भोला नहीं माने रे-महादेव भजन
रिलीज़ हुआ था. इसका विडियो जगह जगह दिखाई देता था उन दिनों.
इसको आज भी बहुत चाव से सुना जाता है. सन २००० के आस पास
गानों में फ्लैंजर का चलन शुरू हुआ तब से अब तक इसका प्रयोग
बहुत ज्यादा बढ़ गया है और बहुतेरे धार्मिक गीतों में जो कि स्थानीय
कलाकारों द्वारा गाये गए हैं उनमें आपको मिल जायेगा. इसमें ऐसा
प्रतीत होता है जैसे गाने वाले की आवाज़ लहरा रही हो. कुछ तो
आकर्षण पैदा होता है इससे और कुछ गाने वाले के दोष छिप जाते हैं.
इसके गायक गीतकार, संगीतकार के बारे में मुझे जानकारी नहीं है.
गीत के बोल:
ऐ, भोला नई माने रे नई माने
मचल गए भंगिया को
पीसी इसके गोला हारी
खातई जावे शिव त्रिपुरारी
देखो हो गए नशे में दीवाने
मचल गए भंगिया को
भोला नई माने रे नई माने
मचल गए भंगिया को
भोला नई माने रे नई माने
मचल गए भंगिया को
कहे गौरा से सिव भोला
थोड़ी भंगिया तो पीसो ना
कहे भोला से माँ गौरा
ऐसे गांजा तो पीसो ना
तुम्हे देख जिया लगे घबराने
मचल गए भंगिया को
भोला नई माने रे नई माने
मचल गए भंगिया को
भोला नई माने रे नई माने
मचल गए भंगिया को
सारे मना मना हारे
पर बात नहीं मानी
ज्यादा भांग धतूरे से
पिया होती है नुकसानी
सारे मना मना हारे
पर बात नहीं मानी
ज्यादा भांग धतूरे से
पिया होती है नुकसानी
गौरा लगी हैं सिव को समझाने
मचल गए भंगिया को
भोला नई माने रे नई माने
मचल गए भंगिया को
भोला नई माने रे नई माने
मचल गए भंगिया को
भंगिया के बिना गिरजा
हमें चैन नहीं आये
जब तक न मिले भंगिया
दिन रैन नहीं भाये
भंगिया के बिना गिरजा
हमें चैन नहीं आये
जब तक न मिले भंगिया
दिन रैन नहीं भाये
अब दिल की लगी दिल ही जाने
मचल गए भंगिया को
भोला नई माने रे नई माने
मचल गए भंगिया को
भोला नई माने रे नई माने
मचल गए भंगिया को
भोला देखो हमारी ओर
बेनाम ले आये भंग
भोला झूम झूम नाचें
पर्वत पे उड़े रसरंग
भोला देखो हमारी ओर
बेनाम ले आये भंग
भोला झूम झूम नाचें
पर्वत पे उड़े रसरंग
कैसे लहर लहर लगे लहराने
मचल गए भंगिया को
भोला नई माने रे नई माने
मचल गए भंगिया को
भोला नई माने रे नई माने
मचल गए भंगिया को
पीसी इसके गोला हारी
खातई जावे शिव त्रिपुरारी
देखो हो गए नशे में दीवाने
मचल गए भंगिया को
भोला नई माने रे नई माने
मचल गए भंगिया को
भोला नई माने रे नई माने
मचल गए भंगिया को
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Bhola Nai Maane-Shiv Bhajan
