May 13, 2017

जब तक पूरे ना हों फेरे सात-नदिया के पार १९८२

अपने ज़माने का सुपर हिट गीत और सदाबहार शादी गीत
फिल्म नदिया के पार से.

फिल्म: नदिया के पार
वर्ष: १९८२
गीतकार: रवीन्द्र जैन
गायिका: हेमलता
संगीत: रवीन्द्र जैन



गीत के बोल:

जब तक पूरे ना हों फेरे सात
तब तक दुल्हन नहीं दुल्हा की
रे तब तक बबुनी नहीं बबुआ की
ना
जब तक पूरे ना हों फेरे सात

अबही तो पहुना पहली भंवर पड़ी है
अभीं तो दिल्ली दूर खड़ी है
हो पहली भंवर पड़ी है दिल्ली दूर खड़ी है
सात फेरे सात जन्मों का साथ,
जब तक पूरे ना हों फेरे सात

जैसे जैसे भँवर पड़े मन अपनों को छोड़े
एक एक भाँवर नाता अन्जानों से जोड़े
मन घर अपनों को छोड़े, अन्जानों से नाता जोड़े
सुख की बदरी आँसू की बरसात,

जब तक पूरे ना हों फेरे सात
तब तक दुल्हन नहीं दुल्हा की
रे तब तक बबुनी नहीं बबुआ की
ना
जब तक पूरे ना हों फेरे सात
…………………………………………………………
Artists: Sachin, Sadhna Singh,

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