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Nov 16, 2025

हम भी राहों में खड़े हैं(युगल गीत)-सलाम मेमसाब १९७९

असरानी की बात चली तो एक और गीत सुनते हैं असरानी द्वारा 
निर्मित एक अन्य फिल्म का.   फिल्म का नाम सलाम मेमसाब है जो
 सन १९७९ में आई थी. इसमें असरानी संग ज़रीना वहाब की मुख्य
भूमिकाएं हैं.
 
३०० से ज्यादा फिल्मों और ५० साल के कैरियर में असरानी ने कई 
अविस्मरनीय भूमिकाएं की हैं.उनके कार्यों में सबसे ज्यादा लोकप्रिय 
तो निस्संदेह फिल्म शोले का जेलत वाला किरदार है. उसके अलावा
हमें सोशल मीडिया पर एक मीम अक्सर दिखाई देता है जिसमें असरानी 
"ये क्या देखना पद रहा है" कहते दिखाई देते हैं. ये है फिल्म धमाल 
का दृश्य.

आपको याद होगा फिल्म छोटी सी बात जिसमें अमोल पालेकर
और विद्या सिन्हा प्रमुख कलाकार हैं. उसमें भी सेकंड लीड
असरानी हैं.
 
प्रस्तुत गीत मजरूह का लिखा हुआ है जिसकी धुन तैयार की है 
आर डी बर्मन ने . ये एक हल्का फुल्का गीत है जिसका दुखद तर्जुमा 
भी फिल्म में मौजूद है जिसे लता मंगेशकर ने गाया है.

 

 गीत के बोल:

सलाम साहब
अरे सलाम मेमसाहब
अरे जरा इधर भी नजर फेंकिए
आ हा हा हा
अरे बोनी तो हो गई ए जिओ राजा ए जिओ रानी

ओ ले लो ले लो दुवा किसी बेकरार की
हम भी राहों में खड़े हैं यार इधर देख लो
हम भी राहों में खड़े हैं यार इधर देख लो
जानेमन प्यार से एक नज़र देख लो
हम भी राहों में खड़े हैं यार इधर देख लो
जानेमन प्यार से एक नज़र देख लो
हम भी राहों में खड़े हैं

हम दुखों के पाले हैं, हाँ मगर दिलवाले हैं
एक नज़र पे रुक जाए, ऐसे हम मतवाले हैं
हो ओ ओ........
अपने हो या बेगाने, हम तो सबके दीवाने
हर गली में बाहो के हार हमने डाले हैं
ये ही तो है गलिया वो प्यार की
आनेवालो
आनेवालो मेरे दिल का नज़र देख लो
जानेमन प्यार से एक नज़र देख लो
हम भी राहों में खड़े हैं

दिल का साथी है जब दिल, कैसा रस्ता क्या मंजिल
चल पड़ो तो रस्ता है, ठहर जाओ तो मंजिल
रंग ये बाज़ारो का रूप ये दिलदारो का
जो नजारा देखो है चूम लेने के काबिल
हो ओ हवा खाने वालों मेरे गुलज़ार की
क्या हो थोड़ा सा ऐ भाई
क्या हो थोड़ा सा हमें भी अगर देख लो
जानेमन प्यार से एक नज़र देख लो
हम भी राहों में खड़े हैं

हम तो चाहत से हारे फिरते हैं मारे मारे
तुम रहो हँसते बसते साथ हों चंदा तारे
फिर यूँ ही जाने जाना कल कहीं पे मिल जाना
हम चले गाते नगमे खुश रहो तुम भी प्यारे
हो ओ जाओ लूटो मजे शाम है बहार की
जाते जाते ओ मामू
जाते जाते हो सके तो इधर देख लो
जानेमन प्यार से एक नज़र देख लो
हम भी राहों में खड़े हैं
.................................................................................
Ham bhi rahon mein khade hain(duet)-Salaam Memsaab 1979

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Nov 15, 2025

तेरी कठपुतली हूँ-चला मुरारी हीरो बनने १९७७

जिसे आना है उसे जाना है. नश्वर संसार का यही नियम है. पिछले दिनों
बॉलीवुड के एक शानदार कलाकार असरानी अगली दुनिया को कूच कर
गए. अपने हास्य द्वारा लोगों कामनोरंजन करते करते उन्होंने कुछ गंभीर
किस्म की फ़िल्में बनाने कीकोशिश भी करी मगर जनता को उनका ये 
अंदाज़ शायद पसंद नहीं आया.

उनकी बनायीं १९७७ के फिल्म चला मुरारी हीरो बनने का एक गीत
सुनते हैं. इस फिल्म में हेमा मालिनी की भी भूमिका है. ये गीत उनीं पर
फिल्माया गया है जिसमें असरानी भी नाचते दिखलाई डे रहे हैं.

