हम मतवाले नौजवान-शरारत १९५९
एक सुनते हैं आज. किशोर कुमार और मीना कुमारी पर
फिल्माए गए इस गीत को लिखा है हसरत जयपुरी ने
और इसकी धुन तैयार की है शंकर जयकिशन ने.
इस गीत की शान में किसीने एक पन्ने का तो किसी ने
पांच पन्ने का निबंध लिखा है, आप ढूँढेंगे तो इन्टरनेट पर
आपको आसानी से मिल जायेंगे वो सब. हम कुछ ज्यादा
लिखेंगे तो लगेगा बातें रिपीट हो रही हैं इसलिए इस पोस्ट
को ज्यादा गौर से ना पढ़ कर लेकिन गीत को ध्यान से
सुन कर काम चलायें.
गीत के बोल:
हम मतवाले नौजवान मंज़िलों के उजाले
लोग करे बदनामी कैसे ये दुनिया वाले
हम मतवाले नौजवान मंज़िलों के उजाले
लोग करे बदनामी कैसे ये दुनिया वाले
करे भलाई हम बुरे बनें हरदम
इस जहाँ की रीत निराली
प्यार को समझे हाय रे हाय सितम
हम मतवाले नौजवान
हम धूल में लिपटे सितारे
हम ज़र्रे नहीं हैं अंगारे
नादाँ है जहाँ समझेगा कहाँ
हम नौजवान के इशारे
जब जब झूम के निकले हम
जान के पड़ जायें लाले
लोग करें बदनामी कैसे ये दुनिया वाले
हम मतवाले नौजवान
हम रोते दिलों को हँसा दें
दुख दर्द की आग बुझा दें
बेचैन नज़र बेताब जिगर
हम सबको गले से लगा लें
हम मनमौजी शहज़ादे दुखियों के रखवाले
लोग करें बदनामी कैसे ये दुनिया वाले
आदत के बड़े मस्ताने
और प्यार के हम हैं दीवाने
बढते ही चलें पीछे पीछे ना हटें
आजादी के हम परवाने
दुनिया बदलने आये हम तूफानों के पालए
लोग करें बदनामी कैसे ये दुनिया वाले
करें भलाई हम बुरे बने हरदम
इस जहां की रीत निराली
प्यार को समझे हाय रे हाय सितम
हम मतवाले नौजवान मंज़िलों के उजाले
लोग करे बदनामी कैसे ये दुनिया वाले
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Ham matwale naujawan-Shararat 1959
Artists: Kishore Kumar, Meena Kumari

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