देखा उसने देखा
सबने देखा
एक कैदी जो पहरेदार हमारा है
एक कैदी जो पहरेदार हमारा है

दुश्मन दुश्मन जो दोस्तों से प्यारा है

सबने माफ़ किया मुझको पर
मैं हूँ जिसका दोषी
सबने माफ़ किया मुझको पर
मैं हूँ जिसका दोषी
कब टूटेगी उसके घायल
होँठों की ख़ामोशी
वो भी माफ़ करे तो जानूँ
मन को साफ़ करे तो जानूँ
इन्साफ़ करे तो जानूँ
तो जानूँ

मेरा नहीं तेरा नहीं
मेरा नहीं तेरा नहीं
इसका नहीं उसका नहीं
किसी का नहीं
ये दोष तक़दीर का सारा है
ये दोष तक़दीर का सारा है
……………………………………………..
Maine dekha tone dekha-Dushman 1971

Artists: Rajesh Khanna, Mumtaz

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Dec 26, 2019

जाये जहाँ मेरी नज़र-कल्पना १९६०

ये कतई ज़रूरी नहीं कि किसी फ़िल्मी एल्बम के सारे
गाने लोकप्रिय हों. हिंदी फिल्म इतिहास में सैकड़ों की
तादाद में ही ऐसे एल्बम हैं जिसके सभी गाने प्रचलित
हों और जनता द्वारा पसंद किये जाते हों.

ये अनुमान लगाना गीतकार और संगीतकार के लिए
भी कठिन काम होता है कि कौनसा गाना हिट होगा
और कौन सा नहीं.

आज सुनते हैं सन १९६० की फिल्म कल्पना से एक
लोकप्रिय गीत. कमर जलालाबादी की रचना है जिसे
स्वर दिया है आशा भोंसले ने ओ पी नैयर की धुन पर.
इसे पद्मिनी पर फिल्माया गया है. इसे श्रेणी बनाने
वाले दूरबीन सोंग पता नहीं क्यूँ कहते हैं.





गीत के बोल:

हो ओ ओ ओ होय
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
फ़िर भी है दिल बेक़रार
जाये जहाँ मेरी नज़र
कलियाँ वहाँ जायें बिखर
जाये जहाँ मेरी नज़र
कलियाँ वहाँ जायें बिखर
फ़िर भी है दिल बेक़रार
फ़िर भी है दिल बेक़रार
कहीं कोई छलिया तू है हसीं
कहीं कोई रसिया माहजबीं
कोई कहे दिलरूबा
कोई रंगीला छैल-छबीला
कोई रंगीला छैल-छबीला
मुझको पुकारे पिया
फ़िर भी है दिल बेक़रार
फ़िर भी है दिल बेक़रार

जाये जहाँ मेरी नज़र
कलियाँ वहाँ जायें बिखर
फ़िर भी है दिल बेक़रार
फ़िर भी है दिल बेक़रार

कोई कहे ज़ालिम तू है परी
कोई कहे हाय तेरी जादूगरी
कोई कहे लूट लिया
कोई अलबेला साँझ की बेला
कोई अलबेला साँझ की बेला
मुझको पुकारे पिया
फ़िर भी है दिल बेक़रार
फ़िर भी है दिल बेक़रार

जाये जहाँ मेरी नज़र
कलियाँ वहाँ जायें बिखर
फ़िर भी है दिल बेक़रार

फ़िर भी है दिल बेक़रार
.................................................
Jaaye jahan meri nazar-Kalpana 1960

Artists: Padmini, Ashok Kumar

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Dec 7, 2019

बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया-अमर प्रेम १९७१

सन १९७१ में आर डी बर्मन के संगीत वाली काफी फ़िल्में आयीं.
इनमें से एक है अमर प्रेम जिसके कई गाने अमर हो चुके हैं.
फिल्म  के गीत लिखे हैं आनंद बक्षी ने.

फिल्म की थीम से जुड़ा जो गीत है वो आज हम सुनेंगे. एक
छोटे बच्चे के लिए एक नारी का प्रेम-ये इस फिल्म की कहानी
का एक पंक्ति में सार है. प्रेम तो प्रेम है, वो जाति, धर्म, जीव के
रूप, प्रारूप को नहीं देखता. बच्चा बड़ा होने के बाद भी उस स्नेह
और ममता के भावों को नहीं भुला पाता. शर्मिला टैगोर ने फिल्म
में यादगार भूमिका निभाई है.

आर डी बर्मन के संगीत वाला एक भजन आपने कल सुना था
जो फिल्म अधिकार में है आशा भोंसले का गाया हुआ. आज जो
भजन हम सुनेंगे वो लता मंगेशकर का गाया हुआ है. ये फ़िल्मी
भजन ही है जिसमें बाल गोपाल का जिक्र है. बेहद लोकप्रिय है.
एक बार फिर से बोलो माखनचोर नन्दकिशोर मुरली वाले की जय.




गीत के बोल:

बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया
का करे यशोदा मैय्या हाँ
बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया
का करे यशोदा मैय्या हो
बड़ा नटखट है रे

ढूँढे री अंखियाँ उसे चहुँ ओर
जाने कहाँ छुप गया नंदकिशोर
ढूँढे री अंखियाँ उसे चहुँ ओर
जाने कहाँ छुप गया नंदकिशोर
उड़ गया ऐसे जैसे पुरवैया
का करे यशोदा मैय्या मैया रे हाँ
हाँ का करे यशोदा मैय्या हो

आ तोहे मै गले से लगा लूँ
लागे ना किसी की नज़र मन मे छुपा लूँ
आ तोहे मै गले से लगा लूँ
लागे ना किसी की नज़र मन मे छुपा लूँ
धूप जगत है रे ममता है छैंया
का करे यशोदा मैय्या हो
बड़ा नटखट है रे

मेरे जीवन का तू एक ही सपना
जो कोई देखे तोहे समझे वो अपना
मेरे जीवन का तू एक ही सपना
जो कोई देखे तोहे समझे वो अपना 
सब का है प्यारा हो
सब का है प्यारा बंसी बजैया
का करे यशोदा मैय्या मैया रे हाँ
हाँ बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया
का करे यशोदा मैय्या हो
बड़ा नटखट है रे
…………………………………………….
Bada natkhat hai re-Amar Prem 1971

Artists: Sharmila Tagore, A kid

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Dec 5, 2019

मैं क्या जानूँ क्या जादू है-जिंदगी १९४०

तुम क्या जानो क्या जादू है. तुम गाते हो इसलिए
तुम्हें पता नहीं चलता मगर सुनने वाले पर तो जादू
हो ही जाता है. कहाँ से लाये थे तुम ये आवाज़ कि
दूसरा तुम्हारे जैसा इस सदी में भी नहीं मिला अभी
तक.