 

 गीत के बोल:
 
तेरी कह्पुटली हूँ नाचने निकली हूँ
नचा ले जैसा भी दिल चाहे अब तेरा
मैं कुछ न बोलूंगी तेरे संग डोलूँगी
हाय रे मैं हूँ तुम्हारी तू साजन है मेरा
तेरी कह्पुटली हूँ नाचने निकली हूँ
नचा ले जैसा भी दिल चाहे अब तेरा
मैं कुछ न बोलूंगी तेरे संग डोलूँगी
हाय रे मैं हूँ तुम्हारी तू साजन है मेरा
 
अब काहे का डरना जग से अब काहे की चोरी
बांध ली तेरे संग बलमवा जब ये प्रीत की डोरी
अब काहे का डरना जग से अब काहे की चोरी
बांध ली तेरे संग बलमवा जब ये प्रीत की डोरी
 
के बांके बावरिया बजा के पयलिया
रोज़ करती हूँ तुम्हारी गलियो का फेरा
 
तेरी कठपुतली हूँ नाचने निकली हूँ
नचा ले जैसा भी दिल चाहे अब तेरा
मैं कुछ न बोलूंगी तेरे संग डोलूँगी
हाय रे मैं हूँ तुम्हारी तू साजन है मेरा

राम कसम मैं सच कहती हूँ सुन ले ओ हमजोली
दो दिन में तू मेरे घर पे लाया न जो डोली
राम कसम मैं सच कहती हूँ सुन ले ओ हमजोली
दो दिन में तू मेरे घर पे लाया न जो डोली

तो मायके से चल के मैं खुद मेहँदी मल के
द्वार पे तेरे ओ जुल्मी लगा दूंगी डेरा
 
तेरी कठपुतली हूँ नाचने निकली हूँ
नचा ले जैसा भी दिल चाहे अब तेरा
मैं कुछ न बोलूंगी तेरे संग डोलूँगी
हाय रे मैं हूँ तुम्हारी तू साजन है मेरा
.................................................................................
Teri kahputli hoon-Chala MUrari Hero Banne 1977

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Mar 16, 2024

मेरी आवाज़ ही पहचान है-किनारा १९७७

पिछले साल हमने एक दुखद घटना के दिन एक गाना 
बारंबार सुना टी वी चैनलों पर. ये था फिल्म किनारा का गीत.
इसे गाने वाले दोनों ही इस दुनिया को अलविदा कह गए. 
आज भूपेंद्र भी अपनी आवाज़ की पहचान हमारे लिए 
धरोहर की तरह छोड़ गए.
 
धीर गंभीर आवाज़ के धनी भूपेंद्र ने गायकी को अपने आयाम दिए. 
खुमारी वाली गायकी  शायद ये अपनी तरह की पहली ही थी. 
अदनान सामी की गायकी में अल्सयापन ज्यादा है खुमारी
कम.
 
वर्त्तमान गीत में खुमारी नहीं है मगर एक नशा सा है जो दिमाग 
पर चढ़ जाता है और इसकी यही खूबी इसे कालजयी गीत बनाती 
है. गीत के बोल तो खैर अपनी जगह हैं मगर इसकी धुन नायाब 
है. इसका संगीत राहुल देव बर्मन ने तैयार किया है. राहुल देव बर्मन
ने अपना सर्वश्रेष्ठ उत्पादन जिन गीतकारों के साथ दिया है उनमें
से एक हैं गुलज़ार.


गीत के बोल:

नाम गुम जायेगा चेहरा ये बदल जायेगा
मेरी आवाज़ ही पहचान है
गर याद रहे

वक़्त के सितम कम हसीं नहीं
आज हैं यहाँ कल कहीं नहीं
वक़्त से भरे अगर मिल गये कहीं
मेरी आवाज़ ही पहचान है
गर याद रहे

जो गुज़र गई कल की बात थी
उम्र तो नहीं एक रात थी
रात का सिला अगर फिर मिले कहीं
मेरी आवाज़ ही पहचान है
गर याद रहे

दिन ढले जहाँ रात पास हो
ज़िंदगी की लौ ऊँची कर चलो
याद आये गर कभी जी उदास हो
मेरी आवाज़ ही पहचान है
गर याद रहे
.......................................................................
Naam Gum Jayega-Kinara 1977

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Oct 31, 2020

जाने वाले ओ जाने वाले-हिना १९९२

जाने वाले चले जाते हैं. आखिर को किसी के रोके से कौन रुका है.
अकेले ही आना है और अकेले ही जाना है. चाहे जीवन के किसी
हिस्से में आगे ना मिलने के लिए बिछडना हो या संसार से
विदा लेना हो, विदा करने वाले अपनी भावनाएं क्विंटलों में 
उडेलते हैं.

वो समय था जब चीज़ें धीरे धीरे अपना आकार लेती थीं. आज की
तरह नहीं-हटा सावन की घटा स्टाईल-एक क्षण फुर्र दूसरे क्षण 
छू. करेले के हलवे और लहसुन की चाय वाले इस युग में 
मुझे मुकेश का एक पुराना गीत याद आता है-सुर की गति मैं
क्या जानूं. इसे यूँ समझें-फिल्मों की गति मैं क्या जानूं. 

तकनीकि का विकास हुआ मगर क्या घोड़े ने चारा खा के अगले
ही क्षण लीद निकालना शुरू कर दिया ? इंसानों की क्रिएटिविटी
इतनी रफ़्तार वाली हो गई कि एक हफ्ते में मास्टरपीस फ़िल्में 
बनने लग गयीं ?

