Aug 31, 2017

बम्बई से आया मेरा दोस्त-आप की खातिर १९७७

७० के दशक में बप्पी लहरी ने काफी धमाकेदार अंदाज़ में हिंदी
फिल्म संगीत क्षेत्र में कदम रखा था. आपको सुनवाते हैं १९७७
की एक फिल्म का चर्चित गीत जो उस समय युवाओं की पसंद
हुआ करता था. गीत में दिन में आराम करने का सन्देश दिया
गया है जो मौज मस्ती करने वालों को काफी पसंद आया.

शैली शैलेन्द्र के बोल हैं और इस गीत को बप्पी ने स्वयं गाया
है. गीत में विनोद खन्ना और पता नहीं कौन कौन हैं.




गीत के बोल:

मीठी है मौसम्बी तो कड़वा है करेला
माशूक़ तेरे अन्दर तू हिक तू हिक तू बहार खड़ेला
जा जा जवानी कबसे हिक कबसे हिक कबसे बुला रही है
बुड्ढी के चक्कर में तू कायकु हिक कायकु हिक कायकु पड़ेला

बम्बई से आया मेरा दोस्त दोस्त को सलाम करो
बम्बई से आया मेरा दोस्त दोस्त को सलाम करो
रात को खाओ पियो दिन को आराम करो
वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह

सब मिल के नाचो गाओ छुट्टी है मौज मनाओ
सब मिल के नाचो गाओ छुट्टी है मौज मनाओ
अरे अरे सब मिलके नाचो गाओ, छुट्टी है मौज मनाओ
सब मिल के नाचो गाओ छुट्टी है मौज मनाओ
बम्बई से आया मेरा दोस्त दोस्त को सलाम करो
रात को खाओ पियो दिन को आराम करो
वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह

गये राजा महाराजा अब सब तुझा माझा
गये राजा महाराजा अब सब तुझा माझा
अरे अरे मिल के बजाओ बाजा हलवा खाओ ताजा
अरे अरे मिल के बजाओ बाजा हलवा खाओ ताजा
सभी अमीर बनो गरीबी दूर करो
रात को खाओ पियो दिन को आराम करो
बम्बई से आया मेरा दोस्त दोस्त को सलाम करो
रात को खाओ पियो दिन को आराम करो
वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह वाह

अब ना कोई हो कड़का ना कोई पैसे वाला
अब ना कोई हो कड़का ना कोई पैसे वाला
अरे अरे नाचेंगे सब मिल के जीजा हो या साला
अरे अरे नाचेंगे सब मिल के जीजा हो या साला
छोड़ो काले धन्धे सफ़ेद काम करो
रात को खाओ पियो दिन को आराम करो
बम्बई से आया मेरा दोस्त दोस्त को सलाम करो
बम्बई से आया मेरा दोस्त दोस्त को सलाम करो
रात को खाओ पियो दिन को आराम करो
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Bambai se aaya mera dost-Aap ki khatir 1977

Artist: Vinod Khanna

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