केदार शर्मा का लिखा ये सर्वकालिक लोकप्रिय गीत
सुनते हैं जिसका संगीत तैयार कर के और सहगल से
गवा कर पंकज मलिक ने इसे अमर कर दिया.




गीत के बोल:

मैं क्या जानूँ क्या जादू है
जादू है जादू है
मैं क्या जानूँ क्या जादू है
इन दो मतवाले नैनों में जादू है
जादू है जादू है
मैं क्या जानूँ क्या जादू है

एक एक अथाह सागर सा है
एक एक अथाह सागर सा है
इन दो मतवाले नैनों में जादू है
जादू है जादू है
मैं क्या जानूँ क्या जादू है

मन पूछ रहा है अब मुझसे
नैनों ने कहा है क्या तुझसे
मन पूछ रहा है अब मुझसे
नैनों ने कहा है क्या तुझसे
जब नैन मिले नैनों ने कहा
नैनों ने कहा
जब नैन मिले नैनों ने कहा
अब नैन बसे के नैनों में
मैं क्या जानूँ क्या जादू है
जादू है जादू है
इन दो मतवाले नैनों में जादू है
जादू है जादू है
मैं क्या जानूँ क्या जादू है
…………………………………………………
Main kya janoon kya-Zindagi 1940

Artist: KL Saigal

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Aug 20, 2019

छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए-सरस्वती चंद्र १९६८

इन्दीवर की हिंदी और उर्दू दोनों भाषा पर मजबूत पकड़ थी.
उनके फ़िल्मी गानों में आपको दोनों भाषाओँ का अनुपातिक
सम्मिश्रण मिलेगा. ये बात स्वयं इन्दीवर ने एक साक्षात्कार
के दौरान स्वीकारी थी. फिल्म सरस्वती चन्द्र का कथानक
रोने धोने फेमिली ड्रामा से अलग हट के था. उसके लिए गीत
रचना भी एक चैलेन्ज जैसा ही काम था. कल्याणजी आनंदजी
ने उन पर विश्वास जताते हुए उन्हें गीत लिखने का जिम्मा
सौंप दिया और उसके बाद का इतिहास हामारे सामने है.

सरस्वती चंद्र के तो गीत भी क्लासिक गीत कहे जाते हैं.
सुनते हैं लता मंगेशकर की आवाज़ में ये नायाब गीत जो
प्रेरणादायक है और इसे हर निराश प्रेमी को एक बार अवश्य
सुनना चाहिए. किसी ने कहा भी है-और भी गम हैं मोहब्बत
के सिवा इस ज़माने में.



गीत के बोल:

कहाँ चला ए मेरे जोगी
जीवन से तू भाग के
किसी एक दिल के कारण
यूँ सारी दुनिया त्याग के

छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए
ये मुनासिब नहीं आदमी के लिए
प्यार से भी ज़रूरी कई काम हैं
प्यार सब कुछ नहीं जिंदगी के लिए
छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए

तन से तन का मिलन हो ना पाया तो क्या
मन से मन का मिलन कोई कम तो नहीं
खुशबू आती रहे दूर ही से सही
सामने हो चमन कोई कम तो नहीं
चाँद मिलता नहीं सबको संसार में
है दिया ही बहुत रौशनी के लिए
छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए

कितनी हसरत से तकती हैं कलियाँ तुम्हे
क्यूँ बहारों को फिर से बुलाते नहीं
एक दुनिया उजड़ ही गयी है तो क्या
दूसरा तुम जहां क्यूँ बसाते नहीं
दिल ने चाहा भी तो साथ संसार के
चलना पड़ता है सबकी खुशी के लिए
छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए

छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए
ये मुनासिब नहीं आदमी के लिए
प्यार से भी ज़रूरी कई काम हैं
प्यार सब कुछ नहीं जिंदगी के लिए
छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए
……………………………………………………..
Chhod de saari duniya kisi ke liye-Saraswati Chandra 1968

Artist: Nutan

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Aug 16, 2019

ई है बम्बई नगरिया-डॉन १९७८

आपको उई उई वाले गीत काफी सुनवा चुके हैं इस जगह. आज
सुनिए ई ई वाला एक गीत. फेमस सोंग है अपने टाइम का.

ई है फिल्म डॉनवा का एक ठो गीत जिस गाये रहे किशोर कुमार
वही खंडवा वाले. गाने के बैकग्राउंड में सेंटॉर लोगो वाली एयर इंडिया
बिल्डिंग के दर्शन हो जायेंगे. उसके अलावा चौपाटी की भी मुफ्त
सैर भी कीजिये प्रस्तुत गीत के द्वारा.

बम्बई को धाम का कोई ऑफिशियल दर्ज़ा तो नहीं मिला मगर
ये कोई धाम से कम नहीं है. यहाँ घाम(गर्मी) से लेकर धमाधम
तक सब मौजूद है. बस दाम चुकाने के लिए माल होना चाहिए.
इस मायानगरी की माया पब्लिक अपना पूर्ण जीवन व्यतीत करने
के बाद भी नहीं समझ पाई.





गीत के बोल:

जय हो राधेश्याम की जय हो सियाराम की
और जय हो बम्बई धाम की

ई हे ई है
ई है बम्बई नगरिया तू देख बबुआ
ई है बम्बई नगरिया तू देख बबुआ
सोने-चाँदी की डगरिया तू देख बबुआ
जादू टोने की बजरिया में
जादू टोने की बजरिया में माया की नगरिया में
बदले झटपट बदले मुक़द्दर का लेख बबुआ
ई है बम्बई नगरिया तू देख बबुआ
ई है बम्बई नगरिया तू देख बबुआ

ओ देखो दूर-दूर से
ओ देखो दूर-दूर से लोग दूर-दूर से
इहाँ आते हैं दाँव लगाने
इहाँ आते हैं दाँव लगाने
देस-गाँव छोड़ के प्रीत प्यार तोड़ के सोया सोया नसीबा जगाने
सोया सोया नसीबा जगाने
अरे अपना क्या होगा
अरे अपना क्या होगा होगा सो होगा
पासा हमने दिया है फेंक बबुआ
ई है बम्बई नगरिया तू देख बबुआ
ई है ई है
ई है बम्बई नगरिया तू देख बबुआ

