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Aug 9, 2019

कभी मुझको हंसाये...वो लड़की बहुत याद-क़यामत २००३

नेहा धूपिया पर फिल्माया गया एक गीत आपने सुना. एक
और सुन लेते हैं जो कि एक लोकप्रिय गीत रहा है अपने
समय में.

कुछ फ़िल्मी गीतों में फिल्म के डायलॉग का तडका लगा दिया
जाता है और आपको गीत के शुरू में ‘टूथपेस्ट के साथ ब्रश
फ्री’ जैसे ऑफर स्वरुप मिल जाते हैं. जब भी गीत सुनो संवाद
भी झेलो, मेरा मतलब सुनो.

सुनते हैं फिल्म क़यामत से एक युगल गीत अलका याग्निक और
कुमार सानू का गाया हुआ. समीर के बोल हैं और नदीम श्रवण
का संगीत.




गीत के बोल:

अजय देवगन:वैसे मुझे अमीरों से मिलने का
कुछ ख़ास शौक नहीं है
नेहा धूपिया: तो फिर मुझसे प्यार क्यों किया हाँ
अजय देवगन:यह कमबख्त दिल है के गलती कर बैठता है
और भुगतना आपको पड़ता है
नेहा धूपिया: तो भुगतो


कभी मुझको हंसाये
कभी मुझको रुलाये
मुझे कितना सताती है
कभी मुझको हंसाये
कभी मुझको रुलाये
मुझे कितना सताती है
वो लड़की बहुत याद आती है
वो लड़की बहुत याद आती है
वो लुड़की बहुत याद आती है
वो लड़की बहुत याद आती है

मेरे सपनो में आये
मेरे दिल को चुराये
मुझे कितना सताता है
वो लड़का बहुत याद आता है
वो लड़का बहुत याद आता है
वो लड़का बहुत याद आता है
वो लड़का बहुत याद आता है

देखा उसे जब पहली बार
बन गया दीवाना मैं यार
कर के अनजाना इकरार
ले गई दिल का चैन क़रार
देखा उसे जब पहली बार
बन गया दीवाना मैं यार
कर के अनजाना इकरार
ले गई दिल का चैन क़रार
थोड़ी सी घबराई थी
थोड़ी सी शरमाई थी
कितना प्यारा मुखड़ा है
वो तो चाँद का टुकड़ा है
जाने कहाँ छुप जाती है

वो लड़की बहुत याद आती है
वो लड़की बहुत याद आती है
वो लड़की बहुत याद आती है
वो लड़की बहुत याद आती है

मैं तो उसपे मरती हूँ
दुनिया से नहीं डरती हूँ
नाम से उसके सँवरती हूँ
पल पल आहें भरती हूँ
मैं तो उसपे मरती हूँ
दुनिया से नहीं डरती हूँ
नाम से उसके सँवरती हूँ
पल पल आहें भरती हूँ
माना के मजबूरी है
चाहत अभी अधूरी है
बस कुछ दिन की दूरी है
मिलना बहुत ज़रूरी है
क्या-क्या दर्द जगाता है

वो लड़का बहुत याद आता है
वो लड़का बहुत याद आता है
वो लड़का बहुत याद आता है
वो लड़का बहुत याद आता है

कभी मुझको हंसाये
कभी मुझको रुलाये

मुझे कितना सताती है
मेरे सपनो में आये
मेरे दिल को चुराये
मुझे कितना सताता है

वो लड़का बहुत याद आता है
वो लड़का बहुत याद आता है
वो लड़की बहुत याद आती है
वो लड़की बहुत याद आती है
………………………………………………………………
Wo ladki bahut yaad aati hai-Qayamat 2003

Artists: Ajay Devgan, Neha Dhupia

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Jan 21, 2018

ऐतबार नहीं करना-क़यामत २००३

ये नहीं करना वो नहीं करना. गीतों में ऐसा भी कुछ होता
है. समीर के बोल और नदीम श्रवण का संगीत है. इसे कहीं
ना कहीं आपने एक बार अवश्य सुना होगा.

गीत अभिजीत और साधना सरगम ने गाया है. आपको ऐसा
भी लग सकता है मानो इसे अलका याग्निक गा रही हों.



गीत के बोल:

ऐतबार नहीं करना इन्तज़ार नहीं करना
ऐतबार नहीं करना इन्तज़ार नहीं करना
हद से भी ज़्यादा तुम किसी से प्यार नहीं करना
हद से भी ज़्यादा तुम किसी से प्यार नहीं करना

इकरार नहीं करना जाँ निसार नहीं करना
हद से भी ज़्यादा तुम किसी से प्यार नहीं करना
हद से भी ज़्यादा तुम किसी से प्यार नहीं करना

मंज़िलें बिछड़ गयीं रास्ते भी खो गये
आये फिर ना लौट के जो दीवाने हो गये
चाहतों की बेबसी दूरियों के ग़म मिले
बेक़रारियाँ मिलीं चैन यार कम मिले

बेक़रार नहीं करना इन्तज़ार नहीं करना
हद से भी ज़्यादा तुम किसी से प्यार नहीं करना
हद से भी ज़्यादा तुम किसी से प्यार नहीं करना

कोई तो वफ़ा करे कोई तो जफ़ा करे
किसको है पता यहाँ कौन क्या ख़ता करे
ऐसा ना हो इश्क़ में कोई दिल को तोड़ दे
बीच राह में सनम तेरा साथ छोड़ दे
इज़हार नहीं करना इन्तज़ार नहीं करना
हद से भी ज़्यादा तुम किसी से प्यार नहीं करना
हद से भी ज़्यादा तुम किसी से प्यार नहीं करना

ऐतबार नहीं करना इन्तज़ार नहीं करना
हद से भी ज़्यादा तुम किसी से प्यार नहीं करना
हद से भी ज़्यादा तुम किसी से प्यार नहीं करना
...........................................................................
Aitbaar nahin karma-Qayamat 2003

Artists: Sunil Shetty, Neha Dhupia

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