सुनते हैं फिल्म हिना से एक कर्णप्रिय गीत जिसे ऋषि कपूर
और ज़ेबा बख्तियार पर फिल्माया गया है. Zee Music का
धन्यवाद जिसकी वजह से ये गीत हम देख
सुन पा रहे हैं.                                                                                                                                              




गीत के बोल:

गीत का आनंद लें, बोलों की
आवश्यकता हो तो कमेन्ट करें
...........................................................
Jaane waale o jaane waale-Henna 1991

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Aug 11, 2020

कहाँ जा के ये नैना लड़े-शिव भक्त १९५५

आज के दिन फिल्म जगत में काफी सारे कलाकार पैदा
हुए. हीरो और हीरोईन को तो सभी याद कर लेते हैं किन्तु
गीतकार और संगीतकार को याद करने वाले कुछ लोग ही
मिलते हैं.

गोपाल सिंह नेपाली ने श्वेत श्याम युग में काफी गीत लिखे.
राष्ट्रीय धारा के जनप्रिय कवि गोपाल सिंह नेपाली बिहार के
चम्पारन जिले में जन्मे. उन्होंने बतौर पत्रकार भी काम
किया. उन्होंने सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के साथ एक मासिक
पत्रिका में भी काम किया.

आज  हम आपको सुनवायेंगे फिल्म शिवभक्त से एक गीत
जिसका संगीत बिहार मूल के ही प्रसिद्ध संगीतकार चित्रगुप्त
ने तैयार किया है. इसे परदे पर पद्मिनी पर फिल्माया गया
है जिसे लता मंगेशकर ने गाया है.




गीत  के बोल:

कहाँ जा के ये नैना लड़े
.
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Kahan ja ke ye naina lade-Shiv bhakt 1955

Artist: Padmini

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Aug 10, 2020

दिल ने फिर याद किया-महल १९४९

वफ़ा शब्द को शायद उतनी तवज्जो नहीं मिली जितनी कि
बेवफा शब्द को. हिंदी फिल्म संगीत के खजाने में बहुतेरे
लोकप्रिय गीत हैं बेवफा शब्द वाले.

आज हम सन १९४९ की भूतिया फिल्म महल से लता का
गाया और मधुबाला पर फिल्माया गया एक मधुर गीत सुनते
हैं. नक्शब की रचना है और खेमचंद प्रकाश का संगीत. अपने
समकालीनों में खेमचंद प्रकाश ज्यादा विविधता भरा संगीत
रचा करते थे और उनके संगीत में वो अतिरिक्त जीवन्तता
हुआ करती थी जिसकी तलाश कईयों को थी उस वक्त.

अगर आप अपनी दिमागी क्लॉक को उस समय के हिसाब
से सेट कर साकें तो महसूस कर पाएंगे जो मैंने ऊपर कहा है,




गीत  के बोल:

दिल ने फिर याद किया बेवफा लौट भी आ
दिल ने फिर याद किया बेवफा लौट भी आ
बेवफा लौट भी आ बेवफा लौट भी आ
बेवफा लौट भी आ बेवफा लौट भी आ
दिल ने फिर याद किया बेवफा लौट भी आ
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Dil ne phir yaad kiya-Mahal 1949

Artist: Madhubala

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Aug 9, 2020

हम भूल गये रे हर बात-सौतन की बेटी १९८९

सावन कुमार ने अपना फ़िल्मी कैरियर बतौर निर्माता शुरू
किया था. फिल्म का नाम है नौनिहाल. इसके बाद सन १९७१
की मीना कुमारी अभिनीत फिल्म गोमती के किनारे से उनका
निर्देशन का कैरियर प्रारंभ हुआ.

सावन कुमार बहुआयामी व्यक्तित्व के स्वामी हैं जहाँ तक
फिल्म के भिन्न भिन्न पहलुओं का सवाल है. उनके लिखे
हुए कई गीत बेहद लोकप्रिय हुए.

पुरस्कार उनसे दूर ही रहे. जाने क्यूँ पुरस्कारों को कई लोगों
से एलर्जी होती है. वैसे भी ले दे के वही काली औरत वाले
अवार्ड चले आये फिल्म उद्योग में ९० के दशक तक. उसके
बाद काफी सारे पुरस्कारों का आविष्कार हुआ. सूरत फिर भी
बहुत ज्यादा नहीं बदली और नए आविष्कारों से भी जनता
को शिकायत रहने लगी. वो नेपोटिस्म और पोटाइस्म इतना
ज्यादा हावी है यहाँ कि उससे अक्सर जनता को समझौता
ही करना पड़ता है.

सुनते हैं सौतन की बेटी से एक गाना जिसका संगीत तैयार
किया है वेदपाल वर्मा ने. इसे लता मंगेशकर ने गाया है.

ये गाना हालांकि एक पडोसी देश के गाने से प्रेरित है, यूँ
कहें काफी दोस्ताना है दोनों गानों में, जहाँ तक मुखड़े का
सवाल है. उसके बाद धुनें जुदा सी लगती हैं.





गीत के बोल:

हम भूल गये रे हर बात मगर तेरा प्यार नहीं भूले
हम भूल गये रे हर बात मगर तेरा प्यार नहीं भूले
क्या क्या हुआ दिल के साथ
क्या क्या हुआ दिल के साथ मगर तेरा प्यार नहीं भूले
हम भूल गये रे हर बात मगर तेरा प्यार नहीं भूले
.
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…………………………………………………………………
Ham bhool gaye re har baat-Souten ki beti 1989

Artist: Rekha

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Aug 5, 2020

राम भजन कर मन-भजन

आज के शुभ अवसर पर सुनते हैं एक राम भजन जो
मन को शीतलता प्रदान करेगा. आज के दिन बॉलीवुड
में क्या हुआ और कैसे हुआ, क्या हो रहा है प्रासंगिक
नहीं लगता मुझे.