ओ कोई मालामाल है
ओ कोई मालामाल है कोई तंगहाल है
ज़िन्दगी है इहाँ की निराली
ज़िन्दगी है इहाँ की निराली
माल कितना भरा फिर भी देखो ज़रा
इहाँ हर आदमी है सवाली
इहाँ हर आदमी है सवाली
बिगड़ी बना ले अरे बिगड़ी बना ले
तू कैश करवा ले अपने मुकद्दर का चैक बबुआ
ई है बम्बई नगरिया तू देख बबुआ
ई है ई है
ई है बम्बई नगरिया तू देख बबुआ

ये शहरों में शहर है शहर बम्बईवा अरे वाह वाह बम्बईवा
ये बात सभी उल्टी फिर भी वाह रे बम्बईवा
ये बात सभी उल्टी फिर भी वाह रे बम्बईवा
बिन पानी का धोबी तालाब देखो देखो
इहाँ रेती पे पानी का भाव देखो देखो
घोड़ों पे करोड़ों का दाँव देखो
हसीनों से सभी का लगाव देखो
कोई बंदर नहीं है फिर भी नाम बान्द्रा
चर्च का गेट है चर्च है लापता
चर्च है लापता चर्च है लापता

अजब है ये रंग अनोखा है ढंग नई है तरंग नई है उमंग
कोई कंजूस है कोई है मलंग
मची है यहाँ देखो आपस में जंग आहा आपस में जंग
आहा आपस में जंग
दे घुमा के
अरे समुन्दर में जैसे है घुल गई भंग
ये रंग देख के मैं हो गया दंग
तो क्या समझे
ई है बम्बई नगरिया तू देख बबुआ
ई है बम्बई नगरिया तू देख बबुआ
……………………………………………………………
Ee hai bambai nagariya too dekh babua-Don 1978

Artist: Amitabh Bachchan

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Aug 10, 2019

तू नींदों की रानी और मैं-हनीमून १९९२

एक और कर्णप्रिय युगल गीत सुनते हैं ९० के दशक से. इस
में आपको चॉकलेटी हीरो ऋषि कपूर और अश्विनी भावे दिखाई
देंगे.

गीत जिन शब्दों से शुरू होता है उससे एकबारगी ऐसा लगता
है मानो फिल्म की नायिका को सोने का शौक है. नींदों की
रानी से हम और क्या मतलब निकल सकते हैं.

प्रणय और प्रेम की बात की जाए तो ९५ प्रतिशत मामलों में
महिलाएं पुरुष पर बीस इक्कीस ही साबित होती है. इस गीत
में दूसरे अंतरे से नायिका के भावों में जो इम्प्रूवाईजेशन होता
है वो देखने लायक है. आज की अभिनेत्रियां इसे क्लिप से
कुछ सीख सकती हैं.

गीत  लिखा है वर्मा मालिक ने और इसे उदित नारायण संग
अनुराधा पौडवाल ने गाया है. संगीतकार हैं आनंद मिलिंद.





गीत के बोल:

तू नींदों की रानी और मैं प्यार का सपना
छोड़ के मुझको जाना ना मेरा जी नहीं लगना
तू नींदों की रानी और मैं प्यार का सपना
छोड़ के मुझको जाना ना मेरा जी नहीं लगना
कभी जुदा नहीं हो सकता नींदों से सपना
दुनिया अपनी लगती जब तू हो गया अपना

तेरी कोमल जवानी को कहीं मेरी नज़र ना लगे
तेरी कोमल जवानी को कहीं मेरी नज़र ना लगे
मेरी दुआ है लाखों बरस तू
सोलह बरस की रहे
होता रहेगा जनम जनम यूँ ही मिलन ये अपना
दुनिया अपनी लगती जब तू हो गया अपना
तू नींदों की रानी और मैं प्यार का सपना

ये बरखा ये रिमझिम रिमझिम
और ये साथ तुम्हारा
ये बरखा ये रिमझिम रिमझिम
और ये साथ तुम्हारा
खुशी से बढ़ गयी धडकन मेरी
हो गया दिल आवारा
गले लगा के देख ज़रा मेरे दिल का धडकना
छोड़ के मुझको जाना ना मेरा जी नहीं लगना
हो कभी जुदा नहीं हो सकता नींदों से सपना

बोलो तो in gori गोरी baahon pe सो jaaoon
bolo to इन गोरी gori बाहों पे so जाऊं
तेरे naino की nagri में sajna मैं kho जाऊं
mere प्यार ke हाथ ko तुम zara प्यार se रखना
दुनिया अपनी लगती जब तू हो गया अपना

तू नींदों की रानी और मैं प्यार का सपना
छोड़ के मुझको जाना ना मेरा जी नहीं लगना
………………………………………………………………..
Too neendon ki rani-Honeymoon 1992

Artists: Ashwini Bhave, Rishi Kapoor

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Jul 30, 2019

बस अब तरसाना छोडो-संसार १९७१

आपने चित्रगुप्त का ६० के दशक तक का संगीत अवश्य ही
सुना होगा. वो कुछ अलग तरह का था. ७० के दशक तक
पहुँचते पहुँचते चित्रगुप्त ने भी अपने संगीत में काफी बदलाव
किये. इस बारे में हमने फिल्म परदेसी के गीतों को सुनवाते
वक्त चर्चा की थी.

फिजिक्स का एक फेनोमेना है-म्यूचुअल इंडक्शन. सन १९७१
में शंकर जयकिशन के संगीत वाली काफी सारी फ़िल्में आयीं.
१९७३ तक शंकर जयकिशन की उपस्थिति नियमित रूप से
बनी रही उसके बाद धीरे धीरे उनका काम कम होता चला.

आप आसानी से इस गीत को आँखों आँखों में फिल्म में भी
फिट कर सकते हैं. या यूँ कहें आँखों आँखों में का शीर्षक
गीत को इस फिल्म में. उसके अलावा जो दो संगीतकार और
याद आते हैं इस गीत से वो हैं-आर डी बर्मन और सोनिक-ओमी.

ये कुछ दुर्लभ सा कोम्बिनेशन है-साहिर और चित्रगुप्त का.
गीत गाया है किशोर कुमार और आशा भोंसले ने और इसे
फिल्माया गया है नवीन निश्चल और अनुपमा ?? पर.




