चांदी की साईकिल सोने की सीट -भाभी १९९१
रखना मुश्किल है । मेरे साथ भी ऐसा ही है। एक गीत ९० के दशक
में खूब बजता मिला जिसके बारेमें जाने की मैं कोई कोशिश नहीं
की । कुछ दिन पहले इस गीत को यू ट्यूब पर देखा तो मालूम हुआ
कि ये फिल्म भाभी का गीत है। वो पुरानी भाभी नहीं जिसमे चित्रगुप्त
का संगीत है। ये है सन १९९१ की फिल्म और इसमें है अन्नू मलिक
का संगीत। नितिन मुकेश और अनुराधा पौडवाल इसे गा रहे हैं।
कल्पना कीजिये गेंहू पीसने का कोई प्रोग्राम आपके लैपटॉप पर हो,
आप उस प्रोग्राम को चालू करें और पत्थर की पीसने वाली चक्की
उसके स्क्रीन पर दिखाई देने लगे। कुछ इस तरह का सेट इस गीत
में भी है। इसमें नायक नायिका कुछ ज्यादा ही मुस्कुरा रहे हैं जैसे
लाँटरी का प्रथम पुरस्कार दोनों को एक साथ प्राप्त हो गया हो।
नायक हैं गोविंदा और नायिका की भूमिका में हैं जूही चावला। गीत
लिखा है गुज़रे ज़माने के प्रसिद्ध रोमांटिक गीत लेखक ने. न पहचान
पायें तो गाने के टैग देख लें.
गीत के बोल:
चांदी की साईकिल सोने की सीट
आओ चलें डार्लिंग, चलें डबल सीट
चांदी की साईकिल सोने की सीट
आओ चलें डार्लिंग, चलें डबल सीट
चांदी की साईकिल सोने की सीट
आओ चलें डार्लिंग, चलें डबल सीट
हम भी जवान हैं तुम भी जवान हो
बोलो जी बोलो चलना कहाँ है
आये हैं हम तुम गोकुल के गाँव में
बंसी बजाऊँ मैं पेड़ों की छाँव में
हो, आये हैं हम तुम गोकुल के गाँव में
बंसी बजाऊँ मैं पेड़ों की छाँव में
तू है गोविंदा मैं तेरी राधा
नाचा करें हम जमना की राहों में
कोई जनम हो मेरे सनम
हो छूटेगी ना अपनी प्रीत
आओ चलें डार्लिंग, चलें डबल सीट
चांदी की साईकिल सोने की सीट
आओ चलें डार्लिंग, चलें डबल सीट
आ, सुनो जहाँ मैं जाना चाहती हूँ
तुम ले चलोगे
अजी कह के तो देखो
जहाँ भीगा भीगा मौसम हो
हम हों और तुम हो
बरसे रे बरसे अम्बर से पानी
भीगे रे भीगे मेरी जवानी
हो,बरसे रे बरसे अम्बर से पानी
भीगे रे भीगे मेरी जवानी
शोला बनी है चढ़ती जवानी
अंग लगावे तेरी दीवानी
बिजली नाचे बादल गएँ हम दोनों के गीत
आओ चलें डार्लिंग, चलें डबल सीट
चांदी की साईकिल सोने की सीट
आओ चलें डार्लिंग, चलें डबल सीट
आगे के बोल डिमांड पर ...........पूरे कर दिए गए हैं
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Chandi ki cycle sone ki seat-Bhabhi 1991
Artists: Govinda, Juhi Chawla

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