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May 21, 2020

तुमको पाया है तो-ओम शांति ओम २००७

अक्सर मैं भाषा और उसके ऊपर फ़िल्मी प्रयोगों के बारे
में सोचता हूँ, बस सोचता ही रह जाता हूँ किसी निष्कर्ष
विशेष पर नहीं पहुँच पाता. बरसों से यही आदत सी बनी
हुई है. पाठक वर्ग भी जो यहाँ प्रस्तुत है उसे चुपचाप झेले
जा रहा है.

एक दिन मैं फिल्मों के नामों में ‘धूल में लट्ठ’ शब्द को
ढूँढने की कोशिश कर रहा था. इस नाम से तो कोई फिल्म
नहीं मिली अलबत्ता बहुत से रोचक नाम फिर से ध्यान में
आ गए.

एक समय था जब नंबर वन या खिलाडी सीरीज़ रोचकता
को बनाये रखती थी. हम कयास लगते रहते कि अब श्रृंखला
में अगली फिल्म कौन सी होगी.

दूरदर्शन पर एक सीरियल आता था-फटीचर जो अपने समय
और दूरदर्शन के नोर्म्स के हिसाब से कुछ अलग सा था. नाम
तो अलग था ही, इस सीरियल के प्रस्तुतीकरण और कंटेंट पर
दूरदर्शन के फ़िल्टर तो थे ही. ये अपना एक प्रशंसक वर्ग तैयार
करने में कामयाब रहा.

सीरियल में पंकज कपूर ने यादगार अबिनय किया है. अगर
अपने ये सीरियल नहीं देखा हो तो ढूंढ के इसका एक आध
एपिसोड अवश्य देखें. पंकज कपूर को हाईप ब्रांड भोंपू ले के
प्रचार करने वाले नहीं मिले मगर हमारे जैसे अल्पबुद्धि लोग
उनके खामोश प्रशंसकों में हैं.

सुनते हैं एक गीत जो कब पद्य है कब गद्य मालूम ही नहीं
पड़ता. सामान्य बोलचाल में प्रयुक्त शब्द जब गीतकार की
मजबूरी बन जाएँ तो समझ लें उसके शब्दकोष में बहुत सारे
पेज गायब हैं. हमारे भी शब्दकोष में से ढेर पन्ने समय के
साथ गायब हो चले हैं अतः ऐसे गीत हमें बड़े अपने से लगने
लगे हैं.

विशाल शेखर का संगीत है और दिल्ली दिलवालों की से
लोकप्रिय हुए सोनू निगम संग इसे गाया है राजस्थान के एक
छोटे नगर रावतभाटा से मुंबई की मायानगरी में पहुंची और
स्थापित हो चुकीं गायिका श्रेया घोषाल ने.





गीत के बोल:

तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ
कहना चाहूँ भी तो तुमसे क्या कहूँ
तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ
कहना चाहूँ भी तो तुमसे क्या कहूँ
किसी ज़ुबाँ में भी वो लफ़्ज़ ही नहीं
के जिनमें तुम हो क्या तुम्हें बता सकूँ
मैं अगर कहूँ तुमसा हसीं
कायनात में नहीं है कहीं
तारीफ़ ये भी तो सच है कुछ भी नहीं
तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ

शोख़ियों में डूबी ये अदायें
चेहरे से झलकी हुई हैं
ज़ुल्फ़ की घनी घनी घटायें
शान से ढलकी हुई है
लहराता आँचल है जैसे बादल
बाँहों में भरी है जैसे चाँदनी
रूप की चाँदनी
मैं अगर कहूँ ये दिलकशी
है नहीं कहीं न होगी कभी
तारीफ़ ये भी तो सच है कुछ भी नहीं
तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ

तुम हुए मेहरबाँ तो है ये दास्ताँ
आ तुम हुए मेहरबाँ तो है ये दास्ताँ
अब तुम्हारा मेरा एक है कारवाँ
तुम जहाँ मैं वहाँ

मैं अगर कहूँ हमसफ़र मेरी
अप्सरा हो तुम या कोई परी
तारीफ़ ये भी तो सच है कुछ भी नहीं
………………………………………………….
Main agar kahoon-Om Shanti Om 2007

Artists: Shahrukh Khan, Deepika Padukon

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Apr 3, 2018

ओ साकी साकी रे-मुसाफिर २००४

साकी, शराब, पीना पिलाना थीम के अंतर्गत कोई गीत
आपको काफी दिन से नहीं सुनवाया है. आज सुनते हैं
मुसाफिर फिल्म से एक गीत सुखविंदर और सुनिधि
का गाया हुआ.

संजय दत्त ओर कोयना मित्रा पर फिल्माया गया गीत
सुनते हैं जिसे देव कोहली ने लिखा है और जिसकी
धुन तैयार की है विशाल शेखर ने.



गीत के बोल:

साकी से मोहब्बत होती है
हर रोज शिकायत होती है
पीने को मेरे पीना ना कहो
यूँ ही तो इबादत होती है

वो शराबी क्या शराबी जो नशे में ना रहे
वो शराबी क्या शराबी जो नशे में ना रहे
वो शराबी क्या शराबी ऐसे जो तौबा करे
वो शराबी क्या शराबी दिल में जिसके गम ना हो
लुट गया समझो शराबी पास जिसके हम ना हों

ओ साकी साकी रे साकी साकी
आ पास आ रह ना जाए कोई ख्वाहिश बाकी
ओ साकी साकी रे साकी साकी
आ पास आ रह ना जाए कोई ख्वाहिश बाकी


वो शराबी क्या शराबी जो नशे में ना रहे
वो शराबी क्या शराबी जो नशे में ना रहे
वो शराबी क्या शराबी ऐसे जो तौबा करे
वो शराबी क्या शराबी दिल में जिसके गम ना हो
लुट गया समझो शराबी पास जिसके हम ना हों

ओ साकी साकी रे साकी साकी
आ पास आ रह ना जाए कोई ख्वाहिश बाकी
ओ साकी साकी रे साकी साकी
आ पास आ रह ना जाए कोई ख्वाहिश बाकी

इश्क की गलियों में ना जाना इश्क बड़ा बदनाम है
इश्क तो मेरा खुदा है आशिक मेरा नाम है
इश्क की गलियों में ना जाना इश्क बड़ा बदनाम है
इश्क तो मेरा खुदा है आशिक मेरा नाम है
आशिकी के हर कदम पे रोज़ कत्ले आम है
हे आशिकी में जान लुटाना आशिकों का काम है