गीत के बोल:

हो हो हो ए हे हे हा हा हा
ए बस अब तरसना छोडो
यूँ ही शरमाना छोडो
बस अब तरसना छोडो
यूँ ही शरमाना छोडो
जो दिल में प्यार का तूफ़ान है
हम जान गए हैं
जो दिल में प्यार का तूफ़ान है
हम जान गए हैं
हमें बहकाना छोडो
जी पीछे आना छोडो
हमें बहकाना छोडो
जी पीछे आना छोडो
तुम्हें जिस चीज़ का अरमान है
हम जान गए हैं
तुम्हें जिस चीज़ का अरमान है
हम जान गए हैं

इतना निखर के कोई आये तो
आये है किसी के लुभाने को
इतना निखर के कोई आये तो
आये है किसी के लुभाने को
तनहा किसी को कोई पाए
तो ना मचले गले से लगाने को
कितना छुपाएँ तेरी झुकती निगाहें
ये किसके क़त्ल का सामान है
हम जान गए हैं
ये किसके क़त्ल का सामान है
हम जान गए हैं

हमें बहकाना छोडो
जी पीछे आना छोडो
तुम्हें जिस चीज़ का अरमान है
हम जान गए हैं

छेड़ो ना हमको हटो जाओ
तुम्हें ऐसा ना था हमने जाना
छेड़ो ना हमको हटो जाओ
तुम्हें ऐसा ना था हमने जाना
छोडो बहाने अजी आओ
भला अपनों से कैसा शरमाना
पकड़ों ना आंचल मेरा जकडो ना बाहें
कि जितनी आपसे पहचान है
हम जान गए हैं
कि जितनी आपसे पहचान है
हम जान गए हैं

बस अब तरसना छोडो
यूँ ही शरमाना छोडो
जो दिल में प्यार का तूफ़ान है
हम जान गए हैं

करनी हैं तुमसे कई बातें
वो जो कानों में कहने वाली हैं
करनी हैं तुमसे कई बातें
वो जो कानों में कहने वाली हैं
जानूं मैं जानूं सभी घातें
वो चालें जो देखी भाली हैं
जुल्फों के नीचे दे दो दिल को पनाहें
ये मुश्किल किस कदर आसान है
हम जान गए हैं
ये मुश्किल किस कदर आसान है
हम जान गए हैं

हमें बहकाना छोडो
जी पीछे आना छोडो
तुम्हें जिस चीज़ का अरमान है
हम जान गए हैं
तुम्हें जिस चीज़ का अरमान है
हम जान गए हैं
......................................................................
Bas ab tarsana chhodo-Sansar 1971

Artists: Navin Nishchal, Anupama

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Jul 28, 2019

कोई यहाँ आ हा नाचे नाचे-डिस्को डांसर १९८२

इंस्पिरेशन की कलई हिंदी सिने और संगीत जगत में थोडा
देर से खुलना शुरू हुई. ये जानकारी उस समय तक केवल
संगीत प्रेमियों को ही हुआ करती थी. कुछ पत्रकारों को भी
मालूम होता था मगर फीलगुड और अपनी सुविधा और
सहूलियत की पत्रकारिता के चलते ये सब उजागर नहीं
हो पाता था.

आज आपको सुनवाते हैं एक गीत फिल्म डिस्को डांसर से
जो ‘वीडियो किल्ड द रेडियो स्टार’ नामक गीत से प्रेरित
है. इसको देसी बनाने में काफी मेहनत की गयी है और ये
शायद अपने समय के सबसे ज्यादा बजने वाले गीतों में से
एक है.


फिल्म में आठ गाने हैं जिनमें से सात अनजान ने लिखे हैं
और जो एक गीत फारूख कैसर ने लिखा है वो आज आप
इधर सुनेंगे. गीत बप्पी लहरी और उषा उथुप ने गाया है.
गीत के शुरू में जो आवाज़ है उसका खुलासा अभी तक नहीं
हुआ है कि आवाज़ किसकी है-विजय बेनेडिक्ट की या स्वयं
बप्पी की.

गीत में आपको करण राजदान और कल्पना अय्यर नाचते
दिखाई देंगे अन्य सहायक कलाकारों के साथ.





कोई यहाँ आ हा नाचे नाचे
कोई वहाँ आ हा नाचे नाचे
सारे हंसी आ हा नाचे नाचे
सारे जवां आ हा नाचे नाचे
अउवा अउवा अउवा अउवा

कोई यहाँ आ हा नाचे नाचे
कोई वहाँ आ हा नाचे नाचे
सारे हंसी आ हा नाचे नाचे
सारे जवां आ हा नाचे नाचे
अउवा अउवा तुमसे है तुमसे प्यार
अउवा अउवा मानो ना मेरे यार
अउवा अउवा तुमसे है तुमसे प्यार

प्यारा है गाना यही गाना बजाना यही
तुर तुर तराना बैंग बैंग
माने ना माने कोई हमने तो माना यही
सुनना सुनाना बैंग बैंग
किसी का दिल आ हा नाचे नाचे
किसी की जान आ हा नाचे नाचे
सारे हंसी आ हा नाचे नाचे
सारे जवां आ हा नाचे नाचे
अउवा अउवा तुमसे है तुमसे प्यार
अउवा अउवा मानो ना मेरे यार
अउवा अउवा तुमसे है तुमसे प्यार

दिल को जलाना नहीं कुछ भी छुपाना नहीं
झूठा बहाना बैंग बैंग
इतनी खुशु है यहाँ जिसका ठिकाना नहीं
लूटो खज़ाना बैंग बैंग
कहीं शमा आ हा नाचे नाचे
कहीं धुंआ आ हा नाचे नाचे
सारे हंसी आ हा नाचे नाचे
सारे जवां आ हा नाचे नाचे
अउवा अउवा तुमसे है तुमसे प्यार
अउवा अउवा मानो ना मेरे यार
अउवा अउवा तुमसे है तुमसे प्यार

दुनिया दीवानी लगे कितनी सुहानी लगे
कर दे जवानी बैंग बैंग
गाऊँ मैं गीत कोई सबकी कहानी लगे
यादें पुरानी बैंग बैंग
सारी फिज़ा आ हा नाचे नाचे
सारा जहाँ आ हा नाचे नाचे
सारे हंसी आ हा नाचे नाचे
सारे जवां आ हा नाचे नाचे
अउवा अउवा तुमसे है तुमसे प्यार
अउवा अउवा मानो ना मेरे यार
अउवा अउवा तुमसे है तुमसे प्यार

कोई यहाँ आ हा नाचे नाचे
कोई वहाँ आ हा नाचे नाचे
सारे हंसी आ हा नाचे नाचे
सारे जवां आ हा नाचे नाचे
अउवा अउवा तुमसे है तुमसे प्यार
अउवा अउवा मानो ना मेरे यार
अउवा अउवा तुमसे है तुमसे प्यार
............................................................................
Koi yahan aa ha nache nache-Disco dancer 1982

Artists: Karan Razdan,  Kalpana Iyer

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Jul 22, 2019

छू कर मेरे मन को-याराना १९८१

आपको फिल्म बेगुनाह से मुकेश का गाया गीत सुनवाया
उसी बीच फिल्म याराना का गीत-सारा ज़माना याद आ
गया. वजह क्या है आप दोनों गीतों को सुनें तो समझ
आ जायेगी.

