उलफ़त का अधूरा अफ़साना-नीली १९५०
निर्देशन में. गीत लिखा है सुरजीत सेठी ने और इसे गाया
है सुरैया ने.
इस फिल्म से एक गीत आप सुन चुके हैं पहले. आकर्षक
धुन वाला वो गीत खुशनुमा है. प्रस्तुत गीत थोडा सा दर्द
भरा है.
गीत के बोल:
उलफ़त का अधूरा अफ़साना कुछ भूल गये कुछ याद भी है
साहिल से लहर का टकराना कुछ भूल गये कुछ याद भी है
उलफ़त का अधूरा अफ़साना कुछ भूल गये कुछ याद भी है
तेरे अहदे वफ़ा ने काम किया
मेरा शौक़-ओ-जुनून बढ़ता ही गया
तेरे अहदे वफ़ा ने काम किया
मेरा शौक़-ओ-जुनून बढ़ता ही गया
अफ़सोस बुलन्दी पर ला कर ख़ुद तूने हमको गिरा दिया
लिपटा के गले यूँ ठुकराना कुछ भूल गये कुछ याद भी है
उलफ़त का अधूरा अफ़साना कुछ भूल गये कुछ याद भी है
हम आग से खेले जल भी गये
वो आँख चुरा कर चल भी दिये
हम आग से खेले जल भी गये
वो आँख चुरा कर चल भी दिये
हम उनको भुलायेंगे कैसे जो एक घड़ी में बदल भी गये
इक दर्द मिला है नज़राना कुछ भूल गये कुछ याद भी है
उलफ़त का अधूरा अफ़साना कुछ भूल गये कुछ याद भी है
साहिल से लहर का टकराना कुछ भूल गये कुछ याद भी है
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Ulfat ka adhoora afsana-Nili 1950
Artist: Suraiya
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