ओ साकी साकी रे साकी साकी
आ पास आ रह ना जाए कोई ख्वाहिश बाकी
ओ साकी साकी रे साकी साकी
आ पास आ रह ना जाए कोई ख्वाहिश बाकी

मैकदे में आने वाले मयकशी तो सीख ले
हमपे हँसने वाले पहले तू हंसी तो सीख ले
मैकदे में आने वाले मयकशी तो सीख ले
हमपे हँसने वाले पहले तू हंसी तो सीख ले
हर खुशी है दूर तुझसे गम तेरे नज़दीक है
हाय तेरे दीवाने की हालत बिन तेरे भी ठीक है
ओ साकी साकी रे साकी साकी
आ पास आ रह ना जाए कोई ख्वाहिश बाकी
ओ साकी साकी रे साकी साकी
आ पास आ रह ना जाए कोई ख्वाहिश बाकी
ओ साकी साकी रे साकी साकी
आ पास आ रह ना जाए कोई ख्वाहिश बाकी
ओ साकी साकी रे साकी साकी
आ पास आ रह ना जाए कोई ख्वाहिश बाकी
..............................................................
O saaki saaki re-Musafir 2004

Artists: Sanjay Dutt, Koena Mitra

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Apr 9, 2017

बप्पा विघ्नहर्ता-बैन्जो २०१६

एक धार्मिक गीत सुनते हैं फिल्म बैन्जो से. इसे लिखा है
अमिताभ भट्टाचार्य ने और गाया है विशाल ददलानी ने.
संगीत है विशाल शेखर की जोड़ी का. परदे पर कलाकार
हैं रितेश देशमुख.

गणेश जी सब विघ्नों को हर लेने वाले हैं और भक्त को
शुभता प्रदान करते हैं.



गीत के बोल:

ऐ विघ्नहर्ता  हे बप्पा विघ्नहर्ता
सहस्त्र भक्तजन का तू एक कर्ता-धर्ता
हैं द्वेषमुक्त मन वो तू जिसमे वास करता
इसीलिए तो सबसे पहले बोले बप्पा मोरया रे
ऐ विघ्नहर्ता  हे बप्पा विघ्नहर्ता
तिलक तेरा हैं माथे पे जिसके भी निखरता
वो करम की कसौटी पे हैं खता उतरता
इसीलिए तो सबसे पहले बोले बप्पा मोरया रे
अरे रे बप्पा तू सृष्टि को चलाता हैं
रे बप्पा तू सदमति का दाता हैं
रे बप्पा तू भाग्य का विधाता हैं
रे बप्पा रे  बप्पा रे  बप्पा रे  बप्पा रे

नाम जो तेरा दिल से पुकारे
उसकी लगी हैं नैया किनारे
जब जब बाजे बाजे डंका तेरा
बप्पा डंका तेरा  बप्पा डंका तेरा
बढ़ कर बदकिस्मतो की तू बिगड़ी सँवारे
ऐ विघ्नहर्ता  हे बप्पा विघ्नहर्ता
ऐ विघ्नहर्ता  हे बप्पा विघ्नहर्ता
विनाश पाप का हो  तू पग जहाँ पे धरता
अचंग तेरा तमस में भी हैं प्रकाश भरता
इसीलिए तो सबसे पहले बोले बप्पा मोरया रे
ए रे बप्पा तू सृष्टि को चलाता हैं
ऐ रे बप्पा तू सदमती का दाता हैं
रे बप्पा तू भाग्य का विधाता हैं
रे बप्पा रे  बप्पा रे  बप्पा रे  बप्पा रे

मोरया रे  मोरया रे  मोरया रे  मोरया रे
गणपति बप्पा मोरया
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Bappa vighnharta-Banjo 2016

Artist: Ritesh Deshmukh

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Mar 10, 2017

तिनका तिनका ज़रा ज़रा-करम २००५

कर्म, भाग्य, किस्मत इत्यादि पर हर दशक में एक ना एक फिल्म
बन ही जाती है. सन २००४ में बनी थी किस किस की किस्मत जो
अपने ‘किस’ के लिए मशहूर हुई.

फिल्म के सितारों का भी भाग्य और कर्म में अटूट विश्वास होता
है, बस ये थोडा ‘अलग हट के’ होता है. आज सुनते हैं फिल्म करम
से एक गीत. जॉन अब्राहम और प्रियंका चोपड़ा अभिनीत ये फिल्म
सन २००५ में आई थी. फिल्म का यह लोकप्रिय गीत गाया है
मेड इन इण्डिया गर्ल अलीशा चिनॉय ने.

गीत काफी बेहतर तरीके से गवाया गया है और अलीशा की मादक
आवाज़ ने उसे और झकास बना दिया है-ऐसा मैंने सुना एक युवा
के मुखारविंद से इस गीत की प्रशंसा में. धुन ज़रूर आकर्षक है
मगर ये किसी विलायती लहजे में कही गयी कहानी सा लगता
है.

गीत इरशाद कामिल ने लिखा है और विशाल शेखर संगीतकार हैं.




गीत के बोल:

हर दिल में अरमान होते तो हैं
हर दिल में अरमान होते तो हैं
बस कोई समझे ज़रा

तिनका तिनका ज़रा ज़रा
है रौशनी से जैसे भरा
तिनका तिनका ज़रा ज़रा
है रौशनी से जैसे भरा
हर दिल में अरमान होते तो हैं
हर दिल में अरमान होते तो हैं
बस कोई समझे ज़रा

तिनका तिनका ज़रा ज़रा
है रौशनी से जैसे भरा
तिनका तिनका ज़रा ज़रा
है रौशनी से जैसे भरा
हर दिल में अरमान होते तो हैं
हर दिल में अरमान होते तो हैं
बस कोई समझे ज़रा


दिल पे एक नया सा नशा छा गया
खो रहा था जो ख्वाब लौट आ गया
दिल पे एक नया सा नशा छा गया
खो रहा था जो ख्वाब लौट आ गया
ये जो एहसास है जो करार है
क्या इसी का नाम प्यार है
ये जो एहसास है जो करार है
क्या इसी का नाम प्यार है
पूछे दिल थम के ज़रा