अब आप सारा ज़माना गीत सुन चुके हैं अतः फिल्म से
एक दूसरा उम्दा गीत सुनते हैं-जिसके बोल लाजवाब हैं.
बोल अनजान के हैं और संगीत राजेश रोशन का. गीत
परदे पर अमिताभ बच्चन और नीतू सिंह पर फिल्माया
गया है. फिल्म का सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला
गीत भी यही है. क्यूँ ना हो दिल को छू जाता है.



गीत के बोल:

छू कर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा
छू कर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा
बदला ये मौसम लगे प्यारा जाग सारा
छू कर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा
बदला ये मौसम लगे प्यारा जाग सारा
छू कर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा

तू जो कहे जीवन भर तेरे लिए मै गाऊँ
तेरे लिए मैं गाऊँ
गीत तेरे बोलो पे लिखता चला जाऊं
लिखता चला जाऊं
मेरे गीतों मे तुझे ढूँढे जाग सारा
छू कर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा
बदला ये मौसम लगे प्यारा जाग सारा
छू कर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा


आ जा तेरा आँचल ये प्यार से मै भर दूं
प्यार से मै भर दूं
खुशियाँ जहाँ भर की तुझको नज़र कर दूं
तुझको नज़र कर दूं
तू ही मेरा जीवन तू ही जीने का सहारा

छू कर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा
बदला ये मौसम लगे प्यारा जाग सारा
छू कर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा
...............................................................................
Chhoo kar mere man ko-Yaarana 1981

Artists: Amitabh Bachchan, Neetu Singh

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Jan 22, 2019

मस्त बहारों का मैं आशिक-फ़र्ज़ १९६७

शंकर जयकिशन ने बनाया याहू, चाहे कोई मुझे जंगली कहे.
लक्ष्मी प्यारे न बनाया-ऊ ऊ, मस्त बहारों का मैं आशिक. ये
दोनों ही अपने ज़माने के हिट गाने हैं.

ऊ ऊ की ध्वनि शायद संगीतकार ने स्वयं निकाली है. इसे
लिखा है आनंद बक्षी ने और गाया है रफ़ी ने.

फिल्म को जीतेंद्र की सबसे सफल फिल्मों में गिना जाता है.



गीत के बोल:

ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ ऊ
मस्त बहारों का मैं आशिक मैं जो चाहें यार करूँ
चाहें गुलों के साए से खेलूँ चाहे कली से प्यार करूँ
सारा जहाँ है मेरे लिए मेरे लिये
ऊ ऊ
मस्त बहारों का मैं आशिक मैं जो चाहें यार करूँ
चाहें गुलों के साए से खेलूँ चाहे कली से प्यार करूँ
सारा जहाँ है मेरे लिए मेरे लिये

मैं हूँ वो दीवाना जिसके सब दीवाने हा
किसको है ज़रूरत तेरी ए ज़माने हा
मेरा अपना रास्ता दुनिया से क्या वास्ता
मेरे दिल में तमन्नाओं की दुनिया जवां है
मेरे लिये मेरे लिये

ऊ ऊ
मस्त बहारों का मैं आशिक मैं जो चाहें यार करूँ
चाहें गुलों के साए से खेलूँ चाहे कली से प्यार करूँ
सारा जहाँ है मेरे लिए मेरे लिये

मेरी आँखों से ज़रा आँखें तो मिला दे हा
मेरी आँखों से ज़रा आँखें तो मिला दे हा
मेरी राहें रोक ले नज़रें तू बिछा दे हा
तेरे सर की है कसम मैं जो चला गया सनम
तो ये रुत भी चली जायेगी ये तो यहाँ है
मेरे लिये मेरे लिये

ऊ ऊ
मस्त बहारों का मैं आशिक मैं जो चाहें यार करूँ
चाहें गुलों के साए से खेलूँ चाहे कली से प्यार करूँ
सारा जहाँ है मेरे लिए मेरे लिये

सबको ये बता दो कह दो हर नज़र से हा
सबको ये बता दो कह दो हर नज़र से हा
कोई भी मेरे सिवा गुज़रे ना इधर से हा
बतला दो जहां को समझा दो खिज़ां को
आये जाये यहाँ ना कोई ये गुलसितां है
मेरे लिए मेरे लिये

ऊ ऊ
मस्त बहारों का मैं आशिक मैं जो चाहें यार करूँ
चाहें गुलों के साए से खेलूँ चाहे कली से प्यार करूँ
सारा जहाँ है मेरे लिए मेरे लिये
मेरे लिए मेरे लिये मेरे लिए मेरे लिये
………………………………………….
Mast baharon ka main aashiq-Farz 1967

Artists: Jeetendra, Aruna Irani

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Dec 5, 2018

पराई हूँ पराई मेरी आरज़ू न कर-कन्यादान १९६८

हमने आपको फिल्म कन्यादान से एक गाना पहले
सुनवाया है लता मंगेशकर की आवाज़ में-हिल गये
हिल गये आज मेरे सनम. इसी फिल्म से लता का
गाया दूसरा सोलो गीत सुनते हैं जो ज़्यादा पॉपुलर
है.

हसरत जयपुरी की रचना है और शंकर जयकिशन का
संगीत. वैसे इस गीत की ध्वनियाँ अपने आप बतलाती
हैं कि ये शंकर जयकिशन की धुन है.

फिल्म तेरे घर के सामने में हमने नायिका को पानी के
गिलास में गाना गाते देखा. इस फिल्म में नायिका को
ऐश-ट्रे के इर्द गिर्द नाचते और गाते देखिये.