पंडित नरेन्द्र शर्मा का लिखा हुआ है और इसकी धुन
श्रीनिवास खाले ने तैयार की है. लता मंगेशकर ही वो
हस्ती हैं बॉलीवुड से जिनकी आवाज़ आज सुनाई दी.
बाकी के तो लगता है नींद से उठे ही नहीं या सोने का
उपक्रम कर रहे हैं.. 




गीत के बोल:

राम भजन कर मन
राम भजन कर मन
राम भजन कर मन
राम भजन कर मन

ओ मन रे कर तू
ओ मन रे कर तू
राम भजन कर मन
राम भजन कर मन
………………………………………
Ram bhajan kar man-Bhajan

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Aug 3, 2020

ये दिल और उनकी-प्रेम पर्वत १९७३

आज संगीतकार जयदेव का जन्मदिन है और हम इस
अवसर पर सुनेंगे फिल्म प्रेम पर्वत से एक गीत जो कि
एक बेहद लोकप्रिय गीत है. इसे जान निसार अख्तर
ने लिखा है.

समय के साथ भिन्न और अज्ञात कारणों से नष्ट हुई
फिल्मों में से एक है प्रेम पर्वत. ये अफसोसजनक है,
मगर क्या किया जाए.




गीत के बोल:

ये दिल और उनकी निगाहों के साये
ये दिल और उनकी निगाहों के साये
ये दिल और उनकी निगाहों के साये
मुझे घेर लेते हैं बाहों के साये
मुझे घेर लेते हैं बाहों के साये

पहाड़ों को चंचल किरण चूमती है
पहाड़ों को चंचल किरण चूमती है
हवा हर नदी का बदन चूमती है
हवा हर नदी का बदन चूमती है
यहाँ से वहाँ तक हैं चाहों के साये
यहाँ से वहाँ तक हैं चाहों के साये
ये दिल और उनकी निगाहों के साये ...
मुझे घेर लेते हैं बाहों के साये
मुझे घेर लेते हैं बाहों के साये

लिपटते ये पेड़ों से बादल घनेरे
लिपटते ये पेड़ों से बादल घनेरे
ये पल पल उजाले ये पल पल अंधेरे
ये पल पल उजाले ये पल पल अंधेरे
बहुत ठंडे ठंडे हैं राहों के साये
बहुत ठंडे ठंडे हैं राहों के साये
ये दिल और उनकी निगाहों के साये
मुझे घेर लेते हैं बाहों के साये
मुझे घेर लेते हैं बाहों के साये

धड़कते हैं दिल कितनी आज़ादियों से
धड़कते हैं दिल कितनी आज़ादियों से
बहुत मिलते जुलते हैं इन वादियों से
बहुत मिलते जुलते हैं इन वादियों से
मुहब्बत की रंगीं पनाहों के साये
मुहब्बत की रंगीं पनाहों के साये
ये दिल और उनकी निगाहों के साये
मुझे घेर लेते हैं बाहों के साये
मुझे घेर लेते हैं बाहों के साये
……………………………………..
Ye dil aur unki nigahon ke-Pram parbat 1973

Artist:

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Aug 1, 2020

मोहे भूल गए साँवरिया-बैजू बावरा १९५२

आज बॉलीवुड की जिन शख्सियतों का जन्मदिन हैं उनमें से एक
हैं हिंदी सिनेमा इतिहास की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में से
एक मीना कुमारी.

इसके अलावा अभिनेता और निर्देशक भगवान, प्रसिद्ध संवाद लेखक
राही मासूम रज़ा और गीतकार मोती बी ए भी आज ही के दिन पैदा
हुए थे.

विजय भट्ट निर्देशित फिल्म बैजू बावरा सिनेमा इतिहास की कुछ
शानदार फिल्मों में से एक है. फिल्म के कथानक और इसके संगीत
में गज़ब का आकर्षण है.

आज हम सुनेंगे लता मंगेशकर का गाया हुआ इस फिल्म का सबसे
लोकप्रिय गीत. दर्द भरे गीत वैसे भी ज्यादा लोकप्रिय होते हैं और
लंबे समय तक सुने जाते हैं. इसकी अलौकिकता में शुरू की पंक्तियाँ
काफी हद तक जिम्मेदार हैं.

गीत शकील बदायूनीं का है और संगीत नौशाद का.




गीत के बोल:

जो मैं ऐसा जानती
के प्रीत किये दुख होय
हो ओ ओ नगर ढिंढोरा पीटती
के प्रीत न करियो कोय

मोहे भूल गए साँवरिया भूल गए साँवरिया
मोहे भूल गए साँवरिया भूल गए साँवरिया
आवन कह गये अजहुं न आये
आवन कह गये अजहुं न आये
लीन्ही न मोरी खबरिया
मोहे भूल गए साँवरिया भूल गए साँवरिया

दिल को दिए क्यों दुख बिरहा के
तोड़ दिया क्यों महल बना के
दिल को दिए क्यों दुख बिरहा के
तोड़ दिया क्यों महल बना के
आस दिला के ओ बेदर्दी
आस दिला के ओ बेदर्दी
फेर ली काहे नजरिया

मोहे भूल गए साँवरिया भूल गए साँवरिया

नैन कहे रो रो के सजना
देख चुके हम प्यार का सपना
नैन कहे रो रो के सजना
देख चुके हम प्यार का सपना
प्रीत है झूठी प्रीतम झूठा
प्रीत है झूठी प्रीतम झूठा
झूटी है सारी नगरिया

मोहे भूल गए साँवरिया भूल गए साँवरिया
……………………………………………..
Mohe bhool gaye sanwariya-Baiju Bawra 1952

Artist: Meena Kumari

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Jul 31, 2020

ये कौन आज आया-बंधे हाथ १९७३

आज अभिनेत्री मुमताज़ का जन्मदिन है. ७० के दशक की
क्वीन मुमताज़ के हजारों दीवाने हैं.