तिनका तिनका ज़रा ज़रा,
है रौशनी से जैसे भरा
हर दिल में अरमान होते तो हैं
हर दिल में अरमान होते तो हैं
बस कोई समझे ज़रा

तिनका तिनका ज़रा ज़रा
है रौशनी से जैसे भरा
तिनका तिनका ज़रा ज़रा
है रौशनी से जैसे भरा
हर दिल में अरमान होते तो हैं
हर दिल में अरमान होते तो हैं
बस कोई समझे ज़रा
तिनका तिनका तिनका तिनका
.............................................................
Tinka tinka zara zara-Karam 2005

Artists: Priyanka Chopra, John Abraham

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Nov 4, 2016

बन के तितली-चेन्नई एक्सप्रेस २०१३

बन के तितली उड़ा है दिल. अब टेक्नोलोजी इतनी आगे नहीं
बढ़ी के दिल जम्बो जेट बन के उड़े. कोमल दिल है और कोमल
भावनाओं से ओतप्रोत गीत है फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस का.

अमिताभ भट्टाचार्य गीतकार हैं और विशाल शेखर संगीतकार.
गीत गाया है चिन्मयी श्रीपाद और गोपी सुन्दर ने. फिल्म का
निर्देशन रोहित शेट्टी ने किया है. रोहित गुज़रे ज़माने के प्रसिद्ध
फाईट मास्टर और कलाकार शेट्टी के सुपुत्र हैं.

फिल्म के साउंडट्रेक में रीमिक्स गीत भी है. प्रस्तुत गीत का
रीमिक्स भी आपको मिल जायेगा. फिल्म व्यावसायिक रूप से
काफी सफल फिल्मों में गिनी जाती है. प्रस्तुत गीत का सबसे
मधुर हिस्सा वो है जो शुरू और बीच में है और हिंदी भाषियों
को समझ नहीं आता है. ये है आठवीं सदी के संत तिरुप्पन
अलवर का काव्य. 




गीत के बोल:

बन के तितली दिल उड़ा है कहीं दूर
चल के खुशबू से जुड़ा है कहीं दूर
बन के तितली दिल उड़ा उड़ा उड़ा है कहीं दूर
चल के खुशबू से जुड़ा जुड़ा जुड़ा है कहीं दूर
हादसे ये कैसे अनसुने से जैसे
चूमे अंधेरों को कोई नूर
बन के तितली दिल उड़ा उड़ा उड़ा है कहीं दूर

सिर्फ कह जाऊँ या आसमां पे लिख दूँ
तेरी तारीफों में चश्मेबद्दूर

बन के तितली दिल उड़ा उड़ा उड़ा है कहीं दूर
चल के खुशबू से जुड़ा जुड़ा जुड़ा है कहीं दूर

भूरी भूरी आँखें तेरी
कनखियों से तेज़ तीर कितने छोड़े
धानी धानी बातें तेरी
उडते-फिरते पंछियों के रुख भी मोड़े
अधूरी थी ज़रा सी मैं पूरी हो रही हूँ
तेरी सादगी में हो के चूर

बन के तितली दिल उड़ा उड़ा उड़ा है कहीं दूर
चल के खुशबू से जुड़ा जुड़ा जुड़ा है कहीं दूर

रातें गिन के नींदें बुन के
चीज़ क्या है ख्वाबदारी हमने जानी
तेरे सुर का साज़ बन के
होती क्या है रागदारी हमने जानी
जो दिल को भा रही है वो तेरी शायरी है
या कोई शायरना है फितूर

बन के तितली दिल उड़ा उड़ा उड़ा है कहीं दूर
चल के खुशबू से जुड़ा जुड़ा जुड़ा है कहीं दूर
हादसे ये कैसे अनसुने से जैसे
चूमे अंधेरों को कोई नूर
बन के तितली दिल उड़ा उड़ा उड़ा है कहीं दूर
सिर्फ कह जाऊँ या आसमां पे लिख दूँ
तेरी तारीफों में चश्मेबद्दूर
.........................................................................
Ban ke titli-Chennai Express 2013

Artists: Shahrukh Khan, Deepika Padukone

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Sep 5, 2016

तेरा रस्ता मैं छोडूँ(मेहरबानी)-चेन्नई एक्सप्रेस २०१३

पुराने युग से कई गीत सुन लिए हैं थोडा चेंज हो जाए. आज सुनिए
फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस से एक गीत. नए गीतों को सुनने में गाने
वाले, बजने वालों को पहचानना टेढ़ी खीर हो जाता है. किसका संगीत
है ये समझना भी मुश्किल हो जाता है. कुछ गीत तो ऐसे हैं कि उनको
बनाने वालों से भी अगर १० साल बाद पूछोगे तो वे बतला नहीं पाएंगे
कि किसने गाया और किसका संगीत है.

चेन्नई एक्सप्रेस सन २०१३ की एक चर्चित फिल्म है और इसके गाने
काफी बजे थे. शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण पर फिल्माया गया
ये गीत आपको उन सभी लोकेशंस की सैर करवा देगा जहाँ जहाँ ये
फिल्म फिल्माई गयी है.

गीत लिखा है अमिताभ भट्टाचार्य ने जिसे उन्होंने गाया भी है एक
नई गायिका अनुषा मानी के साथ.




गीत के बोल:

मेहरबानी नहीं तुम्हारा प्यार माँगा है
तुम्हें मंज़ूर है तभी तो यार माँगा है
गैरों के डर से तेरे शहर से
है कसम रिश्ता तोडूं ना

तेरा रस्ता मैं छोडूँ ना
तेरा रस्ता मैं छोडूँ ना
तेरा रस्ता मैं छोडूँ ना
तेरा रस्ता मैं छोडूँ ना

अगर ये है नहीं तो फिर जाने प्यार क्या है
मेरे जीत है तू किसे परवाह हार क्या है
तेरा रस्ता छोडूँ ना
छोडूँ ना मैं तेरा रस्ता छोडूँ ना

जिन्दा हूँ लेकिन वो बात नहीं है
हाथों में तेरा जो हाथ नहीं है
इश्क का है नाम बड़ा
मैंने है किया काम बड़ा
करके मगर आधा छोडूँ ना
तेरे रुख से ये चेहरा मोडूँ ना
तेरा रस्ता मैं छोडूँ ना
तेरा रस्ता मैं छोडूँ ना
तेरा रस्ता मैं छोडूँ ना
तेरा रस्ता मैं छोडूँ ना