गीत के बोल:

पराई हूँ पराई हाँ हाँ
पराई हूँ पराई मेरी आरज़ू न कर
पराई हूँ पराई मेरी आरज़ू न कर
ना मिल सकूंगी तुझको मेरी जुस्तजू न कर
ना मिल सकूंगी तुझको मेरी जुस्तजू न कर
पराई हूँ पराई मेरी आरज़ू न कर

मेरे ख़याल में खोने से फ़ायदा क्या है
मेरे ख़याल में खोने से फ़ायदा क्या है
हंसी के पर्दे में रोने से फ़ायदा क्या है
उदास दिल को डुबोने से फ़ायदा क्या है
उदास दिल को डुबोने से फ़ायदा क्या है
जो मुझपे बोझ हो ऐसी तू गुफ़्तगू न कर

पराई हूँ पराई हाँ हाँ
पराई हूँ पराई मेरी आरज़ू न कर
ना मिल सकूंगी तुझको मेरी जुस्तजू न कर
पराई हूँ पराई मेरी आरज़ू न कर

तुझे खबर है के मेरी बारात आई थी
तुझे खबर है के मेरी बारात आई थी
हर एक फूल ने शहनाई सी बजाई थी
हसीन तारों ने डोली मेरी सजाई थी
हसीन तारों ने डोली मेरी सजाई थी
किसी की हो चुकी बदनाम आबरू न कर

पराई हूँ पराई हाँ हाँ
पराई हूँ पराई मेरी आरज़ू न कर
ना मिल सकूंगी तुझको मेरी जुस्तजू न कर
पराई हूँ पराई मेरी आरज़ू न कर

जो मेरा फ़र्ज़ था मैंने उसे निभाया है
जो मेरा फ़र्ज़ था मैंने उसे निभाया है
ख़ुशी समाज की रखी ये दिल मिटाया है
वफ़ा की राह में एक दीप सा जलाया है
वफ़ा की राह में एक दीप सा जलाया है
मेरे ख़याल को तू अपने रुबरु न कर

पराई हूँ पराई हाँ हाँ
पराई हूँ पराई मेरी आरज़ू न कर
ना मिल सकूंगी तुझको मेरी जुस्तजू न कर
पराई हूँ पराई मेरी आरज़ू न कर
…………………………………………………..
Parayi hoon parayi-Kanyadan 1968

Artists: Shashi Kapoor, Asha Parekh

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Sep 30, 2018

हम तो तेरे आशिक़ हैं सदियों पुराने-फ़र्ज़ १९६७

ये फिल्म फ़र्ज़ का वो गीत है जो जनता की जुबान पे
चढ गया. इसी गाने से हमने फिल्म फ़र्ज़ को पहचाना.
रेडियो के कार्यक्रमों में ऐसे युगल गीतों की फरमाईशें
इतनी क्यूँ आती थीं ये मैं समझ ना पाया वैसे ही
जैसे न्यूटन का सिद्धांत-सेब ऊपर से नीचे ज़मीन पर
ही गिरता है, हवा में क्यूँ नहीं उड़ता ? वो तो फ़िल्मी
सितारे भी बिना हीलियम के हवा में उड़ते रहते हैं और
रिटायरमेंट के बाद धडाम से ज़मीन पर आ गिरते हैं.

गीत आनंद बक्षी का, संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का
और आवाजें है मुकेश और लता की.

फिल्म के निर्देशक है रविकांत नागाईच. कैमरामैन से
निर्देशक बने नागाईच ने कई जासूसी फ़िल्में बनाई
हैं. बनाई से मतलब निर्देशन किया है. प्रोड्यूस तो
ऑफिशियली उन्होंने २ ही पिक्चर की हैं.

अब ये बतलायें कौन कौन सी हिंदी फिल्म में नायक
ने झाडी हिला हिला के गाने गाये हैं. एक ट्रिविया और
है वो ये कि सबसे ज्यादा गुलाबी लिपस्टिक का इस्तेमाल
बबीता ने ही किया है फिल्मों में.



गीत के बोल:

हम तो तेरे आशिक़ हैं सदियों पुराने
हम तो तेरे आशिक़ हैं सदियों पुराने
चाहे तू माने चाहे न माने
चाहे तू माने चाहे न माने
हम भी ज़माने से हैं तेरे दीवाने
हम भी ज़माने से हैं तेरे दीवाने
चाहे तू माने चाहे न माने
चाहे तू माने चाहे न माने

आई हैं यूं प्यार पे जवानियां अरमां दिल में हैं
दिल मुश्किल में है जान-ए-तमन्ना
तेरे इसी प्यार की कहानियां हर महफ़िल में हैं
सबके दिल में हैं जान-ए-तमन्ना
छेड़ते हैं सब मुझको अपने बेगाने
छेड़ते हैं सब मुझको अपने बेगाने
चाहे तू माने चाहे न माने
चाहे तू माने चाहे न माने

हम तो तेरे आशिक़ हैं सदियों पुराने
चाहे तू माने चाहे न माने
चाहे तू माने चाहे न माने

सोचो मोहब्बत में कभी हाथ से दामन छूटे तो
दो दिल रूठे तो तो फिर क्या हो
ऐसा न हो काश कभी प्यार में वादे टूटे तो
दो दिल रूठे तो तो फिर क्या हो
हम तो चले आयें सनम तुझको मनाने
हम तो चले आयें सनम तुझको मनाने
चाहे तू माने चाहे न माने
चाहे तू माने चाहे न माने

हम भी ज़माने से हैं तेरे दीवाने
चाहे तू माने चाहे न माने
चाहे तू माने चाहे न माने

मस्त निगाहों से इस दिल को मस्त बनाये जा
और पिलाये जा प्यार के सागर
दिल पे बड़े शौक से सितमगर ठेस लगाए जा
तीर चलाये जा याद रहे पर
तीर कभी बन जाते हैं खुद निशाने
तीर कभी बन जाते हैं खुद निशाने
चाहे तू माने चाहे न माने
चाहे तू माने चाहे न माने

हम तो तेरे आशिक़ हैं सदियों पुराने
हम भी ज़माने से हैं तेरे दीवाने
चाहे तू माने चाहे न माने
चाहे तू माने चाहे न माने
………………………………………..
Ham to tere aashiq hain-Farz 1967

Artists: Jeetendra,

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Sep 3, 2018

मिलती है जिंदगी में मोहब्बत-आँखें १९६८

फिल्म का नाम आँखें है तो उसमें सुन्दर और बड़ी बड़ी
आँखों वाली अभिनेत्री को होना ज़रूरी है. माला सिन्हा
फिल्म की प्रमुख नायिका हैं.

अपने समय का एक लोकप्रिय गीत है ये. उस समय से
अब ताल निरंतर बजता चला आ रहा है. कई सालों के
बाद भी इसकी ताज़गी बरकरार है.



