Sep 16, 2019

दिया ना बुझे री आज-सन ऑफ इंडिया १९६२

फिल्म सन ऑफ इंडिया में दुःख वाले गीत ज़्यादा है
या मुझे ही ऐसा लगता है. फ़िल्में हम मनोरंजन के
लिए देखते हैं. कुछ फ़िल्में दुखी कर देती हैं. शब्दकोष
में मैंने मनोरंजन का पर्यायवाची शब्द दुःख या तकलीफ
नहीं देखा. क्या बॉलीवुड के दिग्गज इसे एलेबोरेट
करेंगे.

गम वाले गाने ज्यादा सुन लो तो दिल गोंद सा चिपकने
लगता है गाने के गम से. मिसाल इससे बेहतर भी दी
जा सकती है मगर मुफ्त में तो ऐसे मिसालें ही मिलेंगी
ना. इस बात को भी कोई अपने वीडियो में गाने के
ऊपर तैरा देगा और हजारों की वाह वाह प्राप्त कर लेगा.

इस गाने के गीतकार/संगीतकार/गायिका क्रमशः हैं-
शकील/नौशाद/लता. आनंद लीजिए जब तक वीडियो
जिंदा है. फिल्म के बेहतर गीतों में से एक.


गीत के बोल:

दिया न बुझे री आज हमारा
दिया न बुझे री आज हमारा
चले री पवन सनन सनन
थर थर कांपे जियरा
दिया न बुझे री आज हमारा

आज का जगमग रूप निखारे
आज का जगमग रूप निखारे
प्रीत में खोये नैन हमारे
ढूंढे पी का द्वारा
दिया न बुझे

एक तो बदरा घन घन गरजे
एक तो बदरा घन घन गरजे
दूजे बिजुरिया चम चम चमके
जलथल है जग सारा

दिया न बुझे री आज हमारा
चले री पवन सनन सनन
थर थर कांपे जियरा
दिया न बुझे री

रूप की ज्योति डगमग डोले
रूप की ज्योति डगमग डोले
हमरा करजवा खाये झकोले
राम न हो अँधियारा

दिया न बुझे री आज हमारा
दिया न बुझे री आज हमारा
नि सा ग म प म प ग म प
ग म प म ग म ग रे सा सा
नि सा ग म ध ध ग म ध नि सा
सा नि सा सा ध नि नि प ग ग
म ध नि सा म ध नि सा म ध नि सा
ना बुझे री आज हमारा
दिया न बुझे
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Diya na bujhe ri-Son of India 1962

Artist: Kumkum

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