चाहत है मेरी कसूर नहीं है
दिल जज्बाती है मजबूर नहीं है
सर ये भले फूट गया
जिस्म मेरा टूट गया
खुद से किया वादा तोडूँ ना
बाँबांधूं सेहरा कफ़न ओढूं ना
तेरा रस्ता मैं छोडूँ ना
तेरा रस्ता मैं छोडूँ ना
तेरा रस्ता मैं छोडूँ ना

तेरा रस्ता छोडूँ ना
छोडूँ ना मैं तेरा रस्ता छोडूँ ना
तेरा रस्ता छोडूँ ना
तेरा रस्ता छोडूँ ना
छोडूँ ना मैं तेरा रस्ता छोडूँ ना
.................................................................
Tera rasta main chhodun(meherbani nahin)-Chennai express 2013

Artists:Shahrukh Khan, Deepika Padukone

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Jun 17, 2016

तुझे भुला दिया-अनजाना अनजानी २०१०

फिल्म बॉम्बे के गाने-कहना ही क्या के बाद कई ऐसे गीत आये
जो गीत और कव्वाली के हाइब्रिड जैसे सुनाई देते हैं. सन २०१०
की फिल्म अनजाना अनजानी से एक गीत जो ध्यान आकृष्ट करता
है वो है- तुझे भुला दिया. इसमें तीन तरह का ट्रीटमेंट है. विलायती
लोक गीत जो एक बाजे के साथ चलते रहते हैं उसके अलावा आज
की आतिफी गायकी का मिश्रण है.

सिद्धार्थ आनंद फिल्म के निर्देशक हैं और साजिद नडियाडवाला इसके
निर्माता. रणवीर कपूर और प्रियंका चोपड़ा इस फिल्म के प्रमुख
कलाकार हैं. गीत की शुरुआत ऐसा लगता है जैसे सुनिधि गा रही
हों, मगर ये हैं श्रुति पाठक-एक नई गायिका. इसके अलावा ज्यादा
आवाजें गीत में मोहित चौहान की हैं. थोड़ी सी बाकी की आवाजें
शेखर रवजियानी की हैं. इस दो लोगों ने मिल के लिखा है-कुमार
नाम के गीतकार संग विशाल दादलानी ने!


गीत के बोल:

नैना लगियाँ बारिशां
ते सुक्के सुक्के सपने वि पिज गए
नैना लगियाँ बारिशां
रोवे पलकें दे कोने विच नींद मेरी
नैना लगियाँ बारिशां
हंजू दिगडे ने चोट लगे दिल ते
नैना लगियाँ बारिशां
रुत बिरहा दे बादलां दी छा गयी

काली काली खाली रातों से
होने लगी है दोस्ती
खोया खोया इन राहों में
अब मेरा कुछ भी नहीं
हर पल हर लम्हा
मैं कैसे सहता हूँ
हर पल हर लम्हा 
मैं खुद से ये कहता रहता हूँ
तुझे भुला दिया ओ
तुझे भुला दिया ओ
तुझे भुला दिया ओ
फिर क्यूँ तेरी यादों ने
मुझे रुला दिया ओ
मुझे रुला दिया

तेरी यादों में लिखे जो लफ्ज़ देते है सुनाई
बीते लम्हे पूछते है क्यूँ हुए ऐसे जुदा
खुदा, खुदा मिला जो ये फासला है
खुदा तेरा ही ये फैसला है
खुदा होना था वो हो गया
जो तूने था लिखा

काली काली खाली रातों से
होने लगी है दोस्ती
खोया खोया इन राहों में
अब मेरा कुछ भी नहीं
हर पल हर लम्हा
मैं कैसे सहता हूँ
हर पल हर लम्हा
मैं खुद से ये कहता रहता हूँ
तुझे भुला दिया ओ
तुझे भुला दिया ओ
तुझे भुला दिया ओ
फिर क्यूँ तेरी यादों ने
मुझे रुला दिया ओ
मुझे रुला दिया


नैना लगियाँ बारिशां
ते सुक्के सुक्के सपने वि पिज गए
नैना लगियाँ बारिशां
रुत बिरहा दे बादलां दी छा गयी

दो पल तुझसे जुडा था
ऐसे फिर रस्ता मुडा था
तुझसे में खोने लगा
जुदा जैसे होने लगा
मुझसे कुछ मेरा

तू ही मेरी लिए अब कर दुआ
तू ही इस दर्द से कर दे जुदा
तेरा होके तेरा जो मैं ना रहा
मैं ये खुद से कहता हूँ

तुझे भुला दिया ओ
तुझे भुला दिया ओ
तुझे भुला दिया ओ
फिर क्यूँ तेरी यादों ने
मुझे रुला दिया ओ
मुझे रुला दिया
.....................................................................
Tujhe bhula diya-Anjaana anjaani 2010

Artists-Ranveer Kapoor, Priyanka Chopra

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Jun 3, 2016

आई फील गुड-अन्जाना अन्जानी २०१०

दो स्केल वाले गाने सुनने में अनूठे लगते आये हैं सदा से.
विशाल शेखर ने एक तेज धुन बनाई है अन्जाना अन्जानी के
लिए. गीत लिखा है विशाल दादलानी ने. आजकल के प्रतिभा
युक्त संगीतकार गीत भी खुद लिख लेते हैं. इससे दो फायदे
हैं अपने मन माफिक बोल मिल जाते हैं और गीतकार की
फीस बच जाती है.

गीत फिल्माया गया है रणवीर कपूर और प्रियंका चोपड़ा पर.
फिल्म की कहानी कुछ विलायती फिल्मों जैसी लगती है उस
हिसाब से अधिकतर गाने फिट हैं पटकथा में.

यह गीत गाया है विशाल दादलानी और शिल्पा राव ने.