गीत के बोल:

मिलती है जिंदगी में मुहब्बत कभी कभी
मिलती है जिंदगी में मुहब्बत कभी कभी
मिलती है जिंदगी में मुहब्बत कभी कभी
होती है दिलवरों की इनायत कभी कभी
होती है दिलवरों की इनायत कभी कभी

शरमा के मुंह न फेर नज़र के सवाल पे
शरमा के मुंह न फेर नज़र के सवाल पे
लाती है ऐसे मोड़ पे किस्मत कभी कभी
लाती है ऐसे मोड़ पे किस्मत कभी कभी
मिलती है जिंदगी में मुहब्बत कभी कभी

खुलते नहीं हैं रोज़ दरीचे बहार के
खुलते नहीं हैं रोज़ दरीचे बहार के
आती है जानेमन ये क़यामत कभी कभी
आती है जानेमन ये क़यामत कभी कभी
मिलती है जिंदगी में मुहब्बत कभी कभी

तन्हा ना कट सकेंगे जवानी के रास्ते
तन्हा ना कट सकेंगे जवानी के रास्ते
पेश आयेगी किसी की ज़रूरत कभी कभी
पेश आयेगी किसी की ज़रूरत कभी कभी
मिलती है जिंदगी में मुहब्बत कभी कभी

फिर खो न जायें हम कहीं दुनिया की भीड़ में
फिर खो न जायें हम कहीं दुनिया की भीड़ में
मिलती है पास आने की मोहलत कभी कभी
मिलती है पास आने की मोहलत कभी कभी
होती है दिलवरों की इनायत कभी कभी
मिलती है जिंदगी में मुहब्बत कभी कभी
मिलती है जिंदगी में मुहब्बत कभी कभी
……………………………………………..
Milti hai zindagi mein-Aankhen 1968

Artists: Mala Sinha, Dharmendra

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Jun 9, 2018

दिल विल प्यार व्यार-शागिर्द १९६७

विवरण नहीं होगा तो क्या पाठक गीत नहीं सुनेंगे? ऐसा
नहीं है जिन्हें सुनना है वो सुनेंगे और जिनको कॉपी और
केवल कॉपी पेस्ट करना है वो वही करेंगे. जब हमने ब्लॉग
शुरू किया था तब गिनती की वेबसाईट हुआ करती थीं. अब
सैकड़ों हैं.

सुनते हैं फिल्म शागिर्द से लता मंगेशकर का गाया हुआ
लोकप्रिय गीत. मजरूह सुल्तानपुरी की रचना है और इसे
संगीतबद्ध किया है लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने. नायिका को
तो आप पहचान ही गए होंगे.

https://www.youtube.com/watch?v=oHADwPlnPgo


गीत के बोल:

अय्या अय्या अय्या
दिल-विल प्यार-व्यार मैं क्या जानूँ रे
दिल-विल प्यार-व्यार मैं क्या जानूँ रे
जानूँ तो जानूँ बस इतना के मैं तुझे अपना जानूँ रे
दिल-विल प्यार-व्यार मैं क्या जानूँ रे
जानूँ तो जानूँ बस इतना के मैं तुझे अपना जानूँ रे
दिल-विल प्यार-व्यार
अय्या

तू है बुरा तो होगा पर बातों में तेरी रस है
जैसा भी है मुझे क्या अपना लगे तो बस है
घर है तेरा
घर है तेरा जिस नगरी में चाहे जो हो तेरा नाम रे
घर-वर नाम-वाम मैं क्या जानूँ रे
घर-वर नाम-वाम मैं क्या जानूँ रे ...
जानूँ तो जानूँ बस इतना के मैं तुझे अपना जानूँ रे
दिल-विल प्यार-व्यार

आदत नहीं के सोचूँ कितनों में हसीन है तू
लट में हैं कितने घूँघर नैनों में कितना जादू
बस तू मोहे
बस तू मोहे अच्छा लागे इतने ही से मुझ को काम रे
लट-वट नैंन-वैन मैं क्या जानूँ रे
लट-वट नैंन-वैन मैं क्या जानूँ रे
जानूँ तो जानूँ बस इतना के मैं तुझे अपना जानूँ रे
दिल-विल प्यार-व्यार

कुछ जानती तो कहती रुत बन कर के मैं खिली हूँ
डाली सी झूमती मैं साजन से आ मिली हूँ
तू ही जाने रुत है कैसी और है कितनी रँगीं शाम रे
रुत-वुत शाम-वाम मैं क्या जानूँ रे
रुत-वुत शाम-वाम मैं क्या जानूँ रे ...
जानूँ तो जानूँ बस इतना के मैं तुझे अपना जानूँ रे
दिल-विल प्यार-व्यार

पाया है जब से तुझको दिल पर नहीं है क़ाबू
एक प्यास है लबों पर बिखरे पड़े हैं गेसू
कुछ तो कह दे दर्द है कैसा कैसी प्यास है ये हर गाम रे
लब-वब प्यास-व्यास मैं क्या जानूँ रे
लब-वब प्यास-व्यास मैं क्या जानूँ रे

दिल-विल प्यार-व्यार मैं क्या जानूँ रे
दिल-विल प्यार-व्यार मैं क्या जानूँ रे
जानूँ तो जानूँ बस इतना के मैं तुझे अपना जानूँ रे
दिल-विल प्यार-व्यार
....................................................................
Dil vil pyar vyar-Shagird 1967

Artist: Saira Bano, Joy Mukherji

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Apr 8, 2018

काहे जादू किया मुझको इतना बता-नगमा १९५३

एक संगीतकार थे-शौकत देहलवी नाशाद जिन्होंने श्वेत श्याम
युग की कुछ फिल्मों में संगीत दिया. नाशाद का संगीत काफी
मधुर है. आपको फिल्म बारादरी के गीत तो याद होंगे ही.

आपको आज एक मधुर युगल गीत सुनवाते हैं फिल्म नगमा
से शमशाद बेगम और अमीरबाई कर्नाटकी का गाया हुआ. इस
गीतों को लिखा है नक्शब ने.



