ओ बबुआ ये महुआ-सदमा १९८३
सन्दर्भ सहित भावार्थ की आवश्यकता नहीं होती.
गीत का ऑडियो हो या वीडियो हो, बस आप इन्हें
चुप-चाप सुनते चले जाएँ. फिल्म में आकर्षण बढाने
के लिए अक्सर ऐसे गीतों का प्रयोग होता है. अब
भला सदमा शीर्षक से इस गाने का क्या ताल्लुक?
गीत में तो किसी को भी सदमा लगा नहीं दिख रहा
मगर ये गीत है फिल्म के कथानक का हिस्सा.
गुलज़ार का लिखा गीत है जिसकी धुन तैयार की है
इलैयाराजा ने. आशा भोंसले गायिका हैं और इस गीत
को सिल्क स्मिता और कमाल हासन पर फिल्माया
गया है.
गीत के बोल:
हा हा हा हम्म ओ हो हम्म
ओ ऐ ऐ ऐ
ओ बबुआ ये महुआ महकने लगा है
ओ बबुआ ये महुआ महकने लगा है
आ मेरे साँस जलते हैं
बदन में साँप चलते हैं
तेरे बिना
र र रा र र रा र र रा
ओ बबुआ ये महुआ महकने लगा है
शाम सुलगती है जब भी तेरा ख़याल आता है
सूनी सी गोरी बाहों में धुँआ सा भर जाता है
बर्फ़ीला रास्ता कटता नहीं
ज़हरीला चाँद भी हटता नहीं
तेरे बिना
ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ओ बबुआ ये महुआ महकने लगा है
आ मेरे साँस जलते हैं
बदन में साँप चलते हैं
तेरे बिना
न न ना न न ना न न ना
खोई हुई सी आँखों से चादर उतर जाती है
झुलसी हुई रह जाती हूँ रात गुज़र जाती है
ऐसे में तुम कभी देखो अगर
काटा है किस तरह शब का सफ़र
तेरे बिना
ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ओ बबुआ यह महुआ महकने लगा है
आ मेरे साँस जलते हैं
बदन में साँप चलते हैं
तेरे बिना
न न ना न न ना न न ना
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O babua ye mahua-Sadma 1983
Artists: Silk Smita, Kamal Hasan

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