गीत के बोल:


तेरी मेरी तेरी मेरी कहानी
इक दास्ताँ नई पुरानी
चोरी चोरी यह कहानी चली है
ठहरी थी जो तेरे आ जाने तक

तेरी मेरी तेरी मेरी कहानी
इक दास्ताँ नयी पुरानी
चोरी चोरी यह कहानी चली है
ठहरी थी जो तेरे आ जाने तक

तेरे आने से मैंने जाना के
तू ही जीने का है बहाना
अण्ड आय डोन्ट नो व्हाय  
बट फील गुड
तेरे आने से मैंने जाना के
हर सफ़र हो गया सुहाना
एण्ड आई डोन्ट नो व्हाय 
बट फील गुड फील गुड

हर दिशा रस्ता नया
हर कहीं राहें नयी नयी
मेरी राहें तुझे पाके
तुझपे ही थम गयी
हमसफ़र थी मगर तू ही
मंजिल बन गयी
तेरी मेरी तेरी मेरी कहानी
येह रास्तें लिखते जाए बस

तेरे आने से मैंने जाना के
तू ही जीने का है बहाना
अण्ड आय डोन्ट नो व्हाय  
बट फील गुड फील गुड
तेरे आने से मैंने जाना के
हर सफ़र हो गया सुहाना
एण्ड आई डोन्ट नो व्हाय 
बट फील गुड फील गुड

रौशनी ऐसी मिली
रात का चेहरा खिला यहाँ
अंधेरो से गिले थे जो
माफ़ वोह हो गए
थे जो मैले शीशे दिल के
साफ़ वो हो गए
तेरी मेरी तेरी मेरी कहानी
जैसे रात को सुबह मिल जाए बस

तेरे आने से मैंने जाना के
तू ही जीने का है बहाना
एण्ड आई डोन्ट नो व्हाय 
बट फील गुड फील गुड
तेरे आने से मैंने जाना के
हर सफ़र हो गया सुहाना
एण्ड आई डोन्ट नो व्हाय 
बट फील गुड फील गुड
..............................................................................
I feel good-Anjaana Anjaani 2010

Artists-Priyanka Chopra, Ranveer Kapoor

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Apr 28, 2016

किसे पूछूं, दुआ-शंघाई २०१२

एक समय था जब हिन्दुस्तानी शहरों के नाम पर फ़िल्में
बनती थीं. हिंदी सिनेमा के ग्लोबलाईजेशन के बाद दूसरे
देशों के शहरों के नाम पर भी फ़िल्में बनना शुरू हुयीं.
अब आप चाइनीज़, मेक्सिकन कोंटिनेंटल फ़ूड खाएं और
बाकी चीज़ों से परहेज़ करें ये तो हो ही नहीं सकता ना.
देसी पब्लिक विलायती दुल्हनें ले आती हैं अब तो.

फिल्म शंघाई से एक गीत सुना जाए जिसे नंदिनी श्रीकर,
अरिजीत सिंह और शेखर ने गाया है. शेखर विशाल-शेखर
संगीतकार जोड़ी वाले. गीत कुमार नामक गीतकार ने लिखा
है और इसकी धुन बनायीं है विशाल-शेखर ने. इस गीत
को अभय देवल, कल्कि कोचलिन और इमरान हाशमी पर
फिल्माया गया है.




गीत के बोल:

किसे पूछूं है ऐसा क्यूं?
बेजुबां सा ये जहां है
खुशी के पल कहाँ ढूँढूं?
बेनिशां सा वक़्त भी यहाँ है

जाने कितने लबों पे गिले हैं
ज़िन्दगी से कई फासले हैं
पसीजते हैं सपने क्यूं आँखों में
लकीरें जब छूते इन हाथों से
यूं बेवजह

जो भेजी थी दुआ
वो जा के आसमां से यूं टकरा गयी
के आ गयी है लौट के सदा
जो भेजी थी दुआ
वो जा के आसमां से यूं टकरा गयी
के आ गयी है लौट के सदा

सांसों ने कहाँ रुख मोड़ लिया
कोई राह नज़र में न आये
धड़कन ने कहाँ दिल छोड़ दिया
कहाँ छोड़े इन जिस्मों ने साये
यही बार-बार सोचता हूँ तन्हाँ मैं यहाँ
मेरे साथ-साथ चल रहा है यादों का धुआँ

जो भेजी थी दुआ
वो जा के आसमां से यूं टकरा गयी
के आ गयी है लौट के सदा
जो भेजी थी दुआ
वो जा के आसमां से यूं टकरा गयी
के आ गयी है लौट के सदा
.........................................................................
Kise poochhon Dua-Shanghai 2012

Artists: Emran Hasmi, Kalki Koechlin, Abhay Deol,

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Mar 26, 2016

मुसु मुसु हासी-प्यार में कभी कभी १९९९

सन १९९९ की एक फिल्म है-प्यार में कभी कभी. फिल्म में
कई नए कलाकार हैं. युवाओं में ये फिल्म लोकप्रिय है. उस
समय के लिहाज से ये थोड़ी अलग-हट-के बनी हुई फिल्म थी.

गीत बहुत लड़ियाने वाले अंदाज़ में गाया गया है. कुछ अलग
सा है और मधुर है. इसे जनता मलाई वाला गीत भी कहती
थी. इसके मुखड़े के बोलों का क्या मतलब है, इमानदारी से
कहूँ तो मुझे नहीं मालूम. किसी को कोई जानकारी हो तो यहाँ
ज़रूर शेयर करे.

विशाल शेखर उस समय के नए संगीतकार थे. इस फिल्म के
गीतों की वजह से वे अपने पैर ज़माने में कामयाब हो गए.
फिल्म के गीत नयी पीढ़ी द्वारा काफी पसंद किये गए.



गीत के बोल:

मुसु मुसु हासी देओ मलाय लाय,
मुसु मुसु हासी देओ
ज़रा मुस्कुरा दे, मुस्कुरा दे,
ज़रा मुस्कुरा दे, ऐ ख़ुशी
ग़म बाँट ले तू अपने, हमसे तू ले हँसी
हो गये अब हम तेरे, तू हो गयी अपनी
मुसु मुसु हासी देओ मलाय लाय,
मुसु मुसु हासी देओ

जवां दिल की राहों में, जैसे खिलती है कली
तेरे होंठों पे बसी, ऐसी हलकी सी हँसी
फिर क्यों छुप रही हो दिल की बातें तो बताओ
गुमसुम सी ना रहो तुम, अब जाना मुस्कुराओ
मुसु मुसु हासी देओ मलाय लाय,
मुसु मुसु हासी देओ

माना हमसे हो गयी, इक छोटी सी ख़ता
हँस दो ना तुम ज़रा, दो ना हमको तुम सज़ा
तुम जो हँस पड़े तो, अब हम भी मुस्कुराये
आओ मिलके साथ गायें, दिल से दिल भी मिलायें

