पहले जो मोहब्बत से-परदेसी १९४१
में और सन १९७० में. उसके बाद भी एक बनी है वो है
सन १९९३ की जिसमें चित्रगुप्त के पुत्रों का संगीत है.
या संयोग है सन १९७० की परदेसी में चित्रगुप्त का संगीत
है और सन १९९३ की फिल्म में उनके पुत्रों का.
आज के गीत पर बात की जाए. चतुर्भुज दोषी निर्देशित
फिल्म परदेसी में मोतीलाल, खुर्शीद और स्नेहप्रभा प्रमुख
कलाकार हैं.
खुर्शीद का भी अपना एक ज़माना था और अपने समय में
उनके गायन के मुरीदों की कोई कमी नहीं थी. उनकी आवाज़
में जो आकर्षण है उसके पुराने संगीत प्रेमी हमेशा कायल
रहेंगे.
गीत के बोल काफी ध्यान लगा के सुनने के बाद जो कुछ
है आपके सामने प्रस्तुत है. कोई त्रुटि हो तो सूचित करें.
वैसे गलती की संभावना नहीं है मगर हम भी इंसान हैं
कभी कभी कान धोखा खा जाते हैं.
गीत के बोल:
पहले जो मोहब्बत से
पहले जो मोहब्बत से इन्कार किया होता
पहले जो मोहब्बत से इन्कार किया होता
यूं हमको ना दुनिया से बेज़ार किया होता
अब तेरे सिवा कोई आँखों में नहीं जंचता
अब तेरे सिवा कोई आँखों में नहीं जंचता
दो रोज़ तो परदों में
दो रोज़ तो परदों में गुलज़ार किया होता
दो रोज़ तो परदों में गुलज़ार किया होता
पहले जो मोहब्बत से
मालूम अगर होता अंजाम मोहब्बत का
ना दिल ही दिया होता हाय
ना दिल ही दिया होता ना प्यार किया होता
ना दिल ही दिया होता ना प्यार किया होता
पहले जो मोहब्बत से इन्कार किया होता
मैं तेरा हूँ मैं तेरा कानों में मेरे कहना
और भाग के दुनिया से आँखों में मेरी रहना
इतना जो समझते हम चुपके से तेरा कहना
ना दिल ही दिया होता
ना दिल ही दिया होता ना प्यार किया होता
ना दिल ही दिया होता ना प्यार किया होता
पहले जो मोहब्बत से इन्कार किया होता
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Pehle jo mohabbat se inkaar-Pardesi 1941
Artist: Khursheed

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