सुनते हैं फिल्म बंधे हाथ से एक गीत जिसे लता मंगेशकर ने
गाया है. मजरूह सुल्तानपुरी का गीत है और पंचम का संगीत.

गीत में आपको अजीत और अमिताभ भी दिखाई देंगे.




गीत के बोल:

ये कौन आज आया मेरा दिल चुराने
.
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.............................................................................
Ye kaun aaj aaya-Bandhe Haath 1973

Artist: Mumtaz

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Jul 28, 2020

वादा भूल न जाना-जलते बदन १९७३

हिंदी फिल्म जगत या बॉलीवुड से इस साल रुखसत होने
वाली शख्सियतों में एक नाम और जुड गया आज. गुज़रे
ज़माने की मशहूर नायिका कुमकुम भी इस संसार को छोड़
गयीं.

कुमकुम ७० के दशक के बाद फिल्मों में नहीं दिखलाई दीं.
मूलतः बिहार की कुमकुम ने भोजपुरी फिल्मों में भी काम
किया. चपलता से नृत्य करने वाली कुमकुम कत्थक में
पारंगत थीं.

आज सुनते हैं सन १९७३ की फिल्म जलते बदन से एक
गीत माया गोविन्द का लिखा हुआ. इसकी धुन तैयार की
है लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने. गीत अपने ज़माने का एक हिट
गाना है. ये फिल्म में २-३ बार बजता है.



  

गीत के बोल:

वादा भूल न जाना
वादा भूल न जाना
ओ जाने वाले लौट के आना
वादा भूल न जाना
ओ जाने वाले लौट के आना
वादा भूल न जाना

तेरे साथ ही जियेंगे तेरे साथ ही मरेंगे
तुझे हर जनम में पायें बस यही दुआ करेंगे
तेरे साथ ही जियेंगे

ये वादा भूल न जाना
वादा भूल न जाना
ओ जाने वाले लौट के आना
वादा भूल न जाना

फूलों की धूप थे हम सूरज भी डूबता था
आँखों पे होंठ रख के जब तूने ये कहा था
ये घटा से बाल काले तेरी चाल जैसे नागन
तू हुस्न वादियों का तेरा प्यार जैसे सावन

तुझसे जुदा न होंगे न तुझे जुदा करेंगे
तुझे हर जनम में पायें बस यही दुआ करेंगे
तेरे साथ ही जियेंगे

ये वादा भूल न जाना
वादा भूल न जाना
ओ जाने वाले लौट के आना
वादा भूल न जाना
………………………………………….
Wada bhool na jaana-Jalte Badan 1973

Artists: Kumkum, Kiran Kumar

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Jul 25, 2020

लौ लगाती गीत गाती-भाभी की चूडियाँ १९६१

आज संगीतकार सुधीर फडके का जन्मदिन है. इस अवसर
पर सुनते हैं सन १९६१ की फिल्म भाभी की चूडियाँ से एक
गाना जिसे लाता मंगेशकर ने गाया है. परदे पर इसे गाया
है मीना कुमारी ने.

गीतकार नरेन्द्र शर्मा का लिखा गीत है और इसमें साहित्यिक
एलेमेंट्स भरपूर हैं.





गीत के बोल:

लौ लगाती गीत गाती
लौ लगाती गीत गाती
दीप हू मै प्रीत बाती
लौ लगाती गीत गाती

नयनो की कामना
प्राणों की भावना
नयनो की कामना
प्राणों की भावना
पूजा की ज्योति बन कर
चरणो में मुस्कुराती

लौ लगाती गीत गाती
लौ लगाती गीत गाती

आशा की पांखुरी
श्वासों की बांसुरी
आशा की पांखुरी
श्वासों की बांसुरी
थाली ह्रदय की ले कर

नित आरती सजाती

लौ लगाती गीत गाती
लौ लगाती गीत गाती

कुमकुम प्रसाद है
प्रभु धन्यवाद है
कुमकुम प्रसाद है
प्रभु धन्यवाद है
हर घर में हर सुहागन
मंगल रहे मनाती

लौ लगाती गीत गाती
लौ लगाती गीत गाती
दीप हू मै प्रीत बाती
लौ लगाती गीत गाती
…………………………………………
Lau lagati geet gaati-Bhabhi ki choodiyan 1961

Artist: Meena Kumari

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Jul 23, 2020

जोगी ओ जोगी प्यार में-लाखों में एक १९७१

आज आपको सुनवाते हैं सन १९७१ की फिल्म लाखों में एक
से एक युगल गीत. किशोर और लता की आवाजों वाले इस
गाने की रचना आनंद बक्षी ने की है. पंचम की धुन है.

महमूद और राधा सलूजा पर इसे फ़िल्माया गया है. आज ही
के दिन २००४ में महमूद ने इस संसार को छोड़ दिया था.