मुसु मुसु हासी देओ मलाय लाय,
मुसु मुसु हासी देओ
ज़रा मुस्कुरा दे, मुस्कुरा दे,
ज़रा मुस्कुरा दे, ऐ ख़ुशी
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Musu musi haasi-Pyar mein kabhi kabhi 1999

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Feb 14, 2016

दस बहाने करके ले गया दिल-दस २००५

२००० के बाद ‘दस’ नाम से दो चीज़ें देखने को मिली-एक तो
Wolkswagen जिसे फोक्सवैगन कहा जाता है, के शोरूम के आगे
लिखा-Das Auto-जिसे ‘दस ऑटो’ बोला जाता है, दूसरी चीज़ है
दस नाम की फिल्म जो सन २००५ में अवतरित हुयी. इससे
पहले तक ‘दस’ शब्द केवल गिनती  में सुनाई देता था. हालाँकि
इस फिल्म का अंग्रेजी में नाम लिखा जाता है- DUS.

आज आपको फिल्म दस से एक गीत सुनवाते हैं जिसका मुखडा
ही दस शब्द से शुरू होता है. पंछी जालौनवी ने इस गीत को लिखा
है. इनका नाम मैंने इस गीत से पहले नहीं सुना था. इन्होने फिल्म
के लिए ढेर सारे गीत लिखे हैं. हाँ, फिल्म में संगीतकार केवल
विशाल-शेखर हैं. गीत गाया है शान और के के ने.

फिल्म में ढेर सारे हीरो-हीरोईनें हैं. मल्टी-स्टारर फ़िल्में देखने वालों
के लिए तोहफा है ये फिल्म.



गीत के बोल:

हियर नाऊ हियर नाऊ
एवरीबडी पुट यौर हैंड्स अप इन द एयर नाऊ
उसकी आँखों में बातें, बातों में जादू
से हियर नाऊ हियर नाऊ
उसकी आँखों में बातें, बातों में जादू
जादू में खो गये हम, हो गये बेकाबू
आई लुक्ड एट यू यू लुक्ड एट मी
और हो गयी मुश्किल
एंड यू बिकेम माई डेस्टिनी, तू ही मेरी मंजिल
दस बहाने कर के ले गये दिल, ले गये दिल

ये दिल तो पहले ऐसा नहीं था
किसने बहकाया ऐसा सपना दिखाया
क्यूँ ये आँखें मेरी देखें उसी को
सोचे बिना ही उसे अपना बनाया क्यूँ
जीना तो मरने से अब है कहीं मुश्किल
खुद को जो खोया तो, वो हो गया हासिल
दस बहाने कर के ले गये दिल, ले गये दिल

किसने किसी को हँस के बुलाया
बातें बना के कोई जादू सा चलाया था
बस देखा देखी दिल से हुई थी
दुनिया भुला के कोई ऐसे दिल पे छाया था
किसके बिना क्या होगा ये कह सके ना दिल
खुद को ये समझना अब हो गया मुश्किल
दस बहाने कर के ले गये दिल, ले गये दिल
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Das bahane kar ke le-Dus 2005

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Dec 9, 2015

ज़हनसीब ज़हनसीब-हँसी तो फँसी २०१४

एक बार फिर से धन्यवाद हिंदी फिल्मों और गीतों का
जिसके ज़रिये हमें नए नए शब्द सुनने को मिलते हैं.
आजकल के गीतों में कई ऐसे शब्द मिल जाते हैं जो
गुज़रे दौर में पत्रिकाओं में ही दिखा करते थे. या तो
गीतों की गुणवत्ता सुधर गयी है या फिर गीतकार शब्द
कोश रख कर बैठते हैं गीत लिखने को. तीसरी संभावना
है कि कभी कभी उच्च साहित्यिक झोंका आ जाता है.
हम तीसरी संभावना के तहत बेनेफिट ऑफ डाउट दे
देते हैं और गीत सुनते हैं.

फिल्म का नाम शानदार है-हंसी तो फँसी. गीत लिखा है
अमिताभ भट्टाचार्य ने और इसकी धुन तैयार की है विशाल
शेखर की जोड़ी ने. गीत गाया है चिन्मयी श्रीपदा के साथ
शेखर राजीवानी ने. शेखर से ज्यादा शायद विशाल ने गीत
गाये हैं अभी तक.

ज़हनसीब का मतलब है-मेरा भाग्य. यहाँ प्रेमिका के लिए
ये शब्द प्रयुक्त हुआ है एक जगह इस शब्द का मतलब है
“डेस्टिनी ऑफ लव” गीत में एक जगह जुमला आया है-
‘गम की खुरचनें’ जो इसे गुलजारना सा बना देता है.
गौतलब है चिन्मयी ने शाहरुख-दीपिका अभिनीत फिल्म
चेन्नई एक्सप्रेस में “तितली” गीत गाया था.




गीत के बोल:

ज़हनसीब  ज़हनसीब
तुझे चाहूं बेताहाशा ज़हनसीब
मेरे क़रीब  मेरे हबीब
तुझे चाहूं बेताहाशा ज़हनसीब

तेरे संग बीते हर लम्हे पे हमको नाज़ है
तेरे संग जो न बीते उसपे ऐतराज़ है
इस क़दर हम दोनों का मिलना एक राज़ है
हुआ अमीर दिल ग़रीब
तुझे चाहूं बेताहाशा ज़हनसीब

लेना-देना नहीं दुनिया से मेरा बस तुझसे काम है
तेरी अँखियों से शहर में यारा सब इंतज़ाम है
ख़ुशियों का एक टुकड़ा मिले या मिले ग़म की खुरचने
यारा तेरे मेरे खर्चे में दोनों का ही एक दाम है
होना लिखा था यूँ ही जो हुआ
या होते-होते अभी अनजाने में हो गया
जो भी हुआ, हुआ अजीब
तुझे चाहूं बेतहाशा ज़हनसीब
मेरे क़रीब  मेरे हबीब
ज़हनसीब ज़हनसीब
तुझे चाहूं बेताहाशा
तुझे चाहूं बेताहाशा ज़हनसीब

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Zehnaseeb-Hansi to phansi 2014

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Jul 23, 2015

मनवा लागे-हैप्पी न्यू ईयर २०१४

पुराने दौर में देव आनंद और राजेश खन्ना ऐसे कलाकार थे
जिनकी फिल्मों के गीत देखना और सुनना एक एक्स्ट्रा आनंद
वाला अनुभव होता था.

