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Oct 28, 2017

घिर आई बदरिया-आलोर पिपासा १९६५

आपको एक बंगला फिल्म से हिंदी गीत सुनवाया था कुछ समय
पहले. उसी फिल्म से एक और हिंदी गीत सुनते हैं आज. इसे भी
लता मंगेशकर ने गाया है. गीतकार और संगीतकार भी वही हैं
जिन्होंने पिछले गीत को तैयार किया था.





गीत के बोल:

घिर आई बदरिया
पिया नाहीं आये
तन-मन जले मोरा 
बिरहा सताये बिरहा सताये
घिर आई बदरिया
जा जा रे बदरा  तू पी को मना ला
जा जा रे बदरा  तू पी को मना ला
पी के बिना मोहे कछहूँ ना भाये
पी के बिना मोहे
पी के बिना मोहे कछहूँ ना भाये
फिर आई बंदरिया
पिया नाहीं आये
पिया नाहीं आये
जीवन है प्यासा 
अखियाँ है प्यासी
अखियाँ है प्यासी
मेघा रे काहे को झड़िया लगाये 
मेघा रे काहे
मेघा रे काहे को झड़िया लगाये 
घिर आई बदरिया
पिया नाहीं आये
तन-मन जले मोरा  बिरहा सताये
……………………………………………………….
Ghir aayi badariya-Aalor Pipasa 1965

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May 20, 2017

ना बजइहो बाँसुरी-आलोर पिपासा(बंगाली) १९६५

लता मंगेशकर ने बंगाली भाषा में भी काफी गीत गाये हैं.
आज मगर हम आपको बंगाली फिल्म में शामिल हिंदी गीत
सुनवाते हैं. फिल्म का नाम है आलोर पिपासा. हेमंत कुमार
ने फिल्म में संगीत दिया है.

मुरली मनोहर श्याम को याद करने वाला ये गीत लिखा है
गौरीप्रसन्न मजूमदार ने.



गीत के बोल:

ना बजइहो ना बजइहो
श्याम बैरी बाँसुरी
ना बजइहो ना बजइहो
श्याम बैरी बाँसुरी
ना बजइहो बाँसुरी
श्याम बैरी बाँसुरी
ना बजइहो बाँसुरी
ना बजइहो ना बजइहो
श्याम बैरी बाँसुरी

मीठी मीठी तानें इसकी
दिल मे उतरें इस तरह
मीठी मीठी तानें इसकी
मीठी मीठी तानें इसकी
दिल मे उतरें इस तरह
जैसे फेरे धीरे धीरे कोई गर्दन पर छुरी
जैसे फेरे धीरे धीरे कोई गर्दन पर छुरी
ना बजइहो बाँसुरी
ना बजइहो ना बजइहो
श्याम बैरी बाँसुरी

आग नस नस में लगाये
दिल की दुनिया फूँक दे
आग नस नस में लगाये
दिल की दुनिया फूँक दे
चैन छीने नींद छीने कर के छोडे बावरी
चैन छीने नींद छीने कर के छोडे बावरी
ना बजइहो बाँसुरी
ना बजइहो ना बजइहो
श्याम बैरी बाँसुरी
ना बजइहो ना बजइहो
श्याम बैरी बाँसुरी
ना बजइहो बाँसुरी
श्याम बैरी बाँसुरी
ना बजइहो बाँसुरी
ना बजइहो ना बजइहो
श्याम बैरी बाँसुरी
…………………………………………………….
Na bajaiho bansuri-Aalor Pipasa 1965

Artist: ????

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