गीत के बोल:


जोगी ओ जोगी अरे प्यार में क्या होगा
हाय रे जोगी ओ जोगी प्यार में क्या होगा
हर दिन सुहाना होगा अच्छा हर रात सुहानी होगी
जोगी ओ जोगी अरे प्यार में क्या होगा
हाय रे जोगी ओ जोगी प्यार में क्या होगा
हर दिन सुहाना होगा अच्छा हर रात सुहानी होगी


बन जायेंगी रातें फिर सपनों की बारातें
गुज़रेगा अब जीवन बस करते प्रेम की बातें
हमसे करो तुम ये वादा वादा तो ना तोड़ दोगी

जोगी ओ जोगी अरे प्यार में क्या होगा
हाय रे जोगी ओ जोगी प्यार में क्या होगा
हर दिन सुहाना होगा अच्छा हर रात सुहानी होगी

चंदा तारे सोये ये मस्त नज़ारे सोये
रात का जादू छाया हम तुम बिन सारे सोये
कैसे हमें नींद आये हम दोनों हैं दिल के रोगी

जोगी ओ जोगी अरे प्यार में क्या होगा
हाय रे जोगी ओ जोगी प्यार में क्या होगा
हर दिन सुहाना होगा अच्छा हर रात सुहानी होगी

फूलों की पायल हो और तारों का झूमर हो
प्रेम नगर में सैंया ए काश हमारा घर हो
घर की ज़रूरत नहीं है तुम मेरे दिल में रहोगी

जोगी ओ जोगी अरे प्यार में क्या होगा
हाय रे जोगी ओ जोगी प्यार में क्या होगा
हर दिन सुहाना होगा अच्छा हर रात सुहानी होगी
……………………………………………………………..
Jogi o jogi-Lakhon mein ek 1971

Artists: Mehmood, Radha Saluja

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Jul 21, 2020

तुमको भी तो ऐसा ही कुछ-आप आये बहार आई १९७१

आप आये(और वो) बाहर आई फिल्म से एक गीत सुनते हैं.
इसे लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने गाया है. संगीत
तैयार किया है लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने.

अब आप पूछिए ये गीत हम आपको क्यूँ सुनवा रहे हैं?
आज २१ जुलाई, आनंद बक्षी का जन्मदिन है.

फ़िल्मी बारिश भी है गीत में. सुहाना मौसम है और
बाकी की इस गाने की केमिस्ट्री, फिज़िक्स, ज्योग्राफी,
जूलोजी, बोटनी, पोलिटिकल साइंस, आर्ट्स, फाइन आर्ट्स
सब उच्च स्टार पर हैं.

राजेंद्र कुमार पर फिल्माया गए और किशोर कुमार द्वारा
गाये गए गीत आप उँगलियों पर गिन सकते हैं.




गीत के बोल:

तुमको भी तो ऐसा ही कुछ होता होगा ओ सजना

कैसा कैसा
तेरी याद सताती है नींद नहीं आती है रातों में
ओ तेरी याद सताती है नींद नहीं आती है रातों में
तुमको भी तो ऐसा ही कुछ होता होगा ओ सजनी
कैसा.
तेरा प्यार सताता है चैन नहीं आता है रातों में
ओ तेरा प्याज सताता है चैन नहीं आता है रातों में
तुमको भी तो ऐसा ही कुछ होता होगा हा हा हा


मेरी हालत जैसी है तेरा हाल भी ऐसा है
मेरी हालत जैसी है तेरा हाल भी ऐसा है
हल्का हल्का सा जिया में जाने दर्द ये कैसा है

तुमको भी तो ऐसा ही कुछ होता होगा ओ सजनी
कैसा कैसा
तारे गिनता मैं रहता हूँ जागता रहता हूँ रातों में
ओ तारे गिनता मैं रहता हूँ जागता रहता हूँ रातों में

इन भीगी फ़िज़ाओं से इन ठंडी हवाओं से
इन भीगी फ़िज़ाओं से इन ठंडी हवाओं से
आग सी लगती है जिया में सावन की घटाओं से ...

तुमको भी तो ऐसा ही कुछ होता होगा ओ सजना
कैसा
इन्तज़ार तेरा करती हूँ आहें मैं भरती हूँ रातों में
ओ इन्तज़ार तेरा करती हूँ आहें मैं भरती हूँ रातों में


ये मस्त नज़र तेरी मेरे होश उड़ाती है
ये मस्त नज़र तेरी मेरे होश उड़ाती है
ये तेरी मस्ती मुझे भी मदहोश बनाती है.

तुमको भी तो ऐसा ही कुछ होता होगा ओ सजना
कैसा
रोज़ ख़्वाब में तू आता है दिल धड़काता है रातों में
रोज़ ख़्वाब में तू आता है दिल धड़काता है रातों में

तुमको भी तो ऐसा ही कुछ होता होगा
डैश डैश डैश अंडरस्टुड
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Tumko bhi to aisa hi kuchh-Aap aayr bahar aayi 1971

Artists: Rajendra Kumar, Sadhana

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Jul 19, 2020

अपने होंठों की बंसी बना ले मुझे-गैम्बलर १९७१

कई दिन से लॉग इन में दिक्कत आ रही है.