नए युग में ये स्थान शायद शाहरुख खान ने ले लिया है. आज
पुराने समय वाली गुणवत्ता तो नहीं बची है संगीत में, मगर जो
कुछ सुनने लायक होता है उसमें से ३०-४० प्रतिशत गाने शाहरुख
की फिल्मों के होते हैं. उनके साथ ही नंबर आता है-सलमान खान
का, बाकी के ३०-४० प्रतिशत गाने उनकी फिल्मों के होते हैं.
गुणवत्ता की बात करें तो सलमान की फिल्मों का संगीत आपको
शाहरुख की फिल्मों से बेहतर मिलेगा.

आज के दौर के सबसे चर्चित गायिका और गायक इस गीत को गा
रहे हैं-श्रेया घोषाल और अरिजीत सिंह. इरशाद कामिल के बोलों
को धुन दी है विशाल-शेखर की जोड़ी ने.



गीत के बोल:

मनवा लागे, ओ मनवा लागे
लागे रे साँवरे, लागे रे साँवरे
ले तेरा हुआ जिया का, जिया का,
जिया का ये गाँव रे
मनवा लागे, ओ मनवा लागे
लागे रे साँवरे, लागे रे साँवरे
ले खेला मैंने जिया का, जिया का,
जिया का है दांव रे

मुसाफिर हूँ मैं दूर का, दीवाना हूँ मैं धूप का
मुझे ना भाये, ना भाये, ना भाये छाँव रे

ऐसी वैसी बोली तेरे नैनों ने बोली
जाने क्यों मैं डोली
ऐसा लगे तेरी हो ली मैं, तू मेरा
तूने बात खोली कच्चे धागों में पिरो ली
बातों की रंगोली से ना खेलूं ऐसे होली मैं,
ना तेरा
किसी का तो होगा ही तू
क्यूं ना तुझे मैं ही जीतूँ
खुले ख़्वाबों मे जीते हैं, जीते हैं बावरे
मन के धागे, ओ मन के धागे
धागे पे सांवरे, धागे पे सांवरे
है लिखा मैंने तेरा ही, तेरा ही,
तेरा ही तो नाम रे

रस बुँदिया नयन पिया रास रचे
दिल धड़ धड़ धड़के शोर मचे
यूं देख सेक सा लग जाये
मैं जल जाऊँ बस प्यार बचे

ऐसे डोरे डाले काला जादू नैना काले
तेरे मैं हवाले हुआ सीने से लगा ले,
आ मैं तेरा
दोनों धीमे धीमे जलें
आजा दोनों ऐसे मिलें
ज़मीं पे लागे, ना तेरे, ना मेरे पाँव रे
मनवा लागे...

रहूँ मैं तेरे नैनों की, नैनों की,
नैनों की ही छाँव रे
ले तेरा हुआ जिया का, जिया का,
जिया का ये गाँव रे
रहूँ मैं तेरे नैनों की, नैनों की,
नैनों की ही छाँव रे
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Manwa laage-Happy new year 2014

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Feb 8, 2015

इश्क नचाया करे-करम २००५

एक हमारे कम उम्र के मित्र ने टिप्पणी की-अलीशा सुनिधि
जैसा गाती है. उनको ये मालूम नहीं है कि अलीशा उनसे
पहले की पीढ़ी की गायिका हैं और थोडी मोटी आवाजों वाली
गायिकाओं में शायद सबसे पहले वे ही प्रसिद्ध हुई थीं.

उनके अलावा शेरोन प्रभाकर दूसरी गायिका थीं जिन्होंने कुछ
सार्थक योगदान दिया फिल्म संगीत क्षेत्र में.डिस्को दीवाने
वाली नाज़िया की आवाज़ में अतिरिक्त मिठास है इसलिए
कम गीत होने के बावजूद उनके मुरीद आज भी काफी संख्या
में हैं. उषा उथुप शेरोन से पहले की पीढ़ी की गायिका हैं.

फिल्म करम में एक अलीशा की आवाज़ में गीत है जो ज्यादा
लोकप्रिय है. मगर आज हम सुनेंगे सुनिधि चौहान की आवाज़
वाला गीत जिसे लिखा है विशाल दादलानी ने. संगीत तैयार
किया है विशाल-शेखर ने.



गीत के बोल:

इश्क नचायेगा
हर गम को गीत बनाया करे
धड़कन के ताल सुनाया करे
हर गम को गीत बनाया करे
धड़कन के ताल सुनाया करे
मैं जितना भी चाहूँ छुपाऊँ
इश्क नचाया करे इश्क नचाया करे
इश्क नचाया करे इश्क नचाया करे
इश्क नचाया करे


ये ये नशा है क्या नशा
अनजाने रंगों की कोई लहर है
ये ये नशा है है जो नशा
दे नशा दे अगर ये ज़हर है

ए हर गम को हर गम को
धड़कन के ताल सुनाया करे
मैं नाचूं मैं नाचूं मैं नाचूं
इश्क नचाया करे इश्क नचाया करे
इश्क नचाया करे इश्क नचाया करे

ये ये नशा है क्या नशा
ये ये नशा है जो नशा
…………………………………….
Ishq nachaya kare-Karam 2005

Artists: John Abraham, Priyanka Chopra, Shiney Ahuja, Murli Sharma

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Dec 9, 2010

आगे पीछे डोलते हो-गोलमाल २००६

रंगीन युग में श्वेत श्याम के ज़माने का मज़ा ला दिया
इस गीत ने। इस फिल्म में विशाल शेखर का संगीत है।
गीत फिल्माया गया है परेश रावल पर और जासूसी
धारावाहिक करमचंद की किट्टी यानि सुष्मिता मुखर्जी
पर। सुष्मिता मुखर्जी बहुत अरसे के बाद दिखाई दीं
परदे पर। धीमा और कर्णप्रिय गीत है ये और इसमें
शोरगुल की नाम मात्र मिलावट है। इस गीत को गाया है
स्नेहा पन्त और शेखर ने। शेखर ने इस गीत को लिखा
भी है ।

गौर फरमाएं ग्रामीण माहौल को दिखाने के लिए भैंस
का होना कितना ज़रूरी है। कोई मनचला फिल्म निर्देशक
होता तो गीत में उसकी आवाज़ भी डलवाता।



