ज़हनसीब ज़हनसीब-हँसी तो फँसी २०१४
जिसके ज़रिये हमें नए नए शब्द सुनने को मिलते हैं.
आजकल के गीतों में कई ऐसे शब्द मिल जाते हैं जो
गुज़रे दौर में पत्रिकाओं में ही दिखा करते थे. या तो
गीतों की गुणवत्ता सुधर गयी है या फिर गीतकार शब्द
कोश रख कर बैठते हैं गीत लिखने को. तीसरी संभावना
है कि कभी कभी उच्च साहित्यिक झोंका आ जाता है.
हम तीसरी संभावना के तहत बेनेफिट ऑफ डाउट दे
देते हैं और गीत सुनते हैं.
फिल्म का नाम शानदार है-हंसी तो फँसी. गीत लिखा है
अमिताभ भट्टाचार्य ने और इसकी धुन तैयार की है विशाल
शेखर की जोड़ी ने. गीत गाया है चिन्मयी श्रीपदा के साथ
शेखर राजीवानी ने. शेखर से ज्यादा शायद विशाल ने गीत
गाये हैं अभी तक.
ज़हनसीब का मतलब है-मेरा भाग्य. यहाँ प्रेमिका के लिए
ये शब्द प्रयुक्त हुआ है एक जगह इस शब्द का मतलब है
“डेस्टिनी ऑफ लव” गीत में एक जगह जुमला आया है-
‘गम की खुरचनें’ जो इसे गुलजारना सा बना देता है.
गौतलब है चिन्मयी ने शाहरुख-दीपिका अभिनीत फिल्म
चेन्नई एक्सप्रेस में “तितली” गीत गाया था.
गीत के बोल:
ज़हनसीब ज़हनसीब
तुझे चाहूं बेताहाशा ज़हनसीब
मेरे क़रीब मेरे हबीब
तुझे चाहूं बेताहाशा ज़हनसीब
तेरे संग बीते हर लम्हे पे हमको नाज़ है
तेरे संग जो न बीते उसपे ऐतराज़ है
इस क़दर हम दोनों का मिलना एक राज़ है
हुआ अमीर दिल ग़रीब
तुझे चाहूं बेताहाशा ज़हनसीब
लेना-देना नहीं दुनिया से मेरा बस तुझसे काम है
तेरी अँखियों से शहर में यारा सब इंतज़ाम है
ख़ुशियों का एक टुकड़ा मिले या मिले ग़म की खुरचने
यारा तेरे मेरे खर्चे में दोनों का ही एक दाम है
होना लिखा था यूँ ही जो हुआ
या होते-होते अभी अनजाने में हो गया
जो भी हुआ, हुआ अजीब
तुझे चाहूं बेतहाशा ज़हनसीब
मेरे क़रीब मेरे हबीब
ज़हनसीब ज़हनसीब
तुझे चाहूं बेताहाशा
तुझे चाहूं बेताहाशा ज़हनसीब
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Zehnaseeb-Hansi to phansi 2014

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