गीत के बोल:

काहे जादू किया मुझको इतना बता जादूगर बालमा
जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा
मुझको अपनी ख़बर है ना दिल का पता जादूगर बालमा
जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा
काहे जादू किया मुझको इतना बता जादूगर बालमा
जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा

ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
क्यों नज़र से न अब तक नज़र मिल सकी
ओ ओ ओ ना नज़र मिल सकी
दिल के परदे ही परदे में बिजली गिरी
आ के बिजली गिरी
होश उड़ने लगे तूर जलने लगा
जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा
काहे जादू किया मुझको इतना बता जादूगर बालमा
जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा

ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
फिर वही धुन सुना फिर वही गीत गा
हो ऑ ऑ फिर वही गीत गा
ऐसा नग़मा था सीने से दिल खिंच गया
हाय दिल खिंच गया
मुझको तड़पाने वाले हो तेरा भला
जादूगर बालमा जादूगर बालमा हो जादूगर बालमा
हो जादूगर बालमा
…………………………………………………………………
Kaahe jadoo kiya mujhko itna bata-Naghma 1953

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Apr 4, 2018

वो पास रहें या दूर रहें-बड़ी बहन १९४९

हिंदी सिने संगीत इतिहास की सबसे पहली सफल जोड़ी
है हुस्नलाल भगतराम की. ४० और पचास के दशक में
इनके गीत खूब बजा करते थे.

हुस्नलाल भगतराम की सबसे सफल फिल्मों में से एक
है बड़ी बहन. इस फिल्म के अधिकाँश गीत लोकप्रिय की
श्रेणी में आते हैं. फिल्म में सुरैया और लता मंगेशकर के
गाये गीत ही ज्यादा हैं. फिल्म के लिए दो गीतकारों ने
गीत लिखे-राजेन्द्र कृष्ण और कमर जलालाबादी. भाषा
पर दोनों की बढ़िया पकड़ थी और दोनों ही सरलता से
अपनी बात कहने के लिए प्रसिद्ध रहे.




गीत के बोल:

वो पास रहें या दूर रहें
नज़रों में समाये रहते हैं
इतना तो बता दे कोई हमें
क्या प्यार इसी को कहते हैं
वो पास रहें या दूर रहें
नज़रों में समाये रहते हैं
इतना तो बता दे कोई हमें
क्या प्यार इसी को कहते हैं

छोटी सी बात मुहब्बत की
छोटी सी बात मुहब्बत की
और वो भी कही नहीं जाती
कुछ वो शरमाये रहते हैं
कुछ हम शरमाये रहते हैं

वो पास रहें या दूर रहें
नज़रों में समाये रहते हैं
इतना तो बता दे कोई हमें
क्या प्यार इसी को कहते हैं

मिलने की घड़ियाँ छोटी हैं
मिलने की घड़ियाँ छोटी हैं
और रात जुदाई की लम्बी
जब सारी दुनिया सोती है
हम तारे गिनते रहते हैं

वो पास रहें या दूर रहें
नज़रों में समाये रहते हैं
इतना तो बता दे कोई हमें
क्या प्यार इसी को कहते हैं
…………………………………………………….
Wo paas rahen ya door rahen-Badi behan 1949

Artist: Suraiya

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Mar 10, 2018

आज सजन मोहे अंग लगा लो-प्यासा १९५७

हिंदी सिनेमा इतिहास में निवेदन गीत बहुत से बने हैं जिनमें से एक
उल्लेखनीय गीत है-आती क्या खंडाला. आज के दौर में इससे भी आगे
बढे हुए गीत बन चुके हैं.

हम चूंकि घिसे पिटे जून पुराने अंदाज़ वाले हैं इसलिए हमें काले पीले
दौर के गाने ज्यादा सुहाते हैं. एक उत्कृष्ट(इस शब्द का काफी दिन से
प्रयोग नहीं किया है) कोटि का गीत श्रवणते हैं चलचित्र प्यासा से. इस
चलचित्र के प्रमुख पात्रों को आप पहचानते है अतः नाम पुनः छापने में
कोई अर्थ नहीं.

साहित्यिक गीत सामने आते ही हमें वो सब याद आने लगता है-बीती
विभावरी जाग री, चारु चंद्र की चंचल किरणें, वो तोडती पत्थर के
साथ साथ चंदू के चाचा ने चंदू की चाची को चांदी के चम्मच से वेज
सूप पिलाया.



गीत के बोल:

सखी री बिरहा के दुखड़े सह सह कर
जब राधे बेसुध हो ली
तो इक दिन अपने मनमोहन से जा कर यूँ बोली

आज सजन मोहे अंग लगा लो
जनम सफ़ल हो जाये
आज सजन मोहे अंग लगा लो
जनम सफ़ल हो जाये
हृदय की पीड़ा देह की अग्नि
सब शीतल हो जाये
आज सजन मोहे अंग लगा लो
जनम सफ़ल हो जाये

करूं लाख जतन मोरे मन की तपन
मोरे तन की जलन नहीं जाये
करूं लाख जतन मोरे मन की तपन
मोरे तन की जलन नहीं जाये
कैसी लागी ये लगन कैसी जागी ये अगन
कैसी लागी ये लगन कैसी जागी ये अगन
जिया धीर धरन नहीं पाये
प्रेम सुधा मोरे साँवरिया साँवरिया
प्रेम सुधा इतनी बरसा दो जग जल थल हो जाये
आज सजन मोहे अंग लगा लो
जनम सफ़ल हो जाये

मोहे अपना बना लो मेरी बाँह पकड़
मैं हूँ जनम जनम की दासी
मोहे अपना बना लो मेरी बाँह पकड़
मैं हूँ जनम जनम की दासी
मेरी प्यास बुझा दो मनहर गिरिधर प्यास बुझा दो
मनहर गिरिधर प्यास बुझा दो
मनहर गिरिधर मैं हूँ अन्तर्घट तक प्यासी
प्रेम सुधा मोरे साँवरिया साँवरिया
प्रेम सुधा इतनी बरसा दो जग जल थल हो जाये
आज सजन मोहे अंग लगा लो
जनम सफ़ल हो जाये

कई जुग से हैं जागे मोरे नैन अभागे
कई जुग से हैं जागे मोरे नैन अभागे
कहीं जिया नहीं लागे बिन तोरे
सुख देखे नहीं आगे
सुख देखे नहीं आगे
दुःख पीछे पीछे भागे
जग सूना सूना लागे बिन तोरे
प्रेम सुधा मोरे साँवरिया साँवरिया
प्रेम सुधा इतनी बरसा दो जग जल थल हो जाये
आज सजन मोहे अंग लगा लो
जनम सफ़ल हो जाये
हृदय की पीड़ा देह की अग्नि
सब शीतल हो जाये
आज सजन मोहे अंग लगा लो
जनम सफ़ल हो जाये
..................................................................
Aaj sajan mohe ang laga lo-Pyasa 1957

Artist: Waheeda Rehman, Guru Dutt

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