गीत के बोल:

क्यूँ आगे पीछे डोलते हो भंवरों की तरह
क्यूँ देखते हो मुझको यूँ बेसब्रों की तरह
क्यूँ आगे पीछे डोलते हो भंवरों की तरह
क्यूँ देखते हो मुझको यूँ बेसब्रों की तरह

क्या मेरे दीवाने हो, नहीं नहीं
क्या कोई परवाने हो, नहीं नहीं
क्या मेरे दीवाने हो
क्या कोई परवाने हो
काम क्या है मुझसे इतना कह दो जी ज़रा

कोरस: बोल दे प्यार है खामोश क्यों है खड़ा
हम अगर होते तो बोल दिया होता

क्यूँ आगे पीछे डोलते हो भंवरों की तरह
क्यूँ देखते हो मुझको यूँ बेसब्रों की तरह

खिड़की पे मेरी क्यूँ रखते हो अँखियाँ
करते हो क्यों तुम मेरी ही बतियाँ
खिड़की पे मेरी क्यूँ रखते हो अँखियाँ
करते हो क्यों तुम मेरी ही बतियाँ
मेरे लिए आते हो
नहीं तो
गीत गुनगुनाते हो
ना ना
मेरे लिए आते हो
गीत गुनगुनाते हो

बात क्या है दिल में तुम्हारे तुमको ही पता

कोरस:छोड़ दे यह शर्म तू पास उसको बुला
हम अगर होते तोह बुला लिया होता

क्यूँ आगे पीछे डोलते हो भंवरों की तरह
क्यूँ देखते हो मुझको यूँ बेसब्रों की तरह

हाथों में क्यों है यह सोने का कंगना
तुमको पह्नाके ले जाऊँगा अंगना
सजनी बनाओगे,
हाँ जी हाँ जी हाँ
जान भी लुटाओगे
अरे हाँ जी हाँ जी हाँ
सजनी बनाओगे जान भी लुताओगे
आज हम कहते हैं तुमसे प्यार हो गया

कोरस:हाथ यह थाम कर कहाँ पे तू है चला
अपना भी शुक्रिया कर दिया होता

हम आगे पीछे डोलते है भंवरों की तरह
हम देखते है तुमको यूँ बेसब्रों की तरह
क्या मेरे दीवाने
हाँ जी हाँ जी हाँ
क्या कोई परवाने
अरे हाँ जी हाँ जी हाँ
क्या मेरे दीवाने हो क्या कोई परवाने हो
आज हम कहते है तुमसे प्यार हो गया
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Kyun aage Peechhe Dolte Ho-Golmaal(Fun Unlimited) 2006

Artists: Sushmita Mukherji, Paresh Rawal

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Oct 1, 2009

खुदा जाने- बचना ऐ हसीनो २००८

एक फ़िल्म आई थी १९७३ में जिसका नाम है हम किसीसे
कम नहीं। इसमेएक सुपर हिट गीत "बचना ऐ हसीनो" से
इसमे फ़िल्म के टाइटल की इजाद हुई है। इसी सुपर हिट गीत
का रीमिक्स भी २००८ में आई फ़िल्म बचना ऐ हसीनो में मौजूद है।
१९७३ की फ़िल्म में ऋषि कपूर नायक थे तो हालिया फ़िल्म में
हीरो उनके सुपुत्र रणवीर कपूर हैं। इसमे फ़िल्म का जो गीत
थोड़ा कर्णप्रिय मुझे लगा वो है-"सजदे में यूँही.....खुदा जाने "
इसको लिखा है अन्विता दत्त ने और संगीतबद्ध किया है नई
संगीतकार जोड़ी विशाल-शेखर ने । गायक हैं के. के. और शिल्पा राव।
के के ऊंचे सुर में गाने के लिए प्रसिद्ध हैं और कई झंडे गाड़ चुके है ।
ऊंचे सुर का ज़माना है मगर इसमे गाने को कानफाडू की बाउंड्री लाइन
के अन्दर तैयार किया गया है इसलिए ये कर्णप्रिय है। और आखिर मैं
बहुत दिन के बाद बॉलीवुड में 'गाल में गड्ढे वाली' हिरोइन आई है , प्रिटी
जिंटा के बाद ऐसा लगा था की ऊपरवाले ने प्रोडक्शन बंद कर दिया है




गाने के बोल:

सजदे में यूँ ही झुकता हूँ
तुम पे ही आ के रुकता हूँ
क्या ये सब को होता है

हम को क्या लेना है सब से
तुम से ही सब बातें अब से
बन गए हो तुम मेरी दुआ

सजदे में यूँ ही झुकता हूँ
तुम पे ही आ के रुकता हूँ
क्या ये सब को होता है

हम को क्या लेना है सब से
तुम से ही सब बातें अब से
बन गए हो तुम मेरी दुआ

खुदा जाने के मैं फ़िदा हूँ
खुदा जाने के मैं मिट गया
खुदा जाने ये क्यूँ हुआ है
के बन गए हो तुम मेरे खुदा

तू कहे तो तेरे ही कदम के
मैं निशानों पे
चलूँ रुकूं इशारों पे
तू कहे तो ख्वाबों का बना के
मैं बहाना सा
मिला करुँ सिरहाने पे

हो ..
तुम से दिल की बातें सीखी
तुम से ही ये रहे सीखी
तुम पे मर के मैं तो
जी गया


खुदा जाने के मैं फ़िदा हूँ
खुदा जाने के मैं मिट गया
खुदा जाने ये क्यूँ हुआ है
के बन गए हो तुम मेरे खुदा

दिल कहे के आज तो, छुपा लो तुम
पनाहों में
के डर है तुम को खो दूँगा
दिल कहे की संभाल जरा खुशी को
न नज़र लगा
के डर है मैं तो रो दूँगा

हो
करती हूँ सौ वादे तुम से
बंधे दिल के धागे तुम से
ये तुम्हे न जाने क्या हुआ

खुदा जाने के मैं फ़िदा हूँ
खुदा जाने के मैं मिट गया
खुदा जाने ये क्यूँ हुआ है
के बन गए हो तुम मेरे खुदा
.................................................................
Khuda jaane-Bachna ae haseeno 2008

Artists: Ranvir Kapoor, Deepika Padukone

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