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का मेसेज आता है. क्या दूसरे ब्लोगर्स को भी ऐसी
कुछ दिक्कत आई? गूगल भाई बतलायेंगे उनको
क्या समस्या है?
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आज कवि गोपालदास नीरज की पुण्यतिथि है. वे
हमसे दो साल पहले ही बिछड़े थे. कवी सम्मेलनों की
शान रहने वाले नीरज ने हिंदी फिल्मों के लिए सत्तर
के दशक में काफी गीत लिखे.

उनकी लेखनी का लोहा हिंदी फ़िल्मी गाने सुनने वाले
भी मानते हैं.

उनकी कलम से निकला एक युगल गीत सुनते हैं फिल्म
गैम्बलर से जो सन १९७१ की फिल्म है.

लता और किशोर के गाये इस गीत की धुन तैयार की
है सचिन देव बर्मन ने.





गीत के बोल:

अपने होंठों की बंसी बना ले मुझे
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Apne honthon ki bansi bana le-Gambler 1971

Artists: Dev Anand, Zahida



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Jul 18, 2020

संग मेरे निकले थे साजन-फिर वही रात १९८०

आज हम आपको ८० के दशक की एक सस्पेंस फिल्म से
मधुर युगल गीत सुनवाते हैं. इसे लता और किशोर ने
गाया है. मजरूह सुल्तानपुरी के बोल हैं और आर डी बर्मन
का संगीत. ये काफी लोकप्रिय गीत है और पंचमभक्तों का
पसंदीदा गीत है.

आज १८ जुलाई सुपरस्टार राजेश खन्ना की पुण्यतिथि है.
उनका मूल नाम जतिन खन्ना है, मगर फ़िल्मी दुनिया में
जो नाम एक बार जुड़ जाता है, सितारे उसी से पहचाने
जाते हैं.

आज एक और जतिन-टी वी के प्रसिद्ध कॉमेडियन और
गुजराती मूल के जतिन कनकिया की भी पुण्यतिथि है.
९० के दशक में चर्चित चेहरा रहे कनकिया कम उम्र में
दुनिया को अलविदा कह गए. श्रीमान श्रीमती उनका बेहद
लोकप्रिय धारावाहिक रहा जो डी डी मेट्रो पर आया करता
था.

सुनते हैं राजेश खन्ना और किम पर फिल्माया गया ये
गीत.




.गीत के बोल:

संग मेरे निकले थे साजन
हार बैठे थोड़ी ही दूर चल के.
.
.
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Sang mere nikle the sajan-Phir wahi raat 1980

Artists: Rajesh Khanna, Kim

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Jul 15, 2020

बेदर्द ज़माने क्या तेरी-लाहौर १९४९

विंटेज युग की तरफ एक बार चलते हैं और एक गाना सुनते
हैं फिल्म लाहौर से. राजेंद्र कृष्ण की रचना है और इस गीत
की धुन श्याम सुन्दर ने तैयार की. आज के हिसाब से लगाएं
तो इस फिल्म को रिलीज़ हुए ७१ साल बीत गए.

करण दीवान, नर्गिस और कुलदीप कौर अभिनीत इस फिल्म
का निर्देशन एम एल आनंद ने किया था और निर्माण अभिनेता
करण दीवान के भाई ने किया. एम् एल आनंद ने सन १९५२
की फिल्म बेवफा का निर्देशन भी किया था. इसमें भी अभिनेत्री
नर्गिस मौजूद हैं.

कल हमने गानों के मीटर पर बात की थी. प्रस्तुत गाने का
मीटर भी कभी एमीटर तो कभी वोल्टमीटर हो जाता है. बाकी
समय ये फ्रीक्वेंसी मीटर की तरह चलता रहता है.

संगीतकार श्याम सुन्दर इसी दिन एक फिल्म के गीत की
रिकॉर्डिंग करते करते स्टूडियो में चल बसे थे. बॉलीवुड की कई
प्रतिभाओं को सुरा-प्रेम ने छीन लिया. संगीतकार श्याम सुन्दर
भी उन्हीं में से एक थे





गीत के बोल:

उस दिल की क़िस्मत क्या कहिये
उस दिल की क़िस्मत क्या कहिये
जिस दिल का सहारा कोई नहीं

बेदर्द ज़माने क्या तेरी
बेदर्द ज़माने क्या तेरी महफ़िल में हमारा कोई नहीं
बेदर्द ज़माने क्या तेरी महफ़िल में हमारा कोई नहीं
बेदर्द ज़माने

इस ग़म की रात के आँचल में वैसे तो हज़ारों तारे हैं
वैसे तो हज़ारों तारे हैं
वैसे तो हज़ारों तारे हैं
बन जाये जो आस मुसाफ़िर की
बन जाये जो आस मुसाफ़िर की ऐसा ही सितारा कोई नहीं
बेदर्द ज़माने क्या तेरी महफ़िल में हमारा कोई नहीं
बेदर्द ज़माने

उल्फ़त के चमन में ए नादां
उल्फ़त के चमन में ए नादां क्यूँ ढूँढ रहा है कलियों को
यहाँ ग़म के काँटे चुभते हैं
यहाँ ग़म के काँटे चुभते हैं फूलों का नज़ारा कोई नहीं
बेदर्द ज़माने क्या तेरी महफ़िल में हमारा कोई नहीं
बेदर्द ज़माने
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Bedard zamane kya teri-Lahore 1949

Artist:

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Jul 14, 2020

मेरे दिल की धड़कन-अनहोनी १९५२

आज संगीतकार रोशन का जन्मदिन है. इस अवसर पर
सुनेंगे श्वेत श्याम युग से एक गीत. राज कपूर और नर्गिस
की जोड़ी वाली फिल्म अनहोनी से एक गाना शैलेन्द्र का
लिखा हुआ.

लता मंगेशकर और तलत महमूद के गीतों में माधुर्य
कोमलता के साथ मौजूद होता है. गुड़ के ढेले की जगह
गुड़ का महीन चूरा होता है. न विश्वास हो तो सुन के
देख लीजिए.

टेलीफोन का सदुपयोग/दुरूपयोग उस ज़माने में भी होता
था जैसा कि हमने इस गीत के माध्यम से समझा. एक
बात ज़रूर नहीं समझ आई कि उसके साथ का तार क्या
इतना लंबा छूटा हुआ होता था कि उसे ले के कोई भी
घर का चक्कर लगा ले यहाँ तक कि टेलीफोन एक्सचेंज
भी पहुँच जाए. नहीं? कोई समझायेगा मुझे ये क्या हो
रहा है.

जिन लोगों को आर डी बर्मन के गानों के मुखड़ों और
अंतरों के मीटर अनूठे लगते हैं वे इस गाने को ज़रूर
सुनें.




गीत के बोल:

मेरे दिल की धड़कन क्या बोले
क्या बोले
मेरे दिल की धड़कन क्या बोले
क्या बोले
मैं जानूँ और तू जाने
मैं जानूँ और तू जाने
मेरा प्यार भरा मन क्यों डोले
क्यों डोले
मेरा प्यार भरा मन क्यों डोले
क्यों डोले
मैं जानूँ और तू जाने
मैं जानूँ और तू जाने

चली गई रात मदभरी हवाओं के डोले पे हो के सवार
दे गयी चाँद की परी निगाहों को सपनों का पागल ख़ुमार
हमें किसने दिये ये नज़राने
कौन जाने
मैं जानूँ और तू जाने
मैं जानूँ और तू जाने

मेरे दिल की धड़कन क्या बोले
क्या बोले
मैं जानूँ और तू जाने
मैं जानूँ और तू जाने

महकी थी रात की रानी खिले थे गगन में चमेली के फूल
पूछा मैंने कान में तुमसे मुहब्बत है कैसी मज़ेदार भूल
मैं तुमसे लगी क्यों शरमाने
कौन जाने
मैं जानूँ और तू जाने
मैं जानूँ और तू जाने

मेरे दिल की धड़कन क्या बोले
क्या बोले
मैं जानूँ और तू जाने
मैं जानूँ और तू जाने
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Mere dil ki dhadkan kya bole-Anhonee 1952

Artists: Raj Kapoor, Nargis

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Jul 13, 2020

मोरी छम-छम बाजे पायलिया-घूंघट १९६०

आज अभिनेत्री बीना राय का जन्मदिन है. हिंदी फिल्म इतिहास
की प्रभावशाली अभिनेत्रियों में से एक बीना राय श्वेत श्याम युग
की फिल्मों-अनारकली, घूंघट और रंगीन युग की ताजमहल के
ज़रिये दर्शकों के दिल में अमिट छाप छोड़ गयीं. जिन फिल्मों के
नाम हमने लिए वे ज्यादा चर्चित फ़िल्में हैं, उसके अलावा भी
उन्होंने कई यादगार भूमिकाएं की हैं.

किशोर साहू की फिल्म कलि घटा उनकी पहली हिंदी फिल्म है.
१९६८ की अपना घर अपनी कहानी उनकी अंतिम हिंदी फिल्म
है.

फिल्म घूंघट के लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार मिला. आज सुनते
हैं इस फिल्म से एक चर्चित गीत लता मंगेशकर का गाया हुआ.





गीत के बोल:

मोरी छम-छम बाजे पायलिया
मोरी छम-छम बाजे पायलिया
आज मिले हैं मोरे साँवरिया
आज मिले हैं मोरे साँवरिया
मोरी छम-छम बाजे पायलिया
मोरी छम-छम बाजे पायलिया

बड़ी मुद्दत में दिल के सहारे मिले
आज डूबे हुओं को किनारे मिले
बड़ी मुद्दत में दिल के सहारे मिले
आज डूबे हुओं को किनारे मिले
कभी मुस्क्राए मन कभी शरमाए मन
कभी नैनों की छलके गागरिया
मोरी छम-छम बाजे पायलिया
मोरी छम-छम बाजे पायलिया
आज मिले हैं मोरे साँवरिया
मोरी छम-छम बाजे पायलिया
मोरी छम-छम बाजे पायलिया

चाँद तारों के गहने पहना दो मुझे
कोई आ के दुल्हनिया बना दो मुझे
चाँद तारों के गहने पहना दो मुझे
कोई आ के दुल्हनिया बना दो मुझे
नहीं बस में जिया कैसा जादू किया
पिया आज हुई रे मैं तो बावरिया

मोरी छम-छम बाजे पायलिया
मोरी छम-छम बाजे पायलिया
आज मिले हैं मोरे साँवरिया
मोरी छम-छम बाजे पायलिया
मोरी छम-छम बाजे पायलिया
………………………………………………
Mori chham chham baaje payaliya-Ghoonghat 1960

Artist; Beena Rai

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